खबर: ग्राम पंचायत भीरा में नाली निर्माण में मानकों की अनदेखी, भ्रष्टाचार की बू बोड़ला - भीरा (कबीरधाम): ग्राम पंचायत भीरा में सरकारी धन की लूट का एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कायदे-कानूनों की धज्जियां उड़ा दी गईं। ₹8.36 लाख की लागत से बन रही नाली में जब अनियमितता का मामला सामने आया तो जिम्मेदार अधिकारियों ने जाँच करने के बजाय ठेका एजेंसी को काम 'रफा-दफा' करने का मौका दे दिया। *जाँच का दिखावा और भ्रष्टाचार की ढाल* हैरानी की बात यह है कि जब इस घटिया निर्माण की जानकारी कार्यक्रम अधिकारी और इंजीनियर को दी गई, तब कार्य प्रगति पर था। तकनीकी तौर पर गड़बड़ी दिखने के बावजूद अधिकारियों ने काम रुकवाने के बजाय "जाँच करेंगे" का रटा-रटाया जवाब दिया। लेकिन हकीकत में जाँच की टीम पहुँचने से पहले ही आनन-फानन में निर्माण कार्य को पूर्ण (Finish) कर दिया गया, ताकि घटिया सरिया और खराब बेस कंक्रीट के नीचे दब जाए और सबूत मिटाया जा सके। *क्यों उठ रहे हैं मिलीभगत के सवाल?* स्वयं एजेंसी, स्वयं निर्णायक: चूँकि कार्य एजेंसी स्वयं ग्राम पंचायत है, इसलिए निगरानी की जिम्मेदारी तकनीकी सहायक और इंजीनियर की थी। जाँच से पहले काम का पूरा होना यह दर्शाता है कि इंजीनियर और पंचायत के बीच अंदरूनी सांठगांठ है। सबूत मिटाने की जल्दी: नाली के बेस में सरिया की दूरी मानकों से कई गुना अधिक थी और जमीन की सफाई भी नहीं की गई थी। इन कमियों को छिपाने के लिए ही कंक्रीट डालकर काम खत्म कर दिया गया। लाखों का बंदरबांट: सूचना पटल के अनुसार सामग्री के लिए आवंटित ₹7.30 लाख का बड़ा हिस्सा गुणवत्ता के नाम पर बलि चढ़ा दिया गया है। तकनीकी खामियां जो भविष्य में बनेंगी मुसीबत: मजबूती शून्य: सरिया के जाल में इतनी दूरी है कि भारी वाहन या पानी के दबाव से नाली बीच से टूट जाएगी। जल्द आएगी दरार: मिट्टी और कचरे के ऊपर कंक्रीट डालने के कारण जमीन और स्लैब के बीच पकड़ नहीं बनी है। सरकारी धन की बर्बादी: बिना उचित 'कवर ब्लॉक' और सही 'ग्रेड' के कंक्रीट के, यह नाली अपनी अनुमानित उम्र का 10% समय भी नहीं निकाल पाएगी। ग्रामीणों का आक्रोश और मुख्य सवाल: क्या इंजीनियर और अधिकारी ने जानबूझकर ठेकेदार/पंचायत को सबूत छिपाने का समय दिया? जाँच से पहले ही कार्य पूर्ण कैसे मान लिया गया? क्या जिला प्रशासन इस 'दबाए गए' भ्रष्टाचार की खुदाई करवाकर वास्तविक गुणवत्ता की जाँच कराएगा? निष्कर्ष: ग्राम पंचायत भीरा का यह मामला केवल एक नाली निर्माण नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का एक संगठित मॉडल है। ग्रामीणों ने अब जिला कलेक्टर और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस कार्य का 'क्वालिटी ऑडिट' कराया जाए और दोषियों पर गबन का मामला दर्ज हो। भीरा की जनता पूछ रही है—साहब, जाँच होने वाली थी या खेल होने वाला था?
