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सोशल मीडिया पर एक कट्टा लहराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।
Kosi Bihar News
सोशल मीडिया पर एक कट्टा लहराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।
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- सोशल मीडिया पर एक कट्टा लहराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1
- मधेपुरा जिले के शंकरपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मौजमा में शनिवार को आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) के दौरान जमकर हंगामा हुआ। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रेमा कुमारी ने सहायक शिक्षिका और पूर्व प्रधानाध्यापिका बबीता कुमारी तथा उनके पति बिमलेश कुमार बिमल पर गंभीर आरोप लगाते हुए मारपीट, गाली-गलौज और प्रताड़ित करने की बात कही है। इस मामले में प्रेमा कुमारी ने शंकरपुर थाना में लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 10 बजे गर्मी की छुट्टी से पहले विद्यालय परिसर में पीटीएम आयोजित की जा रही थी, तभी बबीता कुमारी अपने पति के साथ विद्यालय पहुंचीं और बैठक में मौजूद अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार व गाली-गलौज करने लगीं, जिससे बैठक का माहौल बिगड़ गया और पीटीएम बाधित हो गई। प्रेमा कुमारी के अनुसार, जब उन्होंने सवाल किया कि यदि ग्रामीण और अभिभावक बैठक में नहीं आएंगे तो कौन आएगा, तो इस बात पर बबीता कुमारी भड़क गईं और उन्हें थप्पड़ मार दिया। प्रेमा कुमारी का यह भी आरोप है कि विद्यालय में विवाद काफी पुराना है और 2 मई को प्रभार मिलने के बाद से ही उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी एक बार कक्षा में बच्चों के सामने उनके साथ मारपीट की गई थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पूर्व में भी शंकरपुर थाना में की थी। प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें मिड-डे मील के भोजन में जहर देकर फंसाने और झूठे मुकदमे में उलझाने की धमकी भी दी जाती रही है। घटना के बाद विद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया और सूचना मिलने पर शंकरपुर पुलिस, अपर थानाध्यक्ष महितोष परासर तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार की टीम मौके पर पहुंची। विद्यालय में मौजूद ग्रामीणों ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपी शिक्षिका और उनके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए थे और कुछ समय के लिए विद्यालय में तालाबंदी भी कर दी गई। कई स्कूली बच्चों ने प्रशासन को बताया कि प्रेमा कुमारी के आने के बाद विद्यालय में नियमित पढ़ाई होने लगी है और मध्यान्ह भोजन भी समय पर मिल रहा है, जो पहले नियमित नहीं था। पुलिस प्रशासन ने बताया है कि प्रभारी प्रधानाध्यापिका की लिखित शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) मधेपुरा संजय कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।4
- नगर पंचायत सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग किनारे बसे दर्जनों घरों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाया था। मगर, कई महीने बीत जाने के बाद भी यह जगह अब तक खाली पड़ी हुई है। प्रभावित दर्जनों लोगों ने बताया कि वे गरीब और निसहाय थे, इसलिए किसी तरह झोपड़ी बनाकर अपना जीवन बिता रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने नगर पंचायत की जमीन का हवाला देते हुए उनके घरों को तोड़कर उन्हें बेघर कर दिया। लोगों का दुख इस बात पर है कि फरवरी महीने में ही अतिक्रमण हटाया गया था, परंतु आज तक न तो यहां कोई नया भवन बनाया गया और न ही जिस उद्देश्य से उनके घरों को तोड़ा गया था, वह पूरा किया गया है। ऐसी स्थिति में वे अब तक वहां रहते तो क्या परेशानी थी, इसी बात का उन्हें गहरा दुख है। बताया गया है कि विगत कई वर्षों से दर्जनों गरीब परिवार अपनी झोपड़ी बनाकर यहां रह रहे थे, जिसे स्थानीय प्रशासन ने पुलिस बल के साथ अतिक्रमण मुक्त करवाया था, और वह जगह आज तक वीरान पड़ी है।1
- एक संदेश के अनुसार, काम शुरू हो चुका है और जो लोग काम करने के इच्छुक हैं, वे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के लिए 7428406319 नंबर उपलब्ध कराया गया है।1
