सिरोही जिले के रेवदर स्थित रायपुर अमरपुरा गाँव में एक युवक पिछले करीब 5 घंटे से एक BSNL टावर पर चढ़ा हुआ है। युवक की पहचान नरपत पुत्र बगदाराम भील के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर मंडार थाना पुलिस फगलुराम मय जाब्ता मौके पर पहुँची है, जहाँ ग्रामीण और परिजन लगातार नरपत को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश कर रहे हैं और उसे समझाने में जुटे हैं। शुरुआत में युवक के टावर पर चढ़ने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया था, लेकिन वह टावर से समस्या समाधान की बात कर रहा है और समाधान न होने पर कूदने की चेतावनी भी दे रहा है। बाद में यह जानकारी सामने आई कि प्रथम दृष्टिया यह एक घरेलू मामला है। युवक अपनी बुआ के मौके पर पहुँचने के बाद ही नीचे उतरने की बात पर अड़ा है और तब तक तैयार नहीं हो रहा। इसके साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि युवक टावर के ऊपर से सोशल मीडिया पर रील भी बना रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है, और पुलिस तथा स्थानीय लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सिरोही जिले के रेवदर स्थित रायपुर अमरपुरा गाँव में एक युवक पिछले करीब 5 घंटे से एक BSNL टावर पर चढ़ा हुआ है। युवक की पहचान नरपत पुत्र बगदाराम भील के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर मंडार थाना पुलिस फगलुराम मय जाब्ता मौके पर पहुँची है, जहाँ ग्रामीण और परिजन लगातार नरपत को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश कर रहे हैं और उसे समझाने में जुटे हैं। शुरुआत में युवक के टावर पर चढ़ने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया था, लेकिन वह टावर से समस्या समाधान की बात कर रहा है और समाधान न होने पर कूदने की चेतावनी भी दे रहा है। बाद में यह जानकारी सामने आई कि प्रथम दृष्टिया यह एक घरेलू मामला है। युवक अपनी बुआ के मौके पर पहुँचने के बाद ही नीचे उतरने की बात पर अड़ा है और तब तक तैयार नहीं हो रहा। इसके साथ ही यह भी जानकारी मिली है कि युवक टावर के ऊपर से सोशल मीडिया पर रील भी बना रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है, और पुलिस तथा स्थानीय लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
- उदयपुर से इंदौर के बीच संचालित होने वाली राजस्थान रोडवेज की नाइट बस सेवा लंबे समय से बंद पड़ी है, जिसके चलते धरियावद सहित आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से क्षेत्रवासियों ने इस बस सेवा को शीघ्र पुनः शुरू करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उदयपुर-इंदौर मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग आवागमन करते हैं, जिन्हें नाइट बस सेवा बंद होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आमजन की सुविधा को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने राजस्थान रोडवेज प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से उदयपुर-इंदौर नाइट रोडवेज बस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने का आग्रह किया है ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। इस मांग को लेकर समाजसेवी और क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। मांग करने वालों में महेश पालीवाल, श्रीनाथ रेस्टोरेंट, प्रताप मेहता मेडिकल, कोमल भनावत, वन प्रेमी समाजसेवी महेंद्र रजावत काका, रमेश चंद्र कोठारी, वरिष्ठ भाजपा नेता, पेंशनर समाज अध्यक्ष नारायण सिंह भाटी और पत्रकार अबतक सहित कई लोग शामिल हैं।4
- मध्य प्रदेश के शामगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया। यह जानकारी मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट में सामने आई है।1
- नीमच, मनासा, रामपुरा, रतलाम, मंदसौर, जावरा और नामली क्षेत्रों से संबंधित आंचलिक पत्रकार संघ का एक सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इसी क्रम में, आंचलिक पत्रकार संघ से जुड़े मनासा और रामपुरा के जिला तहसील प्रेस क्लब का सम्मेलन भी पूरा हुआ।1
- कलेक्टर ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की है। इसी क्रम में, प्रशासन ने अरनिया कुमार स्थित एक फर्म पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान, फर्म के अंदर अखाद्य सल्फर हाइड्रा जैसे केमिकल पाए गए। इन मिलावटी सामग्रियों की बरामदगी के बाद, प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से फर्म को सील कर दिया।1
- देशभर में सोशल मीडिया पर 'कॉकराच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से फैल रहा है। यह अभियान बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं की समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहा है। हाल के दिनों में इस अभियान के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, कुछ वायरल वीडियो और पोस्ट के संबंध में फर्जी जानकारी के प्रति चेतावनी भी जारी की गई है।1
- नौलखा क्षेत्र में पानी और नालियों की व्यवस्था को लेकर लोग खासे परेशान हैं। यहाँ पानी की आपूर्ति सही समय पर नहीं हो रही है और पानी केवल चार दिन ही मिल पाता है। इसके अतिरिक्त, नालियों की साफ-सफाई भी ठीक से नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। निवासियों का आरोप है कि इन गंभीर समस्याओं के बारे में उनकी कोई भी नहीं सुन रहा है।1
- हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब छात्र अपनी डिग्री की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस का रवैया बेहद शर्मनाक बताया जा रहा है।1
- सीतामऊ मंडी के व्यापारी मंडी में आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं से अत्यधिक आक्रोशित हैं, जिससे उन्हें लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कई बार मंडी प्रशासन सीतामऊ को इस संबंध में सूचित किया है, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। एक वीडियो में एक व्यक्ति को चोरी करते हुए और थैली भरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी कमेटी की उदासीनता के कारण उन्हें प्रतिदिन चोरी से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, गोशाला की गाय माताएं भी रोजाना मंडी में विचरण करती हैं, जिनकी देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार कर्मचारी नियुक्त नहीं है। व्यापारियों ने इन चोरी की घटनाओं का एक प्रमुख कारण सब्जी मंडी को भी बताया है, जहाँ रात भर किसान अपनी उपज लेकर आते-जाते रहते हैं। इसी दौरान कुछ चोर और उचक्के मंडी में घुस जाते हैं और रात में खुले में पड़े व्यापारियों के माल (जिन्स) पर आसानी से हाथ साफ कर जाते हैं। इन लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए, मंडी व्यापारियों द्वारा मंडी कमेटी से गोदाम के लिए भूखंड (प्लॉट) देने की भी मांग की जा रही है, लेकिन उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं है। सीतामऊ प्रशासन को इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद, व्यापारियों को पाँच दिन के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। यह खास रिपोर्ट मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- नीमच सिटी थाना क्षेत्र में जेतपुरा बालाजी मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट पर अपने माता-पिता से बिछड़ी हुई एक 3 वर्षीय बालिका को डायल 112 पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची के परिजनों की पहचान की। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, पुलिस ने बालिका को उसके माता-पिता को सकुशल सौंप दिया। डायल 112 के जवानों की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से 3 वर्षीय मासूम अपने परिवार से दोबारा मिल सकी।1