उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक त्रासदियों और हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से एक संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद, राज्य में तीन तलाक और एसिड हमले की शिकार महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं को भी अब प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक पक्का मकान मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इन महिलाओं और उनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त उपचार (स्वास्थ्य बीमा) भी प्रदान किया जाएगा, जिसे सरकार ने 'आवास और आरोग्य का डबल सुरक्षा कवच' बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन महिलाओं ने तीन तलाक या एसिड हमले जैसी भयावह परिस्थितियों का सामना किया है, उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए, तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं को अक्सर अचानक ही गंभीर आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते सरकार द्वारा पक्का मकान दिए जाने से उन्हें और उनके बच्चों को एक सुरक्षित छत मिल सकेगी। वहीं, एसिड अटैक पीड़िताओं को जीवन भर कई दौर की महंगी प्लास्टिक सर्जरी, चिकित्सा और मानसिक पुनर्वास से गुजरना पड़ता है, और आयुष्मान कार्ड मिलने से उनके इलाज का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। इस कल्याणकारी योजना को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग प्रदेश के सभी जिलों से पीड़ित और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा एकत्रित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे सीधा लाभ पहुंचाया जाए, जिसके लिए विभिन्न विभागों के बीच एक डिजिटल समन्वय नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से प्रक्रियागत जटिलताओं और बिचौलियों को खत्म किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव में अपने इस अधिकार से वंचित न रह जाए।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक त्रासदियों और हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से एक संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद, राज्य में तीन तलाक और एसिड हमले की शिकार महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं को भी अब प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक पक्का मकान मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इन महिलाओं और उनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त उपचार (स्वास्थ्य बीमा) भी प्रदान किया जाएगा, जिसे सरकार ने 'आवास और आरोग्य का डबल सुरक्षा कवच' बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन महिलाओं ने तीन तलाक या एसिड हमले जैसी भयावह परिस्थितियों का सामना किया है, उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए, तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं को अक्सर अचानक ही गंभीर आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते सरकार द्वारा पक्का मकान दिए जाने से उन्हें और उनके बच्चों को एक सुरक्षित छत मिल सकेगी। वहीं, एसिड अटैक पीड़िताओं को जीवन भर कई दौर की महंगी प्लास्टिक सर्जरी, चिकित्सा और मानसिक पुनर्वास से गुजरना पड़ता है, और आयुष्मान कार्ड मिलने से उनके इलाज का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। इस कल्याणकारी योजना को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग प्रदेश के सभी जिलों से पीड़ित और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा एकत्रित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे सीधा लाभ पहुंचाया जाए, जिसके लिए विभिन्न विभागों के बीच एक डिजिटल समन्वय नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से प्रक्रियागत जटिलताओं और बिचौलियों को खत्म किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव में अपने इस अधिकार से वंचित न रह जाए।
- गोरखपुर में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन ने एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कुल 200 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह समारोह 'भव्य सम्मान समारोह 2026' के नाम से संदर्भित किया गया है।1
- प्रजापति समुदाय ने 20 वर्ष पहले एक मुहिम शुरू की थी, जिसका उद्देश्य प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें उभरने का अवसर प्रदान करना था। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि छात्रों और उनके अभिभावकों में प्रेरणा जागृत हुई, जिससे वे अपनी योग्यता को विकसित कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ते चले गए। आज इस समुदाय के बच्चे अपनी पढ़ाई के बल पर डॉक्टर, इंजीनियर, जज, वकील, पुलिस, आर्मी, नेवी जैसी अनेक सेवाओं में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं। इसी क्रम में, प्रजापति स्वाभिमान संगठन के तत्वावधान में वैष्णवी लॉन में छात्रों, उनके अभिभावकों और अन्य गणमान्य आए हुए लोगों को सम्मानित किया गया।1
- गोरखपुर जिले के पाली ब्लॉक अंतर्गत जाल्हेपार सहजनवा क्षेत्र से एक शिकायत सामने आई है, जहाँ सड़क के बीच में बिजली का पोल न होने से स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति यह है कि एक ही पोल से कनेक्शन लेने के लिए तारों को काफी दूर तक ले जाना पड़ता है, और इन तारों को एक पेड़ पर लपेटा गया है। इस व्यवस्था के कारण पेड़ में करंट उतरने का खतरा बना हुआ है, जिससे आसपास रहने वाले मकानों और आगे के कई अन्य घरों में भी खतरा मंडरा रहा है। इसी वजह से ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल सड़क के बीच में बिजली का खंभा लगवाने का निवेदन किया है, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- खलीलाबाद में विधि शिक्षा का नया अध्याय, सूर्या ग्रुप ने शुरू किया लॉ कॉलेज में प्रवेश बीए एलएलबी (5 वर्षीय) और एलएलबी (3 वर्षीय) पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रारंभ, अब स्थानीय युवाओं को कानून की पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहरों में संतकबीरनगर। जनपद के शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे सूर्या ग्रुप ने एक बार फिर विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी है। उच्च शिक्षा एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खलीलाबाद स्थित सूर्या लॉ कॉलेज एवं पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी लॉ कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) से संबद्ध इन दोनों विधि महाविद्यालयों के संचालन से अब संतकबीरनगर एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खलीलाबाद नगर के मध्य स्थित इन संस्थानों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं एवं उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्थान द्वारा कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए दो प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण छात्रों के लिए बीए एलएलबी (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम) तथा स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए एलएलबी (3 वर्षीय पाठ्यक्रम) में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। बीए एलएलबी पाठ्यक्रम का वार्षिक शुल्क मात्र 20 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. उदय ने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालय तथा विधिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छात्र कानून के क्षेत्र में बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर किया जा रहा है। सीटें सीमित होने के कारण इच्छुक छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से शीघ्र प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की गई है। प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी खलीलाबाद स्थित संस्थान कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं अथवा मोबाइल नंबर 9452190295 एवं 8726557778 पर जानकारी प्राप्त कर अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं।1
- बजाज चीनी मिल रुधौली अपने क्षेत्र में गन्ना फसल के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिसके तहत आज ग्राम कामता नटाई कला मुंगरा डाढवाभैया में ड्रोन के माध्यम से एनपीके नैनो यूरिया और कीटनाशक दवा का घोल छिड़का गया। इस पहल का उद्देश्य पेड़ी और पौधा गन्ने को रोग एवं कीटों से बचाना है। यह कार्य महाप्रबंधक गन्ना लवकुश सिंह चौहान, गन्ना प्रबंधक अरविंद द्विवेदी, और गेट इंचार्ज राजेश सिंह के नेतृत्व में किया गया। कृषकों कमलेश चौधरी, मोहम्मद नाइस, मोहम्मद कयूम, अब्दुल रहीम, रामकिशोर, संतराम, राजाराम, याग्राम, और राम निहोर के गन्ना प्लांट पर यह छिड़काव कराया गया। महाप्रबंधक गन्ना ने बताया कि यह कार्य अनुदान पर किया जा रहा है, और इच्छुक किसान चीनी मिल के अधिकारीगण एवं सुपरवाइजर से संपर्क करके अपने गन्ना प्लांट पर भी अनुदान पर ड्रोन द्वारा स्प्रे करा सकते हैं। सीनियर गन्ना अधिकारी बाल सिंधु गगन पांडे ने कहा कि चीनी मिल किसान हित में विभिन्न लाभकारी योजनाएं चला रही है, और कृषकों को इन योजनाओं का लाभ उठाकर अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मिल कृषक गोष्ठी के माध्यम से किसानों को जागरूक कर रही है, जिसका मुख्य लक्ष्य किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने और जागरूक रहने में मदद करना है। इस स्प्रे कार्य को देखने के लिए क्षेत्रीय कृषकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की।2
- संतकबीरनगर जनपद के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ खलीलाबाद के मोती नगर में आनंद लोक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड न्यूरो ट्रॉमा सेंटर का शुभ उद्घाटन किया गया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. आनंद कुमार अग्रवाल ने इस अवसर पर घोषणा की कि अब जिले के मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए गोरखपुर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस नए अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, यूरोलॉजी और अन्य विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उनका लक्ष्य जनपद के निवासियों को बेहतर, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है, ताकि मरीजों का कीमती समय और पैसा दोनों बच सकें।1
- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक त्रासदियों और हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से एक संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद, राज्य में तीन तलाक और एसिड हमले की शिकार महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं को भी अब प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक पक्का मकान मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इन महिलाओं और उनके आश्रितों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त उपचार (स्वास्थ्य बीमा) भी प्रदान किया जाएगा, जिसे सरकार ने 'आवास और आरोग्य का डबल सुरक्षा कवच' बताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन महिलाओं ने तीन तलाक या एसिड हमले जैसी भयावह परिस्थितियों का सामना किया है, उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए, तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं को अक्सर अचानक ही गंभीर आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते सरकार द्वारा पक्का मकान दिए जाने से उन्हें और उनके बच्चों को एक सुरक्षित छत मिल सकेगी। वहीं, एसिड अटैक पीड़िताओं को जीवन भर कई दौर की महंगी प्लास्टिक सर्जरी, चिकित्सा और मानसिक पुनर्वास से गुजरना पड़ता है, और आयुष्मान कार्ड मिलने से उनके इलाज का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। इस कल्याणकारी योजना को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारने के लिए महिला कल्याण विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग प्रदेश के सभी जिलों से पीड़ित और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा एकत्रित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे सीधा लाभ पहुंचाया जाए, जिसके लिए विभिन्न विभागों के बीच एक डिजिटल समन्वय नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से प्रक्रियागत जटिलताओं और बिचौलियों को खत्म किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव में अपने इस अधिकार से वंचित न रह जाए।1
- गोरखपुर को ₹295 करोड़ की एक महत्वपूर्ण सौगात प्राप्त हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कुल 319 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।1
- गोरखपुर के गोलघर स्थित रॉयल रेजिडेंसी होटल में मारवाड़ी युवा मंच द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और जरूरतमंदों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रक्तदान किया। डॉ. गौरव केडिया ने इस अवसर पर बताया कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को हर तीन महीने में अपना रक्त दान करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ऐसा करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि यह उन मरीजों के लिए भी रक्त की व्यवस्था सुनिश्चित करता है, जो मौत से जंग लड़ रहे हैं। डॉ. केडिया ने रक्तदान करने वाले 'रक्तबीरों' को मृत्यु से जूझ रहे मरीजों के लिए 'फरिश्तों से कम नहीं' बताया और इस कार्य को 'रक्तदान महादान' कहकर सराहा।1