नर्मदापुरम में जय हो सामाजिक कल्याण समिति द्वारा संचालित मां नर्मदा घाट स्वच्छता अभियान ने सफलतापूर्वक अपना 300वां सप्ताह पूरा कर लिया है। कई वर्षों से प्रत्येक सप्ताह निरंतर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, समिति के सदस्यों ने विवेकानंद घाट पर श्रमदान किया और स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया। इस दौरान घाट परिसर में फैली गंदगी, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री को इकट्ठा करके उचित स्थान पर निष्पादित किया गया, साथ ही उपस्थित लोगों को मां नर्मदा के तटों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया गया। समिति पदाधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। उनके तटों की स्वच्छता और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसी संकल्प के साथ जय हो समिति यह अभियान लगातार चला रही है। 300 सप्ताह पूरे होने पर, समिति सदस्यों ने मां नर्मदा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की और भविष्य में भी इसी उत्साह एवं समर्पण के साथ स्वच्छता अभियान जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया। इस विशेष अवसर पर समिति अध्यक्ष अर्पित मालवीय सहित अनिल मिश्रा, विवेक वर्मा, रमेश उपरारिया, मदन वर्मा, अनामिका वर्मा, कपिल यादव, आदित्य दुबे, जतिन यादव, सागर पटेल, गणेश यादव, रोहित मालवीय, सौरभ वर्मा, अनुराग वर्मा, संजू प्रजापति, सुजीत कैथवास, अजय बावरिया, विशाल बावरिया, अंकित सागर, पीतांबर चक्रवर्ती, कौशिक बावरिया, शिवाक्षी मालवीय, शुभ सागर, शिवन्या वर्मा और प्रथम बावरिया जैसे समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
नर्मदापुरम में जय हो सामाजिक कल्याण समिति द्वारा संचालित मां नर्मदा घाट स्वच्छता अभियान ने सफलतापूर्वक अपना 300वां सप्ताह पूरा कर लिया है। कई वर्षों से प्रत्येक सप्ताह निरंतर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, समिति के सदस्यों ने विवेकानंद घाट पर श्रमदान किया और स्वच्छता का संदेश प्रसारित किया। इस दौरान घाट परिसर में फैली गंदगी, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री को इकट्ठा करके उचित स्थान पर निष्पादित किया गया, साथ ही उपस्थित लोगों को मां नर्मदा के तटों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए जागरूक भी किया गया। समिति पदाधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। उनके तटों की स्वच्छता और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसी संकल्प के साथ जय हो समिति यह अभियान लगातार चला रही है। 300 सप्ताह पूरे होने पर, समिति सदस्यों ने मां नर्मदा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की और भविष्य में भी इसी उत्साह एवं समर्पण के साथ स्वच्छता अभियान जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया। इस विशेष अवसर पर समिति अध्यक्ष अर्पित मालवीय सहित अनिल मिश्रा, विवेक वर्मा, रमेश उपरारिया, मदन वर्मा, अनामिका वर्मा, कपिल यादव, आदित्य दुबे, जतिन यादव, सागर पटेल, गणेश यादव, रोहित मालवीय, सौरभ वर्मा, अनुराग वर्मा, संजू प्रजापति, सुजीत कैथवास, अजय बावरिया, विशाल बावरिया, अंकित सागर, पीतांबर चक्रवर्ती, कौशिक बावरिया, शिवाक्षी मालवीय, शुभ सागर, शिवन्या वर्मा और प्रथम बावरिया जैसे समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
- सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह रविवार दोपहर करीब 2 बजे नर्मदापुरम के सेठानी घाट स्थित अग्रवाल धर्मशाला में प्रदीप बाथरे द्वारा आयोजित माँ नर्मदा जी के भंडारे में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक ने श्रद्धापूर्वक माँ नर्मदा का स्मरण किया और प्रसादी ग्रहण की, साथ ही इस आयोजन की सराहना भी की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया। विधायक विजयपाल सिंह ने आयोजक प्रदीप बाथरे और उनके सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव व सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।1
- रायसेन में, 'काल भैरव के नाम पर भौकाल काटने वाले' के रूप में जाने जाने वाले 'नाना सरकार' उर्फ सुनील सराठे की पत्नी ने एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम में गाँववालों ने भी एक पंचनामा बनाया है, और इसे 'बाबा, बीवी और बवाल' श्रंखला के तीसरे भाग के रूप में संदर्भित किया गया है। इस पूरे मामले के बाद अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या 'नाना सरकार' के रसूखदार आकाओं ने उनसे मुँह मोड़ लिया है।1
