मलिन बस्ती में टूटी 11 हजार वोल्ट की लाइन, करंट की चपेट में आए 11 लोग मलिन बस्ती में टूटी 11 हजार वोल्ट की लाइन, करंट की चपेट में आए 11 लोग पहाड़ी, चित्रकूट। ग्राम पंचायत जमाहिल के मजरा नारायण पुरवा में सोमवार शाम करीब 3:30 बजे मलिन बस्ती के ऊपर से गुजर रही जर्जर 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन अचानक टूटकर मकानों पर गिर गई। बरसात के कारण घरों में नमी होने से करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से महिला, पुरुष और बच्चों समेत 11 लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने एंबुलेंस को सूचना दी। बस्ती का रास्ता खराब होने के कारण एंबुलेंस को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई। ग्रामीणों की मदद से घायलों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाकर सीएचसी पहाड़ी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई। ग्रामीणों ने जर्जर विद्युत लाइन को दुरुस्त कराने के साथ बस्ती तक पहुंचने वाले खराब मार्ग के निर्माण की मांग की है। घटना के दौरान समाजसेवी विष्णु तिवारी और मनोज वर्मा ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
मलिन बस्ती में टूटी 11 हजार वोल्ट की लाइन, करंट की चपेट में आए 11 लोग मलिन बस्ती में टूटी 11 हजार वोल्ट की लाइन, करंट की चपेट में आए 11 लोग पहाड़ी, चित्रकूट। ग्राम पंचायत जमाहिल के मजरा नारायण पुरवा में सोमवार शाम करीब 3:30 बजे मलिन बस्ती के ऊपर से गुजर रही जर्जर 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन अचानक टूटकर मकानों पर गिर गई। बरसात के कारण घरों में नमी होने से करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से महिला, पुरुष और बच्चों समेत 11 लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने एंबुलेंस को सूचना दी। बस्ती का रास्ता खराब होने के कारण एंबुलेंस को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई। ग्रामीणों की मदद से घायलों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाकर सीएचसी पहाड़ी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई। ग्रामीणों ने जर्जर विद्युत लाइन को दुरुस्त कराने के साथ बस्ती तक पहुंचने वाले खराब मार्ग के निर्माण की मांग की है। घटना के दौरान समाजसेवी विष्णु तिवारी और मनोज वर्मा ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
- चित्रकूट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… जमहिल गांव के मजरा नारायणपुर में विद्युत तार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि एक ही स्थान पर विद्युत तार गिरने की यह तीसरी घटना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले पहली घटना में विद्युत तार गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई थी। इसके बाद दोबारा तार गिरने की घटना में एक व्यक्ति का मकान जल गया था और एक गाय भी झुलस गई थी। वहीं आज फिर विद्युत तार गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों के मकान और घर-गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है। घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। घायलों में मीरा उम्र 45 वर्ष, प्रतिभा 16 वर्ष, बदमिया 45 वर्ष, निर्मला 40 वर्ष, रिंकी 15 वर्ष, राजरानी 40 वर्ष, मिथिला 35 वर्ष, शिवदयाल 32 वर्ष, कुसुमा 30 वर्ष, खूली 60 वर्ष, मंजू 29 वर्ष, मनीष 30 वर्ष, बंश 5 वर्ष, करन 6 वर्ष, जीतेन्द्र 17 वर्ष और रचना 8 वर्ष शामिल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ही जगह पर बार-बार विद्युत तार गिरने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने आखिर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया? ग्रामीणों में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद विभाग की ओर से जर्जर विद्युत लाइन को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है। चित्रकूट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… जमहिल गांव के मजरा नारायणपुर में विद्युत तार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि एक ही स्थान पर विद्युत तार गिरने की यह तीसरी घटना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले पहली घटना में विद्युत तार गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई थी। इसके बाद दोबारा तार गिरने की घटना में एक व्यक्ति का मकान जल गया था और एक गाय भी झुलस गई थी। वहीं आज फिर विद्युत तार गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों के मकान और घर-गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है। घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। घायलों में मीरा उम्र 45 वर्ष, प्रतिभा 16 वर्ष, बदमिया 45 वर्ष, निर्मला 40 वर्ष, रिंकी 15 वर्ष, राजरानी 40 वर्ष, मिथिला 35 वर्ष, शिवदयाल 32 वर्ष, कुसुमा 30 वर्ष, खूली 60 वर्ष, मंजू 29 वर्ष, मनीष 30 वर्ष, बंश 5 वर्ष, करन 6 वर्ष, जीतेन्द्र 17 वर्ष और रचना 8 वर्ष शामिल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ही जगह पर बार-बार विद्युत तार गिरने के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने आखिर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया? ग्रामीणों में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद विभाग की ओर से जर्जर विद्युत लाइन को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- 3 गांव, 3 प्रधान, 0 सड़क! कीचड़ में घिसटता चित्रकूट का गड़ीघाट, क्या जागेगा ज़िला प्रशासन?2
- हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा *First LNG Train: हाइड्रोजन के बाद अब दौड़ेगी देश की पहली एलएनजी ट्रेन *🇮🇳 हाइड्रोजन से LNG तक — भारतीय रेलवे में वैकल्पिक ईंधन की नई दिशा* *🚆 1. भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन* ▪︎ 17 जुलाई 2026 को जींद–सोनीपत के बीच भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-फ्यूल-सेल ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ 10 कोच की ट्रेन — 2 Hydrogen Driving Power Cars + 8 Trailer Coaches। ▪︎ दोनों पावर कार मिलकर 2,400 kW शक्ति प्रदान करती हैं। ▪︎ ट्रेन की नियमित परिचालन गति 75 km/h और डिजाइन गति 110 km/h है। ▪︎ हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से ट्रेन में ही बिजली उत्पन्न होती है। ▪︎ *इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद जलवाष्प है;* दहन के कारण धुआँ या प्रत्यक्ष टेलपाइप कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। ▪︎ लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन उच्च क्षमता वाले हाइड्रोजन रेल संचालन का प्रदर्शन करती है। ▪︎ जींद में समर्पित हाइड्रोजन स्टोरेज, कंप्रेशन और डिस्पेंसिंग सुविधा विकसित की गई है। ▪︎ 17 जुलाई के बाद शुरुआती संचालन में ट्रेन ने 1,200+ km की यात्रा कर 3,200+ लीटर डीजल की खपत बचाई। *🚆 2. भारत की पहली LNG–डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन* ▪︎ 27 सितंबर 2026 को गुजरात के साबरमती से भारत की पहली LNG-powered ट्रेन शुरू की गई। ▪︎ ट्रेन में LNG + डीजल ड्यूल-फ्यूल सिस्टम है — इंजन दोनों ईंधनों पर चल सकता है। ▪︎ LNG का इस्तेमाल डीजल की खपत, ईंधन लागत और उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ▪︎ यह 8-कोच DEMU है और जरूरत के अनुसार LNG तथा डीजल के बीच संचालन किया जा सकता है। ▪︎ रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित वार्षिक बचत लगभग ₹23.9 लाख तक हो सकती है। *🇮🇳 हाइड्रोजन + LNG — दो अलग तकनीकी रास्ते* ▪︎ *हाइड्रोजन:* फ्यूल-सेल तकनीक के जरिए ट्रेन में बिजली का उत्पादन। ▪︎ *LNG:* मौजूदा डीजल इंजन प्रणाली को ड्यूल-फ्यूल तकनीक के साथ इस्तेमाल करना। ▪︎ दोनों पहलें रेलवे में वैकल्पिक ईंधन, ऊर्जा दक्षता और डीजल पर निर्भरता कम करने के अलग-अलग तकनीकी मॉडल प्रस्तुत करती हैं। *🇮🇳 हाइड्रोजन ट्रेन से LNG-डीजल ड्यूल-फ्यूल ट्रेन तक — भारतीय रेलवे वैकल्पिक ईंधन आधारित तकनीकों के अलग-अलग मॉडल को वास्तविक संचालन में ला रहा है।*1
- कस्बा पहाड़ी में स्वच्छता अभियान को लगा पलीता, गंदगी और दुर्गंध से ग्रामीण परेशान कस्बा पहाड़ी में स्वच्छता अभियान को लगा पलीता, गंदगी और दुर्गंध से ग्रामीण परेशान पहाड़ी, चित्रकूट। कस्बा पहाड़ी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सफाई कर्मियों के साथ खड़े होकर केवल फोटो सेशन कर खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि कस्बे की मलिन बस्तियों और गांव के अंदर विभिन्न मार्गों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कस्बे के बिसंडा रोड स्थित वोडाफोन टावर के पास भाजपा नेता एवं समाजसेवी दिनेश सिंह के आवास की ओर जाने वाला मार्ग भीषण जलभराव और गंदगी से प्रभावित है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस गली में लंबे समय से सफाई कर्मी नहीं पहुंचे हैं। नालियां कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है और दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात थमने के बाद भी कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जगह-जगह जमा कचरे और गंदे पानी से दुर्गंध उठ रही है। नियमित सफाई न होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से कस्बे और गांव के विभिन्न मार्गों की तत्काल सफाई कराने, जाम नालियों की सफाई तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता अभियान की वास्तविक स्थिति धरातल पर दिखाई देने वाली गंदगी से स्पष्ट हो रही है। रिपोर्ट पत्रकार पुष्पेंद्र कुमार1