खबर: ग्राम पंचायत भीरा में नाली निर्माण में मानकों की अनदेखी, भ्रष्टाचार की बू बोड़ला - भीरा (कबीरधाम): ग्राम पंचायत भीरा में सरकारी धन की लूट का एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कायदे-कानूनों की धज्जियां उड़ा दी गईं। ₹8.36 लाख की लागत से बन रही नाली में जब अनियमितता का मामला सामने आया तो जिम्मेदार अधिकारियों ने जाँच करने के बजाय ठेका एजेंसी को काम 'रफा-दफा' करने का मौका दे दिया। *जाँच का दिखावा और भ्रष्टाचार की ढाल* हैरानी की बात यह है कि जब इस घटिया निर्माण की जानकारी कार्यक्रम अधिकारी और इंजीनियर को दी गई, तब कार्य प्रगति पर था। तकनीकी तौर पर गड़बड़ी दिखने के बावजूद अधिकारियों ने काम रुकवाने के बजाय "जाँच करेंगे" का रटा-रटाया जवाब दिया। लेकिन हकीकत में जाँच की टीम पहुँचने से पहले ही आनन-फानन में निर्माण कार्य को पूर्ण (Finish) कर दिया गया, ताकि घटिया सरिया और खराब बेस कंक्रीट के नीचे दब जाए और सबूत मिटाया जा सके। *क्यों उठ रहे हैं मिलीभगत के सवाल?* स्वयं एजेंसी, स्वयं निर्णायक: चूँकि कार्य एजेंसी स्वयं ग्राम पंचायत है, इसलिए निगरानी की जिम्मेदारी तकनीकी सहायक और इंजीनियर की थी। जाँच से पहले काम का पूरा होना यह दर्शाता है कि इंजीनियर और पंचायत के बीच अंदरूनी सांठगांठ है। सबूत मिटाने की जल्दी: नाली के बेस में सरिया की दूरी मानकों से कई गुना अधिक थी और जमीन की सफाई भी नहीं की गई थी। इन कमियों को छिपाने के लिए ही कंक्रीट डालकर काम खत्म कर दिया गया। लाखों का बंदरबांट: सूचना पटल के अनुसार सामग्री के लिए आवंटित ₹7.30 लाख का बड़ा हिस्सा गुणवत्ता के नाम पर बलि चढ़ा दिया गया है। तकनीकी खामियां जो भविष्य में बनेंगी मुसीबत: मजबूती शून्य: सरिया के जाल में इतनी दूरी है कि भारी वाहन या पानी के दबाव से नाली बीच से टूट जाएगी। जल्द आएगी दरार: मिट्टी और कचरे के ऊपर कंक्रीट डालने के कारण जमीन और स्लैब के बीच पकड़ नहीं बनी है। सरकारी धन की बर्बादी: बिना उचित 'कवर ब्लॉक' और सही 'ग्रेड' के कंक्रीट के, यह नाली अपनी अनुमानित उम्र का 10% समय भी नहीं निकाल पाएगी। ग्रामीणों का आक्रोश और मुख्य सवाल: क्या इंजीनियर और अधिकारी ने जानबूझकर ठेकेदार/पंचायत को सबूत छिपाने का समय दिया? जाँच से पहले ही कार्य पूर्ण कैसे मान लिया गया? क्या जिला प्रशासन इस 'दबाए गए' भ्रष्टाचार की खुदाई करवाकर वास्तविक गुणवत्ता की जाँच कराएगा? निष्कर्ष: ग्राम पंचायत भीरा का यह मामला केवल एक नाली निर्माण नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का एक संगठित मॉडल है। ग्रामीणों ने अब जिला कलेक्टर और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस कार्य का 'क्वालिटी ऑडिट' कराया जाए और दोषियों पर गबन का मामला दर्ज हो। भीरा की जनता पूछ रही है—साहब, जाँच होने वाली थी या खेल होने वाला था?
