माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट श्री शेषमणि शुक्ला के कुशल निर्देशन में इला चौधरी सचिव जिला विधिकसेवा प्राधिकरण चित्रकूट द्वारा राष्ट्र के प्रति मध्यस्थता अभियान 2.0 को सफल बनाने हेतु आज दिनांक 01.04.2026 को मध्यस्थता केन्द्र में कार्यरत अधिवक्ता मध्यस्थगणों की बैठक आहूत की गयी। राष्ट्र के प्रति मध्यस्थता अभियान 2.0 को सफल बनाने हेतु जनपद के विभिन्न न्यायालयों से अब तक कुल 1130 पत्रावलियां मध्यस्थता केन्द्र में सन्दर्भित की गयी हैं। जिनमें से लगभग 70 वादों में पक्षकारों के मध्य समझौता कराया गया है। जिनमें माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में लम्बित 03 पत्रावलियों, न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की 02 पत्रावलियां, परिवार न्यायालय की 23 पत्रावलियां, प्रथम अपर जिला जज की 18 पत्रावलियां, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की 02 पत्रावलियां, सिविल जज (सी0डि0) की 06 पत्रावलियां, सिविल जज (सी0डि0) /एफटीसी की 01 पत्रावली, अतिरिक्त सिविल जज (सी0डि0) की 01 पत्रावली, सिविल जज (जू0डि0) मऊ की 10 पत्रावली, न्यायिक मजिस्ट्रे प्रथम की 01 पत्रावली तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की 03 पत्रावलियों में पक्षकारों के मध्य सुलह/समझौता कराकर कुल 70सफल पत्रावलियों को न्यायालय के द्वारा अन्तिम रूप से निस्तारित कराया गया है। बैठक में अधिवक्ता मध्यस्थगणों से कार्य करने में आ रही असुविधाओं के बारे में जानकारी ली गयी, जिसमें अधिवक्ता मध्यस्थगणों द्वारा यह अवगत कराया गया कि अधिकांश सन्दर्भित पत्रावलियों में पक्षकारों का सम्पर्क सूत्र नहीं रहता जिस कारण पक्षकारों से त्वरित रूप से सीधे सम्पर्क नहीं हो पाता तथा पक्षकारों को निर्गत नोटिस समय से वापस नहीं आ पाती हैं। तामील कराने में असुविधा होती है। इन समस्याओं के बावत सम्बन्धित न्यायालय व पुलिस विभाग से सम्पर्क कर समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया गया। अधिवक्ता मध्यस्थगणों को मध्यस्थता अभियान को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक सन्दर्भित वादों में पक्षकारों के मध्य सुलह वार्ता कराकर पत्रावलियों को समझौता के आधार पर निस्तारित कराने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर श्री चुनकूराम , श्री चुन्नीलाल , श्री महेन्द्र प्रताप सिंह , श्री अखिलेश ओझा, श्री शिवनरेश , श्री बालकृष्ण, श्री राजेश मिश्रा तथा श्री अभिलाष आदि मध्यस्थ अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट श्री शेषमणि शुक्ला के कुशल निर्देशन में इला चौधरी सचिव जिला विधिकसेवा प्राधिकरण चित्रकूट द्वारा राष्ट्र के प्रति मध्यस्थता अभियान 2.0 को सफल बनाने हेतु आज दिनांक 01.04.2026 को मध्यस्थता केन्द्र में कार्यरत अधिवक्ता मध्यस्थगणों की बैठक आहूत की गयी। राष्ट्र के प्रति मध्यस्थता अभियान 2.0 को सफल बनाने हेतु जनपद के विभिन्न न्यायालयों से अब तक कुल 1130 पत्रावलियां मध्यस्थता केन्द्र में सन्दर्भित की गयी हैं। जिनमें से लगभग 70 वादों में पक्षकारों के मध्य समझौता कराया गया है। जिनमें माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में लम्बित 03 पत्रावलियों, न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की 02 पत्रावलियां, परिवार न्यायालय की 23 पत्रावलियां, प्रथम अपर जिला जज की 18 पत्रावलियां, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की 02 पत्रावलियां, सिविल जज (सी0डि0) की 06 पत्रावलियां, सिविल जज (सी0डि0) /एफटीसी की 01 पत्रावली, अतिरिक्त सिविल जज (सी0डि0) की 01 पत्रावली, सिविल जज (जू0डि0) मऊ की 10 पत्रावली, न्यायिक मजिस्ट्रे प्रथम की 01 पत्रावली तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की 03 पत्रावलियों में पक्षकारों के मध्य सुलह/समझौता कराकर कुल 70सफल पत्रावलियों को न्यायालय के द्वारा अन्तिम रूप से निस्तारित कराया गया है। बैठक में अधिवक्ता मध्यस्थगणों से कार्य करने में आ रही असुविधाओं के बारे में जानकारी ली गयी, जिसमें अधिवक्ता मध्यस्थगणों द्वारा यह अवगत कराया गया कि अधिकांश सन्दर्भित पत्रावलियों में पक्षकारों का सम्पर्क सूत्र नहीं रहता जिस कारण पक्षकारों से त्वरित रूप से सीधे सम्पर्क नहीं हो पाता तथा पक्षकारों को निर्गत नोटिस समय से वापस नहीं आ पाती हैं। तामील कराने में असुविधा होती है। इन समस्याओं के बावत सम्बन्धित न्यायालय व पुलिस विभाग से सम्पर्क कर समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया गया। अधिवक्ता मध्यस्थगणों को मध्यस्थता अभियान को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक सन्दर्भित वादों में पक्षकारों के मध्य सुलह वार्ता कराकर पत्रावलियों को समझौता के आधार पर निस्तारित कराने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर श्री चुनकूराम , श्री चुन्नीलाल , श्री महेन्द्र प्रताप सिंह , श्री अखिलेश ओझा, श्री शिवनरेश , श्री बालकृष्ण, श्री राजेश मिश्रा तथा श्री अभिलाष आदि मध्यस्थ अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
- जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्रीय विकास निधि में शासन द्वारा सात करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह बुंदेलखंड के जिलों के लिए 27 करोड़ रुपये और त्वरित आर्थिक विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित कार्यों को कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से शासन को भेजा गया था, जिनमें मुख्य रूप से सड़कों का विकास है। शासन से धनराशि मिलने पर जनपद के विकास के नए आयाम खुलेंगे।1
- जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्रीय विकास निधि में शासन द्वारा सात करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बुंदेलखंड जिलांस में 27करोड की निधि प्राप्त हुई है एवं त्वरित आर्थिक विकास में 10 करोड़ की निधि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा जो प्रस्ताव दिया गया था उसको कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से बनवाकर शासन को भेजा गया था जिसमें विशेष कर सड़कों से संबंधित संबंधित है । शासन द्वारा धनराशि प्राप्त होने पर जनपद के विकास के लिए नए आयाम प्रशस्त होंगे।1
- Post by Abhay TV News1
- Post by BHARAT PUBLIC NEWS1
- चित्रकूट को मिली करोड़ों की विकास निधि, सड़कों सहित कई परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार चित्रकूट से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां जिले के विकास के लिए करोड़ों रुपये की निधि स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्रीय विकास निधि के अंतर्गत शासन द्वारा 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा पूरे बुंदेलखंड के जिलों के लिए कुल 27 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है, जबकि त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिनमें प्रमुख रूप से सड़कों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शासन से धनराशि प्राप्त होने के बाद जनपद में विकास कार्यों को गति मिलेगी और नए आयाम स्थापित होंगे। (बाइट: जिलाधिकारी पुलकित गर्ग)1
- Post by संजय राणा पत्रकार चित्रकूट1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- *मीनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना* 1. वर्ष 2024-25 में उक्त योजना में जनपद चित्रकूट को 04 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। 2. लाभार्थी का चयन ई-लाटरी के माध्यम से किया जायेगा। 3. 10 गाय की इकाई जिसमें साहीवाल, गिर, थारपारकर प्रजाति की गाय के परियोजना लागत 23.60 लाख का 50 प्रतिशत अधिकतम 11.80 लाख का अनुदान 02 चरणों में देय है। 4. लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत, बैंक ऋण 35 प्रतिशत तथा इकाई लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान। 5. आधारभूत संरचना तैयार करने के उपरान्त प्रथम चरण का अनुदान (इकाई लागत का 25 प्रतिशत) 6. गाय कय के उपरान्त द्वितीय चरण का अनुदान (इकाई लागत का 25 प्रतिशत) 7. वर्ष 2024-25 के लक्ष्य के सापेक्ष 04 लाभार्थियों की प्रथम किश्त 25 प्रतिशत (590000 रूपये) लाभार्थियों के खाते में जा चुकी है। *मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना* 1. प्रदेश में स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की संख्या में वृद्धि एवं नस्ल सुधार। 2. योजनान्तर्गत गिर, साहीवाल, हरियाना एवं थारपारकर नस्त की 02 गाय की लागत 2 लाख का अधिकतम 40 प्रतिशत अधिकतम 80000 अनुदान देय है। 3. लाभार्थी का चयन ई-लाटरी के माध्यम से किया जायेगा। 4. जनपद में वर्ष 2024-25 में 25 लक्ष्य के सापेक्ष 20 लाभार्थियों को 80000 अनुदान दिया जा चुका है। 5. जनपद में वर्ष 2025-26 में 28 लक्ष्य के सापेक्ष 22 लाभार्थियों को 80000 अनुदान दिया जा चुका है।1