भाजपा सरकार के राज में भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास' ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास' ग्राम पंचायत गोर में इन दिनों 'आधुनिक निर्माण कला' का एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर देश के बड़े-बड़े इंजीनियर भी शायद अपना माथा पीट लें। यहाँ के आदिवासी मोहल्ले में बन रही सीसी (सीमेंट-कंक्रीट) सड़क में गिट्टी और सीमेंट से ज्यादा ठेकेदार और पंचायत की 'ईमानदारी' घुली हुई है। पंचायत ने शायद यह तय कर लिया है कि सड़क की मोटाई मात्र 2 इंच ही रखी जाए, क्योंकि ज्यादा मजबूत सड़क बनाकर आखिर करना भी क्या है? निर्माण में इस्तेमाल हो रही घटिया और मिट्टी-युक्त सामग्री का यह शानदार लेप देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़क नहीं बन रही, बल्कि मोहल्ले के रास्तों पर कोई पतला सा प्लास्टर चढ़ाया जा रहा हो, ताकि मानसून की पहली ही बारिश में यह बहकर पंचायत के 'विकास कार्यों' की सच्ची कहानी बयां कर सके। इस 'विशेष' और किफायती निर्माण कार्य के पीछे ठेकेदारों और जिम्मेदारों की सोच भी गजब की है। चूंकि यह एक आदिवासी बाहुल्य मोहल्ला है, इसलिए निर्माणकर्ताओं को पूरा और अटूट विश्वास है कि यहाँ के सीधे-सादे लोग इस 'कागजी विकास' की शिकायत लेकर ना तो किसी बड़े अधिकारी के पास जाएंगे और ना ही मटेरियल की गुणवत्ता पर कोई सवाल उठाएंगे। जब कोई शिकायत ही नहीं करेगा, तो फिर सही और पक्के मटेरियल पर बेवजह खर्च क्यों किया जाए? ग्राम गोर में चल रहा यह 2 इंची सीसी निर्माण सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि सिस्टम की उस पारदर्शी सोच का जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ आदिवासियों के हक के नाम पर खुलेआम उनकी आँखों में धूल झोंकने का काम पूरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है।
भाजपा सरकार के राज में भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास' ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास' ग्राम पंचायत गोर में इन दिनों 'आधुनिक निर्माण कला' का एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर देश के बड़े-बड़े इंजीनियर भी शायद अपना माथा पीट लें। यहाँ के
आदिवासी मोहल्ले में बन रही सीसी (सीमेंट-कंक्रीट) सड़क में गिट्टी और सीमेंट से ज्यादा ठेकेदार और पंचायत की 'ईमानदारी' घुली हुई है। पंचायत ने शायद यह तय कर लिया है कि सड़क की मोटाई मात्र 2 इंच ही रखी जाए, क्योंकि ज्यादा मजबूत सड़क बनाकर आखिर करना भी क्या है? निर्माण में इस्तेमाल हो रही घटिया और मिट्टी-युक्त सामग्री का यह शानदार लेप देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़क नहीं बन रही, बल्कि मोहल्ले के रास्तों पर
कोई पतला सा प्लास्टर चढ़ाया जा रहा हो, ताकि मानसून की पहली ही बारिश में यह बहकर पंचायत के 'विकास कार्यों' की सच्ची कहानी बयां कर सके। इस 'विशेष' और किफायती निर्माण कार्य के पीछे ठेकेदारों और जिम्मेदारों की सोच भी गजब की है। चूंकि यह एक आदिवासी बाहुल्य मोहल्ला है, इसलिए निर्माणकर्ताओं को पूरा और अटूट विश्वास है कि यहाँ के सीधे-सादे लोग इस 'कागजी विकास' की शिकायत लेकर ना तो किसी बड़े अधिकारी के पास जाएंगे और
ना ही मटेरियल की गुणवत्ता पर कोई सवाल उठाएंगे। जब कोई शिकायत ही नहीं करेगा, तो फिर सही और पक्के मटेरियल पर बेवजह खर्च क्यों किया जाए? ग्राम गोर में चल रहा यह 2 इंची सीसी निर्माण सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि सिस्टम की उस पारदर्शी सोच का जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ आदिवासियों के हक के नाम पर खुलेआम उनकी आँखों में धूल झोंकने का काम पूरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है।
- विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।4
- जतारा रानी दुर्गावती अनुसूचित जाति उत्कृष्ट छात्रावास में मारपीट व घटिया भोजन का आरोप, एबीवीपी ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग जतारा रानी दुर्गावती अनुसूचित जाति उत्कृष्ट छात्रावास में मारपीट व घटिया भोजन का आरोप, एबीवीपी ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग तीन दिन में जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी टीकमगढ़/जतारा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जतारा इकाई ने रानी दुर्गावती अनुसूचित जाति उत्कृष्ट छात्रावास में छात्राओं के साथ कथित मारपीट एवं निम्न गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराए जाने की शिकायत को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। एबीवीपी के नगर मंत्री विनीत तिवारी द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि छात्रावास में निवासरत छात्राओं के साथ लगातार मारपीट की घटनाएं हो रही हैं तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। संगठन का कहना है कि इससे छात्राओं के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में छात्रावास अधीक्षक दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही पूर्व में हुई घटनाओं में शामिल दोषियों के विरुद्ध भी कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मामले का निराकरण कर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन छात्र-छात्राओं के हित में लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।2
- टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज रंगे हाथ गिरफ्तार.. टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही अरविंद राजपूत ने आरोपी को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच जारी है। फिलहाल लोकायुक्त सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज रंगे हाथ गिरफ्तार.. टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही अरविंद राजपूत ने आरोपी को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच जारी है। फिलहाल लोकायुक्त सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।1
- लोकेशन टीकमगढ़ मध्य प्रदेश रिपोर्टर राम सिंह यादव पानी के लिए टंकी पर चढ़ीं महिलाएं, थर गांव में अनोखा प्रदर्शन, प्रशासन मौके पर... पलेरा। टीकमगढ़ जिले की पलेरा जनपद के ग्राम थर में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीण महिलाओं ने शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सुबह से भूखी-प्यासी महिलाएं गांव में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गईं और पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकी वर्षों से शोपीस बनी हुई है। इसके बावजूद ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और गांव में नियमित पेयजल व्यवस्था शुरू नहीं की जाती, तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और महिलाओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था तथा प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत चल रही थी।1