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पीलीभीत में एस एस हॉस्पिटल में बेहोश महिला के कुंडल नोचने का का मामला चर्चा का विषय बना, युवक ने एसपी से कि मामले की शिकायत,
समाचार Crime News
पीलीभीत में एस एस हॉस्पिटल में बेहोश महिला के कुंडल नोचने का का मामला चर्चा का विषय बना, युवक ने एसपी से कि मामले की शिकायत,
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- Post by समाचार Crime News1
- पीलीभीत। बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम कबूलपुर में अंबेडकर पार्क में मूर्ति हटाए जाने के वाद नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा की प्रशासन द्वारा अंबेडकर पार्क में लगाई गई मूर्ति को हटवाया गया जवकि एसडीएम बीसलपुर का कहना है कि बगैर परमिशन के मूर्ति लगाई जा रही थी। फिलाहल ऐतिहात के लिए गांव में पुलिस को तैनात किया गया है।1
- पीलीभीत। जनपद की बरखेड़ा विधानसभा से भाजपा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद अपने कड़े तेवर और जनहित के कार्यों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में धांधली की शिकायत मिलने पर विधायक ने सीएम कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया और मौके पर ही कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी। मौके पर ही तोड़ी ईंट, खुली भ्रष्टाचार की पोल निरीक्षण के दौरान विधायक स्वामी प्रवक्तानंद को निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी। उन्होंने बिना देरी किए मौके पर ही दीवार में लगी ईंटों को तोड़कर देखा। ईंटों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी विधायक ने निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर मानक के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। जनता की उम्मीदों पर जोर स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि बरखेड़ा विधानसभा में बन रहे स्कूल और अन्य सार्वजनिक भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। मुख्य सुर्खियां: सख्त रुख: निरीक्षण के दौरान विधायक का दिखा रौद्र रूप। गुणवत्ता जांच: ईंट तोड़कर निर्माण सामग्री का किया पर्दाफाश। कार्रवाई की मांग: दोषियों पर शिकंजा कसने के निर्देश।1
- स्मार्ट मीटर बने जी का जंजाल: रिचार्ज खत्म होते ही गुल हो रही गरीबों की बत्ती, जनता में भारी रोष पीलीभीत : सरकार की 'स्मार्ट' बिजली योजना अब आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 'जी का जंजाल' बन गई है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने के बजाय दोगुनी हो गई हैं। आलम यह है कि रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी पूर्व सूचना के घरों में अंधेरा पसर रहा है, जिससे हजारों परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अंधेरे में डूबे आशियाने, सड़कों पर फूटा गुस्सा शहर के कई मोहल्लों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गरीबों के घरों में बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई और रात का खाना बनाना तक दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मीटर इतनी तेजी से भाग रहे हैं कि महीने भर का बजट महज दस-बारह दिनों में सिमट रहा है। जनता के बीच बढ़ते आक्रोश के मुख्य कारण: बिना चेतावनी कटौती: पहले बिल न भरने पर नोटिस मिलता था, लेकिन अब बैलेंस शून्य होते ही स्वतः बिजली काट दी जा रही है। सर्वर की समस्या: कई बार ऑनलाइन रिचार्ज करने के घंटों बाद भी बिजली चालू नहीं होती, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। अत्यधिक बिलिंग: उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग काफी तेज और संदिग्ध है। "स्मार्ट" व्यवस्था पर उठते सवाल एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और निर्बाध बिजली का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर लोग सिस्टम की बेरुखी झेल रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों के लिए हर हफ्ते मोटा रिचार्ज करा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। "साहब, दिन भर की मजदूरी से पेट पालें या इस मीटर को खिलाएं? जरा सा पैसा खत्म होते ही घर में अंधेरा हो जाता है। क्या यही तरक्की है?" > — एक पीड़ित उपभोक्ता सरकार के खिलाफ बढ़ता रोष विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्मार्ट मीटर की खामियों को तुरंत दूर नहीं किया गया और गरीबों को राहत नहीं दी गई, तो यह निराशा एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगी। जनता अब सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही है और पुराने मीटरों की वापसी की मांग कर रही है। निष्कर्ष: बिजली विभाग और सरकार की चुप्पी इस 'स्मार्ट' संकट को और गहरा बना रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन जनता के इस दर्द को समझकर कोई ठोस कदम उठाता है या फिर 'डिजिटल' होने की ये जिद गरीबों की रातों की नींद यूं ही हराम करती रहेगी।1
- सीएम कंपोजिट विद्यालय में घटिया सामग्री का खुलासा, बरखेड़ा विधायक के निरीक्षण के बाद हड़कंप ,वीडियो वायरल1
- कटना नदी को मिलेगा नया जीवन: पीलीभीत जिलाधिकारी ने श्रमदान कर पुनरुद्धार कार्य का किया शुभारंभ पीलीभीत। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मंगलवार को पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत कंजा हरैय्या और अजीतपुर पटपरा में कटना नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और ग्रामीणों को अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रेरित किया। मुख्य बिंदु: जल स्तर में सुधार: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को बहाल करना और उसका गहरीकरण करना है, जिससे क्षेत्र के गिरते भू-गर्भ जल स्तर में सुधार होगा। किसानों को लाभ: नदी के पुनर्जीवित होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। सामुदायिक सहभागिता: जिलाधिकारी ने इस दौरान ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। कार्यक्रम का विवरण अम्बेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ विकास खंड मरौरी के अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कटना नदी, जो लंबे समय से अतिक्रमण और गाद (silt) की समस्या से जूझ रही थी, अब नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के समन्वय से नए स्वरूप में नजर आएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुनरुद्धार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस पहल से न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी (ecology) को भी मजबूती मिलेगी।1
- Post by Pankaj gupta1
- Post by समाचार Crime News1
- पीलीभीत। जिले में भाजपा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करने के लिए ईंटें तोड़ते नजर आ रहे हैं। मामला बरखेड़ा विधानसभा के पुठिया गांव का है, जहां मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था। औचक निरीक्षण में खुली पोल बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे इस विद्यालय में मानकों की अनदेखी हो रही है। जब विधायक औचक निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देख दंग रह गए। निर्माण कार्य में 'अव्वल' दर्जे की ईंटों के स्थान पर बेहद 'दोयम' दर्जे की कच्ची और पीली ईंटें लगाई जा रही थीं। विधायक ने जैसे ही एक ईंट उठाकर उसे दूसरी ईंट से टकराया, वह पल भर में चकनाचूर हो गई। इस दृश्य को देख विधायक का पारा चढ़ गया और उन्होंने सार्वजनिक रूप से निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। साथ ही जिलाधिकारी से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग कर दी। मौके पर मौजूद घटिया निर्माण को देख विधायक ने तुरंत जिलाधिकारी (DM) को फोन लगाया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा जनता को जवाब हमें देना है। करोड़ों की लागत से बच्चों का स्कूल बन रहा है और इसमें इतना भ्रष्टाचार? ठेकेदार और संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाए।"1