भीलवाड़ा में समाजसेवी गोपाल लाल माली पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। जिला यूनेस्को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रविवार को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और गोपाल लाल माली के परिवारजनों पर दर्ज किए गए कथित झूठे मुकदमे को रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि गोपाल लाल माली वर्षों से सामाजिक सरोकारों, जनहित के मुद्दों और कमजोर एवं वंचित वर्ग की आवाज उठाते रहे हैं, और एसोसिएशन का मानना है कि उन पर हुआ यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और जनहित की आवाज पर हमला है। पूर्व सभापति मधु जाजू ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के बजाय उसके परिवारजनों पर कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, जिससे आमजन में न्याय व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला यूनेस्को एसोसिएशन के सचिव जगदीश चंद्र मूंदड़ा ने पुलिस से किसी भी प्रकार के दबाव, प्रभाव या पक्षपात से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि दोनों पक्षों के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पारदर्शी जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में जिला यूनेस्को एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन मानसिंहका, गोवर्धन वैष्णव, शंकर लाल गोयल, गिरिराज काबरा, राजेश जीनगर, ओम उज्ज्वल, तोताराम सांखला, नानूराम गोयल, कालू माली, नारायण लाल, सम्पत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
भीलवाड़ा में समाजसेवी गोपाल लाल माली पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। जिला यूनेस्को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रविवार को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक ज्ञापन सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और गोपाल लाल माली के परिवारजनों पर दर्ज किए गए कथित झूठे मुकदमे को रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि गोपाल लाल माली वर्षों से सामाजिक सरोकारों, जनहित के मुद्दों और कमजोर एवं वंचित वर्ग की आवाज उठाते रहे हैं, और एसोसिएशन का मानना है कि उन पर हुआ यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और जनहित की आवाज पर हमला है। पूर्व सभापति मधु जाजू ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद आरोपियों
के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के बजाय उसके परिवारजनों पर कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, जिससे आमजन में न्याय व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला यूनेस्को एसोसिएशन के सचिव जगदीश चंद्र मूंदड़ा ने पुलिस से किसी भी प्रकार के दबाव, प्रभाव या पक्षपात से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि दोनों पक्षों के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पारदर्शी जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में जिला यूनेस्को एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन मानसिंहका, गोवर्धन वैष्णव, शंकर लाल गोयल, गिरिराज काबरा, राजेश जीनगर, ओम उज्ज्वल, तोताराम सांखला, नानूराम गोयल, कालू माली, नारायण लाल, सम्पत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
- रेलमगरा क्षेत्र की वर्षों पुरानी रेल सुविधा की मांग को लेकर सोमवार को रेलमगरा युवा संगठन और हरिओम ग्रुप के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक जनहित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने और इसका निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि इस प्रस्तावित रेल लाइन का सर्वेक्षण पूर्व में किया जा चुका है, लेकिन परियोजना को आज तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इससे रेलमगरा सहित राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक जिलों के लाखों नागरिक रेल सुविधा से वंचित हैं। संगठन ने रेखांकित किया कि यह परियोजना नाथद्वारा, कोठारिया, डगवाड़ा, रामपुर, ढीली, बनेड़िया, कारोलिया, मेनिया, सादड़ी, रेलमगरा, कुरज, जूणदा, पोटला, सहाड़ा, गंगापुर, नान्दसा, आमली, बागोर, करेड़ा, आसींद, मालासेरी डूंगरी, गुलाबपुरा, केकड़ी, टोडारायसिंह सहित अनेक गांवों और कस्बों को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में सहायक होगी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह रेल परियोजना विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा, भगवान श्री देवनारायण की जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी, रेलमगरा-दरीबा के औद्योगिक एवं खनिज क्षेत्र, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस रेल लाइन के बनने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और निवेश को नई गति मिलेगी, साथ ही भारतीय रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों में परियोजना को राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महत्व की योजना घोषित करने, पूर्व सर्वेक्षण का पुनर्मूल्यांकन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, आगामी रेल बजट में आवश्यक वित्तीय प्रावधान करने तथा रेलमगरा में आधुनिक रेलवे स्टेशन का निर्माण कर क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया। संगठन ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रेलमगरा उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद आज तक रेल सुविधा से वंचित है, और क्षेत्र का नाम "रेलमगरा" होने के बावजूद यहां रेलवे स्टेशन नहीं होना लंबे समय से जनता की परेशानी का कारण बना हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना पूरे मेवाड़ क्षेत्र के विकास की आधारशिला सिद्ध होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्र की वर्षों पुरानी जनभावना का सम्मान करते हुए इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को शीघ्र स्वीकृति मिलेगी, जिससे लाखों लोगों को विकास की नई सौगात प्राप्त होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान रेलमगरा युवा संगठन से रोशन लाल, भेरू जाट, राजेंद्र सरगरा, पिंकेश वैष्णव, सूरज विजयवर्गीय, विकास सरगरा, मगन जाट, रघुनाथ एवं अभिषेक लोहार, तथा हरिओम ग्रुप की ओर से रतन कुमावत, लादू जाट, ओमप्रकाश लोहार, नारायण कुमावत, पवन कुमावत, नारायण जाट, मनीष कुमावत, अभय, पीयूष, कन्हैया कुमावत, सुरेश कुमावत, राहुल, पुष्कर एवं गब्बर कुमावत सहित कई सदस्य मौजूद रहे।1
