डीग के जिला कलक्टर मयंक मनीष ने पूंछरी स्थित गोवर्धन पर्वत के सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग पर आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेला 2026 की पूर्व तैयारियों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित आन्यौर द्वार से पैदल अवलोकन शुरू करते हुए राजस्थान सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संपूर्ण परिक्रमा मार्ग पर चल रहे अंतिम दौर के कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए जा रहे वॉच टावर्स, पुलिस चौकियों, टेंट-कनात और बैरिकेडिंग की व्यवस्थाएं परखीं। विश्राम आश्रय स्थलों में पेयजल व रोशनी के माकूल प्रबंध करने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों, विद्युत व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मार्ग में स्थित सभी विद्युत ट्रांसफॉर्मरों को विशेष प्रोटेक्टिव शीट्स से ढका गया है। इसके अलावा बारिश के पानी से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को नालों के कवर से ढका जा रहा है और जल निकासी के लिए पर्याप्त पंप सेट तैनात किए गए हैं। मेले के दौरान 24 घंटे निर्बाध व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व, नगर परिषद, नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। इस निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, भरतपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह, उपखण्ड अधिकारी अमित मीना और तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीग के जिला कलक्टर मयंक मनीष ने पूंछरी स्थित गोवर्धन पर्वत के सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग पर आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेला 2026 की पूर्व तैयारियों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित आन्यौर द्वार से पैदल अवलोकन शुरू करते हुए राजस्थान सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संपूर्ण परिक्रमा मार्ग पर चल रहे अंतिम दौर के कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए जा रहे वॉच टावर्स, पुलिस चौकियों, टेंट-कनात और बैरिकेडिंग की व्यवस्थाएं परखीं। विश्राम आश्रय स्थलों में पेयजल व रोशनी के माकूल प्रबंध करने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों, विद्युत व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मार्ग में स्थित सभी विद्युत ट्रांसफॉर्मरों को विशेष प्रोटेक्टिव शीट्स से ढका गया है। इसके अलावा बारिश के पानी से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को नालों के कवर से ढका जा रहा है और जल निकासी के लिए पर्याप्त पंप सेट तैनात किए गए हैं। मेले के दौरान 24 घंटे निर्बाध व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व, नगर परिषद, नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। इस निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, भरतपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह, उपखण्ड अधिकारी अमित मीना और तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- गुरु पूर्णिमा मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। इसी क्रम में भरतपुर रेंज की आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा ने डीग जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूछरी का लौठा पहुंचकर मेले की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान डीग जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आईजी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण, पुलिस तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं का बारीकी से जायजा लिया। कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। आईजी ने स्पष्ट किया कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के बाद आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा और पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने श्रीनाथजी मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। मंदिर के महंत दाऊजी मुखिया, चंदू मुखिया और राम पंडित जी ने दोनों अधिकारियों को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया, वहीं मुकुट मुखारविंद पर मोती ने चुनरी पहनाकर स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि मेले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया जाएगा ताकि गुरु पूर्णिमा का मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।4
- डीग के जिला कलक्टर मयंक मनीष ने पूंछरी स्थित गोवर्धन पर्वत के सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग पर आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेला 2026 की पूर्व तैयारियों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित आन्यौर द्वार से पैदल अवलोकन शुरू करते हुए राजस्थान सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संपूर्ण परिक्रमा मार्ग पर चल रहे अंतिम दौर के कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए जा रहे वॉच टावर्स, पुलिस चौकियों, टेंट-कनात और बैरिकेडिंग की व्यवस्थाएं परखीं। विश्राम आश्रय स्थलों में पेयजल व रोशनी के माकूल प्रबंध करने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थलों, विद्युत व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मार्ग में स्थित सभी विद्युत ट्रांसफॉर्मरों को विशेष प्रोटेक्टिव शीट्स से ढका गया है। इसके अलावा बारिश के पानी से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को नालों के कवर से ढका जा रहा है और जल निकासी के लिए पर्याप्त पंप सेट तैनात किए गए हैं। मेले के दौरान 24 घंटे निर्बाध व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व, नगर परिषद, नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। इस निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, भरतपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृदुल सिंह, उपखण्ड अधिकारी अमित मीना और तहसीलदार अंकित गुप्ता सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार कामां के अंबेडकर चौराहे पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा ब्लॉक अध्यक्ष फ़ज़्ज़र ख़ान के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों, छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों पर केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान डीग जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव एम. जुबेर ख़ान ने कहा कि पार्टी युवाओं, छात्रों, मजदूरों और आमजन के अधिकारों की लड़ाई संवैधानिक तरीके से लड़ती रहेगी और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान डीसीसी महासचिव इनामुल हसन, पूर्व सरपंच रामवीर गुर्जर (बोलखेड़ा), अल्ली मिस्त्री (कामां) और जुनैद ख़ान (गढ़ अजान) सहित सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर शिक्षा में पारदर्शिता और न्याय की मांग दोहराई।1
- मथुरा के गोवर्धन में प्रसिद्ध 'मुड़िया पूर्णिमा मेला' का भव्य आगाज़ गुरुवार से हो रहा है, जो 30 जुलाई तक चलेगा। मेले में उमड़ने वाले लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सहूलियत को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद बुधवार शाम 6 बजे SSP श्लोक कुमार ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। मेला परिसर की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को 9 सुपर ज़ोन, 21 ज़ोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां हर समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर नज़र रखने के लिए 31 वॉच टावर और यातायात नियंत्रण हेतु 150 बैरियर लगाए गए हैं। साथ ही, गोवर्धन धाम की 24 घंटे निगरानी के लिए 183 हाईटेक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी पहरेदारी कंट्रोल रूम से की जाएगी।4
- देश के युवाओं की असलियत और सच्चाई को सामने न लाने वालों के खिलाफ कड़ा गुस्सा और नाराजगी जताई गई है। इस बात पर अचरज और अफसोस व्यक्त किया गया है कि ऐसा भी देखना पड़ेगा, कभी सोचा नहीं था। इसके साथ ही साफ़ तौर पर कहा गया है कि जो लोग युवाओं की जमीनी हकीकत को नहीं दिखा सकते, उनके साथ ऐसा ही हाल होना तय है।1