खलीलाबाद में विधि शिक्षा का नया अध्याय, सूर्या ग्रुप ने शुरू किया लॉ कॉलेज में प्रवेश बीए एलएलबी (5 वर्षीय) और एलएलबी (3 वर्षीय) पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रारंभ, अब स्थानीय युवाओं को कानून की पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहरों में संतकबीरनगर। जनपद के शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे सूर्या ग्रुप ने एक बार फिर विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी है। उच्च शिक्षा एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खलीलाबाद स्थित सूर्या लॉ कॉलेज एवं पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी लॉ कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) से संबद्ध इन दोनों विधि महाविद्यालयों के संचालन से अब संतकबीरनगर एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खलीलाबाद नगर के मध्य स्थित इन संस्थानों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं एवं उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्थान द्वारा कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए दो प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण छात्रों के लिए बीए एलएलबी (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम) तथा स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए एलएलबी (3 वर्षीय पाठ्यक्रम) में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। बीए एलएलबी पाठ्यक्रम का वार्षिक शुल्क मात्र 20 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. उदय ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालय तथा विधिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छात्र कानून के क्षेत्र में बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर किया जा रहा है। सीटें सीमित होने के कारण इच्छुक छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से शीघ्र प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की गई है। प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी खलीलाबाद स्थित संस्थान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं अथवा मोबाइल नंबर 9452190295 एवं 8726557778 पर जानकारी प्राप्त कर अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं।
खलीलाबाद में विधि शिक्षा का नया अध्याय, सूर्या ग्रुप ने शुरू किया लॉ कॉलेज में प्रवेश बीए एलएलबी (5 वर्षीय) और एलएलबी (3 वर्षीय) पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रारंभ, अब स्थानीय युवाओं को कानून की पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहरों में संतकबीरनगर। जनपद के शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे सूर्या ग्रुप ने एक बार फिर विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी है। उच्च शिक्षा एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खलीलाबाद स्थित सूर्या लॉ कॉलेज एवं पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी लॉ कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) से संबद्ध इन दोनों विधि महाविद्यालयों के संचालन से अब संतकबीरनगर एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खलीलाबाद नगर के मध्य स्थित इन संस्थानों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं एवं उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्थान द्वारा कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए दो प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण छात्रों के लिए बीए एलएलबी (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम) तथा स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए एलएलबी (3 वर्षीय पाठ्यक्रम) में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। बीए एलएलबी पाठ्यक्रम का वार्षिक शुल्क मात्र 20 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. उदय ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालय तथा विधिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छात्र कानून के क्षेत्र में बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर किया जा रहा है। सीटें सीमित होने के कारण इच्छुक छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से शीघ्र प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की गई है। प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी खलीलाबाद स्थित संस्थान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं अथवा मोबाइल नंबर 9452190295 एवं 8726557778 पर जानकारी प्राप्त कर अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं।
- संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, 'मित्र पुलिस' की छवि को मजबूत करने और भयमुक्त वातावरण बनाने के उद्देश्य से कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (CPU) सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सोमवार को थाना मेंहदावल के कस्बा मेंहदावल और ग्राम सभा बेलवनिया में एक बड़े जनसंवाद बैठक शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के तहत पुलिस टीम ने खुद आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं को मौके पर ही सुना और उनका संज्ञान लिया। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान, सीपीयू अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए वृद्धजनों और दिव्यांगजनों से उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि समाज के इन सम्मानित वर्गों की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस चौबीसों घंटे तत्पर है, और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में थाने या चौकी जाने की आवश्यकता नहीं होगी। बैठक में उपस्थित सैकड़ों नागरिकों को बढ़ते साइबर धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए और महिलाओं की सुरक्षा हेतु संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। सीपीयू टीम ने ग्रामीणों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। इस वृहद चौपाल/बैठक में थाना मेंहदावल क्षेत्र के सैकड़ों संभ्रांत नागरिकों, युवाओं और डिजिटल वॉलिंटियर्स ने भाग लिया। ग्रामीणों ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे की जमकर सराहना की, जिसमें बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता देते हुए उनकी समस्याओं को सुना गया। कार्यक्रम के समापन पर, सीपीयू प्रभारी ने उपस्थित सभी लोगों के साथ त्वरित संपर्क के लिए पुलिस के सीयूजी (CUG) नंबर और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर साझा किए। