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विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।

5 hrs ago
user_Manish Yadav
Manish Yadav
पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण

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हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी। विदाई

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समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा

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हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।

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  • शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय आकर दिया ज्ञापन 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्का जाम, पलेरा। टीकमगढ़ जिले की तहसील पलेरा अंतर्गत ग्राम बराना में शासकीय भूमि पर दोबारा हुए कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम की शासकीय भूमि, खसरा नंबर 649/7, 650 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) तथा खसरा नंबर 25.495 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) पर कुछ लोगों ने दोबारा अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कब्जाधारियों ने फिर से शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय में कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। ज्ञापन पर बालाराम लोधी, देवेंद्र लोधी, अरविंद लोधी, महेंद्र लोधी, टीकाराम, देवीदयाल, स्वामी प्रसाद, बाबूलाल लोधी, मनोज लोधी, राजेश प्रसाद लोधी, रविंद्र राजपूत, कमलेश लोधी, पुरुषोत्तम लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थिति रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय आकर दिया ज्ञापन 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्का जाम, पलेरा। टीकमगढ़ जिले की तहसील पलेरा अंतर्गत ग्राम बराना में शासकीय भूमि पर दोबारा हुए कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम की शासकीय भूमि, खसरा नंबर 649/7, 650 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) तथा खसरा नंबर 25.495 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) पर कुछ लोगों ने दोबारा अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कब्जाधारियों ने फिर से शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय में कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। ज्ञापन पर बालाराम लोधी, देवेंद्र लोधी, अरविंद लोधी, महेंद्र लोधी, टीकाराम, देवीदयाल, स्वामी प्रसाद, बाबूलाल लोधी, मनोज लोधी, राजेश प्रसाद लोधी, रविंद्र राजपूत, कमलेश लोधी, पुरुषोत्तम लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थिति रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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    शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय आकर दिया ज्ञापन 

