नारनौल के हुड्डा सेक्टर स्थित वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र यादव के निवास पर हाल ही में भारतीय वैदिक महासंघ के निदेशक एडवोकेट धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता और कप्तान जगराम आर्य के मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक भव्य यज्ञ, हवन, सत्संग एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आर्य समाज से जुड़े श्रद्धालुओं, विद्वानों, विदुषियों, यज्ञ उपदेशकों और समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आर्य समाज नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़, सैद अलीपुर, बहरोड़, अटेली और नारनौल सहित अनेक आर्य समाजों के पदाधिकारी एवं विद्वान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता भारतीय वैदिक महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रख्यात गायिका एवं वैदिक उपदेशिका आचार्या कलावती यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समाज में बढ़ती सामाजिक बुराइयों का मूल कारण गुरुकुल शिक्षा प्रणाली का लोप और संस्कारयुक्त शिक्षा का अभाव है। उन्होंने जोर दिया कि यदि समाज में शालीनता, नैतिकता, अनुशासन, भाईचारा एवं मानवीय मूल्यों को पुनः स्थापित करना है, तो गुरुकुल आधारित संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अन्य वक्ताओं में सांस्कृतिक अहिलवार मंच के अध्यक्ष शतव्रत शास्त्री ने कुछ कथावाचकों द्वारा महापुरुषों के जीवन और चरित्र को तथ्यों से हटकर प्रस्तुत कर समाज को भ्रमित करने के प्रयासों का वैचारिक एवं सामाजिक स्तर पर प्रभावी विरोध करने का आह्वान किया। प्रो. सुमेर सिंह यादव ने 'अहम' और अहंकार की भावना को सामाजिक समस्याओं की जड़ बताते हुए इनके समाधान के लिए सदाचार, संस्कार, आत्मसंयम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. आर. एन. यादव ने वैदिक संस्कृति को केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित, संस्कारित एवं नैतिक बनाने का सशक्त माध्यम बताया, और युवाओं को भारतीय संस्कृति, वैदिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। रामनिवास सरपंच ने आर्य समाज की सभी संस्थाओं से संगठन, समर्पण एवं सेवा भाव के साथ समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया, वहीं मास्टर ओमप्रकाश आर्य (खानपुर) ने समाज में बढ़ते आडंबर, पाखंड एवं सामाजिक विकृतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए वैदिक सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान थानेदार रघुवीर सिंह ने अपने ओजस्वी भजनों एवं प्रेरणादायी प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र यादव और एडवोकेट धर्मवीर सिंह ने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से वैदिक संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए युवाओं से वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त एवं संस्कारित समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।
नारनौल के हुड्डा सेक्टर स्थित वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र यादव के निवास पर हाल ही में भारतीय वैदिक महासंघ के निदेशक एडवोकेट धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता और कप्तान जगराम आर्य के मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक भव्य यज्ञ, हवन, सत्संग एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आर्य समाज से जुड़े श्रद्धालुओं, विद्वानों, विदुषियों, यज्ञ उपदेशकों और समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आर्य समाज नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़, सैद अलीपुर, बहरोड़, अटेली और नारनौल सहित अनेक आर्य समाजों के पदाधिकारी एवं विद्वान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता भारतीय वैदिक महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रख्यात गायिका एवं वैदिक उपदेशिका आचार्या कलावती यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समाज में बढ़ती सामाजिक बुराइयों का मूल कारण गुरुकुल शिक्षा प्रणाली का लोप और संस्कारयुक्त शिक्षा का अभाव है। उन्होंने जोर दिया कि यदि समाज में शालीनता, नैतिकता, अनुशासन, भाईचारा एवं मानवीय मूल्यों को पुनः स्थापित करना है, तो गुरुकुल आधारित संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अन्य वक्ताओं में सांस्कृतिक अहिलवार मंच के अध्यक्ष शतव्रत शास्त्री ने कुछ कथावाचकों द्वारा महापुरुषों के जीवन और चरित्र को तथ्यों से हटकर प्रस्तुत कर समाज को भ्रमित करने के प्रयासों का वैचारिक एवं सामाजिक स्तर पर प्रभावी विरोध करने का आह्वान किया। प्रो. सुमेर सिंह यादव ने 'अहम' और अहंकार की भावना को सामाजिक समस्याओं की जड़ बताते हुए इनके समाधान के लिए सदाचार, संस्कार, आत्मसंयम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. आर. एन. यादव ने वैदिक संस्कृति को केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित, संस्कारित एवं नैतिक बनाने का सशक्त माध्यम बताया, और युवाओं को भारतीय संस्कृति, वैदिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। रामनिवास सरपंच ने आर्य समाज की सभी संस्थाओं से संगठन, समर्पण एवं सेवा भाव के साथ समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया, वहीं मास्टर ओमप्रकाश आर्य (खानपुर) ने समाज में बढ़ते आडंबर, पाखंड एवं सामाजिक विकृतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए वैदिक सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान थानेदार रघुवीर सिंह ने अपने ओजस्वी भजनों एवं प्रेरणादायी प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र यादव और एडवोकेट धर्मवीर सिंह ने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से वैदिक संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए युवाओं से वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त एवं संस्कारित समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।
