मुज़फ्फरनगर न्यूज़ ब्यूरो कबीर भारत-अमेरिका समझौता या किसान विनाश का ब्लूप्रिंट? अन्नदाता को बाजार में कुचलने की साजिश पर राष्ट्रपति को ज्ञापन एंकर मुज़फ्फरनगर। भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों ने आर-पार का ऐलान कर दिया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने इस समझौते को सीधे तौर पर “किसान विनाश का ब्लूप्रिंट” बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति को तीखा ज्ञापन भेजा है। संगठन ने चेताया है कि अगर कृषि और डेरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के हवाले किया गया, तो यह देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मौत की ओर धकेलने जैसा होगा। Vo राष्ट्रीय अध्यक्ष मौ० शाह आलम ने कहा कि अमेरिका में कृषि और डेरी उत्पादों पर अरबों डॉलर की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में वहां का चीज, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, मक्का, सोयाबीन, कपास और बादाम भारतीय बाजार में उतरे, तो देसी किसान प्रतिस्पर्धा में टिक ही नहीं पाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अन्नदाता को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने निहत्था खड़ा करना चाहती है? ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि कृषि और उससे जुड़े सभी उत्पादों को भविष्य के हर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से स्थायी रूप से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी दी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों की सहमति के बिना कोई भी कृषि समझौता लागू करना संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। मोर्चा ने MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग को देश की कृषि सुरक्षा की बुनियाद बताते हुए कहा कि बिना कानूनी MSP के किसान पूरी तरह बाजार के रहमोकरम पर होगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि वैश्विक कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों को तबाह कर देगा। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक संतुलन की रीढ़ है। यदि कृषि को कमजोर किया गया, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से तत्काल संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस तीखे ज्ञापन के साथ किसान संगठनों ने सरकार को साफ संकेत दे दिया है कि अगर किसानों की अनदेखी हुई, तो देश एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 👇 बायट,,राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम
मुज़फ्फरनगर न्यूज़ ब्यूरो कबीर भारत-अमेरिका समझौता या किसान विनाश का ब्लूप्रिंट? अन्नदाता को बाजार में कुचलने की साजिश पर राष्ट्रपति को ज्ञापन एंकर मुज़फ्फरनगर। भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों ने आर-पार का ऐलान कर दिया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने इस समझौते को सीधे तौर पर “किसान विनाश का ब्लूप्रिंट” बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति को तीखा ज्ञापन भेजा है। संगठन ने चेताया है कि अगर कृषि और डेरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के हवाले किया गया, तो यह देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मौत की ओर धकेलने जैसा होगा। Vo राष्ट्रीय अध्यक्ष मौ० शाह आलम ने कहा कि अमेरिका में कृषि और डेरी उत्पादों पर अरबों डॉलर की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में वहां का चीज, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, मक्का, सोयाबीन, कपास और बादाम भारतीय बाजार में उतरे, तो देसी किसान प्रतिस्पर्धा में टिक ही नहीं पाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अन्नदाता को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने निहत्था खड़ा करना चाहती है? ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि कृषि और उससे जुड़े सभी उत्पादों को भविष्य के हर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से स्थायी रूप से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी दी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों की सहमति के बिना कोई भी कृषि समझौता लागू करना संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। मोर्चा ने MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग को देश की कृषि सुरक्षा की बुनियाद बताते हुए कहा कि बिना कानूनी MSP के किसान पूरी तरह बाजार के रहमोकरम पर होगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि वैश्विक कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों को तबाह कर देगा। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक संतुलन की रीढ़ है। यदि कृषि को कमजोर किया गया, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से तत्काल संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस तीखे ज्ञापन के साथ किसान संगठनों ने सरकार को साफ संकेत दे दिया है कि अगर किसानों की अनदेखी हुई, तो देश एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 👇 बायट,,राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम
- मुज़फ्फरनगर न्यूज़ ब्यूरो कबीर भारत-अमेरिका समझौता या किसान विनाश का ब्लूप्रिंट? अन्नदाता को बाजार में कुचलने की साजिश पर राष्ट्रपति को ज्ञापन एंकर मुज़फ्फरनगर। भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों ने आर-पार का ऐलान कर दिया है। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा ने इस समझौते को सीधे तौर पर “किसान विनाश का ब्लूप्रिंट” बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति को तीखा ज्ञापन भेजा है। संगठन ने चेताया है कि अगर कृषि और डेरी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के हवाले किया गया, तो यह देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक मौत की ओर धकेलने जैसा होगा। Vo राष्ट्रीय अध्यक्ष मौ० शाह आलम ने कहा कि अमेरिका में कृषि और डेरी उत्पादों पर अरबों डॉलर की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में वहां का चीज, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, मक्का, सोयाबीन, कपास और बादाम भारतीय बाजार में उतरे, तो देसी किसान प्रतिस्पर्धा में टिक ही नहीं पाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार अन्नदाता को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने निहत्था खड़ा करना चाहती है? ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि कृषि और उससे जुड़े सभी उत्पादों को भविष्य के हर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से स्थायी रूप से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी दी जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों की सहमति के बिना कोई भी कृषि समझौता लागू करना संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। मोर्चा ने MSP को कानूनी दर्जा देने की मांग को देश की कृषि सुरक्षा की बुनियाद बताते हुए कहा कि बिना कानूनी MSP के किसान पूरी तरह बाजार के रहमोकरम पर होगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि वैश्विक कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों को तबाह कर देगा। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक संतुलन की रीढ़ है। यदि कृषि को कमजोर किया गया, तो इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से तत्काल संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस तीखे ज्ञापन के साथ किसान संगठनों ने सरकार को साफ संकेत दे दिया है कि अगर किसानों की अनदेखी हुई, तो देश एक बार फिर बड़े किसान आंदोलन की ओर बढ़ेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 👇 बायट,,राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह आलम1
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसान मोर्चा सक्रिय, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन1
- मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल-कुलहेड़ी मार्ग पर आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चरथावल निवासी शमशाद स्कूटी से आ रहा था तो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की, वहीं संयोगवश उसी रास्ते से किसी कार्यक्रम से लौट रहे चरथावल विधायक पंकज मलिक ने तुरंत मानवता का परिचय दिया। विधायक पंकज मलिक ने घायल बुजुर्ग को अपनी गाड़ी में बैठाकर तत्काल चरथावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। अस्पताल में विधायक स्वयं मौजूद रहे और घायल का हाल-चाल जाना घायल बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार के बाद खाने के लिए दिया गया, चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल घायल की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घायल बुजुर्ग शमाशाद के परिजनों को घटना की सूचना दी गई वहीं चरथावल चेयरमैन मास्टर इस्लामउद्दीन को भी सूचना दी गई, जिसके बाद वे भी अस्पताल पहुंचे। दृश्य में चेयरमैन मास्टर इस्लामउद्दीन और विधायक पंकज मलिक आपस में बातचीत करते हुए और बुजुर्ग का हाल-चाल लेते हुए दिखाई दिए1
- Post by सरताज अहमद पत्रकार1
- मुजफ्फरनगर। शहर के विभिन्न स्थानों पर हाई मास्क लाइट लगाने हेतु निरीक्षण पर निकले विकास प्राधिकरण की टीम और मंत्री कपिल देव अग्रवाल1
- मुजफ्फरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई – हिन्दू वेशभूषा और फर्जी आधार कार्ड बनाकर घूम रहे 06 संदिग्ध गिरफ्तार!1
- जनपद मुज़फ्फरनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक की पत्नी ₹90,000 नकद और जरूरी दस्तावेज लेकर अचानक लापता हो गई। पीड़ित पति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सहित उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित विकास कुमार निवासी उत्तरी रामपुरी, थाना कोतवाली ने बताया कि उसकी शादी 29 सितंबर 2025 को सविता से लव मैरिज के रूप में हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद पत्नी दिन-रात मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति से बात करने लगी। पूछताछ करने पर घरेलू कलह बढ़ने लगी। पीड़ित के अनुसार 6 फरवरी 2026 सुबह करीब 7:30 बजे पत्नी बिना बताए घर से चली गई। बाद में फोन कर बताया कि वह अपने सभी दस्तावेज साथ ले जा रही है। जब घर में रखी नकदी की जांच की गई तो ₹90 हजार रुपये गायब मिले, जिसे पत्नी द्वारा साथ ले जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसे बाद में जानकारी मिली कि उसकी पत्नी की पूर्व में “अनिल” नामक व्यक्ति से शादी हो चुकी थी, जिसकी जानकारी विवाह के समय छिपाई गई। मामले को लेकर पीड़ित ने आशंका जताई है कि पत्नी उसी व्यक्ति के साथ गई है, जिससे वह पहले रात-रात भर बातचीत करती थी। साथ ही मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग और किसी अनहोनी की भी आशंका जताई गई है।2
- Post by मो फरीद अंसारी1