- छत्तीसगढ़ के कवर्धा में बैगा बच्चों की तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह घटना कमजोर आदिवासी बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- बिलासपुर के चकरभाठा में ट्रक ड्राइवरों से लूटपाट और मारपीट के दो मामलों में पुलिस ने बुलेट सवार दो आरोपियों को पकड़ा है। इन बदमाशों ने मोबाइल और ₹5000 लूटे थे, साथ ही एक अन्य ड्राइवर को रॉड से पीटा था। एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।1
- शब्दों में बहुत ताकत होती है।* एक शब्द किसी का जीवन संवार सकता है और एक शब्द किसी का हृदय चीर सकता है। इसलिए *बोलने से पहले सोचें कि आपके शब्द 'मरहम' हैं या 'नश्तर'1
- अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को किया अस्त - व्यस्त, विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को किया अस्त - व्यस्त, विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही नवापारा राजिम। आज शाम अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज आंधी-तूफान के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दिनभर की गर्मी के बाद शाम होते ही आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। आंधी इतनी तेज थी कि सड़कों पर उड़ती धूल से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। पेड़ों की डालियां और पत्ते हवा में जोर-जोर से लहराने लगे। कई जगह छोटे पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। करीब एक घंटे तक चले इस आंधी-तूफान ने लोगों का चलना दुभर कर दिया। बाजारों में दुकानदारों को अपना सामान समेटने की जल्दी मच गई, वहीं राहगीर सुरक्षित स्थानों की तलाश करते नजर आए। तेज हवा के कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। हालांकि मौसम में आए इस बदलाव से भीषण गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली। आंधी के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत की सांस ली। अचानक बदले मौसम ने लोगों को सावधानी बरतने की सीख भी दी।1
- भाभी की हत्या कर दुष्कर्म का झूठा स्वरूप देने वाली ननंद गिरफ्तार, कबीरधाम पुलिस ने त्वरित विवेचना से सुलझाई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी ➤ *ननंद ने ही पारिवारिक रंजिश के चलते अपनी भाभी की योजनाबद्ध तरीके से की थी हत्या।* ➤ *हत्या के बाद घटना को दुष्कर्म का स्वरूप देकर पुलिस को गुमराह करने का किया गया प्रयास।* ➤ *घटना को दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का स्वरूप देकर पुलिस पुरुष पर या सामूहिक दुष्कर्म की ओर संदेह पैदा कर गुमराह करने के लिए शव को किया था निर्वस्त्र* ➤ *प्रारंभिक जांच एवं विवेचना में मृतिका के साथ किसी प्रकार के दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई।* ➤ *कबीरधाम पुलिस की त्वरित, वैज्ञानिक एवं प्रोफेशनल विवेचना से आरोपी महिला को शीघ्र ही किया गिरफ्तार।* ➤ *आरोपी महिला पिछले लगभग 05 वर्षों से मायके में रह रही थी, जिसके चलते ननंद-भाभी के बीच लगातार विवाद एवं झगड़े होते रहते थे।* अभिनव पहल कवर्धा। दिनांक 03/05/2026 को थाना स. लोहारा क्षेत्रांतर्गत ग्राम सिंगारपुर के झोंकाखार खेत में एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर थाना स. लोहारा की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां महिला का शव निर्वस्त्र अवस्था में पड़ा हुआ था तथा सिर एवं चेहरे पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। प्रारंभिक परिस्थितियों को देखकर क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद हत्या जैसी चर्चाएं फैलने लगी थीं। मौके पर मर्ग पंचनामा कार्यवाही कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 53/2026 धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना प्रारंभ की गई। मृतिका की पहचान बेलसिया छेदैया उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम सिंगारपुर के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी लोहारा कृष्ण कुमार चन्द्राकर के दिशा निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई। कबीरधाम पुलिस द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता एवं वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। घटनास्थल से रपली, हंसिया, टूटी चूड़ियां, कपड़ों के टुकड़े, बटन, साड़ी पिन एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए। साथ ही साइबर सेल एवं एफएसएल टीम की मदद से तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों का तेजी से