*सिस्टम पर भरोसा कर बनाई गई डिजिटल व्यवस्था को ही कर्मचारियों ने बनाया मजाक, सार्थक ऐप से घर बैठे उपस्थिति दर्ज कर वेतन लेने का मामला* जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कई अधिकारी-कर्मचारी बिना कार्यालय पहुंचे ही घर बैठे या अन्य स्थानों से उपस्थिति दर्ज कर पूरे माह का वेतन उठा रहे थे। मामला सामने आते ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सतना जिले में सहायक संचालक करूणेश तिवारी, नाकेदार बलेंद्र शेखर अग्निहोत्री, दिनेश कुमार उरमलिया, कृष्ण पाल सिंह, लक्ष्मीकांत शुक्ला, पंकज सिंह चौहान, पूनम पाठक, प्रतीक सिंह गहरवार, रावेंद्र सिंह परिहार और वरुण त्रिपाठी के नाम सामने आए हैं। मैहर में अमित कुमार शुक्ला, बृजभान प्रसाद बाजरा, देव प्रताप पनिका, शिवेंद्र मिश्रा, शुभेंदु पांडे और वीरेंद्र कुशवाह शामिल हैं। वहीं रीवा जिले में अंबुज तिवारी, आनंद मिश्रा, अशोक सिंह, धनेंद्र वर्मा, गायत्री बैगा समेत 18 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। तीन महीनों की उपस्थिति रिपोर्ट के परीक्षण में यह गंभीर अनियमितता पकड़ी गई। रिपोर्ट के अनुसार रीवा-शहडोल संभाग के रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, अनूपपुर और शहडोल जिलों में यह खेल चल रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सतना जिला की कृषि उपज मंडी के सचिव करुणेश तिवारी जो सहायक संचालक होने के साथ रीवा कृषि उपज मंडी के प्रभारी सचिव भी हैं, उनका नाम भी इस सूची में शामिल है। *सिस्टम पर भरोसा कर बनाई गई डिजिटल व्यवस्था को ही कर्मचारियों ने बनाया मजाक, सार्थक ऐप से घर बैठे उपस्थिति दर्ज कर वेतन लेने का मामला* जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कई अधिकारी-कर्मचारी बिना कार्यालय पहुंचे ही घर बैठे या अन्य स्थानों से उपस्थिति दर्ज कर पूरे माह का वेतन उठा रहे थे। मामला सामने आते ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सतना जिले में सहायक संचालक करूणेश तिवारी, नाकेदार बलेंद्र शेखर अग्निहोत्री, दिनेश कुमार उरमलिया, कृष्ण पाल सिंह, लक्ष्मीकांत शुक्ला, पंकज सिंह चौहान, पूनम पाठक, प्रतीक सिंह गहरवार, रावेंद्र सिंह परिहार और वरुण त्रिपाठी के नाम सामने आए हैं। मैहर में अमित कुमार शुक्ला, बृजभान प्रसाद बाजरा, देव प्रताप पनिका, शिवेंद्र मिश्रा, शुभेंदु पांडे और वीरेंद्र कुशवाह शामिल हैं। वहीं रीवा जिले में अंबुज तिवारी, आनंद मिश्रा, अशोक सिंह, धनेंद्र वर्मा, गायत्री बैगा समेत 18 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। तीन महीनों की उपस्थिति रिपोर्ट के परीक्षण में यह गंभीर अनियमितता पकड़ी गई। रिपोर्ट के अनुसार रीवा-शहडोल संभाग के रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, अनूपपुर और शहडोल जिलों में यह खेल चल रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सतना जिला की कृषि उपज मंडी के सचिव करुणेश तिवारी जो सहायक संचालक होने के साथ रीवा कृषि उपज मंडी के प्रभारी सचिव भी हैं, उनका नाम भी इस सूची में शामिल है।
*सिस्टम पर भरोसा कर बनाई गई डिजिटल व्यवस्था को ही कर्मचारियों ने बनाया मजाक, सार्थक ऐप से घर बैठे उपस्थिति दर्ज कर वेतन लेने का मामला* जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कई अधिकारी-कर्मचारी बिना कार्यालय पहुंचे ही घर बैठे या अन्य स्थानों से उपस्थिति दर्ज कर पूरे माह का वेतन उठा रहे थे। मामला सामने आते ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सतना जिले में सहायक संचालक करूणेश तिवारी, नाकेदार बलेंद्र शेखर अग्निहोत्री, दिनेश कुमार उरमलिया, कृष्ण पाल सिंह, लक्ष्मीकांत शुक्ला, पंकज सिंह चौहान, पूनम पाठक, प्रतीक सिंह गहरवार, रावेंद्र सिंह परिहार और वरुण त्रिपाठी के नाम सामने आए हैं। मैहर में अमित कुमार शुक्ला, बृजभान प्रसाद बाजरा, देव प्रताप पनिका, शिवेंद्र मिश्रा, शुभेंदु पांडे और वीरेंद्र कुशवाह शामिल हैं। वहीं रीवा जिले में अंबुज तिवारी, आनंद मिश्रा, अशोक सिंह, धनेंद्र वर्मा, गायत्री बैगा समेत 18 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। तीन महीनों की उपस्थिति रिपोर्ट के परीक्षण में यह गंभीर अनियमितता पकड़ी गई। रिपोर्ट के अनुसार रीवा-शहडोल संभाग के रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, अनूपपुर और शहडोल जिलों में यह खेल चल रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सतना जिला की कृषि उपज मंडी के सचिव करुणेश तिवारी जो सहायक संचालक होने के साथ रीवा कृषि उपज मंडी के प्रभारी सचिव भी हैं, उनका नाम भी इस सूची में शामिल