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मैरवा में हुआ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का चुनाव, तीन लोगों ने भरा था फॉर्म मैरवा में हुआ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का चुनाव
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मैरवा में हुआ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का चुनाव, तीन लोगों ने भरा था फॉर्म मैरवा में हुआ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का चुनाव
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- मैरवा में हुआ जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का चुनाव1
- To, Sir District Superintendent Subject: Replacing electrical wires Sir My village is Karmaul Yadav Tola, Post Asaon, Police Station Asaon, District Siwan, Blak Darauli. Sir, our village still has exposed electrical wires. This causes power outages and frequent power outages whenever there's a storm, posing a threat to life and property. Twice an application has been submitted to the Darauli Electricity Department regarding this matter, but no response has been received. Therefore, I request you to kindly complete this work as soon as possible. Solar lights have been installed in every Blak village, but there is no information available about solar lights installed in Karmaul Yadav Tola to date. Therefore, I request you to complete this work as well. Yours sincerely, Village Karamoul1
- सिकन्दरपुर में तहरीर पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, धर्म परिवर्तन का आरोप, जांच में जुटी पुलिस जनपद बलिया के सिकन्दरपुर कस्बे में धर्म परिवर्तन के आरोप से जुड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। बजरंग दल के जिला संयोजक प्रतीक कुमार राय द्वारा थाना सिकन्दरपुर में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची और मौके पर जांच की। पुलिस ने आवश्यक दस्तावेज कब्जे में लेकर एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने लाया है। अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखें। स्थान: सिकन्दरपुर, बलिया पुलिस जांच जारी, सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।1
- महराजगंज, जिला सिवान, राज्य बिहार JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय महाराजगंज प्रखंड में इस बार बहुत बढ़िया गेंहूँ की खेती हुई है लेकिन नीलगायों के उत्पात से किसान बहुत परेशान हैं. जिला प्रशासन को अवश्य ही कोई ठोस कदम उठाना चाहिए2
- ➡️ सामुदायिक शौचालय बदहाल, ➡️ ग्रामीण खुले में शौच को मजबूर: ➡️ स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों में गंदगी। ➡️ टूटी टूटा पड़ा हुआ और पानी नहीं। ➡️ पूरा मामला सीयर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत तिरनई खुर्द का है।1
- 📍गोपालगंज के बैकुंठपुर में सौ रुपये के लिए बेटे ने छीनी मां की जिंदगी, गांव में मातम #gopalganj #news #bignews1
- ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज के बिशंभरपुर थाना क्षेत्र के बलीवन सागर गांव के पास अनियंत्रित तेज रफ्तार जेसीबी के टक्कर में बाइक सवार एक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे बिशंभरपुर थानाध्यक्ष मुकेन्द्र कुमार ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गए है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेसीबी को जब्त कर लिया और चालक सहित दो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि बाइक सवार बलीवन सागर के पास सड़क के किनारे खड़े होकर किसी का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान अनियंत्रित तेज रफ्तार जेसीबी ने उनको जोरदार टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान स्थानीय थाना क्षेत्र के बलीवन सागर गांव निवासी स्व देवधारी यादव के पुत्र रुदल यादव के रूप में की गई है...1
- 💥 मौत के कारोबार पर ताला! मैरवा में 4 अस्पताल और 2 जांच घर सील मैरवा में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चल रहे अवैध संचालन पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 22 फरवरी 2026 को जिला पदाधिकारी, सीवान के आदेश पर अनुमंडल पदाधिकारी, सीवान सदर श्री आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापेमारी कर 6 स्वास्थ्य संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। सील किए गए संस्थानों में साई हॉस्पिटल, माँ मंजू हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, माँ शारदा हॉस्पिटल, बिहार जांच घर और श्री राधे डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई संस्थान बिना वैध निबंधन के संचालित पाए गए। Clinical Establishments Act, 2010 की धारा 11, 37 और 38 का उल्लंघन किया जा रहा था। Bihar Clinical Establishment Rules, 2013 में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा था। इसके अलावा न्यूनतम चिकित्सा सुविधाओं की कमी, अयोग्य कर्मियों द्वारा उपचार, जीवन रक्षक उपकरणों का अभाव, मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन में गड़बड़ी और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी गंभीर लापरवाहियां पाई गईं। प्रशासन के अनुसार इन अनियमितताओं से मरीजों की जान को खतरा था। इसी को देखते हुए सभी संस्थानों को सील कर दिया गया है। भर्ती मरीजों को सुरक्षित अन्य वैध अस्पतालों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। संचालकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवा के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1