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अयोध्या के कुमारगंज निवासी समाजसेवी राजन पांडे ने बिहार के भोजपुर (आरा) जनपद के बिलाती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि इसमें किसी भी स्तर पर अवैध कार्रवाई हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें कठोरतम कार्रवाई और फांसी तक की सजा मिलनी चाहिए। राजन पांडे का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी युवा था जो व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता था। उन्होंने दावा किया कि तिवारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद वीडियो इस बात का प्रमाण हैं कि वह जनता के मुद्दे उठाता था और गरीबों, मजदूरों तथा आम लोगों के लिए लड़ाई लड़ता था। पांडे ने इस पर भी सवाल उठाया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने अपना हथियार नीचे रख दिया था, तो ऐसी स्थिति में उस पर गोलियां चलाकर उसकी जान लेना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने यह आशंका भी व्यक्त की है कि स्थानीय राजनीतिक दबाव में प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई हो सकती है, और यदि किसी प्रकार का दबाव या साजिश सामने आती है, तो उससे जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, भरत भूषण तिवारी के पिता और भाई पर भी मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर राजन पांडे ने कई सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, यदि परिवार के साथ अन्याय हुआ है, तो उन्हें न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। राजन पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने हथियार उठाया था तो वह उचित नहीं था और वे हिंसा या हथियार की राजनीति का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार न्याय मिलना चाहिए और आत्मसमर्पण जैसी स्थिति में उसे गोली मारना उचित नहीं कहा जा सकता। समाजसेवी राजन पांडे ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों पर हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही, भरत भूषण तिवारी के परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई से देश में यह संदेश जाएगा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी कथित फर्जी एनकाउंटर या अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

2 hrs ago
user_UP 42 Ayodhya Live
UP 42 Ayodhya Live
Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अयोध्या के कुमारगंज निवासी समाजसेवी राजन पांडे ने बिहार के भोजपुर (आरा) जनपद के बिलाती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि इसमें किसी भी स्तर पर अवैध कार्रवाई हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें कठोरतम कार्रवाई और फांसी तक की सजा मिलनी चाहिए। राजन पांडे का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी युवा था जो व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता था। उन्होंने दावा किया कि तिवारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद वीडियो इस बात का प्रमाण हैं कि वह जनता के मुद्दे उठाता था और गरीबों, मजदूरों तथा आम लोगों के लिए लड़ाई लड़ता था। पांडे ने इस पर भी सवाल उठाया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने अपना हथियार नीचे रख दिया था, तो ऐसी स्थिति में उस पर गोलियां चलाकर उसकी जान लेना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने यह आशंका भी व्यक्त की है कि स्थानीय राजनीतिक दबाव में प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई हो सकती है, और यदि किसी प्रकार का दबाव या साजिश सामने आती है, तो उससे जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, भरत भूषण तिवारी के पिता और भाई पर भी मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर राजन पांडे ने कई सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, यदि परिवार के साथ अन्याय हुआ है, तो उन्हें न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। राजन पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने हथियार उठाया था तो वह उचित नहीं था और वे हिंसा या हथियार की राजनीति का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार न्याय मिलना चाहिए और आत्मसमर्पण जैसी स्थिति में उसे गोली मारना उचित नहीं कहा जा सकता। समाजसेवी राजन पांडे ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों पर हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही, भरत भूषण तिवारी के परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई से देश में यह संदेश जाएगा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी कथित फर्जी एनकाउंटर या अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

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  • अयोध्या के कुमारगंज निवासी समाजसेवी राजन पांडे ने बिहार के भोजपुर (आरा) जनपद के बिलाती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि इसमें किसी भी स्तर पर अवैध कार्रवाई हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें कठोरतम कार्रवाई और फांसी तक की सजा मिलनी चाहिए। राजन पांडे का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी युवा था जो व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता था। उन्होंने दावा किया कि तिवारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद वीडियो इस बात का प्रमाण हैं कि वह जनता के मुद्दे उठाता था और गरीबों, मजदूरों तथा आम लोगों के लिए लड़ाई लड़ता था। पांडे ने इस पर भी सवाल उठाया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने अपना हथियार नीचे रख दिया था, तो ऐसी स्थिति में उस पर गोलियां चलाकर उसकी जान लेना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने यह आशंका भी व्यक्त की है कि स्थानीय राजनीतिक दबाव में प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई हो सकती है, और यदि किसी प्रकार का दबाव या साजिश सामने आती है, तो उससे जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, भरत भूषण तिवारी के पिता और भाई पर भी मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर राजन पांडे ने कई सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, यदि परिवार के साथ अन्याय हुआ है, तो उन्हें न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। राजन पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने हथियार उठाया था तो वह उचित नहीं था और वे हिंसा या हथियार की राजनीति का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार न्याय मिलना चाहिए और आत्मसमर्पण जैसी स्थिति में उसे गोली मारना उचित नहीं कहा जा सकता। समाजसेवी राजन पांडे ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों पर हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही, भरत भूषण तिवारी के परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई से देश में यह संदेश जाएगा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी कथित फर्जी एनकाउंटर या अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
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    अयोध्या के कुमारगंज निवासी समाजसेवी राजन पांडे ने बिहार के भोजपुर (आरा) जनपद के बिलाती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि इसमें किसी भी स्तर पर अवैध कार्रवाई हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें कठोरतम कार्रवाई और फांसी तक की सजा मिलनी चाहिए।

