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*धन्य हैं नेताजी! स्ट्रेचर पर 'शाही सवारी' कर पहुंचे तीन पन्नी संतरा और एक कैरेट केला!* एमपी जिला अस्पताल में सीएम मोहन यादव का बर्थडे अनोखे अंदाज में मना। भाजपाइयों ने 3 पन्नी संतरा और 1 कैरेट केला वितरण किया। गजब का मैनेजमेंट यह रहा कि मरीजों को नसीब न होने वाला स्ट्रेचर, नेताजी के फलाहार की आवभगत में लगा दिखा। वाह रे जिला अस्पताल अब बीमार इंसानों की जगह नेताजी के 'तीन पन्नी संतरे' ढोएगा मरीज देखते रह जाएगा।

10 hrs ago
user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Court reporter Chand, Kanpur•
10 hrs ago

*धन्य हैं नेताजी! स्ट्रेचर पर 'शाही सवारी' कर पहुंचे तीन पन्नी संतरा और एक कैरेट केला!* एमपी जिला अस्पताल में सीएम मोहन यादव का बर्थडे अनोखे अंदाज में मना। भाजपाइयों ने 3 पन्नी संतरा और 1 कैरेट केला वितरण किया। गजब का मैनेजमेंट यह रहा कि मरीजों को नसीब न होने वाला स्ट्रेचर, नेताजी के फलाहार की आवभगत में लगा दिखा। वाह रे जिला अस्पताल अब बीमार इंसानों की जगह नेताजी के 'तीन पन्नी संतरे' ढोएगा मरीज देखते रह जाएगा।

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  • छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परासिया विधानसभा क्षेत्र में निकलने वाली श्री राम नाम संकीर्तन प्रभात फेरी श्री शिव मंदिर से एल आई सी से सरकारी अस्पताल रोड होते हुए शिव मंदिर टेक मोहल्ला आलोक गुप्ता के निवास रोड से पिपरिया रोड हनुमान मंदिर,गणेश मंदिर से वापस शिव मंदिर तक भ्रमण किया ।
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    छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परासिया विधानसभा क्षेत्र में निकलने वाली श्री राम नाम संकीर्तन प्रभात फेरी श्री शिव मंदिर से एल आई सी से सरकारी अस्पताल रोड होते हुए शिव मंदिर टेक मोहल्ला आलोक गुप्ता के निवास रोड से पिपरिया रोड हनुमान  मंदिर,गणेश मंदिर से वापस शिव मंदिर तक भ्रमण किया ।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter Chhindwara, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • छिंदवाड़ा के चंदनगांव के पाठडाना क्षेत्र में आज बुधवार शाम 5 बजे बजे मिली जानकारी अनुसार पानी सप्लाई वाले कुएं में नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मोटर चालू करने गई महिला की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पेयजल स्रोत में शव मिलने से स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश है।
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    छिंदवाड़ा के चंदनगांव के पाठडाना क्षेत्र में आज बुधवार शाम 5 बजे बजे मिली जानकारी अनुसार पानी सप्लाई वाले कुएं में नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मोटर चालू करने गई महिला की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पेयजल स्रोत में शव मिलने से स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश है।
    user_KB live News
    KB live News