- एक तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री का ध्यान गुजरात से संबंधित चिंताओं पर अधिक केंद्रित है। इस प्रश्न के साथ इस बात पर भी जोर दिया गया है कि प्रशांत किशोर ने पहले जो कहा था, वह अब बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में सच होता दिख रहा है। यह पूरी चर्चा प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान और बिहार के संदर्भ में की गई है।1
- मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड की झिटकिया पंचायत के बनचोल्हा मोरकाही, वार्ड नंबर 12 (पिन कोड 852121) में सड़क निर्माण होने पर शिकायत दर्ज करने का आग्रह किया गया है। यह अपील जैक्सन म्यूजिक द्वारा की गई है।1
- पटना में '10 सर्कुलर रोड' बंगले को खाली कराने के सरकारी आदेश के बाद प्रशासनिक हलचल बेहद तेज हो गई है। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी, पटना के एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) के साथ भारी पुलिस बल लेकर बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के आवास पर पहुँचे। अधिकारियों ने बंगले के भीतर जाकर राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी नोटिस और आवास खाली करने के कानूनी आदेशों की विस्तार से जानकारी दी, हालाँकि बाद में एसडीपीओ अनु कुमारी मीडिया से बिना कोई बातचीत किए ही रवाना हो गईं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी ने फिलहाल सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि वह किसी भी जल्दबाजी में इस आवास को खाली करने वाली नहीं हैं। बताया गया है कि आवास खाली करने की तय समय सीमा खत्म होने के बाद भवन निर्माण विभाग की तरफ से अब तक दो नोटिस भेजे जा चुके हैं, और विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि तीसरे नोटिस के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया, तो प्रशासन कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस बल की मदद से बेदखली की कार्रवाई कर सकता है। अपने पोते इराज का जन्मदिन मनाकर दिल्ली से पटना एयरपोर्ट लौटीं राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवालों पर अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए बिहार सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे तौर पर खुली चुनौती दी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने दृढ़ता से कहा, "सम्राट चौधरी जितना भी फोर्स बुलाकर मकान खाली करवाना चाहें, मैं मकान नहीं खाली करूंगी। हम किसी भी कीमत पर अपना आवास खाली नहीं करेंगे।" राबड़ी देवी के इस बागी रुख और सम्राट चौधरी को दिए चैलेंज के बाद, बिहार की सत्ताधारी एनडीए (NDA) के नेताओं ने लालू परिवार पर चौतरफा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह कोई जंगलराज नहीं है और कानून का पालन करना ही होगा। उन्होंने लालू परिवार पर लूटने का आरोप लगाते हुए पूछा कि '10 सर्कुलर रोड' में ऐसा कौन सा खजाना छुपाकर रखा है, जिसे पुलिस खोज निकालेगी। जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकारी आवासों को लेकर जो भी नियम-कानून तय हैं, उनका पालन सबको करना ही होगा। भाजपा से राज्यसभा सांसद भीम सिंह ने राबड़ी देवी के बयान को सरकार के साथ सीधे तौर पर टकराव पैदा करने वाला बताया और कहा कि इस बंगले को खाली कराने के लिए बिहार की पूरी पुलिस की जरूरत नहीं है, बल्कि एक दरोगा ही यह आवास खाली करा देगा। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नीतीश-सम्राट सरकार के भवन निर्माण विभाग ने '10 सर्कुलर रोड' वाले बंगले को भाजपा कोटे के नए मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया, जबकि विभाग का तर्क है कि राबड़ी देवी को वर्ष 2025 के आखिर में ही '39, हार्डिंग रोड' स्थित एक अन्य सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है, जिसे विभाग ने पूरी तरह तैयार और सुसज्जित भी कर दिया है। लालू परिवार द्वारा पुराना बंगला खाली न किए जाने के कारण अब यह मामला कानूनी और सियासी जंग का मैदान बन चुका है।2
- मधेपुरा सदर अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक मरीज को डॉक्टर मनोज कुमार के पास दिखाने के लिए लाए जाने के दौरान, अस्पताल के स्टाफ पर मरीज को डांटने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, सदर अस्पताल में मरीजों को ठीक से देखा नहीं जाता है और उनकी समस्या का निदान किए बिना उन्हें लगातार एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता रहता है।1