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आज श्री सांवरिया सेठ के विशेष लाइव श्रृंगार दर्शन हुए हैं। यह दर्शन श्रद्धा और भक्ति के भाव से प्रस्तुत किए गए हैं।
Hello Chittorgarh News
आज श्री सांवरिया सेठ के विशेष लाइव श्रृंगार दर्शन हुए हैं। यह दर्शन श्रद्धा और भक्ति के भाव से प्रस्तुत किए गए हैं।
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- रेलमगरा के कुरज में भाजपा महिला मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "स्वस्थ भारत" की प्रेरणादायक सोच के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह अभियान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ के निर्देश और भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल के नेतृत्व में "हर रसोई में कम तेल" विषय पर केंद्रित था। कार्यक्रम के दौरान, महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने बिना तेल और कम तेल से बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन और सब्जियों का प्रदर्शन किया, जिसके माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उपस्थित महिलाओं को संतुलित आहार, बेहतर स्वास्थ्य और दैनिक भोजन में तेल के सीमित उपयोग के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अत्यधिक तेल का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जबकि संतुलित और पौष्टिक भोजन स्वस्थ जीवन की नींव है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक करना और प्रधानमंत्री के "स्वस्थ भारत" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में महिला मोर्चा कुरज मंडल अध्यक्ष राधारानी राजोरा, कोषाध्यक्ष राधा लाहोटी, मार्गदर्शक लीला लाहोटी, मंत्री कमला मंडोवरा, मीना प्रजापत, चंदा सोनी, इंद्रा बहेड़िया, शारदा प्रजापत, रेखा प्रजापत, कंचन देवी, सीमा कंवर, पारस अहीर, कैलाशी देवी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। अंत में, सभी उपस्थित महिलाओं ने प्रधानमंत्री के "कम तेल – स्वस्थ जीवन" संदेश को हर घर तक पहुंचाने और एक स्वस्थ परिवार व स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "कम तेल, बेहतर स्वास्थ्य — स्वस्थ परिवार, स्वस्थ राष्ट्र" का संदेश रहा।4
- रामपुरा में तुलसी विवाह महोत्सव के तहत भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की भव्य बारात निकाली गई। इस धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव से सराबोर आयोजन में नगरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बाराती बनकर भजन-कीर्तन पर श्रद्धा भाव से झूमते नजर आए। भगवान शालिग्राम एवं सांवरिया सेठ की यह बारात कल्याण राय मंदिर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार, शिवाजी चौराहा और लालबाग सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कल्याण राय मंदिर पहुँची। बारात में सजे-धजे हाथी और घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहाँ भगवान शालिग्राम स्वयं हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। मार्गभर उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बारात के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान की बिंदोली का पुष्पवर्षा एवं आरती के साथ भव्य स्वागत किया गया, तथा जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए और प्रसाद वितरण भी किया गया। भक्तिमय वातावरण में गूंजते भजनों और जयकारों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, कल तुलसी विवाह का मुख्य धार्मिक आयोजन संपन्न होगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संस्कार संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है।4
- यह प्रसिद्ध कहावत, 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई, बाल ना बांका कर सके चाहे जग बैरी होई', ईश्वर में गहरे विश्वास और उसकी सर्वोपरि सुरक्षा को दर्शाती है। इसका अर्थ यह है कि जिसे स्वयं ईश्वर बचाना चाहे, उसे संसार का कोई भी शत्रु, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुँचा सकता। यह लोकोक्ति इस अटल विश्वास को व्यक्त करती है कि ईश्वरीय संरक्षण प्राप्त व्यक्ति हमेशा सुरक्षित रहता है और उस पर कोई विपदा प्रभावी नहीं होती।1
- प्रेमी के प्यार में पागल हुई एक पत्नी ने एक मासूम बच्चे पर उबलती हुई सब्जी फेंक दी। इस दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गई।1
- पत्नी द्वारा कथित प्रताड़ना, झूठे मामलों के डर और कथित कानूनी दुरुपयोग से परेशान होकर कई पति इच्छा मृत्यु मांगने पर मजबूर हो रहे हैं। इसी कड़ी में, गुजरात के सूरत में किरीट पटेल नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कथित प्रताड़ना और पुलिस से मदद न मिलने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को इच्छा मृत्यु की अर्जी दी है। इससे पहले, मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भी एक युवक ने पत्नी द्वारा झूठे केस में फंसाने की धमकी और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर जनसुनवाई में सुरक्षा की गुहार लगाई थी। सवाल यह है कि जब कोई पुरुष बार-बार अपनी पीड़ा लेकर पुलिस, प्रशासन और अदालतों के चक्कर काटने के बाद भी खुद को असहाय महसूस करता है, तब उसकी आवाज कौन सुनेगा? महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून जरूरी हैं, लेकिन यदि कहीं उनका कथित दुरुपयोग होता है तो उस पर भी उतनी ही गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। न्याय का मतलब केवल एक पक्ष की सुनवाई नहीं, बल्कि हर पीड़ित को समान संवेदना और निष्पक्ष सुनवाई मिलना है। यह एक गंभीर प्रश्न है कि कितने और पति अपनी जान देने की बात कहेंगे, तब जाकर देश पुरुषों के मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा करेगा?1