विश्लेषण किया गया। पुलिस टीम द्वारा मृतिका के परिजनों एवं संदेहियों से लगातार पूछताछ की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि मृतिका बेलसिया छेदैया एवं उसकी ननंद मालती मरकाम के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद एवं झगड़े होते रहते थे। आरोपी महिला पिछले लगभग 05 वर्षों से अपने ससुराल को छोड़कर मायके में रह रही थी, जिसके कारण आए दिन दोनों के बीच तानेबाजी एवं विवाद होता रहता था। विवेचना के दौरान यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि लगभग 06 माह पूर्व आरोपी महिला द्वारा मृतिका का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया था, जिसे परिवार के सदस्यों द्वारा बीच-बचाव कर रोका गया था। पूर्व में भी दोनों के बीच गंभीर मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं। लगातार पूछताछ एवं साक्ष्यों के आधार पर संदेही मालती मरकाम से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिस पर उसने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी ने बताया that दिनांक 03/05/2026 को उसने योजनाबद्ध तरीके से खेत में कार्य कर रही अपनी भाभी बेलसिया छेदैया पर पीछे से हमला कर लोहे की रपली से सिर पर लगातार वार कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी ने स्वयं को बचाने, पुलिस को गुमराह करने एवं क्षेत्र में सनसनी फैलाने के उद्देश्य से मृतिका के कपड़े फाड़कर शव को निर्वस्त्र अवस्था में छोड़ दिया, ताकि घटना दुष्कर्म अथवा सामूहिक अपराध जैसी प्रतीत हो और संदेह किसी पुरुष व्यक्ति की ओर जाए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मोबाइल एवं सोशल मीडिया में इस प्रकार की घटनाओं के बारे में देखा था, जिसके आधार पर उसने हत्या को दूसरा स्वरूप देने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच एवं विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि मृतिका के साथ किसी प्रकार का दुष्कर्म नहीं हुआ था। संपूर्ण घटना पारिवारिक रंजिश के चलते आरोपी ननंद द्वारा अकेले अंजाम दी गई हत्या की घटना पाई गई। आरोपी मालती मरकाम पति नरेन्द्र मरकाम उम्र 33 वर्ष निवासी सिंगारपुर थाना सहसपुर लोहारा जिला कबीरधाम को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। उक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, साइबर सेल टीम, एफएसएल टीम कवर्धा, उप निरीक्षक सिकंदर कुर्रे, उप निरीक्षक रूपराम पट्टावी, उप निरीक्षक आर.एस. ठाकुर, सउनि संदीप चौबे, सउनि बलदाऊ भट्ट, प्रधान आरक्षक समशेर अली, लक्ष्मीनारायण अनंत, आरक्षक रवि जायसवाल, राजू सोनवानी, बलराम जायसवाल, चरण पटेल, डोमेन्द्र ठाकुर, बिनेश पोर्ते, सैनिक भंवर सिंह खुसरो, महिला आरक्षक मंजु निर्मलकर एवं काजल देशलहरे का विशेष योगदान रहा।4
- रसोई गैस (LPG) सिलेंडर को लेकर महिलाओं की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। कहीं गैस की कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है, तो कहीं समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से गृहिणियां परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी रहने को मजबूर हैं। अब व्यवस्था को लेकर महिलाओं में आक्रोश भी साफ नजर आने लगा है। रसोई गैस सिलेंडर को लेकर महिलाओं में बढ़ती परेशानी अब “युद्ध” जैसी स्थिति बनती दिख रही है। कहीं सब्सिडी की मार, तो कहीं महंगे दाम और समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से गृहिणियां परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी रहने को मजबूर, जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ में अपनी भाभी की हत्या कर दुष्कर्म का झूठा स्वरूप देने वाली ननंद को गिरफ्तार किया गया है। हत्या के बाद आरोपी ने घटना को दुष्कर्म का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था।1
- बिलासपुर जिले के सेवार और सारधा गांवों में हुई 37 बकरे-बकरियों की चोरी के दो मामलों में पुलिस ने तीसरे आरोपी रहीस खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चोरी के 10 बकरे-बकरियों को काटकर बेचने की बात कबूली है; पुलिस ने औजार, तराजू, बिक्री के पैसे और वारदात में उपयोग की गई मोटर साइकिल समेत 63,000 रुपये का सामान जब्त किया है।1
- भाजपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री NitinNabin जी से आज नई दिल्ली में भेंट कर उन्हें संगठन की गतिविधियों एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर उन्हें मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया।1