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छत्तीसगढ़ में अपनी भाभी की हत्या कर दुष्कर्म का झूठा स्वरूप देने वाली ननंद को गिरफ्तार किया गया है। हत्या के बाद आरोपी ने घटना को दुष्कर्म का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था।
Deepesh Jangde
छत्तीसगढ़ में अपनी भाभी की हत्या कर दुष्कर्म का झूठा स्वरूप देने वाली ननंद को गिरफ्तार किया गया है। हत्या के बाद आरोपी ने घटना को दुष्कर्म का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था।
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- जंगलों से उठी शिक्षा की रोशनी, कांकेर की बिटिया कृतिका टेकाम बनी देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों की टॉपर आदिवासी अंचल की बेटियां अब केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि अपने संघर्ष और प्रतिभा से पूरे देश में पहचान भी बना रही हैं। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण बनी हैं कांकेर जिले की प्रतिभाशाली छात्रा कृतिका टेकाम, जिन्होंने देशभर के 750 एकलव्य विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 97 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। कृतिका की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता, मेहनत और बदलती सोच का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई है। सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और लगन से हासिल की गई यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर, युवा प्रभाग, महिला प्रभाग एवं समाज के विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा कृतिका टेकाम का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आगे की बेहतर तैयारी और उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज जिला कांकेर के जिलाध्यक्ष कन्हैया उसेंडी, हल्बा समाज जिलाध्यक्ष प्रकाश दीवान, कंडरा समाज जिलाध्यक्ष चंद्रहास नेताम, पारधी समाज से भगवान सिंह शोरी, महिला प्रभाग से शकुन्तला तारम, युवा प्रभाग जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी, ब्लॉक अध्यक्ष कांकेर छविंद्र मंडावी सहित केशकाल ब्लॉक के कई पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। समाज के लोगों ने कहा कि कृतिका टेकाम जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा, नई पहचान और मजबूत भविष्य प्रदान करती है। जब बेटियां पढ़ती हैं, तब समाज आगे बढ़ता है। जिला अध्यक्ष उमेंद्र कोरेटी1
- कुण्डा - भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, 4 वर्षीय बालक घायल; आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम।1
- कबीरधाम के पाण्डातराई में पुलिस ने अवैध शराब परिवहन करते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 29 पौवा देशी-अंग्रेजी शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 44 हजार रुपये है। दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।1
- छत्तीसगढ़ के कवर्धा में बच्चों की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मासूम बच्चों को मात्र ₹5000 में बेचा जा रहा था, जिसके बाद पुलिस ने 13 बच्चों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है और आगे की जांच जारी है।1
- केसीजी जिले के रेडक्रॉस जिला शाखा चेयरमैन विक्रांत सिंह ने किया जनसहयोग अभियान का शुभारंभ, पहले दिन जुटे 8,800 रुपये, केसीजी जिले के रेडक्रॉस जिला शाखा चेयरमैन विक्रांत सिंह ने किया जनसहयोग अभियान का शुभारंभ, पहले दिन जुटे 8,800 रुपये, 8 मई शुक्रवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़ छुईखदान गंडई में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा रेडक्रॉस स्टीकर जनसहयोग अभियान की शुरुआत की गई। अभियान का शुभारंभ जिला शाखा चेयरमैन विक्रांत सिंह ने 5 हजार 1 सौ रुपये की सहयोग राशि देकर किया। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल सहित अधिकारियों, सदस्यों व नागरिकों ने भी सहयोग किया। पहले ही दिन 8 हजार 8 सौ रुपये की राशि संग्रहित हुई। यह राशि जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवा और आपदा राहत कार्यों में उपयोग की जाएगी।1
- बलौदाबाजार के सिमगा में अल्ट्राटेक कंपनी की मनमानी से भड़के जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम से मुलाकात कर मूलभूत सुविधाओं की मांग की। कंपनी प्रबंधन और एसडीएम के बैठक से नदारद रहने से उनका गुस्सा और बढ़ गया। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 11 मई को उग्र धरना प्रदर्शन किया जाएगा।2
- बिल्हा थाना क्षेत्र के गुमा मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में कॉलेज छात्र प्रणव बंजारे की दर्दनाक मौत हो गई। प्रणव अपने फुफेरे भाई के साथ परीक्षा देकर घर लौट रहा था, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। बिल्हा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- छत्तीसगढ़ के कवर्धा में बैगा बच्चों की तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह घटना कमजोर आदिवासी बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1