भव्य कलश यात्रा के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ जागेश्वर धाम से बूढ़ेनाथ बाबा मंदिर, मिर्जापुर ऐहारी तक भव्य कलश यात्रा के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ रायबरेली ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सलारपुर गांव स्थित जागेश्वर धाम में पं. रामकृष्ण मिश्र शास्त्री के सानिध्य में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस पर जागेश्वर धाम से बूढ़ेनाथ बाबा मंदिर, मिर्जापुर ऐहारी तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यात्रा में भाग लिया। यात्रा का समापन पुनः जागेश्वर धाम परिसर में हुआ। आयोजकों के अनुसार यह महायज्ञ 23 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें 50 ब्राह्मणों द्वारा सहस्त्र चंडी यज्ञ का पाठ किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भदोही से पधारे रामकथा मर्मज्ञ लोकनाथ मिश्र श्रद्धालुओं को रामकथा का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 1 मार्च को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है।
भव्य कलश यात्रा के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ जागेश्वर धाम से बूढ़ेनाथ बाबा मंदिर, मिर्जापुर ऐहारी तक भव्य कलश यात्रा के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ रायबरेली ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सलारपुर गांव स्थित जागेश्वर धाम में पं. रामकृष्ण मिश्र शास्त्री के सानिध्य में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस पर जागेश्वर धाम से बूढ़ेनाथ बाबा मंदिर, मिर्जापुर ऐहारी तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यात्रा में भाग लिया। यात्रा का समापन पुनः जागेश्वर धाम परिसर में हुआ। आयोजकों के अनुसार यह महायज्ञ 23 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें 50 ब्राह्मणों द्वारा सहस्त्र चंडी यज्ञ का पाठ किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भदोही से पधारे रामकथा मर्मज्ञ लोकनाथ मिश्र श्रद्धालुओं को रामकथा का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 1 मार्च को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है।
- जागेश्वर धाम से बूढ़ेनाथ बाबा मंदिर, मिर्जापुर ऐहारी तक भव्य कलश यात्रा के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ रायबरेली ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सलारपुर गांव स्थित जागेश्वर धाम में पं. रामकृष्ण मिश्र शास्त्री के सानिध्य में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस पर जागेश्वर धाम से बूढ़ेनाथ बाबा मंदिर, मिर्जापुर ऐहारी तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यात्रा में भाग लिया। यात्रा का समापन पुनः जागेश्वर धाम परिसर में हुआ। आयोजकों के अनुसार यह महायज्ञ 23 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें 50 ब्राह्मणों द्वारा सहस्त्र चंडी यज्ञ का पाठ किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भदोही से पधारे रामकथा मर्मज्ञ लोकनाथ मिश्र श्रद्धालुओं को रामकथा का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 1 मार्च को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है।1
- रायबरेली में तेज रफ्तार पिकअप ने पल्सर सवार युवक को मारी जोरदार टक्कर, गंभीर घायल रायबरेली, मिल एरिया थाना क्षेत्र के हैबतमऊ गांव के पास रायबरेली-सुल्तानपुर रोड पर सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार पिकअप ने पल्सर बाइक सवार एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना के अनुसार, टुंडी के पूर्व गांव निवासी यह युवक बाइक चला रहा था, जब प्लाई फैक्ट्री के समीप पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार बुरी तरह घायल हो गया और स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया है और टक्कर मारने वाले पिकअप की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस जांच कर रही है कि हादसा लापरवाही या तेज रफ्तार के कारण हुआ। अभी तक आरोपी वाहन चालक की गिरफ्तारी नहीं हुई है।2
- रायबरेली मे प्रेमी युगल के शव पेड़ से लटके मिले हैं। पेड़ पर दो शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। युवक और युवती आस पास गांव के रहने वाले बताये जा रहे हैं। मामला मिल एरिया थाना इलाके के चक पचखरा गांव का है। यहाँ दोहरी गांव निवासी शिव बहादुर का उसकी कथित प्रेमिका के साथ शीशम के पेड़ पर फाँसी के फन्दे से लटका हुआ शव बरामद होने पर हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुँचे एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों प्रेमी युगल हैं। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं इसलिए प्रथम दृश्यह आत्म ह्त्या प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।2
- रायबरेली - रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट। --मारपीट में महिला समेत 7 लोग घायल। --इलाज के लिए घायलों को पहुंचाया गया सीएससी अस्पताल। -- हालत गंभीर होने पर तीन लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया। --सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी। -- लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे देवी रामलीला मैदान का मामला। स्थान -लालगंज रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- एंकर.. रायबरेली मे प्रेमी युगल के शव पेड़ से लटके मिले हैं। पेड़ पर दो शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। युवक और युवती आस पास गांव के रहने वाले बताये जा रहे हैं। मामला मिल एरिया थाना इलाके के चक पचखरा गांव का है। यहाँ दोहरी गांव निवासी शिव बहादुर का उसकी कथित प्रेमिका के साथ शीशम के पेड़ पर फाँसी के फन्दे से लटका हुआ शव बरामद होने पर हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुँचे एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों प्रेमी युगल हैं। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं इसलिए प्रथम दृश्यह आत्म ह्त्या प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।1