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह, प्रभारी निरीक्षक मेंहदावल राकेश कुमार सिंह, सीपीयू प्रभारी उप-निरीक्षक जयनाथ यादव, कॉन्स्टेबल अनुराग सिंह, महिला कॉन्स्टेबल अनामिका सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- गोरखपुर में शटर तोड़कर चोरी करने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस गिरोह के पास से ₹22 हजार नकद, 5 मोबाइल फोन और चांदी के सिक्के बरामद किए हैं।1
- पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने घोषणा की है कि पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं, और ऐसी सभी मांगों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा, जो कर्मचारियों को समय-समय पर नहीं दी जाती हैं। संघ ने यह संकल्प लिया है कि वह तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक इन कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल जाता। रेल यूनियन के एक नेता ने मंच से स्पष्ट ऐलान किया कि रेल कर्मचारियों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह घोषणा मौजूदा मांगों को पूरा करने के लिए संघ के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है।1
- गोरखपुर के नौका विहार के दुकानदार, प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही से नाराज़ होकर, जीडीए कार्यालय पहुँचे। हालांकि, दुकानदारों ने वहाँ क्या कहा, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर महानगर में ₹926 करोड़ से अधिक लागत की कुल 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर प्रदेश में सुपोषण मिशन के दूसरे चरण का भी शुभारंभ हुआ, साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस दौरान यह रेखांकित किया गया कि यह 'नए भारत' का 'नया उत्तर प्रदेश' है, जो बिना किसी रुकावट, थकान या दबाव के अपनी विरासत और आस्था का सम्मान करते हुए विकास, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ रहा है। जनपद वासियों को इस प्रगति और विकास के लिए हार्दिक बधाई दी गई।1
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक त्रासदियों और हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से एक संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद, राज्य में तीन तलाक और एसिड हमले की शिकार महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं को भी अब प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक पक्का मकान मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इन महिलाओं और उनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त उपचार (स्वास्थ्य बीमा) भी प्रदान किया जाएगा, जिसे सरकार ने 'आवास और आरोग्य का डबल सुरक्षा कवच' बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन महिलाओं ने तीन तलाक या एसिड हमले जैसी भयावह परिस्थितियों का सामना किया है, उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए, तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं को अक्सर अचानक ही गंभीर आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते सरकार द्वारा पक्का मकान दिए जाने से उन्हें और उनके बच्चों को एक सुरक्षित छत मिल सकेगी। वहीं, एसिड अटैक पीड़िताओं को जीवन भर कई दौर की महंगी प्लास्टिक सर्जरी, चिकित्सा और मानसिक पुनर्वास से गुजरना पड़ता है, और आयुष्मान कार्ड मिलने से उनके इलाज का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। इस कल्याणकारी योजना को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग प्रदेश के सभी जिलों से पीड़ित और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा एकत्रित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे सीधा लाभ पहुंचाया जाए, जिसके लिए विभिन्न विभागों के बीच एक डिजिटल समन्वय नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से प्रक्रियागत जटिलताओं और बिचौलियों को खत्म किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव में अपने इस अधिकार से वंचित न रह जाए।1
- गोरखपुर में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कुल 200 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह समारोह 'भव्य सम्मान समारोह 2026' के नाम से संदर्भित किया गया है।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक युवक ने थप्पड़ मार दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जानकारी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पुलिस ने थप्पड़ मारने वाले युवक को हिरासत में ले लिया। युवक ने अभिजीत दीपके का गमछा भी खींचा था। थप्पड़ मारने वाले युवक ने अभिजीत दीपके को 'जिहादी मानसिकता' वाला बताया और कहा कि वे देश के लोगों को बेवजह बरगला रहे हैं। युवक ने खुद को जयपुर का राष्ट्रवादी बताया और कहा कि उसका किसी पार्टी से कोई मतलब नहीं है। यह घटना सोमवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर हुई, जहां कॉकरोच जनता पार्टी नीट प्रश्न पत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थी। सीजेपी के कार्यक्रम संयोजक दीपक बलियान ने इस संदर्भ में रविवार को बताया था कि यह प्रदर्शन युवाओं, छात्रों, अभिभावकों और आम जनता के मुद्दों पर केंद्रित था। इन मुद्दों में बढ़ती बेरोजगारी, शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताएं, भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होना और अन्य जनहित के विषय शामिल थे।2