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Sagar kumar
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- Post by Sagar kumar1
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- पति-पत्नी की कलह ने ली जानलेवा रूप, प्यार और विवाद के बीच टूटी जिंदगी, गड़ल गांव के एक घर का झगड़ा, जीवन पर पड़ गया भारी यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि घरेलू विवाद, मानसिक दबाव और संवाद की कमी किस तरह परिवारों को तोड़ रही है। कभी कभी छोटी-छोटी अनबन और संवादहीनता भी जीवन पर गहरा असर डाल सकती है। घरेलू कलह और बढ़ते तनाव ने फिर एक परिवार की खुशियों को अंधेरे में धकेल दिया। समझ और संवेदनशीलता की कमी कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। परिवार में खुला संवाद और मानसिक सहारा कितना अहम है। जीवन की छोटी-छोटी चुनौतियां यदि संवाद और प्यार से हल न हों, तो यह असामान्य दर्द में बदल सकती हैं। यह घटना अमरपुर थाना क्षेत्र के गंगापुर गड़ेल गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी के आपसी विवाद ने ऐसा भयावह मोड़ ले लिया कि एक विवाहिता ने ज़हर खाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि मानसिक तनाव में आकर पत्नी ने घर में रखे ज़हरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी हुई, घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन आनन-फानन में महिला को रेफरल अस्पताल अमरपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। महिला की स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और चिंता का माहौल है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक मामूली विवाद ने किसी की ज़िंदगी को मौत के मुहाने तक कैसे पहुंचा दिया। मायके और ससुराल पक्ष में भी बेचैनी और रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि घरेलू विवाद, मानसिक दबाव और संवाद की कमी किस तरह परिवारों को तोड़ रही है। आपसे बात पूछना चाहते है कि क्या पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवाद आत्मघाती घटनाओं की वजह बनते जा रहे हैं? क्या घरेलू कलह में महिलाओं की मानसिक स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया जाता? क्या समय रहते परिवार या समाज ने हस्तक्षेप किया होता तो यह हादसा टल सकता था?1
- Post by Sagar kumar1