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ये कहानी उस शख्स की है जिसने जीवन-काल के आरम्भ से लगभग हर मुकाम पर संकट झेले, संघर्ष किए और स्वयं-को स्थापित किया. कॉलेज और यूनिवर्सिटी की शिक्षा के साथ-ही प्रोफेशनल एजुकेशन में तक अपने को बरसों-बरस डुबोया. छोटे-से-छोटे व्यवसाय से लेकर बड़े-से-बड़े कारोबार तक उन्होंने हाथ आजमाते हुए सफलता अर्जित कीं. सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने खूब खट्टे-मीठे अनुभवों का स्वाद चखा. अब वो शासनतंत्र की बुलंदियों पर हैं, लेकिन जिस प्रकार का विज़न लेकर वो ठोस कार्य कर रहे हैं, ऐसा दिखाई देता है कि एक तेजी से विकसित और समावेशी समाज से लकदक नया मध्यप्रदेश आकार ले रहा है. इस महती अभियान की शुरुआत उन्होंने उज्जैन से की है, जहां नई अवंतिका गढ़ी जा रही है. ये लेख इस कारण नहीं लिखा जा रहा कि मोहन यादव ने सूबे की सरकार का नेतृत्व करते हुए निर्धारित कार्यकाल का लगभग आधा भाग पूर्ण कर लिया है. आज के दिन इसे पोस्ट करने का उद्देश्य यह भी नहीं है कि मुख्यमंत्री जी 25 मार्च 2026 को धूमधाम से अपना 62वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. दरअसल, मंशा ये है कि उन तथ्यों को सामने लाया जाए, जो ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर जी की धरा पर भगवान श्रीकृष्ण की यात्रा का महत्त्व तो सिद्ध करते ही हैं बल्कि महाराजा विक्रमादित्य के अभूतपूर्व शासनकाल की याद भी ताज़ा करते हैं. क्षिप्रा नदी की पावनता और अमृत कुम्भों की बार-बार आवृत्ति तो सदा-से उज्जयिनी के होने का अहसास कराती ही है. 1980 से 2020 तक के एक लम्बे कालखंड में उज्जैन ने जिस तरह की दशा पाई, शायद कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था, उसके आभा-मंडित पुनर्जीवन की! हालात इतने भयावह हो चले थे कि चारों तरफ खंडहर नज़र आते थे, क्षिप्रा मैया स्वयं अपने जीर्णोद्धार को तक रहीं थीं! जिस ज़माने में कांग्रेस पार्टी की तूती बोला करती थी, उज्जैन को प्रकाशचन्द्र सेठी के स्वरूप में मुख्यमंत्री मिले थे. उन्होंने भरचक कोशिश भी कि विकास के आयामों में चार चांद जड़ने की, पर उन्हें इंदौर शिफ्ट कर दिया गया और इस तरह उज्जैन का पोलिटिकल स्टेटस नीचे की पायदानों पर लुढ़कता चला गया! सीएम शिवराज सिंह चौहान के दीर्घ कार्यकाल में सिंहस्थ और महाकाल जी के नाम पर अधोसंरचना विकसित करने के कार्य जरूर हुए. 13 दिसंबर 2023 का तारीखी पल, दिन, महीना और साल बहुत-कुछ बखान करते हुए आया. शायद, बाबा महाकाल जी की कृपा बरस रही थी जो मोहन यादव भाजपा के श्रेष्ठि वर्ग की आंखों का तारा बन गए! मुख्यमंत्री का पद संभालते-ही उन्होंने अपनी अहर्निश सक्रियता, तीव्र गतिशीलता, भारतीय सेना की तरह निर्णय लेने और उसे अंगद की टीम के माफिक लागू करने और समय-समय पर सबक सिखाने वाले और अत्यंत करुनामय फैसले कर अपना तगड़ा परिचय सबको दिया है! उनके कतिपय बयानों, निर्णयों और क़दमों की आलोचनात्मक समीक्षाएं भी हुईं, उज्जैन से दिल्ली तलक, मगर उन्होंने इसे सकारात्मक रूप से ही लिया. संविधान में जिस कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना की गई थी, वो अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह मोहन जी भी फलीभूत कर ही रहे हैं! ग्राम पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के चुनाव जितवाने का टारगेट अचीव करने के साथ-साथ 2028 का गढ़ फिर से फतह करने के लोड को वो समझ-ही रहे होंगे! सरकार चलाने, असेंबली को फेस करने, पार्टी संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और अपने-ही गृह क्षेत्र के समीकरणों को संभालने में उनका अधिकांश समय खप जाता है. बावजूद इसके, उन्होंने जिस मनोयोग से विकास के मॉडल्स को एक-एक कर छुआ है, वो दर्शाता है कि उन्होंने किस तरह उज्जयिनी की सर्वकालिक महान विरासत को समझा और तमाम कामयाबियों के साथ आत्मसात किया! आप सबके संज्ञान में लाता चलूं, मेरी इस लेखनी की बारीकी से चर्चा और चीर-फाड़ होगी: इसके टारगेट्स और कथित छिपे बेनेफिट्स पर लोग-बाग बुक्का फाड़ेंगे! इसमें कोई दिक्कत भी नहीं है...अब जानिए सब-कुछ खो-पाकर उज्जैन कितनी लम्बी और ऊंची छलांग लगाने जा रहा है: (1) विक्रम उद्योग-पुरी सहित समूचे मालवांचल में, जिसे प्राचीनकाल में अवंतिका जनपद के तौर पर जाना जाता था, वहां अनगिनत देशी-विदेशी कंपनियां अनेकानेक प्रकार-के उद्योग-धंधे-व्यवसाय-व्यापार सीमा-पार राशि से स्थापित कर रहे हैं; (2) जो पुरानी, लेकिन बड़ी-बड़ी जल-संरचनाएं हैं, उनका व्यवस्थित प्रबंधन कर पेयजल, खेती-किसानी और कारखानों की जरूरतों के मानिंद सप्लाई की बेहद महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर द्रुत गति से काम चल रहा है; (3) सभी प्रमुख मार्गों का नए सिरे से और 2050 तक के हिसाब से निर्माण और पुनर-निर्माण प्रचलित है; (4) रेल लाइन्स का विस्तार और नए-नए सब-स्टेशन का विकास देखते-ही बनता है; (5) मेट्रो ट्रेन का सफ़र अब दिवा-स्वप्न नहीं रह गया; (6) अलग-अलग कैपेसिटी के बिजली आपूर्ति के आधुनिक केन्द्रों की स्थापना होती देखी जा सकती है; (7) जगह-जगह हेलिपैड का निर्माण, उनपर आकस्मिक, पर्यटन और कमर्शियल फैक्टर्स के तहत उड़ान सेवाएं, एअरपोर्ट, कार्गो के लिए उच्च-स्तरीय प्रयास; (8) कल्चरल और स्पोर्ट्स के हब स्थापित करने के उल्लेखनीय कार्य; (9) कोठी से लेकर मसान तक आन्तरिक शहर के कायाकल्प के उपक्रम; (10) उत्तरवाही क्षिप्रा नदी पर पूर्व से लेकर पश्चिम तक अबाधित उपयोगी और सुंदर स्नान घाट की श्रृंखला... *मैं, फिलहाल, एक विराम ले रहा हूं, इस बात को विशेषकर शेयर करते हुए कि अटैचमेंट्स पर गौर फरमाइएगा: उज्जैन के उभरते चितेरे पुनीत कदवाने ने चने के एक दाने पर वाटर कलर से एक तस्वीर उकेरी है, अपने गुरु अभिषेक तोमर की प्रेरणा से: मोहन का अभ्युदय!*
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    ये कहानी उस शख्स की है जिसने जीवन-काल के आरम्भ से लगभग हर मुकाम पर संकट झेले, संघर्ष किए और स्वयं-को स्थापित किया. कॉलेज और यूनिवर्सिटी की शिक्षा के साथ-ही प्रोफेशनल एजुकेशन में तक अपने को बरसों-बरस डुबोया. छोटे-से-छोटे व्यवसाय से लेकर बड़े-से-बड़े कारोबार तक उन्होंने हाथ आजमाते हुए सफलता अर्जित कीं. सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने खूब खट्टे-मीठे अनुभवों का स्वाद चखा. अब वो शासनतंत्र की बुलंदियों पर हैं, लेकिन जिस प्रकार का विज़न लेकर वो ठोस कार्य कर रहे हैं, ऐसा दिखाई देता है कि एक तेजी से विकसित और समावेशी समाज से लकदक नया मध्यप्रदेश आकार ले रहा है. इस महती अभियान की शुरुआत उन्होंने उज्जैन से की है, जहां नई अवंतिका गढ़ी जा रही है.
