Shuru
Apke Nagar Ki App…
अंबेडकर नगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने दिन दहाड़े असलहे की नोंक पर एक दंपति को निशाना बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद, पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की पड़ताल जारी है। फायरिंग और लूट की सूचना मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया है।
ABN News Plus
अंबेडकर नगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने दिन दहाड़े असलहे की नोंक पर एक दंपति को निशाना बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद, पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की पड़ताल जारी है। फायरिंग और लूट की सूचना मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- अंबेडकर नगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने दिन दहाड़े असलहे की नोंक पर एक दंपति को निशाना बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद, पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की पड़ताल जारी है। फायरिंग और लूट की सूचना मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के डल्ला निजामपुर निमिन्दीपुर में जमीन विवाद को लेकर एक गंभीर मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित राजितराम और उनके पुत्र ने आरोप लगाया है कि उन पर परिजनों ने ही लाठी-डंडों से हमला किया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, और बताया जा रहा है कि अंजीत का हाथ टूट गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- अंबेडकर नगर में नेवादा बांदीपुर रोड पर लूटपाट की कोशिश का मामला सामने आया है। इस दौरान, विरोध करने पर एक युवक घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जाँच और लुटेरों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की हैं।1
- अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?1
- अम्बेडकर नगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद लालजी पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान भी दिया।1
- सुल्तानपुर के बल्दीराय तहसील क्षेत्र के मथाना मजरे रसहरा गांव में सार्वजनिक रास्ते पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बल्दीराय प्रवीण कुमार को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने रास्ते से अवैध निर्माण हटवाने और आवागमन बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की गाटा संख्या 115 से होकर गुजरने वाला यह सार्वजनिक मार्ग वर्षों से गांववासियों के आवागमन का मुख्य रास्ता रहा है। उनका कहना है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने इस रास्ते पर निर्माण कर उसे अवरुद्ध कर दिया है। इस अवरोध के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनका रोजमर्रा का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अब्दुल कयूम, जुबेर अहमद, जावेद अहमद, मोतीब, मोहम्मद जमील, मुन्नू सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की मौके पर जांच कर सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराने का आग्रह किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे उनके बीच व्याप्त रोष और बढ़ सकता है।1
- लम्भुआ विधानसभा से शिक्षक श्याम लाल निषाद ने देश हित को सर्वोपरि बताते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उनके अनुसार, जीवन में देश के हित में शहीद होने के अवसर बहुत ही दुर्लभ होते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इतिहास में अमर वही होता है जो राष्ट्र और समाज के लिए संघर्ष करता है।1
- अंबेडकर नगर जिले में भू-माफियाओं द्वारा काश्तकारों के साथ लगातार धोखाधड़ी का खेल जारी है। इन घटनाओं में काश्तकारों की न केवल जमीनें उनसे छिन गई हैं, बल्कि उन्हें जमीन के एवज में मिला पैसा भी गँवाना पड़ा है। जानकारी के अनुसार, ऐसे लगभग आधा दर्जन मामले सामने आए हैं, जहाँ पीड़ित अपनी जमीन और पैसे दोनों से वंचित हो गए हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद, इन धोखाधड़ी के मामलों में प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं हो रही है और यहाँ तक कि कई मामलों में FIR तक दर्ज नहीं की गई है। इसी उपेक्षा के कारण, धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों ने अब अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।1