दुर्ग के नेवई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घर में काम करने वाली महिला द्वारा सोने के आभूषणों की चोरी के मामले का खुलासा किया है। इस घटना में संलिप्त मुख्य आरोपी मालती ध्रुव, उसके पति देवीलाल ध्रुव और जीजा हेमलाल मंडावी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से लगभग ₹12.22 लाख का चोरी का माल जब्त किया है। प्रकरण के प्रार्थी दुर्गा प्रसाद नागपुरे, निवासी आशीषनगर पश्चिम रिसाली भिलाई, ने 26 मई, 2026 को नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल, 2026 की सुबह उन्होंने अपने घर की अलमारी खोली तो पर्स में रखे सोने के गहने गायब मिले, जिनमें हार, मांगटीका, नाक की नथनी, हाथ के कड़े, मंगलसूत्र और कान के तीन जोड़ी टॉप्स शामिल थे, जिनका कुल वजन 14.5 ग्राम था। इस मामले में अपराध क्रमांक 337/26 के तहत धारा 305(A) और 331 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान, घर में दो दिन काम करने आई संदेही मालती ध्रुव और उसके पति देवीलाल ध्रुव के साथ-साथ आरोपिया के जीजा हेमलाल मंडावी को पूछताछ के लिए बुलाया गया। तीनों ने अपराध करना स्वीकार किया। मालती ध्रुव ने बताया कि उसने 19 अप्रैल, 2026 को दुर्गाप्रसाद नागपुरे के घर से सोने के गहने चुराए थे और अपने पति देवीलाल तथा जीजा हेमलाल मांडवी के सहयोग से कुछ गहनों को मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया था। पुलिस ने आरोपियों से लगभग ₹12.22 लाख का मसरूका जब्त किया है, जिसमें ₹4 लाख के सोने एवं चांदी के जेवर, ₹10,000 नगद, मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखे जेवरात की ₹7.47 लाख की रसीद, घटना में प्रयुक्त ₹50,000 की एक्टिवा और तीन नग मोबाइल फोन जिनकी कीमत ₹30,000 है, शामिल हैं। आरोपियों, जिनमें मालती ध्रुव (उम्र 33 वर्ष), देवीलाल ध्रुव (उम्र 35 वर्ष) और हेमलाल मंडावी (उम्र 47 वर्ष) शामिल हैं, को 28 मई, 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इस पूरी कार्रवाई में नेवई थाना के निरीक्षक अनिल कुमार साहू, उप-निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, आरक्षक रवि बिसाई, आरक्षक प्यारे लाल, आरक्षक विजय कुर्रे और महिला आरक्षक कीर्ति साहू के साथ-साथ एसीसीयू के एएसआई भारत यादव, प्रेम सिंह और आरक्षक रोहन दुबे का सराहनीय योगदान रहा।
दुर्ग के नेवई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घर में काम करने वाली महिला द्वारा सोने के आभूषणों की चोरी के मामले का खुलासा किया है। इस घटना में संलिप्त मुख्य आरोपी मालती ध्रुव, उसके पति देवीलाल ध्रुव और जीजा हेमलाल मंडावी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से लगभग ₹12.22 लाख का चोरी का माल जब्त किया है। प्रकरण के प्रार्थी दुर्गा प्रसाद नागपुरे, निवासी आशीषनगर पश्चिम रिसाली भिलाई, ने 26 मई, 2026 को नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल, 2026 की सुबह उन्होंने अपने घर की अलमारी खोली तो पर्स में रखे सोने के गहने गायब मिले, जिनमें हार, मांगटीका, नाक की नथनी, हाथ के कड़े, मंगलसूत्र और कान के तीन जोड़ी टॉप्स शामिल थे, जिनका कुल वजन 14.5 ग्राम था। इस मामले में अपराध क्रमांक 337/26 के तहत धारा 305(A) और 331 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान, घर में दो दिन काम करने आई संदेही मालती ध्रुव और उसके पति देवीलाल ध्रुव के साथ-साथ आरोपिया के जीजा हेमलाल मंडावी को पूछताछ के लिए बुलाया गया। तीनों ने अपराध करना स्वीकार किया। मालती ध्रुव ने बताया कि उसने 19 अप्रैल, 2026 को दुर्गाप्रसाद नागपुरे के घर से सोने के गहने चुराए थे और अपने पति देवीलाल तथा जीजा हेमलाल मांडवी के सहयोग से कुछ गहनों को मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया था। पुलिस ने आरोपियों से लगभग ₹12.22 लाख का मसरूका जब्त किया है, जिसमें ₹4 लाख के सोने एवं चांदी के जेवर, ₹10,000 नगद, मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखे जेवरात की ₹7.47 लाख की रसीद, घटना में प्रयुक्त ₹50,000 की एक्टिवा और तीन नग मोबाइल फोन जिनकी कीमत ₹30,000 है, शामिल हैं। आरोपियों, जिनमें मालती ध्रुव (उम्र 33 वर्ष), देवीलाल ध्रुव (उम्र 35 वर्ष) और हेमलाल मंडावी (उम्र 47 वर्ष) शामिल हैं, को 28 मई, 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इस पूरी कार्रवाई में नेवई थाना के निरीक्षक अनिल कुमार साहू, उप-निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, आरक्षक रवि बिसाई, आरक्षक प्यारे लाल, आरक्षक विजय कुर्रे और महिला आरक्षक कीर्ति साहू के साथ-साथ एसीसीयू के एएसआई भारत यादव, प्रेम सिंह और आरक्षक रोहन दुबे का सराहनीय योगदान रहा।
- भीषण गर्मी के इस दौर में एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।1
- भाजपा द्वारा किए गए एक पोस्ट से कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल मची हुई है। इस पोस्ट के कारण यह सवाल उठ रहा है कि क्या टीएस बाबा को पार्टी की स्टेयरिंग (कमान) मिलेगी।1
- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु 'सुशासन तिहार' शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग जिले में अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्या सुलझाने के बजाय बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। हाल ही में थनौद गाँव में चल रहे एक 'सुशासन तिहार' शिविर के दौरान एक बड़ा विवाद हुआ, जहाँ भाजपा विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में एक शिकायतकर्ता और जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा मामला गाँव के सरकारी स्कूल की ज़मीन पर बने एक सामुदायिक भवन से जुड़ा है। भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने पूर्व में इस निर्माण का विरोध किया था, जिसके बाद जनपद CEO रूपेश पांडेय ने इस पर स्टे लगा दिया था। हालाँकि, स्टे के बावजूद अधूरा भवन धीरे-धीरे पूरा कर दिया गया और जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राशि भी जारी कर दी गई। पुराण देशमुख ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, जिसके बाद दुर्ग कलेक्टर ने कथित तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को राशि वसूली के मौखिक आदेश दिए थे, पर अब तक यह वसूली नहीं की गई है। आज जब पुराण देशमुख इसी बात को लेकर फिर से आवेदन देने पहुँचे, तो आयोजन स्थल पर जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें शिकायत न करने के लिए धमकाया। विधायक के सामने ही जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगलियाँ दिखाते हुए अपनी मर्यादाएँ लांघीं। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्ग जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय का यह विवादित और अव्यवहारिक बर्ताव पहला नहीं है। इससे पूर्व भी उनके खिलाफ ऐसे व्यवहार की कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में दुर्ग जनपद के अंतर्गत ही एक महिला सचिव ने भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी, और वह मामला भी अब तक लंबित है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि किसी भी अधिकारी का ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल ठीक नहीं है, और उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।1