ये लेख इस कारण नहीं लिखा जा रहा कि मोहन यादव ने सूबे की सरकार का नेतृत्व करते हुए निर्धारित कार्यकाल का लगभग आधा भाग पूर्ण कर लिया है. आज के दिन इसे पोस्ट करने का उद्देश्य यह भी नहीं है कि मुख्यमंत्री जी 25 मार्च 2026 को धूमधाम से अपना 62वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. दरअसल, मंशा ये है कि उन तथ्यों को सामने लाया जाए, जो ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर जी की धरा पर भगवान  श्रीकृष्ण की यात्रा का महत्त्व तो सिद्ध करते ही हैं बल्कि महाराजा विक्रमादित्य के अभूतपूर्व शासनकाल की याद भी ताज़ा करते हैं. क्षिप्रा नदी की पावनता और अमृत कुम्भों की बार-बार आवृत्ति तो सदा-से उज्जयिनी के होने का अहसास कराती ही है.
1980 से 2020 तक के एक लम्बे कालखंड में उज्जैन ने जिस तरह की दशा पाई, शायद कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था, उसके आभा-मंडित पुनर्जीवन की! हालात इतने भयावह हो चले थे कि चारों तरफ खंडहर नज़र आते थे, क्षिप्रा मैया स्वयं अपने जीर्णोद्धार को तक रहीं थीं! जिस ज़माने में कांग्रेस पार्टी की तूती बोला करती थी, उज्जैन को प्रकाशचन्द्र सेठी के स्वरूप में मुख्यमंत्री मिले थे. उन्होंने भरचक कोशिश भी कि विकास के आयामों में चार चांद जड़ने की, पर उन्हें इंदौर शिफ्ट कर दिया गया और इस तरह उज्जैन का पोलिटिकल स्टेटस नीचे की पायदानों पर लुढ़कता चला गया! सीएम शिवराज सिंह चौहान के दीर्घ कार्यकाल में सिंहस्थ और महाकाल जी के नाम पर अधोसंरचना विकसित करने के कार्य जरूर हुए.
13 दिसंबर 2023 का तारीखी पल, दिन, महीना और साल बहुत-कुछ बखान करते हुए आया. शायद, बाबा महाकाल जी की कृपा बरस रही थी जो मोहन यादव भाजपा के श्रेष्ठि वर्ग की आंखों का तारा बन गए! मुख्यमंत्री का पद संभालते-ही उन्होंने अपनी अहर्निश सक्रियता, तीव्र गतिशीलता, भारतीय सेना की तरह निर्णय लेने और उसे अंगद की टीम के माफिक लागू करने और समय-समय पर सबक सिखाने वाले और अत्यंत करुनामय फैसले कर अपना तगड़ा परिचय सबको दिया है! उनके कतिपय बयानों, निर्णयों और क़दमों की आलोचनात्मक समीक्षाएं भी हुईं, उज्जैन से दिल्ली तलक, मगर उन्होंने इसे सकारात्मक रूप से ही लिया.
संविधान में जिस कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना की गई थी, वो अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह मोहन जी भी फलीभूत कर ही रहे हैं! ग्राम पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के चुनाव जितवाने का टारगेट अचीव करने के साथ-साथ 2028 का गढ़ फिर से फतह करने के लोड को वो समझ-ही रहे होंगे! सरकार चलाने, असेंबली को फेस करने, पार्टी संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और अपने-ही गृह क्षेत्र के समीकरणों को संभालने में उनका अधिकांश समय खप जाता है. बावजूद इसके, उन्होंने जिस मनोयोग से विकास के मॉडल्स को एक-एक कर छुआ है, वो दर्शाता है कि उन्होंने किस तरह उज्जयिनी की सर्वकालिक महान विरासत को समझा और तमाम कामयाबियों के साथ आत्मसात किया!
