बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के पंचायत सचिवालय बरवाडीह में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के सर्वे और जियो टैगिंग में पैसे लेने के आरोपों को लेकर भारी हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष लाभुक पंचायत सचिवालय पहुंचे और पंचायत सचिव विजय शंकर राम पर आवास योजना में नाम शामिल कराने व जियो टैगिंग के लिए ₹500 से ₹1000 तक लेने का आरोप लगाया। लाभार्थियों का कहना था कि उनसे आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर राशि ली गई थी, लेकिन कई लोगों का नाम जियो टैगिंग और पैसे देने के बावजूद स्वीकृत सूची में शामिल नहीं हुआ, जिससे वे आक्रोशित होकर विरोध जताने पहुंचे थे। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद लाभ की उम्मीद में पैसे दिए थे, लेकिन उन्हें अब तक कोई लाभ नहीं मिला। इस दौरान पश्चिमी जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर भी पंचायत सचिवालय पहुंचीं और लाभुकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि यदि पैसे लेने की शिकायत सही पाई जाती है तो यह एक गंभीर मामला है। संतोषी शेखर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। वहीं, इन आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर पंचायत सचिव विजय शंकर राम ने सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी लाभुक से आवास योजना या जियो टैगिंग के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योजना से संबंधित सभी कार्य सरकार के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किए जाते हैं। घटना के बाद पंचायत सचिवालय परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। लाभुकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के पंचायत सचिवालय बरवाडीह में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के सर्वे और जियो टैगिंग में पैसे लेने के आरोपों को लेकर भारी हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष लाभुक पंचायत सचिवालय पहुंचे और पंचायत सचिव विजय शंकर राम पर आवास योजना में नाम शामिल कराने व जियो टैगिंग के लिए ₹500 से ₹1000 तक लेने का आरोप लगाया। लाभार्थियों का कहना था कि उनसे आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर राशि ली गई थी, लेकिन कई लोगों का नाम जियो टैगिंग और पैसे देने के बावजूद स्वीकृत सूची में शामिल नहीं हुआ, जिससे वे आक्रोशित होकर विरोध जताने पहुंचे थे। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद लाभ की उम्मीद में पैसे दिए थे, लेकिन उन्हें अब तक कोई लाभ नहीं मिला। इस दौरान पश्चिमी जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर भी पंचायत सचिवालय पहुंचीं और लाभुकों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना बताते हुए कहा कि यदि पैसे लेने की शिकायत सही पाई जाती है तो यह एक गंभीर मामला है। संतोषी शेखर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। वहीं, इन आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर पंचायत सचिव विजय शंकर राम ने सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी लाभुक से आवास योजना या जियो टैगिंग के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योजना से संबंधित सभी कार्य सरकार के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किए जाते हैं। घटना के बाद पंचायत सचिवालय परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। लाभुकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- झारखंड के लोहरदगा जिले के किसको प्रखंड में एक पुल लगभग दो साल से भी अधिक समय से टूटा हुआ है। यह क्षतिग्रस्त पुल लगातार बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों या किसी भी अन्य पक्ष का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं गया है।1
- एक हालिया पोस्ट में यह चौंकाने वाला दावा किया गया है कि लोगों के पैसों का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है। इस जानकारी ने समाज में गहरा आश्चर्य और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।1
- चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत कुमडांग कला हरिजन टोला में पिछले 15 दिनों से जारी बिजली संकट समाप्त हो गया है। चतरा सांसद काली चरण सिंह की त्वरित पहल के बाद यहां नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे ग्रामीणों को भीषण गर्मी में अंधेरे और दिक्कतों से मुक्ति मिली। सांसद प्रतिनिधि ईश्वर दयाल पांडेय, सीसीएल सांसद प्रतिनिधि प्रेम विकास और जिला परिषद सदस्या देवंती देवी ने संयुक्त रूप से इस नए ट्रांसफार्मर का फीता काटकर उद्घाटन किया। उल्लेखनीय है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण हरिजन टोला के ग्रामीण पिछले 15 दिनों से भीषण गर्मी और ब्लैकआउट का सामना कर रहे थे। इस स्थिति के चलते लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा, जिसका विशेष रूप से गरीब बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। समस्या की गंभीरता को देखते हुए, जैसे ही यह जानकारी चतरा सांसद काली चरण सिंह के संज्ञान में आई, उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सांसद के निर्देश पर विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए तुरंत कुमडांग कला हरिजन टोला के लिए 25 KVA का नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया। नया ट्रांसफार्मर लगने और बिजली आपूर्ति बहाल होने से पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए चतरा सांसद काली चरण सिंह, स्थानीय विधायक कुमार उज्जवल दास, उपस्थित जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के समस्त कर्मियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर काशीयाडीह पंचायत संयोजक मुंशी साहू, सुरेश प्रसाद साहू, अमलेश नारायण दास, भरत राणा, गणेश साव, अर्जुन भुइयां, संतोष राम, सुदन गंझू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।3
- चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में पिछले चार दिनों से लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, ग्राम सभा की टीम ने अतिक्रमण हटाने के संबंध में ग्रामीणों से बातचीत करने का प्रयास किया। इस दौरान, टंडवा के कपड़ा व्यवसायी दशरथ गुप्ता ने अंचल अधिकारी (CO) का धन्यवाद व्यक्त किया।1
- गुमला के सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहल की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें अधिकतर मामले भूमि और राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की। मौके पर ही कई मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया गया, वहीं जटिल और प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना उचित कारण के लंबित न रखा जाए, तथा राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि 'अंचल दिवस' का उद्देश्य प्रशासन की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, और स्थानीय स्तर पर अधिकाधिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आम का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया। 'विशेष अंचल दिवस' कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है और छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा है। चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने और स्वास्थ्य विभाग को उक्त स्थल पर नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।4
- शनिवार को गिद्धौर थाना पुलिस ने गांगपुर और आसपास के गाँवों में नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया, जिसका नेतृत्व थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने किया। इस पहल का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों को संवेदनशील बनाना और उनका सहयोग प्राप्त करना था। पुलिस टीम ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया, उन्हें नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में बताया। थाना प्रभारी ने विशेष रूप से अफीम, ब्राउन शुगर, ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की जोरदार अपील की, यह स्पष्ट करते हुए कि नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी भारी नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चों और युवाओं पर विशेष नजर रखें, ताकि उन्हें नशे की लत से बचाया जा सके। पुलिस ने यह भी आश्वस्त किया कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या मादक पदार्थों की बिक्री से संबंधित जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह से नशामुक्त बनाया जा सके। इस अभियान में पुलिस कर्मियों और अंचल कर्मियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे।1
- शुक्रवार अहले सुबह करीब 4 बजे चंदवा के इंदिरा गांधी चौक के पास बालूमाथ की ओर से आ रहा एक कोयला लदा 16 चक्का हाईवा अनियंत्रित होकर एसके सिंगार स्टोर में जा घुसा। इस भीषण दुर्घटना के कारण रांची-चतरा-डाल्टनगंज मुख्य मार्ग लगभग दो घंटे तक जाम रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हाईवा (संख्या JH-19A-3439) ने दुकान में घुसने से पहले एक एलपी ट्रक को भी टक्कर मारी थी। टक्कर के बाद दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और हाईवा पर लदा सारा कोयला सड़क पर बिखर गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की त्वरित मदद से हाईवा के चालक और उपचालक को वाहन से बाहर निकाला गया और उन्हें प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया। इस घटना के बाद कोयले के परिवहन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। चंदवा थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मार्ग को सामान्य करवाया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोयले के वैध-अवैध परिवहन के संबंध में जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1