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जीटी रोड पर स्थित देवली गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों की जिंदगी है खतरें पर लाल झंडा लेकर स्कूली बच्चे हैं पार करते हैं सड़क
मो० फारुख (पत्रकार)
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- केंद्रीय विद्यालय डीवीसी मैथन में स्थानीय बच्चों के नामांकन को लेकर क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर मैथन निवासी रंजीत महतो के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने विद्यालय प्रबंधन को एक लिखित आवेदन सौंपते हुए स्थानीय बच्चों के लिए कम से कम 60 प्रतिशत सीटें सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- मैथन के समाज सेवी रंजीत महतो एवं स्थानीय निवासियों ने केंद्रीय विद्यालय में 60% नामांकन आरक्षित करने की उठाई मांग मैथन मैथन क्षेत्र के समाजसेवी रंजीत महतो (महाकाल) एवं स्थानीय निवासियों ने केंद्रीय विद्यालय, डीवीसी मैथन में स्थानीय बच्चों के लिए कम से कम 60 प्रतिशत सीटें सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में समाजसेबी रंजीत महतो क्षेत्र के लोगों ने विद्यालय प्रबंधन को एक लिखित आवेदन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया है। आवेदन में कहा गया है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्थानीय बच्चों को विद्यालय में नामांकन से वंचित होना पड़ रहा है। जबकि विद्यालय के आसपास रहने वाले कई परिवारों के बच्चे प्रवेश के लिए प्रयास कर रहे हैं, फिर भी उन्हें दाखिला नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नामांकन प्रक्रिया में बाहरी क्षेत्रों—जैसे पश्चिम बंगाल, जामताड़ा और अन्य स्थानों से आने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है। समाज सेवी रंजीत महतो एवं निवासियों का कहना है कि जिन परिवारों के घर विद्यालय से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर हैं, उनके बच्चों को भी प्रवेश नहीं मिल रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों का तर्क है कि केंद्रीय विद्यालय इसी क्षेत्र की भूमि पर स्थापित है, इसलिए स्थानीय बच्चों का अधिकार पहले होना चाहिए। आवेदन के माध्यम से विद्यालय प्रबंधन से मांग की गई है कि कम से कम 60 प्रतिशत सीटें स्थानीय बच्चों के लिए सुरक्षित की जाएं, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके। साथ ही नामांकन प्रक्रिया की जांच कराने की भी मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन बच्चों को प्रवेश दिया गया है और वे किस क्षेत्र से संबंधित हैं। समाज सेबी स्थानीयनिवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे सभी मिलकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस आवेदन की प्रतिलिपि धनबाद के जिला उपायुक्त को भी भेजी गई है।7
- Post by DWIPAKSHA DARPAN1
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