विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, मथुरा के जिला अस्पताल में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाना और मरीजों तथा उनके तीमारदारों को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराना था। इस पहल में डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने संयुक्त रूप से विभिन्न औषधीय और छायादार पौधों का रोपण किया। अभियान के तहत, अस्पताल परिसर के खाली स्थानों और पार्क क्षेत्र में विशेष रूप से नीम, तुलसी, पीपल और गिलोय जैसे औषधीय एवं ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे लगाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दवाइयों के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरित वातावरण न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। प्रदेश स्तर पर संचालित एक विशेष अभियान के तहत, स्वास्थ्य कर्मियों ने केवल पौधरोपण ही नहीं किया, बल्कि लगाए गए पौधों के पूर्ण विकास तक उनकी देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान, जिला अस्पताल को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने और कचरा प्रबंधन एवं बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया, जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा बढ़ते तापमान और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें। यह कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, मथुरा के जिला अस्पताल में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाना और मरीजों तथा उनके तीमारदारों को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराना था। इस पहल में डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने संयुक्त रूप से विभिन्न औषधीय और छायादार पौधों का रोपण किया। अभियान के तहत, अस्पताल परिसर के खाली स्थानों और पार्क क्षेत्र में विशेष रूप से नीम, तुलसी, पीपल और गिलोय जैसे औषधीय एवं ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे लगाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दवाइयों के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरित वातावरण न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। प्रदेश स्तर पर संचालित एक विशेष अभियान के तहत, स्वास्थ्य कर्मियों ने केवल पौधरोपण ही नहीं किया, बल्कि लगाए गए पौधों के पूर्ण विकास तक उनकी देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान, जिला अस्पताल को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने और कचरा प्रबंधन एवं बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया, जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा बढ़ते तापमान और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें। यह कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
- मथुरा महानगर समाजवादी पार्टी ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य पीडीए आरक्षण घोटाले के खिलाफ आवाज उठाना था, जिसमें समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर लगातार निशाना साधा और घोटाले को लेकर सवाल खड़े किए।1
- जनपद मथुरा में गोवर्धन चौराहे पर अवैध प्राइवेट वाहनों से हो रही अवैध वसूली का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे अवैध वसूली का खुलासा हुआ है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, मथुरा के जिला अस्पताल में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाना और मरीजों तथा उनके तीमारदारों को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराना था। इस पहल में डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने संयुक्त रूप से विभिन्न औषधीय और छायादार पौधों का रोपण किया। अभियान के तहत, अस्पताल परिसर के खाली स्थानों और पार्क क्षेत्र में विशेष रूप से नीम, तुलसी, पीपल और गिलोय जैसे औषधीय एवं ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे लगाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दवाइयों के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरित वातावरण न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। प्रदेश स्तर पर संचालित एक विशेष अभियान के तहत, स्वास्थ्य कर्मियों ने केवल पौधरोपण ही नहीं किया, बल्कि लगाए गए पौधों के पूर्ण विकास तक उनकी देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान, जिला अस्पताल को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने और कचरा प्रबंधन एवं बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया, जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा बढ़ते तापमान और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें। यह कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।1
- वृंदावन में विख्यात तपस्वी संत अवधूत दादा गुरु महाराज ने ब्रजभूमि को विश्व का श्रेष्ठतम धार्मिक स्थल बताया है। चार संप्रदाय आश्रम में आयोजित एक अनुष्ठान के दौरान उन्होंने वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। संत महाराज ने विशेष रूप से गंगा और नर्मदा नदियों की तर्ज पर यमुना नदी के संरक्षण और शुद्धिकरण के लिए व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया है। अपनी इस मुहिम के तहत, अवधूत दादा गुरु महाराज बुधवार को यमुना पूजन करेंगे और वृंदावन की परिक्रमा कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश देंगे। इसके अगले दिन, गुरुवार को वे गोवर्धन की परिक्रमा करेंगे, जिसका उद्देश्य भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस कार्यक्रम से पूर्व, आश्रम में साध्वी सत्यप्रिया ने उनका आत्मीय स्वागत किया।2
- बांके बिहारी मंदिर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के साथ एक बड़ा हादसा हो गया है। मंदिर की गली नंबर 5 के समीप एक छज्जा अचानक भरभरा कर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 8 श्रद्धालु घायल हो गए। इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और घायल श्रद्धालुओं के परिजन तुरंत मौके पर पहुँचे और सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जबकि छह अन्य श्रद्धालुओं का इलाज रामकृष्ण मिशन अस्पताल में शुरू किया गया। इस घटना के बाद बांके बिहारी मंदिर एचवीपी कमेटी और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार रामकृष्ण मिशन अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने घायल श्रद्धालुओं का हालचाल जाना। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को सभी घायल श्रद्धालुओं को हर संभव और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती दोनों घायलों को भी बेहतर उपचार के लिए रामकृष्ण मिशन अस्पताल में रैफर कर दिया गया है।4
- जनता ने स्वयं एक शराब के ठेके को बंद करवा दिया है। लोगों का मानना है कि शराब सभी को बर्बाद करती है, और इस कदम को जनता द्वारा उठाया गया एक अच्छा कदम बताया जा रहा है।1