आंदर प्रखंड मुख्यालय स्थित विस्कोमान भवन में यूरिया वितरण के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब यूरिया नहीं मिलने से आक्रोशित एक किसान ने अपने गमछे से भवन की खिड़की में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद किसानों और अन्य लोगों की सतर्कता से उन्हें समय रहते बचा लिया गया। इस घटना के बाद विस्कोमान परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जयजोर पंचायत के पूर्व सरपंच सह किसान भीखम गोंड सुबह से ही अन्य किसानों के साथ यूरिया लेने के लिए कतार में खड़े थे। काफी देर इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने पर जब उन्होंने विस्कोमान प्रबंधक से शिकायत की और सभी किसानों को नियमानुसार यूरिया उपलब्ध कराने की बात कही, तो प्रबंधक के साथ यूरिया देने वाले कर्मी ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और यूरिया देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि विस्कोमान केंद्र पर यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। उनके विरोध करने पर प्रबंधक के सहयोगी ने धमकी भरे लहजे में कहा कि “तुम्हें यूरिया नहीं मिलेगा, जहां जाना है जाओ।” इस व्यवहार से आहत होकर उन्होंने गुस्से में आकर अपने गमछे से खिड़की में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। वहीं, किसान सह पूर्व सरपंच के फांसी लगाने के प्रयास का एक वीडियो शुक्रवार दोपहर 1 बजे इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
आंदर प्रखंड मुख्यालय स्थित विस्कोमान भवन में यूरिया वितरण के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब यूरिया नहीं मिलने से आक्रोशित एक किसान ने अपने गमछे से भवन की खिड़की में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद किसानों और अन्य लोगों की सतर्कता से उन्हें समय रहते बचा लिया गया। इस घटना के बाद विस्कोमान परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जयजोर पंचायत के पूर्व सरपंच सह किसान भीखम गोंड सुबह से ही अन्य किसानों के साथ यूरिया लेने के लिए कतार में खड़े थे। काफी देर इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने पर जब उन्होंने विस्कोमान प्रबंधक से शिकायत की और सभी किसानों को नियमानुसार यूरिया उपलब्ध कराने की बात कही, तो प्रबंधक के साथ यूरिया देने वाले कर्मी ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और यूरिया देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि विस्कोमान केंद्र पर यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। उनके विरोध करने पर प्रबंधक के सहयोगी ने धमकी भरे लहजे में कहा कि “तुम्हें यूरिया नहीं मिलेगा, जहां जाना है जाओ।” इस व्यवहार से आहत होकर उन्होंने गुस्से में आकर अपने गमछे से खिड़की में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। वहीं, किसान सह पूर्व सरपंच के फांसी लगाने के प्रयास का एक वीडियो शुक्रवार दोपहर 1 बजे इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
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- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करने के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह वहां पहुंचे। एक वायरल वीडियो में दोनों नेता सोनम वांगचुक की सहायता करते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो भी उनके साथ मौजूद रहीं। अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि वह अपना व्रत तोड़कर बेहद आभारी और प्रसन्न हैं। उन्होंने अपने सभी समर्थकों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया। इस दौरान वह अपनी पत्नी की ओर मुड़कर भावुक हो गए और कहा कि गीतांजलि हमेशा उनके साथ खड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल धन्यवाद नहीं देना चाहते, बल्कि अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त करना चाहते हैं। यह पल उनके लंबे संघर्ष और परिवार के सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आया।1
- विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा आहूत बिहार बंद को लेकर सारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वाटर कैनन, टियर गैस और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों का इंतजाम किया गया है। सड़कों के साथ-साथ प्रशासन सोशल मीडिया की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रख रहा है। भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या गलत जानकारी फैलाने वालों की कड़ी निगरानी की जा रही है और इसी क्रम में तीन लोगों को डिटेन भी किया गया है। सारण के जिलाधिकारी ने आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी या गैर-सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, हिंसा या उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बाँसडीह रोड थाना क्षेत्र स्थित शाहपूर्वा गाँव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद बाँसडीह विधानसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी नेता नीरज सिंह गुड्डू पीड़ित परिजनों से मिलने उनके घर पहुँचे और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान सपा नेता ने सरकार और प्रशासन पर हमला बोलते हुए विद्युत विभाग की लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवज़ा देने तथा परिवार की एक बेटी को सरकारी नौकरी देने की पुरज़ोर वकालत की। इसके साथ ही उन्होंने परिजनों को यह आश्वासन भी दिया कि वे इस पूरी घटना से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत कराएंगे।1
- 22 जुलाई 2026 को बलिया के सुखपुरा क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना में एक बाइक सवार हमलावर ने व्यक्ति की पीठ में चाकू से वार कर दिया। वारदात के तुरंत बाद घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले में सुखपुरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में ले लिया है और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में एएसपी (दक्षिण) संजय वर्मा ने बताया कि घटना की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- आंदर प्रखंड मुख्यालय स्थित विस्कोमान भवन में यूरिया वितरण के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब यूरिया नहीं मिलने से आक्रोशित एक किसान ने अपने गमछे से भवन की खिड़की में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर मौजूद किसानों और अन्य लोगों की सतर्कता से उन्हें समय रहते बचा लिया गया। इस घटना के बाद विस्कोमान परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जयजोर पंचायत के पूर्व सरपंच सह किसान भीखम गोंड सुबह से ही अन्य किसानों के साथ यूरिया लेने के लिए कतार में खड़े थे। काफी देर इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने पर जब उन्होंने विस्कोमान प्रबंधक से शिकायत की और सभी किसानों को नियमानुसार यूरिया उपलब्ध कराने की बात कही, तो प्रबंधक के साथ यूरिया देने वाले कर्मी ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और यूरिया देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया कि विस्कोमान केंद्र पर यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। उनके विरोध करने पर प्रबंधक के सहयोगी ने धमकी भरे लहजे में कहा कि “तुम्हें यूरिया नहीं मिलेगा, जहां जाना है जाओ।” इस व्यवहार से आहत होकर उन्होंने गुस्से में आकर अपने गमछे से खिड़की में फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। वहीं, किसान सह पूर्व सरपंच के फांसी लगाने के प्रयास का एक वीडियो शुक्रवार दोपहर 1 बजे इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।1