- आज, 30 जून 2026 को बहरोड़ स्थित गुरुकुल एकेडमी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान महाशय सत्यवीर सिंह आर्य दताल ने अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दी।2
- Pms Agritech Private Limited कंपनी किसानों की आय में वृद्धि करने में सहयोग कर रही है। यह कंपनी किसानों के खेतों में नेट हाउस और पॉली हाउस स्थापित करके उनकी आय बढ़ाने में मदद करती है। इच्छुक किसान कंपनी से 8003008847 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट)-2025 के सफल और पारदर्शी संचालन के लिए नारनौल में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने 30 जून, मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सेंटर सुपरवाइजर और अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला प्रशासन इस परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और नकल रहित माहौल में संपन्न करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उपायुक्त ने बताया कि आगामी 4 और 5 जुलाई को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए महेंद्रगढ़ जिले में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नारनौल उपमंडल में 7 केंद्र जबकि महेंद्रगढ़ उपमंडल में 15 केंद्र शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वाड (उड़नदस्तों) का भी गठन किया गया है। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, लेवल 3 की परीक्षा 4 जुलाई को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजकर 30 मिनट तक होगी। वहीं, 5 जुलाई को लेवल 2 की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक और लेवल 1 की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजकर 30 मिनट तक संचालित की जाएगी। नारनौल उपमंडल में केवल लेवल 2 की परीक्षा होगी, जबकि अन्य सभी परीक्षाएं महेंद्रगढ़ उपमंडल में आयोजित होंगी। नेत्रहीन और दिव्यांग अभ्यर्थी, जो लिखने में अक्षम हैं, उन्हें प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से कुल 50 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षार्थियों के लिए सुबह की शिफ्ट में प्रवेश 7:50 बजे और शाम की शिफ्ट में 12:50 बजे शुरू हो जाएगा।1
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में 70 साल के युवा मिलकर एक खेल नर्सरी का निर्माण कर रहे हैं। यह वही स्थान है जहाँ बटालियनें भी नियमित रूप से प्रशिक्षण लेने के लिए आती हैं।1
- मंगलवार को बहरोड़ के ग्राम पंचायत जैनपुर बास में उपखंड अधिकारी रामकिशोर मीणा और तहसीलदार राजेंद्र मोहन मीणा की अध्यक्षता में एक प्रशासनिक कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप के दौरान अधिकारियों ने जनसुनवाई की और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, जिसके परिणामस्वरूप कई प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, पेंशन, राशन कार्ड और राजस्व से संबंधित अपनी शिकायतें रखीं। उपखंड अधिकारी ने अधिकांश परिवादों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की मंशा यह है कि ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इस कैंप में पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, और बिजली व जलदाय विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। यहां कई लोगों के पेंशन फॉर्म मौके पर भरवाए गए और नामांतरण व सीमाज्ञान से जुड़े मामले भी निपटाए गए। उपखंड अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी परिवादों का समयबद्ध निस्तारण करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील भी की। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर कैंप में पहुंचे और प्रशासन की इस पहल की सराहना की।1
- नीमराना थाना पुलिस और जिला साइबर सेल ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तार आरोपियों में चोरी का माल खरीदने वाला एक सुनार भी शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 17 लाख 63 हजार रुपये नकद, 23 ग्राम सोना और करीब एक किलो चांदी के जेवरात बरामद किए हैं, जिसमें पायल, चेन और सिक्के जैसे आभूषण शामिल हैं, साथ ही चोरी में इस्तेमाल होने वाले पेचकस और हथौड़ी भी मिली है। यह कार्रवाई कोटपूतली-बहरोड़ के पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमराना सुरेश खींची, वृत्ताधिकारी चारुल गुप्ता (आरपीएस) एवं पल्लवी गुप्ता (आरपीएस प्रोबेशनर) के सुपरविजन तथा थानाधिकारी दयाराम के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुलायम सिंह, गौरव उर्फ डगलस उर्फ गवर्नर और सुनार सत्य कुमार उर्फ सत्या के रूप में हुई है। इस