- तरंग म्यूजिकल ग्रुप ने भोपाल में 'गीतों का कारवां' नामक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पालीटेक्निक भवन में संपन्न हुआ।4
- Post by Namdev gujre Khabar bhart news1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज गौ भक्तों और संतों ने अंबेडकर पार्क में 'गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद' के तहत एक बड़ा आंदोलन शुरू किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानून बनाना और गौ माता को 'राज्य माता' के सम्मान से सुशोभित करना है। इसके साथ ही, गौ रक्षकों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा भी प्रदर्शन के प्रमुख बिंदुओं में शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने मध्य प्रदेश सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को 33 दिन पहले इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में प्रदेशभर से आए गौ भक्त और संत भोपाल में एकत्र हुए हैं। आंदोलन के दौरान, संतों के सानिध्य में मुख्यमंत्री की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। 'गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद' का यह आह्वान उन सभी गौ भक्तों, गौ रक्षकों, संतों, महंतों, कथा वाचकों, आचार्यों और संगठनों के प्रतिनिधियों से किया गया है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गौ माता की सेवा से जुड़े हैं, ताकि वे गौ माता की पीड़ा को उठाने के इस कार्य में जुड़ें। गौ भक्त अनुराग भार्गव ने भी इस संबंध में अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- भारतीय रेलवे ने जबलपुर-नई दिल्ली (हज़रत निज़ामुद्दीन) श्रीधाम एक्सप्रेस (12191/12192) में एक बड़ा बदलाव किया है, जहाँ पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों को हटाकर आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं। यह परिवर्तन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में सुधार के लिए किया गया है। ट्रेन ने 30 मई 2026 से जबलपुर से और 31 मई 2026 से निज़ामुद्दीन से पहली बार एलएचबी रैक के साथ चलना शुरू किया है। एलएचबी कोच बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं क्योंकि वे एंटी-टेलीस्कोपिक होते हैं, जिसका मतलब है कि हादसे की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है। इन कोचों में एयर सस्पेंशन तकनीक भी है, जो झटके कम करती है और यात्रा को अधिक आरामदायक बनाती है। नए रैक में कुल 22 कोच शामिल किए गए हैं, जिनमें 1 फर्स्ट एसी, 2 सेकेंड एसी, 5 थर्ड एसी, 1 थर्ड एसी इकोनॉमी, 7 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य श्रेणी और 2 पावर कार/एसएलआरडी कोच हैं। इन आधुनिक कोचों की बेहतर रफ्तार के कारण भोपाल से दिल्ली जाने वाली यात्रा के समय में करीब 58 मिनट की कमी आई है।1
- भोपाल में तरंग म्यूजिकल ग्रुप द्वारा 'गीतों का कारवां' नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।4
- भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों ने भाग लिया, जहाँ संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें पेसा कानून, केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे प्रमुख मसले और आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार के मामलों पर खास ध्यान दिया गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, 30 जून को सिंगरौली में अदाणी समूह के प्रोजेक्ट के विरोध में एक बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया गया। कांग्रेस ने इस दौरान भाजपा पर आदिवासियों की पहचान मिटाने का भी गंभीर आरोप लगाया, जिसके जवाब में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीति पर भी सहमति बनी। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और विधायक विक्रांत भूरिया ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रियाएँ भी दीं।1
- एक मजदूर ट्रेन की चपेट में आने से घायल हो गया। पुलिस की तत्परता के कारण घायल मजदूर को तुरंत अस्पताल पहुँचाया जा सका।1