24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्का जाम,

पलेरा। टीकमगढ़ जिले की तहसील पलेरा अंतर्गत ग्राम बराना में शासकीय भूमि पर दोबारा हुए कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम की शासकीय भूमि, खसरा नंबर 649/7, 650 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) तथा खसरा नंबर 25.495 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) पर कुछ लोगों ने दोबारा अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कब्जाधारियों ने फिर से शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय में कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ज्ञापन पर बालाराम लोधी, देवेंद्र लोधी, अरविंद लोधी, महेंद्र लोधी, टीकाराम, देवीदयाल, स्वामी प्रसाद, बाबूलाल लोधी, मनोज लोधी, राजेश प्रसाद लोधी, रविंद्र राजपूत, कमलेश लोधी, पुरुषोत्तम लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थिति रहे 
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय आकर दिया ज्ञापन 
24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्का जाम,
पलेरा। टीकमगढ़ जिले की तहसील पलेरा अंतर्गत ग्राम बराना में शासकीय भूमि पर दोबारा हुए कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम की शासकीय भूमि, खसरा नंबर 649/7, 650 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) तथा खसरा नंबर 25.495 (रकबा 12.456 हेक्टेयर) पर कुछ लोगों ने दोबारा अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कब्जाधारियों ने फिर से शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की शिकायत तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय में कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ज्ञापन पर बालाराम लोधी, देवेंद्र लोधी, अरविंद लोधी, महेंद्र लोधी, टीकाराम, देवीदयाल, स्वामी प्रसाद, बाबूलाल लोधी, मनोज लोधी, राजेश प्रसाद लोधी, रविंद्र राजपूत, कमलेश लोधी, पुरुषोत्तम लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थिति रहे 
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • "नशे के खिलाफ सख्त संदेश: आईजी मिथिलेश शुक्ला बोले—युवा बनें बदलाव की ताकत" "नशे के खिलाफ सख्त संदेश: आईजी मिथिलेश शुक्ला बोले—युवा बनें बदलाव की ताकत" "नशामुक्त समाज का संकल्प: टीकमगढ़ से आईजी मिथिलेश शुक्ला ने दिया बड़ा संदेश" "नशे को हराना है, भविष्य संवारना है: आईजी मिथिलेश शुक्ला ने दिलाई शपथ" "युवाओं से आईजी की अपील—नशे से दूरी ही उज्ज्वल भविष्य की गारंटी" "टीकमगढ़ से गूंजा नशामुक्ति का संदेश, आईजी मिथिलेश शुक्ला ने दिलाई जनशपथ" "नशे के खिलाफ एकजुट हुआ टीकमगढ़, आईजी मिथिलेश शुक्ला ने जगाई नई उम्मीद
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    "नशे के खिलाफ सख्त संदेश: आईजी मिथिलेश शुक्ला बोले—युवा बनें बदलाव की ताकत"  
"नशे के खिलाफ सख्त संदेश: आईजी मिथिलेश शुक्ला बोले—युवा बनें बदलाव की ताकत"  
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"नशे के खिलाफ एकजुट हुआ टीकमगढ़, आईजी मिथिलेश शुक्ला ने जगाई नई उम्मीद
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भाजपा सरकार के राज में भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास' ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास' ग्राम पंचायत गोर में इन दिनों 'आधुनिक निर्माण कला' का एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर देश के बड़े-बड़े इंजीनियर भी शायद अपना माथा पीट लें। यहाँ के आदिवासी मोहल्ले में बन रही सीसी (सीमेंट-कंक्रीट) सड़क में गिट्टी और सीमेंट से ज्यादा ठेकेदार और पंचायत की 'ईमानदारी' घुली हुई है। पंचायत ने शायद यह तय कर लिया है कि सड़क की मोटाई मात्र 2 इंच ही रखी जाए, क्योंकि ज्यादा मजबूत सड़क बनाकर आखिर करना भी क्या है? निर्माण में इस्तेमाल हो रही घटिया और मिट्टी-युक्त सामग्री का यह शानदार लेप देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़क नहीं बन रही, बल्कि मोहल्ले के रास्तों पर कोई पतला सा प्लास्टर चढ़ाया जा रहा हो, ताकि मानसून की पहली ही बारिश में यह बहकर पंचायत के 'विकास कार्यों' की सच्ची कहानी बयां कर सके। इस 'विशेष' और किफायती निर्माण कार्य के पीछे ठेकेदारों और जिम्मेदारों की सोच भी गजब की है। चूंकि यह एक आदिवासी बाहुल्य मोहल्ला है, इसलिए निर्माणकर्ताओं को पूरा और अटूट विश्वास है कि यहाँ के सीधे-सादे लोग इस 'कागजी विकास' की शिकायत लेकर ना तो किसी बड़े अधिकारी के पास जाएंगे और ना ही मटेरियल की गुणवत्ता पर कोई सवाल उठाएंगे। जब कोई शिकायत ही नहीं करेगा, तो फिर सही और पक्के मटेरियल पर बेवजह खर्च क्यों किया जाए? ग्राम गोर में चल रहा यह 2 इंची सीसी निर्माण सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि सिस्टम की उस पारदर्शी सोच का जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ आदिवासियों के हक के नाम पर खुलेआम उनकी आँखों में धूल झोंकने का काम पूरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है।
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    भाजपा सरकार के राज में भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास'
ग्राम पंचायत गोर में 'आधुनिक इंजीनियरिंग' का नायाब नमूना: 2 इंची सीसी सड़क से हो रहा 'विकास'
ग्राम पंचायत गोर में इन दिनों 'आधुनिक निर्माण कला' का एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर देश के बड़े-बड़े इंजीनियर भी शायद अपना माथा पीट लें। यहाँ के आदिवासी मोहल्ले में बन रही सीसी (सीमेंट-कंक्रीट) सड़क में गिट्टी और सीमेंट से ज्यादा ठेकेदार और पंचायत की 'ईमानदारी' घुली हुई है। पंचायत ने शायद यह तय कर लिया है कि सड़क की मोटाई मात्र 2 इंच ही रखी जाए, क्योंकि ज्यादा मजबूत सड़क बनाकर आखिर करना भी क्या है? निर्माण में इस्तेमाल हो रही घटिया और मिट्टी-युक्त सामग्री का यह शानदार लेप देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो सड़क नहीं बन रही, बल्कि मोहल्ले के रास्तों पर कोई पतला सा प्लास्टर चढ़ाया जा रहा हो, ताकि मानसून की पहली ही बारिश में यह बहकर पंचायत के 'विकास कार्यों' की सच्ची कहानी बयां कर सके।
इस 'विशेष' और किफायती निर्माण कार्य के पीछे ठेकेदारों और जिम्मेदारों की सोच भी गजब की है। चूंकि यह एक आदिवासी बाहुल्य मोहल्ला है, इसलिए निर्माणकर्ताओं को पूरा और अटूट विश्वास है कि यहाँ के सीधे-सादे लोग इस 'कागजी विकास' की शिकायत लेकर ना तो किसी बड़े अधिकारी के पास जाएंगे और ना ही मटेरियल की गुणवत्ता पर कोई सवाल उठाएंगे। जब कोई शिकायत ही नहीं करेगा, तो फिर सही और पक्के मटेरियल पर बेवजह खर्च क्यों किया जाए? ग्राम गोर में चल रहा यह 2 इंची सीसी निर्माण सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि सिस्टम की उस पारदर्शी सोच का जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ आदिवासियों के हक के नाम पर खुलेआम उनकी आँखों में धूल झोंकने का काम पूरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है।
    user_Anil Mishra patrkar
    Anil Mishra patrkar
    Photographer जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) के बाहर छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में अनियमितताएं हुई हैं और कई ऐसे विद्यार्थियों को, जो CC में उपस्थित थे, रिजल्ट में अनुपस्थित दिखा दिया गया। छात्र पूरे मामले की जांच और जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं। इस वीडियो में देखिए देर रात 12 बजे का ग्राउंड रिपोर्ट छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) के बाहर छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में अनियमितताएं हुई हैं और कई ऐसे विद्यार्थियों को, जो CC में उपस्थित थे, रिजल्ट में अनुपस्थित दिखा दिया गया। छात्र पूरे मामले की जांच और जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं। इस वीडियो में देखिए देर रात 12 बजे का ग्राउंड रिपोर्ट
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    छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) के बाहर छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में अनियमितताएं हुई हैं और कई ऐसे विद्यार्थियों को, जो CC में उपस्थित थे, रिजल्ट में अनुपस्थित दिखा दिया गया। छात्र पूरे मामले की जांच और जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं। इस वीडियो में देखिए देर रात 12 बजे का ग्राउंड रिपोर्ट
छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) के बाहर छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में अनियमितताएं हुई हैं और कई ऐसे विद्यार्थियों को, जो CC में उपस्थित थे, रिजल्ट में अनुपस्थित दिखा दिया गया। छात्र पूरे मामले की जांच और जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं। इस वीडियो में देखिए देर रात 12 बजे का ग्राउंड रिपोर्ट
    user_Bharat Junction News
    Bharat Junction News
    Local News Reporter छतरपुर, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।
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    विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त.                              पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।
विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त.                              पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले की बिकास खंड पलेरा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला टीला नरैनी में अग्रवाल जी का बिदाई समारोह में देखिए क्या कुछ कहा उनकी छोटी बेटी ने
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    टीकमगढ़ जिले की बिकास खंड पलेरा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला टीला नरैनी में अग्रवाल जी का बिदाई समारोह में देखिए क्या कुछ कहा उनकी छोटी बेटी ने
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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