गिरोह का खुलासा 10 जून 2026 को नीमराना स्थित आशादीप सोसायटी और बीबी बिल्डर्स सोसायटी के फ्लैटों में दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात के बाद हुआ था, जहाँ ताले तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चुरा ली गई थी। जांच के दौरान, थाना पुलिस और साइबर सेल ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, क्राइम पैटर्न एनालिसिस, ट्रेसिंग और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर गिरोह तक पहुँच बनाई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे वाई-फाई इंजीनियर बनकर सोसायटियों में प्रवेश करते थे, गार्ड से अनुमति लेने के बाद बंद फ्लैटों की रेकी करते और मौका मिलते ही ताला तोड़कर चोरी कर फरार हो जाते थे। वारदात के तुरंत बाद वे राज्य बदल देते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें। पुलिस पूछताछ में उन्होंने राजस्थान के नीमराना, अलवर, जयपुर, भिवाड़ी सहित हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में चोरी और नकबजनी की कई वारदातें करने की बात कबूल की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले 6-7 वर्षों से सक्रिय था और यह पहली बार है जब इसके खिलाफ इतनी प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले के खुलासे में जिला साइबर सेल की अहम भूमिका रही, विशेषकर हेड कांस्टेबल संदीप कुमार ने तकनीकी विश्लेषण और आरोपियों की पहचान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। गिरफ्तार आरोपियों का पुलिस रिमांड लिया गया है और उनसे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से अन्य राज्यों में हुई कई चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।1
- नारनौल के हुड्डा सेक्टर स्थित वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र यादव के निवास पर हाल ही में भारतीय वैदिक महासंघ के निदेशक एडवोकेट धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता और कप्तान जगराम आर्य के मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार एक भव्य यज्ञ, हवन, सत्संग एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आर्य समाज से जुड़े श्रद्धालुओं, विद्वानों, विदुषियों, यज्ञ उपदेशकों और समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान आर्य समाज नांगल चौधरी, महेंद्रगढ़, सैद अलीपुर, बहरोड़, अटेली और नारनौल सहित अनेक आर्य समाजों के पदाधिकारी एवं विद्वान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता भारतीय वैदिक महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रख्यात गायिका एवं वैदिक उपदेशिका आचार्या कलावती यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समाज में बढ़ती सामाजिक बुराइयों का मूल कारण गुरुकुल शिक्षा प्रणाली का लोप और संस्कारयुक्त शिक्षा का अभाव है। उन्होंने जोर दिया कि यदि समाज में शालीनता, नैतिकता, अनुशासन, भाईचारा एवं मानवीय मूल्यों को पुनः स्थापित करना है, तो गुरुकुल आधारित संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अन्य वक्ताओं में सांस्कृतिक अहिलवार मंच के अध्यक्ष शतव्रत शास्त्री ने कुछ कथावाचकों द्वारा महापुरुषों के जीवन और चरित्र को तथ्यों से हटकर प्रस्तुत कर समाज को भ्रमित करने के प्रयासों का वैचारिक एवं सामाजिक स्तर पर प्रभावी विरोध करने का आह्वान किया। प्रो. सुमेर सिंह यादव ने 'अहम' और अहंकार की भावना को सामाजिक समस्याओं की जड़ बताते हुए इनके समाधान के लिए सदाचार, संस्कार, आत्मसंयम एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. आर. एन. यादव ने वैदिक संस्कृति को केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित, संस्कारित एवं नैतिक बनाने का सशक्त माध्यम बताया, और युवाओं को भारतीय संस्कृति, वैदिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। रामनिवास सरपंच ने आर्य समाज की सभी संस्थाओं से संगठन, समर्पण एवं सेवा भाव के साथ समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया, वहीं मास्टर ओमप्रकाश आर्य (खानपुर) ने समाज में बढ़ते आडंबर, पाखंड एवं सामाजिक विकृतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए वैदिक सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान थानेदार रघुवीर सिंह ने अपने ओजस्वी भजनों एवं प्रेरणादायी प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र यादव और एडवोकेट धर्मवीर सिंह ने सभी अतिथियों, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से वैदिक संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए युवाओं से वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त एवं संस्कारित समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।1
- एक भावुक अपील में, सभी हिंदुओं से एक वीडियो को मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारत में अधिकतम साझा करने का आग्रह किया गया है। यह अपील उन माताओं के लिए की गई है, जिनकी दो बच्चियां लापता हो गई हैं और उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। जानकारी के अनुसार, इन बच्चियों की आखिरी लोकेशन ग्वालियर से प्राप्त हुई थी। अपील में विशेष रूप से यह दर्शाया गया है कि उनकी कोई सहायता नहीं कर रहा है, इसलिए लोगों से आगे आकर इन माताओं की मदद करने का अनुरोध किया गया है।1