है। *सिस्टम पर भरोसा कर बनाई गई डिजिटल व्यवस्था को ही कर्मचारियों ने बनाया मजाक, सार्थक ऐप से घर बैठे उपस्थिति दर्ज कर वेतन लेने का मामला* जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सार्थक ऐप से हाजिरी लगाने की व्यवस्था में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कई अधिकारी-कर्मचारी बिना कार्यालय पहुंचे ही घर बैठे या अन्य स्थानों से उपस्थिति दर्ज कर पूरे माह का वेतन उठा रहे थे। मामला सामने आते ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सतना जिले में सहायक संचालक करूणेश तिवारी, नाकेदार बलेंद्र शेखर अग्निहोत्री, दिनेश कुमार उरमलिया, कृष्ण पाल सिंह, लक्ष्मीकांत शुक्ला, पंकज सिंह चौहान, पूनम पाठक, प्रतीक सिंह गहरवार, रावेंद्र सिंह परिहार और वरुण त्रिपाठी के नाम सामने आए हैं। मैहर में अमित कुमार शुक्ला, बृजभान प्रसाद बाजरा, देव प्रताप पनिका, शिवेंद्र मिश्रा, शुभेंदु पांडे और वीरेंद्र कुशवाह शामिल हैं। वहीं रीवा जिले में अंबुज तिवारी, आनंद मिश्रा, अशोक सिंह, धनेंद्र वर्मा, गायत्री बैगा समेत 18 कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। तीन महीनों की उपस्थिति रिपोर्ट के परीक्षण में यह गंभीर अनियमितता पकड़ी गई। रिपोर्ट के अनुसार रीवा-शहडोल संभाग के रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, अनूपपुर और शहडोल जिलों में यह खेल चल रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सतना जिला की कृषि उपज मंडी के सचिव करुणेश तिवारी जो सहायक संचालक होने के साथ रीवा कृषि उपज मंडी के प्रभारी सचिव भी हैं, उनका नाम भी इस सूची में शामिल है।
- दतिया - नगर पालिका बाबू आत्महत्या मामले में सीएमओ समेत तीन पर एफआईआर दर्ज,22 फरवरी 2026 की घटना, अपने घर पर फांसी लगाने के पहले बना वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल ।1
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- Post by Unchehra news1
- भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?1
- Post by Neeraj Ravi1
- मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ स्कूल से घर लौट रही एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए अमदरा थाना पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। क्या है पूरा मामला? घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग छात्रा जब स्कूल से अपनी छुट्टी के बाद घर वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में दो दरिंदों ने उसे अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने छात्रा को जबरन अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की हुई पहचान अमदरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार शाम को दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: सनी कोहली (उम्र 25 वर्ष, निवासी कटनी) गोलू उर्फ दीपक (उम्र 38 वर्ष, निवासी झुकेही, हाल निवासी कटनी) पुलिस की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। मध्य भारत न्यूज़ (MBN) के लिए मैहर से ब्यूरो रिपोर्ट।1
- आस्था से खिलवाड़: बाबा गैवीनाथ धाम के 'स्वयंभू' शिवलिंग के साथ AI की छेड़छाड़ पर भक्तों में भारी आक्रोश विंध्य क्षेत्र की अगाध श्रद्धा का केंद्र, बाबा गैवीनाथ धाम इन दिनों एक विवादास्पद घटना के कारण चर्चा में है। बीरसिंहपुर स्थित इस प्राचीन और सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल की मर्यादा को तब ठेस पहुँची, जब 'गैवीनाथधाम' नाम के एक फेसबुक अकाउंट से भगवान भोलेनाथ के पावन शिवलिंग का एक वीडियो साझा किया गया। इस वीडियो में आधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए स्थिर और स्वयंभू शिवलिंग को घूमते हुए दिखाया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा गैवीनाथ का यह शिवलिंग स्वयंभू और अचल है, जिसकी दिशा या स्वरूप में परिवर्तन करना असंभव माना जाता है। तकनीक के इस अनुचित प्रयोग को भक्तों की आस्था के साथ भद्दा मजाक बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता और शिव भक्तों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का मानना है कि आस्था के इन प्रतीकों के साथ ऐसी छेड़छाड़ न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह भावनाओं को आहत करने का जानबूझकर किया गया प्रयास है। अब हर तरफ से यह मांग उठ रही है कि स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और पवित्रता के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धर्म और तकनीक की मर्यादा को लांघने का साहस न कर सके।1
- Post by Neeraj Ravi1