आप सबके संज्ञान में लाता चलूं, मेरी इस लेखनी की बारीकी से चर्चा और चीर-फाड़ होगी: इसके टारगेट्स और कथित छिपे बेनेफिट्स पर लोग-बाग बुक्का फाड़ेंगे! इसमें कोई दिक्कत भी नहीं है...अब जानिए सब-कुछ खो-पाकर उज्जैन कितनी लम्बी और ऊंची छलांग लगाने जा रहा है: (1) विक्रम उद्योग-पुरी सहित समूचे मालवांचल में, जिसे प्राचीनकाल में अवंतिका जनपद के तौर पर जाना जाता था, वहां अनगिनत देशी-विदेशी कंपनियां अनेकानेक प्रकार-के उद्योग-धंधे-व्यवसाय-व्यापार सीमा-पार राशि से स्थापित कर रहे हैं; (2) जो पुरानी, लेकिन बड़ी-बड़ी जल-संरचनाएं हैं, उनका व्यवस्थित प्रबंधन कर पेयजल, खेती-किसानी और कारखानों की जरूरतों के मानिंद सप्लाई की बेहद महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर द्रुत गति से काम चल रहा है; (3) सभी प्रमुख मार्गों का नए सिरे से और 2050 तक के हिसाब से निर्माण और पुनर-निर्माण प्रचलित है; (4) रेल लाइन्स का विस्तार और नए-नए सब-स्टेशन का विकास देखते-ही बनता है; (5) मेट्रो ट्रेन का सफ़र अब दिवा-स्वप्न नहीं रह गया;  (6) अलग-अलग कैपेसिटी के बिजली आपूर्ति के आधुनिक केन्द्रों की स्थापना होती देखी जा सकती है; (7) जगह-जगह हेलिपैड का निर्माण, उनपर आकस्मिक, पर्यटन और कमर्शियल फैक्टर्स के तहत उड़ान सेवाएं, एअरपोर्ट, कार्गो के लिए उच्च-स्तरीय प्रयास; (8) कल्चरल और स्पोर्ट्स के हब स्थापित करने के उल्लेखनीय कार्य; (9) कोठी से लेकर मसान तक आन्तरिक शहर के कायाकल्प के उपक्रम; (10) उत्तरवाही क्षिप्रा नदी पर पूर्व से लेकर पश्चिम तक अबाधित उपयोगी और सुंदर स्नान घाट की श्रृंखला...
*मैं, फिलहाल, एक विराम ले रहा हूं, इस बात को विशेषकर शेयर करते हुए कि अटैचमेंट्स पर गौर फरमाइएगा: उज्जैन के उभरते चितेरे पुनीत कदवाने ने चने के एक दाने पर वाटर कलर से एक तस्वीर उकेरी है, अपने गुरु अभिषेक तोमर की प्रेरणा से: मोहन का अभ्युदय!*
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Chhindwara Nagar, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • 'रसीद दिखाओ या ऑनलाइन चालान!': सिवनी में अवैध वसूली को लेकर पुलिस को लोगों ने घेरा, देखें वीडियो
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    'रसीद दिखाओ या ऑनलाइन चालान!': सिवनी में अवैध वसूली को लेकर पुलिस को लोगों ने घेरा, देखें वीडियो
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter Seoni, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी निर्माण कार्य एक साल से ठप, जर्जर हो रही सामग्री सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के कारण मौके पर रखी निर्माण सामग्री भी जर्जर होती जा रही है, जिससे सरकारी धन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर हो चुकी है, वहीं निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर लगी हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक भवन खड़ा भी नहीं हो पाया है और कार्य बीच में ही रोक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि आखिर काम क्यों रोका गया है। कार्य बंद होने का कारण अब तक सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव से लगातार दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सचिव से संपर्क नहीं हो पा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और गुणवत्ता हीन कार्य के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आंगनवाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र पूरा हो सके और बच्चों व महिलाओं को सुविधा मिल सकें
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    ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी निर्माण कार्य एक साल से ठप, जर्जर हो रही सामग्री
सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के कारण मौके पर रखी निर्माण सामग्री भी जर्जर होती जा रही है, जिससे सरकारी धन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर हो चुकी है, वहीं निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर लगी हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक भवन खड़ा भी नहीं हो पाया है और कार्य बीच में ही रोक दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि आखिर काम क्यों रोका गया है। कार्य बंद होने का कारण अब तक सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव से लगातार दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सचिव से संपर्क नहीं हो पा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और गुणवत्ता हीन कार्य के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आंगनवाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र पूरा हो सके और बच्चों व महिलाओं को सुविधा मिल सकें
