मीरजापुर पुलिस ने गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम से संबंधित एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक द्वारा अपराध की रोकथाम और पशु तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना जिगना पुलिस टीम ने थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में 19 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर इस अभियुक्त को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान शिवम उर्फ फदारी यादव, पुत्र तारकेश्वर यादव उर्फ अजीत यादव के रूप में हुई है, जो जनपद प्रयागराज के थाना माण्डा अंतर्गत ढेलाही (कोसडा कलां) का निवासी है और उसकी उम्र 20 वर्ष है। वह थाना जिगना में पंजीकृत मु0अ0सं0-22/2026 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 340(2) बीएनएस, 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत वांछित था। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास है, जिसमें मीरजापुर के जिगना और सन्तनगर थानों में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, और जनपद सोनभद्र के राजपुर थाने में भी आयुध अधिनियम व गोवध निवारण अधिनियम के तहत एक मामला पंजीकृत है। नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए उसे माननीय न्यायालय/जेल भेजा गया है।
मीरजापुर पुलिस ने गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम से संबंधित एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक द्वारा अपराध की रोकथाम और पशु तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना जिगना पुलिस टीम ने थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में 19 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर इस अभियुक्त को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान शिवम उर्फ फदारी यादव, पुत्र तारकेश्वर यादव उर्फ अजीत यादव के रूप में हुई है, जो जनपद प्रयागराज के थाना माण्डा अंतर्गत ढेलाही (कोसडा कलां) का निवासी है और उसकी उम्र 20 वर्ष है। वह थाना जिगना में पंजीकृत मु0अ0सं0-22/2026 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 340(2) बीएनएस, 3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत वांछित था। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास है, जिसमें मीरजापुर के जिगना और सन्तनगर थानों में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, और जनपद सोनभद्र के राजपुर थाने में भी आयुध अधिनियम व गोवध निवारण अधिनियम के तहत एक मामला पंजीकृत है। नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए उसे माननीय न्यायालय/जेल भेजा गया है।
- 'योगः कर्मसु कौशलम्' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए, 21 जून को पूरे देश और दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। संगम नगरी प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित श्रीराम वाटिका गेस्ट हाउस सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित योग शिविरों और कार्यक्रमों में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस विशेष अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के व्यक्तियों में योग के प्रति एक अद्भुत ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर योग दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, जब भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इसका प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को दुनिया भर के देशों ने भारी बहुमत से स्वीकार किया, और तब से हर साल 21 जून को इसे विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। बीते वर्षों में यह आयोजन मात्र एक दिन का उत्सव न रहकर एक व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है। आज सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ ही पार्कों, खेल के मैदानों, स्कूलों और सार्वजनिक केंद्रों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। योग गुरुओं के मार्गदर्शन में उपस्थित जनसमूह ने प्राणायाम के अंतर्गत अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे अभ्यासों से अपनी सांसों पर नियंत्रण और मानसिक शांति का अनुभव किया। इसके अतिरिक्त, सूर्य नमस्कार और ताड़ासन, वज्रासन, वृक्षासन जैसे विभिन्न आसनों के माध्यम से शारीरिक लचीलेपन और शक्ति का प्रदर्शन किया गया। लोगों ने ध्यान लगाकर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव से मुक्ति का भी संकल्प लिया। इस अवसर पर एक योग प्रशिक्षक ने कहा, "योग केवल कसरत नहीं है, बल्कि यह खुद से जुड़ने और ब्रह्मांड के साथ एकरूपता महसूस करने का विज्ञान है। आज सैकड़ो लोगों को एक साथ एक ही लय में योग करते देखना बेहद प्रेरणादायक था।" आधुनिक युग में जहाँ खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव और शारीरिक बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, वहाँ योग एक प्रभावी औषधि की तरह कार्य करता है। यह शरीर को निरोग रखने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोग अब अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। इस दिवस की वास्तविक सफलता तभी होगी जब योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखकर, इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाया जाए। इसी संदेश के साथ, 'करो योग, रहो निरोग!'1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह के बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। यह हंगामा इस आरोप के बाद शुरू हुआ कि सुधार गृह के भीतर एक किशोर की पिटाई की गई है। इस घटना से नाराज़ शिकायतकर्ता वकील खुल्दाबाद थाने में जमा हो गए और तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे। किशोर के साथ हुई कथित पिटाई से गुस्साए वकीलों ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया।1
- प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वरिष्ठ पत्रकार आलोक मालवीय की माताश्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस खबर की जानकारी जेजीई न्यूज द्वारा दी गई है।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह का मामला गरमा गया है, जहां 20 जून 2026 को परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनके नाबालिग बच्चे को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रिहा नहीं किया गया, बल्कि उसके साथ मारपीट की गई। माता-पिता का कहना है कि जमानत आदेश की प्रति जमा करने के बाद भी प्रशासन ने बच्चे को छोड़ने में देरी की, और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बच्चे की पिटाई की। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने से परिजन अत्यधिक आक्रोशित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अदालत के कई अधिवक्ता बाल सुधार गृह पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने थाने के सामने नारेबाजी करते हुए दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और बाल सुधार गृह प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। यह हंगामा लगभग एक घंटे तक चलता रहा। मौके पर पहुंचे एसीपी खुल्दाबाद ने अधिवक्ताओं और परिजनों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी, क्योंकि जमानत के बाद मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जमानत आदेश के तहत उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। किशोर न्याय अधिनियम के तहत, जमानत मिलने के बाद नाबालिग को तुरंत रिहा करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की हिंसा या मानसिक प्रताड़ना एक दंडनीय अपराध है।1
- कौशाम्बी में एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह बाइक सवार युवक प्रयागराज से कानपुर की तरफ हाइवे के किनारे से जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह मामला सैनी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर कोदन नेशनल हाईवे के पास का है।1
- कौशाम्बी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के कोतारी पश्चिम स्थित न्यू प्रीति अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद, परिजनों ने मंझनपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, उनका मोबाइल छीना और बिना पंचनामा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पति, सुरसेना कोतवाली सराय अकिल निवासी लवकेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी मुन्नी देवी को 6 दिन पहले उनके मायके वालों ने बिना उनकी जानकारी के न्यू प्रीति अस्पताल में भर्ती कराया था। वहाँ उनका ऑपरेशन हुआ और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। लवकेश कुमार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके कारण मुन्नी देवी की मौत हुई। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कौशाम्बी जिले में 'नामी डॉक्टरों का बोर्ड लगाकर' जगह-जगह ऐसे 'मानक विहीन' अस्पताल चलाए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर 'मौत बांट रहे हैं', और जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर 'जिम्मेदारों की मेहरबानी' पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुन्नी देवी की मौत की खबर जब ससुराल वालों को मिली तो काफी संख्या में लोग मौके पर पहुँचे। लवकेश कुमार ने मंझनपुर पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर उनके साथ जबरन मारपीट की, उनका मोबाइल छीन लिया और बिना पंचनामा तैयार किए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच, अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौके से फरार बताए जा रहे हैं। मंझनपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच में जुटी है।1
- प्रयागराज के घुरपुर थाना क्षेत्र में हवाई पट्टी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। सूचना मिलने पर घुरपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल देखने को मिली।1
- कौशाम्बी जिले के सैनी थाना क्षेत्र में पहाड़पुर कोदन नेशनल हाईवे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कंटेनर ने पीछे से एक बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह बाइक सवार युवक प्रयागराज से कानपुर की तरफ हाईवे के किनारे से जा रहा था। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और उसने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1