- रायबरेली की ऊंचाहार कोतवाली पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में वांछित मुख्य अभियुक्त विवेक पाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को यह कार्रवाई की। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार राय ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। सोमवार को मनिरामपुर पुल के पास से अभियुक्त विवेक पाल को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह भागने की फिराक में था। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। विवेक पाल पर एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप है। पीड़ित पक्ष ने ऊंचाहार कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा1
- मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले को डॉक्टर सचिन सिंह दिखा रहे ठेंगा । फार्मासिस्ट की कुर्सी रही खाली , डॉक्टर मरीजों को छोड़ बातें करते दिखे । अमेठी के तहसील तिलोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जायस का मामला ।2
- बीती 09 फरवरी 2026 महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा की पुस्तक “टेल्स फ्रॉम रेल्स” का विमोचन हुआ भारतीय रेल की आत्मा में उतरने वाली एक अद्वितीय साहित्यिक यात्रा है “टेल्स फ्रॉम रेल्स” : महाप्रबंधक रायबरेली आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली (आरेडिका) में महाप्रबंधक श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने आरेडिका की वित्तीय वर्ष 2025–26, 31 जनवरी 2026 तक की उपलब्धियाँ पर वार्ता करते हुए बताया कि कोच उत्पादन में आरेडिका ने :- • 1 अप्रैल 2014 से अब तक कुल 15,369 डिब्बों का उत्पादन किया। • चालू वर्ष में 1,679 डिब्बों का निर्माण कर रेल सेवा को समर्पित। • कुल उत्पादन में से 1,600 डिब्बे (95%) सामान्य एवं शयनयान श्रेणी के—साधारण यात्रियों की सुविधा हेतु निर्मित। • वंदे भारत चेयर कार उत्पादन बढ़ाने हेतु विशेष पहल। • 16 डिब्बों वाली प्रथम वंदे भारत चेयर कार रेक का निर्माण फरवरी 2026 में प्रस्तावित। फोर्ज्ड व्हील उत्पादन • रेलवे बोर्ड लक्ष्य: 50,000 पहिए • उपलब्धि (जनवरी 2026 तक): o 54,075 पहियों की फोर्जिंग o 50,751 पहियों की मशीनिंग o 49,166 पहिए पूर्ण (स्टैम्पिंग) की जा चुकी है। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर • ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत हजारों पौधों एवं बीजों का रोपण। • वर्षा जल संचयन संरचनाएँ, तालाब एवं रिचार्ज बोरवेल निर्मित—कुल क्षमता 748 मिलियन लीटर। • हरित पार्क, बच्चों के उद्यान एवं पारिस्थितिकीय विकास से जुड़े विविध कार्य। आरेडिका की उपलब्धियों पर वार्ता के साथ ही महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा की पुस्तक “टेल्स फ्रॉम रेल्स” का विधिवत् विमोचन किया गया। इस अवसर पर रेल इंथुज़ियास्ट सोसायटी के सक्रिय सदस्य, वरिष्ठ पत्रकार तथा आरेडिका के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय रेलवे सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं विख्यात रेलवे इतिहासकार श्री पी. के. मिश्रा ने कहा कि “टेल्स फ्रॉम रेल्स” भारतीय रेल की आत्मा में उतरने वाली एक अद्वितीय साहित्यिक यात्रा है, जहाँ इस्पात पटरियाँ और भाप के इंजन केवल भौगोलिक दूरियाँ ही नहीं पार करते, बल्कि समय, समाज और साम्राज्य के नियमों को भी पुनर्लेखित किया। मात्र तकनीकी विकास से आगे बढ़ते हुए, बत्तीस कहानियों और निबंधों का यह संग्रह “भूतिया श्रमिकों”, आधी रात की डाक गाड़ियों और पटरियों के नीचे दबे बुद्ध की रहस्यमय खोज जैसे विलुप्त संसार को पुनर्जीवित करता है। फ्रांसीसी एन्क्लेवों की उच्चस्तरीय कूटनीति से लेकर जमालपुर की घुड़दौड़ की सामाजिक परंपराओं तक, ये कथाएँ गहन अभिलेखीय शोध को काव्यात्मक और भावपूर्ण गद्य के साथ सहज रूप से पिरोती हैं। यह कृति उस मौन क्रांति का अनिवार्य इतिहास है जिसने आधुनिक भारत की आत्मा को गढ़ा। पुस्तक में रेल से संबंधित कुल 32 सत्य घटनाओं पर आधारित कहानियाँ संकलित हैं। श्री मिश्रा आरेडिका में आयोजित व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। वे वर्तमान में आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली के महाप्रबंधक हैं तथा रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। संगोष्ठी के दौरान उन्होंने पूर्वी रेलवे के निर्माण, इतिहास एवं विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने रेलवे इतिहास से जुड़े कई अनछुए पहलुओं तथा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों से अधिकारियों को अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि श्री मिश्रा आसनसोल, मालदा एवं अलीपुरद्वार मंडलों में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं। उन्होंने रेलवे इतिहास पर व्यापक शोध कार्य किया है तथा विभिन्न पदस्थापनाओं के दौरान रेलवे की प्राचीन इमारतों और महत्वपूर्ण धरोहरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पुस्तक विमोचन समारोह में साहित्यकार पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह, एम एल भट्ट पूर्व कुलपति किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी एवं निदेशक कैंसर संस्थान, लखनऊ, तथा रेल इंथुज़ियास्ट सोसायटी के सदस्यों में श्री संजय मुखर्जी (सेवानिवृत्त सदस्य, वित्त, रेलवे बोर्ड), श्री अतुल्य सिन्हा (रेल साहित्य विशेषज्ञ), जस्टिस एस. पाल, प्रो. जोयदीप दत्ता, तपन कुमार पाल, वैभव, वियान, संदीप शर्मा, हरप्रीत सिंह, तमिश सिंह, पवन कोप्पा, विवेक खरे प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर/आरेडिका सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी उपस्थितजनों ने पुस्तक के गहन शोध एवं आकर्षक शैली की सराहना की। मंच संचालन नंदिनी एवं अस्थानन्द पाठक उप मुख्य वित्त सलहाकार एवं मुख्य लेखाधिकारी ने किया। उक्त जानकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव जनसंपर्क अधिकारी आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली ने दी।2