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मिर्जापुर में जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं अभेद्य बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को वृहद मॉक ड्रिल आयोजित की गयी। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड, फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की जांच, आपातकालीन निकासी (Evacuation Drill) और सुरक्षा बलों के रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। इस दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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मिर्जापुर में जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं अभेद्य बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को वृहद मॉक ड्रिल आयोजित की गयी। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड, फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की जांच, आपातकालीन निकासी (Evacuation Drill) और सुरक्षा बलों के रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। इस दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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- मिर्जापुर के विंध्याचल थाना पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 99 ग्राम 800 मिलीग्राम अवैध हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद महेन्द्र बिन्द उर्फ धर्मेन्द्र बिन्द, बोतल बिन्द, नागा पासी और राजेश उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तस्करों में से दो के खिलाफ पहले से भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं। मिर्जापुर पुलिस ने चेतावनी दी है कि जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- मीरजापुर के विन्ध्याचल थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 99.80 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में थाना विन्ध्याचल पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेन्द्र बिन्द उर्फ धर्मेन्द्र बिन्द, बोतल बिन्द, नागा पासी और राजेश उपाध्याय के रूप में हुई है। पुलिस टीम को तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से हेरोइन के साथ ही पैकिंग में प्रयुक्त सफेद पॉलिथीन भी बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना विन्ध्याचल में मु0अ0सं0-199/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस ने चारों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी नागा पासी के खिलाफ वर्ष 2017 में एनडीपीएस एक्ट के दो मामले और महेन्द्र बिन्द के खिलाफ वर्ष 2024 में थाना जिगना में एनडीपीएस एक्ट का एक मामला पहले से दर्ज है। इस कार्रवाई को उपनिरीक्षक गणेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक चन्द्रभान सिंह और थाना विन्ध्याचल पुलिस टीम ने अंजाम दिया है। पुलिस का कहना है कि अब आरोपियों के पूरे नेटवर्क, हेरोइन की आपूर्ति के स्रोत और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।4
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में माननीय न्यायाधीश और न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष की गरिमामयी उपस्थिति में न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाने के उद्देश्य से एक विशेष आकस्मिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर एवं क्षेत्राधिकारी अभिसूचना द्वारा किया गया, जबकि सुरक्षा प्रभारी (प्रभारी निरीक्षक) की प्रत्यक्ष देखरेख में इसे संपन्न कराया गया। इस संयुक्त सुरक्षा अभ्यास में स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड और अग्निशमन दल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। मॉक ड्रिल के दौरान न्यायालय परिसर, वीआईपी कक्ष, कचहरी हॉल एवं संवेदनशील गलियारों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, वहीं डॉग स्क्वाड ने तलाशी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त अग्निशमन विभाग की टीम ने संभावित अग्निकांड की स्थिति से निपटने, उपलब्ध उपकरणों की कार्यक्षमता जांचने और आपातकालीन निकासी (इवैक्यूएशन) का सफल अभ्यास किया। आपातकालीन अलार्म बजने पर सुरक्षा बलों की तत्परता और मौके पर पहुंचने के रिस्पांस टाइम को भी परखा गया, जो बेहद संतोषजनक एवं सराहनीय पाया गया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह के मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा बलों की तत्परता और समन्वय को और बेहतर बनाया जाता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।3
- मीरजापुर न्यायालय परिसर में अचानक पुलिस बल की आवाजाही और पुलिस वाहनों के सायरन बजने से अधिवक्ताओं से लेकर वादकारियों के बीच कौतूहल और हड़कंप मच गया। हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक था कि आखिर हुआ क्या है। दरअसल, न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य और सुदृढ़ बनाए रखने तथा इसकी प्रभावी क्रियाशीलता को परखने के लिए एक विशेष आकस्मिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया था। यह अभ्यास 17 जुलाई 2026 को न्यायाधीश और सुरक्षा समिति के अध्यक्ष की गरिमामयी उपस्थिति और कुशल दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ। इस विशेष सुरक्षा अभ्यास का संचालन पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में और अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर व क्षेत्राधिकारी अभिसूचना के नेतृत्व में किया गया, जिसकी प्रत्यक्ष देखरेख प्रभारी निरीक्षक (सुरक्षा प्रभारी) ने की। इस मॉक ड्रिल में स्थानीय पुलिस के साथ ही विभिन्न विशेषज्ञ सुरक्षा इकाइयों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। मॉक ड्रिल के दौरान बम निरोधक एवं श्वान दस्ता (BDDS व Dog Squad) द्वारा न्यायालय परिसर, वीआईपी रूम, कचहरी कक्षों और संवेदनशील गलियारों में सघन चेकिंग का अभ्यास किया गया और संदिग्ध वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही, अग्निशमन दल ने आकस्मिक अग्निकांड की स्थिति से निपटने, उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता जांचने और सुरक्षित निकास का सफल प्रदर्शन किया। आपातकालीन अलार्म बजने पर सुरक्षा बलों के मोर्चा संभालने के रिस्पांस टाइम को भी मापा गया, जो बेहद सराहनीय रहा। इस दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।2
- उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में विंध्याचल थाना पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 99.80 ग्राम अवैध हेरोइन के साथ चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद की गई इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की है। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान महेंद्र बिन्द उर्फ धर्मेंद्र, बोतल बिन्द, नागा पासी और राजेश उपाध्याय के रूप में हुई है, जिनके कब्जे से हेरोइन और एक सफेद पॉलिथिन बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने विंध्याचल थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों में से दो के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हैं।1
- मिर्ज़ापुर कचहरी परिसर में उस समय अचानक खलबली मच गई जब वहां भारी पुलिस फ़ोर्स पहुंच गई। अचानक इतनी भारी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से हड़कंप मच गया, हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस द्वारा यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी।1
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- मिर्जापुर में जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं अभेद्य बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को वृहद मॉक ड्रिल आयोजित की गयी। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड, फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की जांच, आपातकालीन निकासी (Evacuation Drill) और सुरक्षा बलों के रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। इस दौरान न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी अभिसूचना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1