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ग्वालियर जनसुनवाई में पहुंचे परिजनों ने बच्चे के दो दोस्तों पर लगाया उसकी हत्या का आरोप! ग्वालियर जनसुनवाई में पहुंचे परिजनों ने बच्चे के दो दोस्तों पर लगाया उसकी हत्या का आरोप!
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ग्वालियर जनसुनवाई में पहुंचे परिजनों ने बच्चे के दो दोस्तों पर लगाया उसकी हत्या का आरोप! ग्वालियर जनसुनवाई में पहुंचे परिजनों ने बच्चे के दो दोस्तों पर लगाया उसकी हत्या का आरोप!
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- ग्वालियर आस वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा शहर के गायक कलाकार द्वारा डॉक्टर्स को लेकर एक शाम रफ़ी किशोर के नाम संगीत संध्या सलामत रहे दोस्ताना हमारा कार्यक्रम आयोजित1
- स्लग: प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त के नाम पर रिश्वतखोरी, सहायक सचिव रंगे हाथ गिरफ्तार एंकर: प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांगना एक ग्राम पंचायत के सहायक सचिव को भारी पड़ गया। ग्वालियर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने डबरा के पिछोर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिधौरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक सचिव सोनू शर्मा को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हितग्राही अजय कुशवाहा से तीसरी किस्त दिलाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद EOW ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को दबोच लिया। कार्रवाई के बाद पूरे डबरा-पिछोर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीओ- जानकारी के अनुसार, ग्राम लिधौरा निवासी अजय कुशवाहा पुत्र कैलाश कुशवाहा से सहायक सचिव सोनू शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर ₹5,000 की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर अजय ने 31 जुलाई को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद EOW ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को EOW की टीम ने जैसे ही आरोपी सहायक सचिव को रिश्वत की रकम लेते देखा, उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जिसमें केमिकल युक्त पानी गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व EOW ग्वालियर के डीएसपी शैलेंद्र सिंह कुशवाहा ने किया। करीब 16 सदस्यीय टीम ने ट्रैप ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बाइट: शैलेंद्र सिंह कुशवाहा, डीएसपी, EOW ग्वालियर स्लग: प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त के नाम पर रिश्वतखोरी, सहायक सचिव रंगे हाथ गिरफ्तार एंकर: प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांगना एक ग्राम पंचायत के सहायक सचिव को भारी पड़ गया। ग्वालियर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने डबरा के पिछोर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिधौरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक सचिव सोनू शर्मा को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हितग्राही अजय कुशवाहा से तीसरी किस्त दिलाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद EOW ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को दबोच लिया। कार्रवाई के बाद पूरे डबरा-पिछोर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वीओ- जानकारी के अनुसार, ग्राम लिधौरा निवासी अजय कुशवाहा पुत्र कैलाश कुशवाहा से सहायक सचिव सोनू शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर ₹5,000 की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर अजय ने 31 जुलाई को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद EOW ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार को EOW की टीम ने जैसे ही आरोपी सहायक सचिव को रिश्वत की रकम लेते देखा, उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जिसमें केमिकल युक्त पानी गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व EOW ग्वालियर के डीएसपी शैलेंद्र सिंह कुशवाहा ने किया। करीब 16 सदस्यीय टीम ने ट्रैप ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बाइट: शैलेंद्र सिंह कुशवाहा, डीएसपी, EOW ग्वालियर1
- डबरा सरकारी अस्पताल की बड़ी अपडेट पारस गुर्जर1
- मुरैना में पटवारी 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार मुरैना में पटवारी 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार मुरैना। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर मुरैना जिले के पटवारियों ने 3 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर पटवारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि कई बार प्रदेश स्तर पर समस्याओं को शासन के समक्ष उठाया गया, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया। पटवारी संघ का कहना है कि पदोन्नति, वेतन विसंगति, कार्यभार सहित अन्य लंबित मांगों का लंबे समय से निराकरण नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। संघ के अनुसार, मांगों के समाधान तक जिले के सभी पटवारी शासकीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। पटवारियों की हड़ताल का सीधा असर राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों पर पड़ सकता है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल गिरदावरी, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के लिए आवश्यक राजस्व प्रतिवेदन सहित कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। इससे आम नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं।1