राजन पांडे का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी युवा था जो व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाता था। उन्होंने दावा किया कि तिवारी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद वीडियो इस बात का प्रमाण हैं कि वह जनता के मुद्दे उठाता था और गरीबों, मजदूरों तथा आम लोगों के लिए लड़ाई लड़ता था। पांडे ने इस पर भी सवाल उठाया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने अपना हथियार नीचे रख दिया था, तो ऐसी स्थिति में उस पर गोलियां चलाकर उसकी जान लेना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उनके अनुसार, पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। उन्होंने यह आशंका भी व्यक्त की है कि स्थानीय राजनीतिक दबाव में प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई हो सकती है, और यदि किसी प्रकार का दबाव या साजिश सामने आती है, तो उससे जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, भरत भूषण तिवारी के पिता और भाई पर भी मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर राजन पांडे ने कई सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, यदि परिवार के साथ अन्याय हुआ है, तो उन्हें न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। राजन पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भरत भूषण तिवारी ने हथियार उठाया था तो वह उचित नहीं था और वे हिंसा या हथियार की राजनीति का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार न्याय मिलना चाहिए और आत्मसमर्पण जैसी स्थिति में उसे गोली मारना उचित नहीं कहा जा सकता।

समाजसेवी राजन पांडे ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों पर हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार कठोरतम सजा दी जाए। साथ ही, भरत भूषण तिवारी के परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई से देश में यह संदेश जाएगा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी कथित फर्जी एनकाउंटर या अवैध कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सांसद अवधेश प्रसाद ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर आरक्षण घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला पूरे देश में गूंज रहा है और नौकरियों में एक बहुत बड़ा अनियमितता हो रही है। उनके अनुसार, मौजूदा भाजपा सरकार ने कुल 22 विभागों में इस प्रकार का घोटाला किया है, और इस गंभीर मामले पर सरकार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है। सांसद प्रसाद ने आगे कहा कि इस घोटाले के कारण पिछड़े और दलित समुदायों के नवयुवकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी ने सरकार का पक्ष देखा है, और इसी प्रकार 22 विभागों में पिछड़ों के अधिकारों को छीना जा रहा है।
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    सांसद अवधेश प्रसाद ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर आरक्षण घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला पूरे देश में गूंज रहा है और नौकरियों में एक बहुत बड़ा अनियमितता हो रही है। उनके अनुसार, मौजूदा भाजपा सरकार ने कुल 22 विभागों में इस प्रकार का घोटाला किया है, और इस गंभीर मामले पर सरकार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है।

सांसद प्रसाद ने आगे कहा कि इस घोटाले के कारण पिछड़े और दलित समुदायों के नवयुवकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने 69000 शिक्षक भर्ती घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी ने सरकार का पक्ष देखा है, और इसी प्रकार 22 विभागों में पिछड़ों के अधिकारों को छीना जा रहा है।
    user_रवि मौर्य
    रवि मौर्य
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    44 min ago
  • विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन बहुजन समाज पार्टी विशाल सम्मेलन में बसपा पार्टी के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ा हजारों हजारों का जन्म सैलाब
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    विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन बहुजन समाज पार्टी विशाल सम्मेलन में
बसपा पार्टी के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में उमड़ा हजारों हजारों का जन्म सैलाब
    user_जिला संवाददाता दलजीत नागवंशी इ
    जिला संवाददाता दलजीत नागवंशी इ
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पूर्व प्रोजेक्ट इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। वर्मा ने अपने इस बयान में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। हालांकि, विस्तृत खबर में उन व्यक्तियों के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिन्हें वर्मा ने अपने खुलासे में शामिल किया था, जिससे यह सवाल बरकरार है कि आखिर उन्होंने किन-किन लोगों का जिक्र किया है।
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    पूर्व प्रोजेक्ट इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। वर्मा ने अपने इस बयान में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। हालांकि, विस्तृत खबर में उन व्यक्तियों के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिन्हें वर्मा ने अपने खुलासे में शामिल किया था, जिससे यह सवाल बरकरार है कि आखिर उन्होंने किन-किन लोगों का जिक्र किया है।
    user_Nation 7 TV
    Nation 7 TV
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • संपूर्ण भारतवर्ष के साथ-साथ विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सभी देशवासियों से आह्वान किया गया है कि वे सेहतमंद रहने के लिए प्रतिदिन योग करें। यह रिपोर्टिंग लाल चंद और जीबी सोनी द्वारा आज सुबह टाइम्स टीम, लखनऊ के लिए की गई है।
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    संपूर्ण भारतवर्ष के साथ-साथ विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सभी देशवासियों से आह्वान किया गया है कि वे सेहतमंद रहने के लिए प्रतिदिन योग करें। यह रिपोर्टिंग लाल चंद और जीबी सोनी द्वारा आज सुबह टाइम्स टीम, लखनऊ के लिए की गई है।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • अयोध्या जनपद के बीकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मऊ चौहान का पुरवा में एक भूमि विवाद को लेकर पीड़ित जमुना प्रसाद ने स्थानीय लेखपाल राघव राम और एक पुलिसकर्मी पर उत्पीड़न तथा धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि लेखपाल राघव राम अवकाश के दिन भी उनके घर पहुँचकर कार्रवाई करने और बुलडोजर से मकान गिराने की धमकी देते हैं। जमुना प्रसाद के अनुसार, उन्होंने आपसी समझौते के तहत जितना रास्ता देना तय हुआ था, उतना रास्ता वह पहले ही दे चुके हैं। इसके बावजूद, लेखपाल और पुलिसकर्मी लगातार उनके घर आकर उन पर दबाव बनाते हैं और डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन इस मामले में सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, जबकि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की माँग की है। उनका दृढ़ता से कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जाँच की जाए, तो वास्तविक तथ्य सामने आ जाएँगे और उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से राहत मिलेगी। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
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    अयोध्या जनपद के बीकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मऊ चौहान का पुरवा में एक भूमि विवाद को लेकर पीड़ित जमुना प्रसाद ने स्थानीय लेखपाल राघव राम और एक पुलिसकर्मी पर उत्पीड़न तथा धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि लेखपाल राघव राम अवकाश के दिन भी उनके घर पहुँचकर कार्रवाई करने और बुलडोजर से मकान गिराने की धमकी देते हैं।

