रविवार को आबूरोड शहर में 'संडे ऑन साइकिल' अभियान के तहत पुलिस विभाग ने एक साइकिल रैली का आयोजन किया। रेलवे स्टेशन से शुरू हुई इस रैली में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने साइकिल चलाकर आमजन को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अभियान का नेतृत्व शहर थाना अधिकारी हरचंद देवासी और जीआरपी थाना अधिकारी मनोज कुमार चौहान ने किया। 'फिट बनेगा हर नागरिक, स्वस्थ बनेगा भारत' के नारे के साथ, पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशन से साइकिलिंग करते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे, जिसमें शहर थाना, जीआरपी थाना और रीको थाना पुलिस का स्टाफ भी शामिल रहा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से नियमित रूप से साइकिल चलाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पुलिस विभाग के अनुसार, ऐसे अभियान न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों को फिटनेस के लिए भी प्रेरित करते हैं, जिससे आमजन को साइकिलिंग अपनाने का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।
रविवार को आबूरोड शहर में 'संडे ऑन साइकिल' अभियान के तहत पुलिस विभाग ने एक साइकिल रैली का आयोजन किया। रेलवे स्टेशन से शुरू हुई इस रैली में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने साइकिल चलाकर आमजन को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अभियान का नेतृत्व शहर थाना अधिकारी हरचंद देवासी और जीआरपी थाना अधिकारी मनोज कुमार चौहान ने किया। 'फिट बनेगा हर नागरिक, स्वस्थ बनेगा भारत' के नारे के साथ, पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशन से साइकिलिंग करते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे, जिसमें शहर थाना, जीआरपी थाना और रीको थाना पुलिस का स्टाफ भी शामिल रहा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से नियमित रूप से साइकिल चलाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पुलिस विभाग के अनुसार, ऐसे अभियान न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों को फिटनेस के लिए भी प्रेरित करते हैं, जिससे आमजन को साइकिलिंग अपनाने का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।
- भारत ने 18,000 फीट की ऊँचाई पर उड़ने वाला एक अनोखा अस्पताल विकसित किया है, जिसका नाम 'Bhishm Cube' है। इसे भारतीय सेना का एक चमत्कार बताया जा रहा है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इस 'फ्लाइंग अस्पताल' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह सीधे युद्ध क्षेत्रों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में घायल सैनिकों तक पहुँचकर उनका तत्काल इलाज करेगा, जिससे अब घायल जवानों को नीचे लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।1
- Post by Bhuraram Garasiya1
- पारी जिले के रानी स्टेशन के निकटवर्ती बिजोवा गांव स्थित भगवान महावीर गौशाला परिसर में रविवार, 7 जून को आस्था आयुर्वेद एवं नशा मुक्ति क्लीनिक के तत्वावधान में एकदिवसीय निःशुल्क नशा मुक्ति और आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के लगभग 100 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लेकर स्वास्थ्य परामर्श, जांच और उपचार सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. त्रिलोक प्रतिहार और डॉ. राहुल कुमार के सान्निध्य में मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के साथ निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं। शिविर में विशेष रूप से नशा मुक्ति, बवासीर, मस्से, गठिया, जोड़ों के दर्द और त्वचा रोगों से संबंधित मरीजों का उपचार किया गया। कवि युगराज जैन और मुकेश पालरेचा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए लोगों को जागरूक करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं एवं ग्रामीणों ने नशा मुक्ति संबंधी परामर्श प्राप्त किया। डॉ. त्रिलोक प्रतिहार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने जोर दिया कि नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए केवल दवाइयां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यक्ति का दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और मजबूत मनोबल भी उतना ही आवश्यक है। उनके अनुसार, यदि व्यक्ति स्वयं नशा छोड़ने का निश्चय कर ले तो चिकित्सा उपचार का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और सफलता की संभावना भी अधिक रहती है। शिविर में लगभग 40 लोगों को नशा मुक्ति हेतु निःशुल्क औषधियां प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त, बवासीर और मस्से की समस्या से पीड़ित करीब 40 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उपचार एवं आवश्यक परामर्श दिया गया। वहीं, गठिया, जोड़ों के दर्द तथा विभिन्न त्वचा रोगों से ग्रसित मरीजों की भी जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। ग्रामीणों ने इस शिविर को अत्यंत उपयोगी बताते हुए आयोजकों और चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से गांवों में रहने वाले लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। शिविर के सफल आयोजन में भगवान महावीर गौशाला के व्यवस्थापक कमलेश कुमार रावल, नरेंद्र बुनकर, प्रभुराम सिरवी, महेंद्र सिंह राजपुरोहित, रुपाराम देवासी और प्रकाश गर्ग सहित अनेक सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन के अंत में सभी सहयोगियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया गया।1
- Post by Gehri Lal1
- पिलावनी ग्राम पंचायत के घेनड़ी ढाणी गांव में पीने के पानी के एक पिचके के रखरखाव में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के इस दौर में यह पुश्तैनी पेयजल स्रोत ढाणी के निवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी देखरेख के लिए ग्राम पंचायत प्रति वर्ष हजारों रुपये का भुगतान करती है, लेकिन इसके बावजूद आज सुबह से ही इस पिचके से हज़ारों लीटर पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है। इस मामले को लेकर स्पष्ट आरोप है कि इसकी देखरेख करने वाले सेवक केवल रुपयों के समय ही सक्रिय रहते हैं और बाकी समय लापरवाही बरतते हैं। पंचायत के सेवकों की इसी घोर लापरवाही के कारण हज़ारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, जिससे जल संसाधन की बर्बादी हो रही है।1
- मेवाड़ कुमावत समाज के अध्यक्ष शंकरलाल कुमावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने राजस्थान सरकार में समाज कल्याण मंत्री अविनाश गहलोत से मुलाकात की। इस मुलाकात में समाज ने राजस्थान की ओबीसी आरक्षण सूची पर कुमावत जाति का नाम एक स्वतंत्र क्रमांक पर दर्ज करवाने की पुरजोर मांग रखी। मंत्री अविनाश गहलोत ने मेवाड़ कुमावत समाज को इस विषय पर पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।2
- न्यू राजस्थान धरा न्यूज ने भरत जीनगर को रानी स्टेशन, जिला पाली के संवाददाता के रूप में नियुक्त किया है।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया ने राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित नांदोली से जनहित में एक प्रसारण किया है।1
- राजसमंद के चारभुजा थाना क्षेत्र के लाम्बोडी गांव में जमालिया मार्ग पर एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक पैंथर की बिजली के करंट से मौत हो गई। तेज हवा चलने के कारण पेड़ पर बैठा पैंथर अनियंत्रित होकर पास ही लगे विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) पर जा गिरा। हाई वोल्टेज करंट लगने से पैंथर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोपहर के समय खेत की ओर जा रहे लोगों ने पैंथर को विद्युत डीपी पर लटका हुआ देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के कर्मचारी और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुँची। टीम ने सबसे पहले क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद की और उसके बाद पैंथर के शव को डीपी से सुरक्षित उतारा। शव हटाने के बाद विद्युत आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई। यह नर पैंथर लगभग तीन से चार वर्ष का बताया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मृत पैंथर के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पैंथर का विधिवत अंतिम संस्कार किया जाएगा।1