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मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी की। यह घटना तब हुई जब कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।
Abhishek Pandey
मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी की। यह घटना तब हुई जब कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।
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- मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी की। यह घटना तब हुई जब कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।1
- गोविंदगढ़ के जन नायक संजीव दिवेदी, जिन्हें पिंटू भईया जी के नाम से भी जाना जाता है, का एक विस्फोटक इंटरव्यू सामने आया है।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम के ऊपर कंचनगंगा नाले के पास एक ग्लेशियर टूट गया, जिससे बर्फ का एक बड़ा तूफान उठ खड़ा हुआ। तेज गर्मी के कारण पहाड़ों से चट्टानें गिरने की भी खबर है। प्रशासन के अनुसार, इस घटना में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।1
- मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष और विंध्य प्रभारी का सतना से रीवा जाते समय रामपुर बाघेलान में भव्य स्वागत किया गया। यह स्वागत समारोह युवक कांग्रेस नेता निखिल सिंह तिवारी के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस दौरान रामपुर बाघेलान विधानसभा उपाध्यक्ष अनुराग सिंह अकौना, धीरू शर्मा, शिवम पांडेय, अभिषेक पांडेय, रोहित तिवारी, अल्ताफ मंसूरी, सागर शुक्ला, निखिल सिंह, अंश तिवारी, मनोहर कोल, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और संजय आदिवासी सहित बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। युवक कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष के इस भव्य स्वागत को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।1
- एक व्यक्ति अपना रुतबा बताता है कि जब लोग उससे पूछते हैं कि उसके साथ कौन है, तो वह मुस्कुराते हुए जवाब देता है कि यह सवाल ही उसकी प्रतिष्ठा को स्पष्ट कर देता है। यह प्रतिक्रिया उसके मजबूत आत्मविश्वास और स्थिति को दर्शाती है।1
- लाड़ली बहना योजना के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- उच्च न्यायालय जबलपुर के कड़े निर्देशों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, रीवा जिले के गोविंदगढ़ वृत्त स्थित ग्राम ओढ़की खुर्द में एक भूमि विवाद का सटीक सीमांकन करने में प्रशासनिक मशीनरी विफल साबित हुई है। इस पूरे प्रकरण में जमीनी हकीकत और राजस्व नक्शे में भारी अंतर सामने आया है, जिससे सरकारी कागजातों की तकनीकी खामियां और प्रशासनिक पेचीदगियां उजागर हुई हैं। यह मामला ग्राम ओढ़की खुर्द के आराजी नंबर 85/5 रकबा 0.016 हेक्टेयर की पैमाइश और उस पर हुए कथित अतिक्रमण से संबंधित है। पूर्व में नायब तहसीलदार और SDM हुजूर ने जमीन पर निजी प्रतिवादियों के अतिक्रमण की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि मौके का 'लेआउट' और 'नक्शा कर्मी' उपलब्ध नहीं है, इसलिए सीमांकन संभव नहीं है। इस प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ याचिकाकर्ता लालमन पांडेय, अविनीश पांडेय व अन्य ने हाईकोर्ट में रिट याचिका (W.P. No. 3308/2023) दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने अधिकारियों की लाचारी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल 'नक्शा नहीं है' कहकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। अदालत ने नायब तहसीलदार गोविंदगढ़ को कम से कम पांच राजस्व अधिकारियों (जिसमें दो राजस्व अधिकारी और तीन पटवारी शामिल हों) की एक विशेष संयुक्त टीम गठित करने का आदेश दिया। इस टीम को 'मुनारे-चौमादा' जैसे स्थाई सरकारी चिह्नों के आधार पर राजस्व नक्शे को पुनर्गठित कर, सीमांकन करने और 90 दिनों के भीतर कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया था। यह आदेश 13 अक्टूबर 2023 को दिया गया था। उच्च न्यायालय के इसी आदेश के परिपालन में नायब तहसीलदार के पत्र क्रमांक 816/प्रवाचक/2024 के तहत विशेष टीम का गठन किया गया। टीम आवेदकों, अनावेदकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर पैमाइश के लिए पहुंची। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, आराजी नंबर 85 के विभिन्न हिस्सों पर मयंक, प्रिया, लालमणि, अवनीश, रन्नू, रविनंदन प्रसाद, शशिकला और उमादेवी सहित कई सह-खातेदारों के नाम दर्ज हैं। जब गठित राजस्व टीम ने नजरी नक्शा बंदोबस्ती मेढ़ आराजी नंबर 165 को आधार मानकर सीमांकन की कार्रवाई शुरू की, तो पूरा मामला एक बड़े तकनीकी पेंच में फंस गया। टीम ने अपनी आधिकारिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) में साफ तौर पर स्वीकार किया है कि मौके की जमीनी हकीकत और सरकारी नक्शे में भारी विसंगति पाई गई, जिसके कारण मौके पर काबिज कब्जे और सरकारी नक्शे की रेखाओं का आपस में कोई मिलान नहीं हो सका।1
- नशे के मामलों में एक गंभीर स्थिति को दर्शाता हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी तुलना 'उड़ता पंजाब' से की जा रही है। यह वायरल वीडियो सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 39 से संबंधित बताया जा रहा है, और पोस्ट के अनुसार, यह वीडियो मौजूदा हालात को बताने के लिए पर्याप्त है।1