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *मध्यप्रदेश बुलंद आवाज नारी शक्ति संगठन कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन,* *मानदेय बढ़ाने और संगठन के बकाया भुगतान की मांग* सिवनी | म.प्र. बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संगठन द्वारा मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संगठन की ओर से यह ज्ञापन कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में संगठन ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 5966/2023 में दिनांक 03 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से पूर्व दिए जा रहे मानदेय में वृद्धि की जाए तथा बकाया राशि का भुगतान 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 120 दिनों के भीतर किया जाए। इसके अलावा वर्तमान मानदेय में भी उचित बढ़ोतरी किए जाने की मांग रखी गई है।
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    *मध्यप्रदेश बुलंद आवाज नारी शक्ति संगठन कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन,* 
*मानदेय बढ़ाने और संगठन के बकाया भुगतान की मांग*
सिवनी |
म.प्र. बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संगठन द्वारा मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संगठन की ओर से यह ज्ञापन कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में संगठन ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 5966/2023 में दिनांक 03 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हित में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगठन ने मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से पूर्व दिए जा रहे मानदेय में वृद्धि की जाए तथा बकाया राशि का भुगतान 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 120 दिनों के भीतर किया जाए। इसके अलावा वर्तमान मानदेय में भी उचित बढ़ोतरी किए जाने की मांग रखी गई है।
    user_Ramkumar Prajapati
    Ramkumar Prajapati
    Classified ads newspaper publisher कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अमरवाड़ा सिंगोड़ी छिंदवाड़ा सौसर की बड़ी खबरें देखें फटाफट एवं विस्तार से
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    अमरवाड़ा सिंगोड़ी  छिंदवाड़ा सौसर की बड़ी खबरें देखें फटाफट एवं विस्तार से
    user_मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    मानव अधिकार मिशन मीडिया सेक्रे
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • रामनवमी शोभायात्रा के लिए बाजार के मुख्य मार्ग का सुधार कराने सड़क पर उतरे चेम्बर अध्यक्ष सतीश सुखेजा। साथ में चेम्बर के पदाधिकारी
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    रामनवमी शोभायात्रा के लिए बाजार के मुख्य मार्ग का सुधार कराने सड़क पर उतरे चेम्बर अध्यक्ष सतीश सुखेजा। साथ में चेम्बर के पदाधिकारी
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Chhindwara Nagar, Madhya Pradesh•
    10 hrs ago
  • सुने घर का ताला तोड़कर नगदी और जेवरात किए पार, संजू ढाबा के पीछे चोरी छिंदवाड़ा देहात थाना अंतर्गत संजू ढाबा के पीछे अज्ञात चोरों ने एक सुने घर का ताला तोड़कर लाखों रुपए की सेंधमारी की घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आज बुधवार सुबह 10 बजे जानकारी के अनुसार इंश्योरेंस कम्पनी में काम करने वाले नितिन सिंह ठाकुर एवं उनकी पत्नी जो कि निजी स्कूल में टीचर हैं दोनों घर पर ताला लगाकर ड्यूटी पर गए थे। दोपहर जब वह घर लौटे तो घर ताला टूटा हुआ था। जब घर की तलाशी ली गई तो पता चला कि अज्ञात चोरों द्वारा आलमारी में रखे नगद डेढ़ लाख एवं लगभग साढ़े तीन लाख के तीन तोला सोने चांदी के आभूषणों पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया था।
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    सुने घर का ताला तोड़कर नगदी और जेवरात किए पार, संजू ढाबा के पीछे चोरी
छिंदवाड़ा देहात थाना अंतर्गत संजू ढाबा के पीछे अज्ञात चोरों ने एक सुने घर का ताला तोड़कर लाखों रुपए की सेंधमारी की घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आज बुधवार सुबह 10 बजे जानकारी के अनुसार इंश्योरेंस कम्पनी में काम करने वाले नितिन सिंह ठाकुर एवं उनकी पत्नी जो कि निजी स्कूल में टीचर हैं दोनों घर पर ताला लगाकर ड्यूटी पर गए थे। दोपहर जब वह घर लौटे तो घर ताला टूटा हुआ था। जब घर की तलाशी ली गई तो पता चला कि अज्ञात चोरों द्वारा आलमारी में रखे नगद डेढ़ लाख एवं लगभग साढ़े तीन लाख के तीन तोला सोने चांदी के आभूषणों पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया था।
    user_KB live News
    KB live News
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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