नवादा से इंद्रजीत सिन्हा की रिपोर्ट के अनुसार, नरेंद्र मोदी विकास मिशन "चलो गांव की ओर" के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार विद्यार्थी को मानद डॉक्टरेट (ऑनरेरी डॉक्टरेट) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान समाज के विभिन्न वर्गों तक जनहित और जागरूकता से जुड़ी बातों को पहुंचाने तथा लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया। नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक समारोह में सुकरात सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी द्वारा उनकी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए यह मानद उपाधि दी गई। सम्मान ग्रहण करने के बाद, विनोद कुमार विद्यार्थी ने इस उपलब्धि को केवल अपनी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की बताया, जिनके सहयोग, स्नेह और आशीर्वाद से उन्हें समाज की सेवा करने की प्रेरणा मिलती रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनहित की बात पहुंचाने और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का उनका प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। विनोद कुमार विद्यार्थी ने अपने शुभचिंतकों, सहयोगियों और आमजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के स्नेह और विश्वास ने उन्हें समाज के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने लोगों से भविष्य में भी इसी प्रकार अपना आशीर्वाद और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उल्लेखनीय है कि डॉ. विनोद कुमार विद्यार्थी वर्तमान में नरेंद्र मोदी विकास मिशन "चलो गांव की ओर", नई दिल्ली के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
नवादा से इंद्रजीत सिन्हा की रिपोर्ट के अनुसार, नरेंद्र मोदी विकास मिशन "चलो गांव की ओर" के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार विद्यार्थी को मानद डॉक्टरेट (ऑनरेरी डॉक्टरेट) की उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान समाज के विभिन्न वर्गों तक जनहित और जागरूकता से जुड़ी बातों को पहुंचाने तथा लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया।
नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक समारोह में सुकरात सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी द्वारा उनकी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए यह मानद उपाधि दी गई। सम्मान ग्रहण करने के बाद, विनोद कुमार विद्यार्थी ने इस उपलब्धि को केवल अपनी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की बताया, जिनके सहयोग, स्नेह और आशीर्वाद से उन्हें समाज की सेवा करने की प्रेरणा मिलती
रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनहित की बात पहुंचाने और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का उनका प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। विनोद कुमार विद्यार्थी ने अपने शुभचिंतकों, सहयोगियों और आमजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के स्नेह और विश्वास ने उन्हें समाज के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने
के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने लोगों से भविष्य में भी इसी प्रकार अपना आशीर्वाद और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उल्लेखनीय है कि डॉ. विनोद कुमार विद्यार्थी वर्तमान में नरेंद्र मोदी विकास मिशन "चलो गांव की ओर", नई दिल्ली के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- दिल्ली के स्वतंत्र विचारक और समाजसेवी विजय प्रधान ने, जिन्हें 'दिल्ली का शेर' भी कहा जा रहा है, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टर संजय वर्मा के माध्यम से 'आज की सच्ची खबर' में बताया गया कि विजय प्रधान पिछले लगभग दो महीनों से बिहार में रहकर राज्य के विकास और गरीबों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में, उन्होंने पावापुरी से लेकर पीएमसीएच पटना तक विभिन्न अस्पतालों का जायजा लिया, मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को सुना, और स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को उजागर कर सुधार की मुहिम शुरू करने का दावा किया है। विजय प्रधान ने आरोप लगाया कि आजादी के 79 वर्षों बाद भी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँच सकी है, जिसके कारण गरीब लोग इलाज के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त आधुनिक अस्पतालों और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। इसके साथ ही, अस्पतालों की सीमित संख्या, डॉक्टरों का असहयोगात्मक व्यवहार, तथा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी समस्या है। प्रधान ने बताया कि अधिकांश मरीजों को दवाइयां और जांच सेवाएं अस्पताल के बाहर से लेनी पड़ती हैं। उन्होंने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। विजय प्रधान के अनुसार, यदि बिहार के 40 सांसद और 243 विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति गंभीरता से कार्य करते, तो स्थिति कहीं बेहतर हो सकती थी। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के आधुनिकीकरण, प्रत्येक जिले में बेहतर अस्पतालों की स्थापना और गरीबों को सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रधान ने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुँचाया जाएगा।1