- SLUG: डबरा में कांग्रेस का नगर पालिका के खिलाफ हल्ला बोल एंकर डबरा नगर पालिका क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। नालों की सफाई, अधूरे निर्माण कार्य, सीवर परियोजना में कथित अनियमितताओं और आरटीआई की जानकारी नहीं मिलने जैसे मुद्दों को लेकर मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। VO मंगलवार को कांग्रेस के बैनर तले वार्ड-16 की पार्षद श्रीमती सुनीता राजौरिया, वार्ड-13 के पार्षद हरविंदर सिंह हीरा, पार्षद सुमित साहू, कमलेश बाथम, पूर्व चेयरमैन महाराज सिंह राजौरिया और बहादुर रावत अपने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि बरसात शुरू होने के बावजूद डबरा गांव के नालों और नरिया की सफाई नहीं कराई गई है। यदि तेज बारिश हुई तो कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पिछली परिषद बैठक में करीब 60 लाख रुपये की लागत से रामगढ़ नाला क्षेत्र स्थित नंदू के डेरा की पुलिया निर्माण को मंजूरी दी गई थी, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। साथ ही बाढ़ से बचाव के लिए रिटेनिंग वॉल बनाने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में शहर में चल रही सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण किया जा रहा है, फिर भी नगर पालिका द्वारा लगातार भुगतान किया जा रहा है। कांग्रेस ने जांच कर भुगतान रोकने की मांग की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कई बार आवेदन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती और विपक्षी पार्षदों के वार्डों के विकास कार्यों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वहीं एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों पर संबंधित विभागों से जानकारी लेने और समस्याओं के निराकरण के लिए सात दिन का समय मांगा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन सात दिन में क्या कार्रवाई करता है। SLUG: डबरा में कांग्रेस का नगर पालिका के खिलाफ हल्ला बोल एंकर डबरा नगर पालिका क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। नालों की सफाई, अधूरे निर्माण कार्य, सीवर परियोजना में कथित अनियमितताओं और आरटीआई की जानकारी नहीं मिलने जैसे मुद्दों को लेकर मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। VO मंगलवार को कांग्रेस के बैनर तले वार्ड-16 की पार्षद श्रीमती सुनीता राजौरिया, वार्ड-13 के पार्षद हरविंदर सिंह हीरा, पार्षद सुमित साहू, कमलेश बाथम, पूर्व चेयरमैन महाराज सिंह राजौरिया और बहादुर रावत अपने समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि बरसात शुरू होने के बावजूद डबरा गांव के नालों और नरिया की सफाई नहीं कराई गई है। यदि तेज बारिश हुई तो कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पिछली परिषद बैठक में करीब 60 लाख रुपये की लागत से रामगढ़ नाला क्षेत्र स्थित नंदू के डेरा की पुलिया निर्माण को मंजूरी दी गई थी, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। साथ ही बाढ़ से बचाव के लिए रिटेनिंग वॉल बनाने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में शहर में चल रही सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण किया जा रहा है, फिर भी नगर पालिका द्वारा लगातार भुगतान किया जा रहा है। कांग्रेस ने जांच कर भुगतान रोकने की मांग की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कई बार आवेदन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती और विपक्षी पार्षदों के वार्डों के विकास कार्यों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वहीं एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों पर संबंधित विभागों से जानकारी लेने और समस्याओं के निराकरण के लिए सात दिन का समय मांगा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन सात दिन में क्या कार्रवाई करता है।1
- ग्वालियर में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर 13 संदिग्ध बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ये लोग कई महीनों से शहर के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे थे, लेकिन पूछताछ में अपनी पहचान से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। अब पुलिस इनकी नागरिकता, भारत आने के तरीके और यहां रहने के कारणों की जांच कर रही है। सवाल है कि क्या ये लोग बिना दस्तावेजों के रह रहे थे या फिर इनके पास फर्जी पहचान पत्र हैं? ग्वालियर में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर 13 संदिग्ध बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ये लोग कई महीनों से शहर के सीमावर्ती इलाकों में रह रहे थे, लेकिन पूछताछ में अपनी पहचान से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। अब पुलिस इनकी नागरिकता, भारत आने के तरीके और यहां रहने के कारणों की जांच कर रही है। सवाल है कि क्या ये लोग बिना दस्तावेजों के रह रहे थे या फिर इनके पास फर्जी पहचान पत्र हैं?1