- धर्म नगरी चित्रकूट में समाज सेवा के क्षेत्र सक्रिय समाज सेविका अर्चना नितिन उपाध्याय के सोशल मीडिया में विधान सभा चुनाव लड़ने की खबरों पर समाज सेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा है कि समाज सेवा वह चुनाव लड़ने के लिए नहीं कर रही है बल्कि वह गरीब वंचित शोषित लोगो को समाज कि मुख्य धारा में लाने के लिए प्रयास कर रही है जो सरकार कि योजना चल रही है जो जागरूकता के आभाव में उन्हें नहीं मिल पर रही है ऐसे में उन्हें जागरूक करके उन्हें सरकार कि योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास कर रही है सरकार विकास के लिए बहुत फंड देती है लेकिन यहाँ सिर्फ कागजो में दिख रहा है धरातल में नजर नहीं आ रहा है आज भी लोग मूल भूत समस्याओ के लिए परेशान है जो आजादी के बाद भी गाँवो में बिजली नहीं पहुंची है सड़के नहीं बनी है स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हुई है ग्रामीण क्षेत्रो में शिक्षा के प्रति लोग जागरूक नहीं है जो वह मुहिम बनाकर उनके द्वारा लोगो को जागरूक किया जा रहा है और जिनकी समस्याएं है उन समस्याओ को अधिकारियो के सामने उठाकर उनका निराकरण कराने का प्रयास कर रही है यही उनका मकसद है अगर भविष्य में कोई दल अगर उन्हें विधान सभा चुनाव के लिए टिकट देता है तो वह इससे इनकार नहीं करेंगी क्यों कि विधायक बनकर समाज सेवा में और अच्छा कार्य किया जा सकता है और समस्याओ को उचित प्लेटफॉर्म पर रखा जा सकता है उनकी विचार धारा उस दल से मिलेगी जो दल सभी वर्गों को लेकर चलता हो केवल जाती विशेष पर फोकस न करता हो क्यों कि गांव का विकास सभी वर्गों को लेकर चलेंगे तभी गांव का विकास हो सकता है। बाइट -- अर्चना नितिन उपाध्याय (समाज सेविका )2
- 🏛️ जनपद चित्रकूट | पर्यटन विकास जनपद के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा दो परियोजनाओं को कार्ययोजना में सम्मिलित कर स्वीकृति प्रदान की गई है। 🔹 1. लाईना बाबा मंदिर/आश्रम स्थल श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विभिन्न आधारभूत सुविधाओं एवं आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास ₹1.00 करोड़ की लागत से कराया जाएगा। 🔹 2. परानू बाबा मंदिर/आश्रम, मऊ श्रद्धालुओं के लिए शेड, शौचालय, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित विकास कार्य ₹1.00 करोड़ की लागत से कराया जाएगा। इन परियोजनाओं के कार्य पूर्ण होने से धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर, सुविधाजनक एवं व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध होगी। 💬 जनपदवासियों एवं श्रद्धालुओं से सुझाव आमंत्रित हैं। अपने सुझाव किसी भी दिन कार्यालय या मेल के माध्यम से टूरिज्म विभाग में अथवा जिलाधिकारी को दे सकते हैं ।1
- चित्रकूट में नवविवाहिता LLB छात्रा की संदिग्ध मौत! रक्षाबंधन पर मायके आई सरिता ने क्यों उठाया खौफनाक कदम?2
- चित्रकूट के पहाड़ी कस्बे में लगातार तीसरे दिन वाहन की चपेट में आकर गौवंश घायल हुआ। चित्रकूट के पहाड़ी कस्बे में लगातार तीसरे दिन वाहन की चपेट में आकर गौवंश घायल हुआ। रविवार को नांदी रोड पर एक घायल गौवंश की मौत हो गई थी। स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर लगातार हो रहे हादसे बेहद चिंताजनक हैं। प्रशासन से अपील है कि तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावित क्षेत्रों में गति नियंत्रण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी संकेतक और गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, घायल पशुओं के त्वरित उपचार और सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रिपोर्ट पुष्पेंद्र कुमार तिवारी1
- सतना। सीएसपी मनीष त्रिपाठी की अगुआई में शहर के मुख्य मार्ग सहित गली मोहल्ले में पैदल मार्च जारी। वही लोगों से पूछताछ और सघन चेकिंग की जा रही है। इस दौरान कोतवाली टी आई हेमंत शर्मा सहित पुलिस बल मौजूद।1