- भीलवाड़ा जिले के सवाईपुर क्षेत्र के जित्या माफी गांव में एक बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने हाल ही में शुरू हुई प्रधानमंत्री ई-बस को टक्कर मार दी। इस हादसे में बस के पीछे लगे दो कांच टूट गए। हालांकि, दुर्घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार, ई-बस से टकराने से पहले इसी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सड़क पर घूम रहे एक गौवंश को भी टक्कर मारी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। हादसे की सूचना मिलते ही बड़लियास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- गांधीनगर में एक मदरसे में पढ़ने आया 13 वर्षीय बालक लापता हो गया है। इस घटना के बाद गांधीनगर थाना पुलिस मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुट गई है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में कई प्रमुख घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें पुलक सागर महाराज के विहार के मद्देनजर पुलिस द्वारा एक विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया जाना शामिल है। इसी क्रम में, अफीम किसानों ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया है। जिले से अन्य खबरों में, भील समाज ने एक विधवा की जमीन बचाने के लिए अपनी आवाज बुलंद की है, वहीं एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव के संबंध में प्रदर्शन आयोजित किया है। इसके अतिरिक्त, जिले के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह सभी घटनाक्रम सेवा, पौधारोपण और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी अन्य गतिविधियों के साथ जिले की प्रमुख खबरें रहे।2
- राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026 के संबंध में आमजन और विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से अजमेर में एक संभाग स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता और राजस्थान समान नागरिक संहिता के सदस्य बसंत कुमार छाबा की अध्यक्षता में अजमेर जिला कलेक्ट्रेट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में हुई। इस आयोजन में अजमेर संभाग के सभी जिलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया। जनसुनवाई के दौरान समान नागरिक संहिता विषय पर सांसदों, विधायकों, सभी धर्मों के प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई और उनके सुझाव आमंत्रित किए गए। भीलवाड़ा जिला कलेक्ट्रेट से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सांसद दामोदर अग्रवाल और जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू सहित जन प्रतिनिधि प्रशांत मेवाड़ा एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। राज्य सरकार ने संबंधित संभागीय आयुक्त को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी अभ्यावेदन, प्रार्थना-पत्र और अन्य दस्तावेजों का तहसीलवार एवं जिलावार व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्राप्त सुझावों का प्रभावी ढंग से परीक्षण एवं संकलन हो सके।1
- भीलवाड़ा के बिजोलिया उपखंड में अफीम उत्पादक किसानों ने डोडा चूरा राष्ट्रीयकरण न करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि भारत सरकार उन्हें अफीम उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी करती है और जीवन रक्षक दवाइयाँ बनाने के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार अफीम खरीद लेती है। हालाँकि, इससे बचे हुए डोडा चूरा को 2016 से पहले राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ठेका पद्धति पर ₹125 प्रति किलो खरीदा जाता था, जिसे अब बंद कर दिया गया है। राज्य सरकार ने किसानों के डोडा चूरा को नष्ट करने का आदेश दिया है, जिसके तहत इसे जमींदोज किया जाता है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता है। अफीम उत्पादक संघर्ष समिति राजस्थान प्रदेश ने राज्य सरकार से मांग की है कि अफीम किसानों को डोडा चूरा का ₹2000 प्रति किलो के हिसाब से वजन के अनुसार मुआवजा दिया जाए। यदि यह संभव नहीं है, तो किसानों को यह अधिकार दिया जाए कि वे अपने खेत में ही डोडा चूरा को नष्ट (डिस्प्ले/हकाई से) कर दें और स्व-घोषित प्रमाण पत्र दें, जिस पर सरकार किसानों पर विश्वास करे। किसानों ने तर्क दिया कि कच्चे मकान होने के कारण डोडा चूरा को सुरक्षित रखना मुश्किल होता है, मवेशी इसे खा जाते हैं या यह बारिश में भीग जाता है, जिससे मापदंडों के अनुसार इसे रखना संभव नहीं है। उनका यह भी कहना है कि खेत में नष्टीकरण से भूमि की उर्वरता भी बढ़ेगी और किसान शोषण से मुक्त होंगे, साथ ही जैविक खेती का प्रसार भी होगा। उन्होंने नष्ट करने के आदेश को तब तक स्थगित करने का अनुरोध किया है जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिलता या उन्हें खेत में ही नष्टीकरण की अनुमति नहीं दी जाती। ज्ञापन सौंपने के दौरान अफीम आयाम प्रमुख/अध्यक्ष बद्रीलाल तेली, तहसील प्रमुख कैलाश धाकड़ और अफीम किसान जगन्नाथ, वर्दी चंद, प्रभु लाल, चित्र लाल, रूप, शंकर, गोपाल, मांगीलाल, लोकेश, अंकित, शिवदयाल, अशोक सहित बिजोलिया तहसील के लगभग सभी किसान उपस्थित थे।3
- यह रिपोर्ट न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से तैयार की गई है।1