जमुना प्रसाद के अनुसार, उन्होंने आपसी समझौते के तहत जितना रास्ता देना तय हुआ था, उतना रास्ता वह पहले ही दे चुके हैं। इसके बावजूद, लेखपाल और पुलिसकर्मी लगातार उनके घर आकर उन पर दबाव बनाते हैं और डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन इस मामले में सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर एकतरफा कार्यवाही कर रहा है, जबकि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पीड़ित ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की माँग की है। उनका दृढ़ता से कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जाँच की जाए, तो वास्तविक तथ्य सामने आ जाएँगे और उन्हें अनावश्यक उत्पीड़न से राहत मिलेगी। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करने की बात कही गई है।
    user_NW BHARAT NEWS
    NW BHARAT NEWS
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अयोध्या धाम के महार्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के तहत एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का सफल संचालन डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षक अनुराग सोनी और उनके विद्यार्थियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एयरपोर्ट निदेशक धीरेन्द्र सिंह ने योग प्रशिक्षक और विद्यार्थियों का स्वागत करके तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इसके उपरांत, उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों ने मिलकर 'वंदे मातरम्' का गायन किया। योग प्रशिक्षक अनुराग सोनी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रदर्शन करते हुए उनके वैज्ञानिक और स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव को कम करने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और बढ़ती उम्र में भी शरीर को स्वस्थ एवं सक्रिय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष लाफिंग योग सत्र आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे सकारात्मक ऊर्जा, प्रसन्नता और सामूहिक सौहार्द का वातावरण निर्मित हुआ। एयरपोर्ट निदेशक धीरेन्द्र सिंह ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और इसके लाभों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में एयरपोर्ट प्रशासन, सीआईएसएफ के अधिकारी एवं जवान, विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि, हितधारक संस्थाओं के सदस्य और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को जलपान भी कराया गया।
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    अयोध्या धाम के महार्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' थीम के तहत एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का सफल संचालन डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षक अनुराग सोनी और उनके विद्यार्थियों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एयरपोर्ट निदेशक धीरेन्द्र सिंह ने योग प्रशिक्षक और विद्यार्थियों का स्वागत करके तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इसके उपरांत, उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों ने मिलकर 'वंदे मातरम्' का गायन किया। योग प्रशिक्षक अनुराग सोनी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रदर्शन करते हुए उनके वैज्ञानिक और स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव को कम करने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और बढ़ती उम्र में भी शरीर को स्वस्थ एवं सक्रिय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष लाफिंग योग सत्र आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे सकारात्मक ऊर्जा, प्रसन्नता और सामूहिक सौहार्द का वातावरण निर्मित हुआ।

एयरपोर्ट निदेशक धीरेन्द्र सिंह ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और इसके लाभों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में एयरपोर्ट प्रशासन, सीआईएसएफ के अधिकारी एवं जवान, विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधि, हितधारक संस्थाओं के सदस्य और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को जलपान भी कराया गया।
    user_Arvind Kumar yadav
    Arvind Kumar yadav
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अयोध्या के कांग्रेसी नेता जयकरण वर्मा ने अपनी राजनीतिक शैली को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शेर और बाघ की तरह राजनीति करने में विश्वास नहीं रखते हैं।
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    अयोध्या के कांग्रेसी नेता जयकरण वर्मा ने अपनी राजनीतिक शैली को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शेर और बाघ की तरह राजनीति करने में विश्वास नहीं रखते हैं।
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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