शॉर्ट सर्किट के चलते फ्रिज में आग लगने से बड़ा हादसा मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में आशा बहुओं और एएनएम कर्मियों ने अधीक्षक के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक पर अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। आशा बहू अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक द्वारा ड्राइवर नवल किशोर के माध्यम से अवैध उगाही कराई जा रही है। साथ ही व्हाट्सएप चैट के जरिए गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद आशा बहुओं और एएनएम ने मिहींपुरवा मेन चौराहे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित रहा और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची मोतीपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया और यातायात बहाल कराया। बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रदर्शनकारी बसों में सवार होकर जिला अधिकारी कार्यालय की ओर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। वहीं, इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. थानेदार से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि “पैसा लेने का कोई साक्ष्य नहीं है और न ही मैं किसी प्रकार की अवैध वसूली करता हूं। लोग दो वर्ष से पैसा लेने की बात कर रहे हैं, जबकि मुझे यहां कार्यभार संभाले हुए मात्र आठ माह हुए हैं। यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो वह प्रस्तुत करे।” उन्होंने गाली-गलौज के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया है। फिलहाल मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। प्रशासन से जांच की मांग की गई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
शॉर्ट सर्किट के चलते फ्रिज में आग लगने से बड़ा हादसा मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में आशा बहुओं और एएनएम कर्मियों ने अधीक्षक के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक पर अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। आशा बहू अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक द्वारा ड्राइवर नवल किशोर के माध्यम से अवैध उगाही कराई जा रही है। साथ ही व्हाट्सएप चैट के जरिए गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद आशा बहुओं और एएनएम ने मिहींपुरवा मेन चौराहे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित रहा और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची मोतीपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया और यातायात बहाल कराया। बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रदर्शनकारी बसों में सवार होकर जिला अधिकारी कार्यालय की ओर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। वहीं, इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. थानेदार से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि “पैसा लेने का कोई साक्ष्य नहीं है और न ही मैं किसी प्रकार की अवैध वसूली करता हूं। लोग दो वर्ष से पैसा लेने की बात कर रहे हैं, जबकि मुझे यहां कार्यभार संभाले हुए मात्र आठ माह हुए हैं। यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो वह प्रस्तुत करे।” उन्होंने गाली-गलौज के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया है। फिलहाल मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। प्रशासन से जांच की मांग की गई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
- मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में आशा बहुओं और एएनएम कर्मियों ने अधीक्षक के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक पर अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। आशा बहू अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक द्वारा ड्राइवर नवल किशोर के माध्यम से अवैध उगाही कराई जा रही है। साथ ही व्हाट्सएप चैट के जरिए गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद आशा बहुओं और एएनएम ने मिहींपुरवा मेन चौराहे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित रहा और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची मोतीपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया और यातायात बहाल कराया। बताया जा रहा है कि इसके बाद प्रदर्शनकारी बसों में सवार होकर जिला अधिकारी कार्यालय की ओर प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। वहीं, इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. थानेदार से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि “पैसा लेने का कोई साक्ष्य नहीं है और न ही मैं किसी प्रकार की अवैध वसूली करता हूं। लोग दो वर्ष से पैसा लेने की बात कर रहे हैं, जबकि मुझे यहां कार्यभार संभाले हुए मात्र आठ माह हुए हैं। यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो वह प्रस्तुत करे।” उन्होंने गाली-गलौज के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया है। फिलहाल मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। प्रशासन से जांच की मांग की गई है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।1
- मिहिपुरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,मोतीपुर जमकर हुआ हंगामा भ्रष्ट अधिकारियों का काला बाजार, सिस्टम को तक पर रखकर मनमानी करते डॉक्टर,,, मनोज कुमार चौरसिया की रिपोर्ट1
- 🔴 गौ तस्करी पर प्रशासन की चुप्पी: इंसानियत शर्मसार, कानून बेबस! आक्रोशित मन और नम आंखों के साथ यह पीड़ा भरी घटना सामने आई है। छोटे भाई के विवाह से लौटते समय, मोतीपुर क्षेत्र में तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर बेजुबान गौवंश को वध के लिए ले जाया जा रहा था। उनकी हालत देखकर गांव वालों का कलेजा कांप उठा। एक मासूम बछिया, जिसकी गर्दन में रस्सी कसी थी, मरणासन्न अवस्था में तड़प रही थी। ग्रामीणों ने विरोध किया, आवाज उठाई, इंसानियत का वास्ता दिया — लेकिन जवाब में आई Uttar Pradesh Police और विरोध करने वालों को खदेड़ दिया गया। क्या यही कानून का राज है? क्या यही गौ-रक्षा का दावा है? प्रत्यक्षदर्शियों — प्रशांत मिश्रा, राहुल राज और मुलायम मिश्रा — ने आखिरी दम तक विरोध किया। प्रशासन से गुहार लगाई कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, गौवंश का इलाज कराकर उन्हें गौशाला में सुरक्षित रखा जाए। लेकिन सब बेकार गया। ⚠️ चंद पैसों के लालच में, बेजुबान जिंदगियां मौत के हवाले कर दी गईं। आंखों के सामने एक मासूम बछिया तड़पती रही… और सिस्टम तमाशबीन बना रहा। जब प्रदेश के मुखिया Yogi Adityanath गौ-रक्षा की बात करते हैं, तो फिर ज़मीनी हकीकत इतनी भयावह क्यों है? ❓ सवाल जो पूरे समाज से पूछे जाने चाहिए: आए दिन हो रही गौ तस्करी का जिम्मेदार कौन? किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है यह काला कारोबार? क्यों जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं? जब गौ को माता कहा जाता है, तो फिर उसे मौत के घाट क्यों उतारा जा रहा है? ✊ यह सिर्फ एक घटना नहीं, सिस्टम पर कलंक है! यह घटना बताती है कि आज भी भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आगे कानून हार रहा है, और इंसानियत रो रही है। अब वक्त है — ✔ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की ✔ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की ✔ और गौ-तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की जब तक सवाल नहीं उठेंगे, तब तक बछियों की चीखें यूं ही दबती रहेंगी… यह लड़ाई सिर्फ गौ-माता की नहीं, इंसाफ और इंसानियत की है। यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ सह संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 89489833881
- दारुस्सलाम-डे पर इम्तियाज़ जलील का ज़ोरदार भाषण वायरल?? Imtiaz jaleel | Azmi Media #Darussalam #ImtiazJaleel #AsaduddinOwaisi #AzmiMedia1
- लखीमपुर खीरी मिश्राना चौकी चौराहे पर लगा एक बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। पोल का निचला हिस्सा पूरी तरह गल चुका है और वह किसी भी समय गिर सकता है। यह पोल राहगीरों और आसपास की दुकानों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। यह चौराहा क्षेत्र का व्यस्त इलाका है, जहां दिनभर सैकड़ों लोग और वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि पोल गिरता है तो जान-माल की भारी हानि हो सकती है। साथ में पोल का वीडियो संलग्न1
- 🔥 सामाजिक न्याय की बुलंद आवाज़ – पल्लवी पटेल 🔥 SC, ST और OBC समाज के अधिकारों की लड़ाई को लेकर विधायक पल्लवी पटेल लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं। शिक्षा, आरक्षण और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है। 📢 हाल के कार्यक्रमों और सभाओं में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। ✊ उनका कहना है कि “हक और सम्मान की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।” प्रदेश की राजनीति में उनकी सक्रियता नई चर्चा को जन्म दे रही है। #पल्लवीपटेल #सामाजिकन्याय #SCSTOBC #राजनीति #जनआवाज़1
- Post by Lala Ji1
- मिहिपुरवा/ बहराइच कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने शनिवार को बहराइच-लखीमपुर खीरी सीमा स्थित घाघरा बैराज क्षेत्र में व्यापक रूट मार्च (फ्लैग मार्च) निकाला। यह मार्च क्षेत्राधिकारी तथा थानाध्यक्ष सुजौली के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुआ। रूट मार्च बहराइच और लखीमपुर खीरी जनपदों की सीमा पर स्थित घाघरा बैराज क्षेत्र में निकाला गया, जहां पुलिस जवान पूरी मुस्तैदी और अनुशासन के साथ कदमताल करते दिखाई दिए। मार्च के दौरान संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया गया तथा लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की गई। थानाध्यक्ष सुजौली प्रकाश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में थाने के समस्त पुलिसकर्मी रूट मार्च में शामिल रहे। पुलिस बल की सक्रियता से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल दिखाई दिया और आम लोगों में विश्वास बढ़ा। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही लोगों को कानून का पालन करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आगामी दिनों में भी संवेदनशील क्षेत्रों में इसी प्रकार गश्त और फ्लैग मार्च जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में पूर्ण शांति और कानून-व्यवस्था कायम रहे।1