- शेखपुरा जिले के बाऊघाट थाना और एएलटीएफ (ALTF) टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत घाटकुसुम्भा सड़क किनारे लावारिस अवस्था में रखी लगभग 19 लीटर देसी चुलाई शराब बरामद की है। बाऊघाट थानाध्यक्ष शंकर कुमार ने शनिवार शाम करीब 5 बजे जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिलने पर थाना पुलिस और एएलटीएफ टीम ने मिलकर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान घाटकुसुम्भा सड़क किनारे एक संदिग्ध स्थान की तलाशी ली गई, जहाँ से यह अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस द्वारा बरामद शराब को जब्त करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शराब बरामदगी के संबंध में अज्ञात तस्करों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है, और उनकी पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए छानबीन जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। शराब कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।1
- ललित शर्मा नामक व्यक्ति पर मुस्लिम महिलाओं का गर्भ चीरकर उनके बच्चों को मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप के सामने आने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह एक आतंकी सोच नहीं है और क्या इससे अधिक घिनौना व्यक्ति कोई हो सकता है। इस मामले में देश के महिला आयोग और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं, कि ऐसे व्यक्ति को अब तक जेल में क्यों नहीं डाला गया है। पोस्ट में यह स्पष्ट मांग की गई है कि सभ्य समाज में ऐसी हिंसक और नफरत भरी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कानून और संविधान से बड़ा कोई नहीं है। प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया गया है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए और समाज में शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आगे यह भी सवाल किया गया है कि जो लोग सरेआम नफरत और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ रहे हैं, क्या उनके लिए डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर साहब द्वारा लिखी गई कानून की किताबों का कोई महत्व नहीं है। यह चिंता भी व्यक्त की गई है कि क्या भारत में अब कोई ऐसा IAS, IPS या पुलिस अधिकारी नहीं बचा है जो इन जैसे गुंडों को हवालात की हवा खिलाकर देश में शांति बनाए रख सके।1
- आज शाम को जब एक व्यक्ति घूमने निकले, तो उन्होंने देखा कि बभनबीघा हाई स्कूल के बाढ़ वाले ग्राउंड में बारिश के कारण पानी भर गया है। इसी पानी में कुछ बच्चे खेल रहे हैं और अपनी उम्र का आनंद ले रहे हैं। देखने वाले ने बताया कि वे खुद फील्ड से बाहर अपनी बाइक पर बैठे हुए यह सब देख रहे थे।1
- सम्राट चौधरी जी से सीधे तौर पर जवाब माँगा गया है, जिसमें कहा गया है कि बेटियों की सुरक्षा के मुद्दे पर अब तक दिए गए भाषण पर्याप्त नहीं हैं। पोस्ट में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि अब भाषणों का समय समाप्त हो गया है और इस गंभीर विषय पर उन्हें उत्तर देना चाहिए।1
- बिहार के नालंदा जिले के राजगीर स्थित मुनिकिया बाबा मंदिर में पिंटू पासवान और श्रवण पासवान की हत्या का मामला सामने आया है। वंदे भारत न्यूज़ द्वारा इस घटना की जानकारी दी गई।1
- नालंदा जिले के राजगीर स्थित मुनिकिया बाबा मंदिर में पिंटू पासवान और श्रवण पासवान की हत्या का मामला सामने आया है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, नवादा के नवलेश प्रसाद अपनी असाधारण स्मरण शक्ति को लेकर चर्चा में आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें बिहार के कई पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर, सरकारी वाहनों के नंबर, और अधिकारियों के बैच नंबर तक पूरी तरह याद हैं। प्रसाद के अनुसार, इन सभी जानकारियों को याद रखने के लिए उन्हें किसी किताब, कॉपी या अन्य दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं पड़ती। नवलेश प्रसाद ने अपनी इस विलक्षण स्मरण शक्ति का श्रेय वर्षों से किए जा रहे नियमित योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन को दिया है। उनका कहना है कि इन अभ्यासों के कारण उनकी एकाग्रता और याददाश्त में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वह मानते हैं कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क को तीव्र और सक्रिय बनाने का भी एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने आज के डिजिटल युग में छोटी-छोटी जानकारियों के लिए मोबाइल और इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता पर भी प्रकाश डाला। इसके विपरीत, प्रसाद का मानना है कि योग और ध्यान व्यक्ति की मानसिक क्षमताओं को विकसित करके स्मरण शक्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे याद रखने की क्षमता कई गुना बढ़ाई जा सकती है। योग दिवस के अवसर पर, नवलेश प्रसाद ने युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों से प्रतिदिन योग करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि स्वस्थ शरीर और तेज दिमाग जीवन में सफलता की आधारशिला हैं, और योग तनाव कम करने के साथ-साथ आत्मविश्वास, एकाग्रता और मानसिक संतुलन को भी सशक्त करता है। उनकी इस अद्भुत स्मरण शक्ति और योग के संदेश ने स्थानीय लोगों को बहुत प्रभावित किया है, और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।2