उत्तर प्रदेश में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब लखनऊ-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को रेलवे ट्रैक पर अचानक रोकना पड़ा। एक दर्दनाक हादसे में एक मोर उड़ान भरते समय रेलवे की हाईटेंशन (OHE) लाइन की चपेट में आ गया, जिसके कारण रूट की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ट्रेन के पहिए जहां के तहां थम गए। इस अप्रत्याशित घटना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन निर्धारित समय से आगे बढ़ रही थी तभी एक भारी-भरकम मोर उड़कर रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों से टकरा गया। इस जोरदार टक्कर के बाद तारों में तगड़ा शॉर्ट-सर्किट हुआ और एक धमाके के साथ ओएचई (Overhead Equipment) लाइन का संपर्क टूट गया। करंट की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन के आपातकालीन स्थिति में जंगल और सुनसान इलाके के बीच रुकने से यात्रियों में बेचैनी फैल गई, ऊपर से बिजली गुल होने के कारण उमस और गर्मी से वे और परेशान हो उठे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन के तकनीकी विभाग और ओएचई टीम में खलबली मच गई। इंजीनियरों और मरम्मत दल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जहां अधिकारियों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन से पक्षी के टकराने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल कर ट्रेन को रवाना करने का प्रयास किया जा रहा है। इस हादसे के कारण लखनऊ-कासगंज रूट पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। इसके अतिरिक्त, मृत मोर के शव को ससम्मान कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को भी सूचित कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब लखनऊ-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को रेलवे ट्रैक पर अचानक रोकना पड़ा। एक दर्दनाक हादसे में एक मोर उड़ान भरते समय रेलवे की हाईटेंशन (OHE) लाइन की चपेट में आ गया, जिसके कारण रूट की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ट्रेन के पहिए जहां के तहां थम गए। इस अप्रत्याशित घटना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन निर्धारित समय से आगे बढ़ रही थी तभी एक भारी-भरकम मोर उड़कर रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों से टकरा गया। इस जोरदार टक्कर के बाद तारों में तगड़ा शॉर्ट-सर्किट हुआ और एक धमाके के साथ ओएचई (Overhead Equipment) लाइन का संपर्क टूट गया। करंट की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन के आपातकालीन स्थिति में जंगल और सुनसान इलाके के बीच रुकने से यात्रियों में बेचैनी फैल गई, ऊपर से बिजली गुल होने के कारण उमस और गर्मी से वे और परेशान हो उठे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन के तकनीकी विभाग और ओएचई टीम में खलबली मच गई। इंजीनियरों और मरम्मत दल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जहां अधिकारियों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन से पक्षी के टकराने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल कर ट्रेन को रवाना करने का प्रयास किया जा रहा है। इस हादसे के कारण लखनऊ-कासगंज रूट पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। इसके अतिरिक्त, मृत मोर के शव को ससम्मान कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को भी सूचित कर दिया गया है।
- सुल्तानपुर के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के चकसोरा ग्राम स्थित ऐतिहासिक श्री राम जानकी मंदिर प्रांगण में श्रद्धा, आस्था और वैदिक परंपराओं के साथ एक भव्य गायत्री यज्ञ, हवन और दीपोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की भावना से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। यह पावन आयोजन प्रभु की असीम कृपा से विशेष रूप से नीमर पांडेय, जयजयराम अग्रहरि और सुरेश पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। बताया गया है कि चकसोरा का श्री राम जानकी मंदिर लगभग 150 वर्ष पुराना है और यह धार्मिक आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। पांडेय परिवार द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया है, जिससे इसकी भव्यता और आकर्षण में वृद्धि हुई है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि सच्चे मन से मनोकामना करने वाले भक्तों की प्रार्थना यहां अवश्य सुनी जाती है। इसी क्रम में, 16 जून 2026 को श्रद्धालुओं के लिए शरबत एवं प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा। यज्ञ का संचालन शांतिकुंज हरिद्वार से आए विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और वैदिक ध्वनियों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। गायत्री यज्ञ को भारतीय संस्कृति की एक महान आध्यात्मिक परंपरा बताया गया है, जो सद्बुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का संचार करती है। यह यज्ञ पर्यावरण शुद्धि, मानसिक शांति और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देता है। चकसोरा निवासी नीमर पांडेय और सुरेश पांडेय धार्मिक, सामाजिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय रहकर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उनके द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं, और पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।1
- केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल सोमवार को सुल्तानपुर के दौरे पर पहुँचीं, जहाँ जिला मुख्यालय पर उनके स्वागत के लिए समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान, पार्टी नेता संदीप सिंह सोनू के नेतृत्व में सैकड़ों गाड़ियों का एक विशाल काफिला भी सुल्तानपुर पहुँचा, जिसने केंद्रीय मंत्री का बेहद जोरदार और भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने मंदिर में चढ़ावे की चोरी के सामने आए प्रकरण पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस घटना को 'बहुत ही गंभीर' बताया और कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए एक एसआईटी (SIT) का भी गठन कर दिया है। पटेल ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की ओर से वे यही चाहते हैं कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएँ, उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर के साथ करोड़ों लोगों की भावनाएँ जुड़ी हुई हैं, और इस तरह मंदिर में चोरी का कृत्य 'अक्षम्य' है।1
- विकासशील इंसान पार्टी (वी आई पी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने सुल्तानपुर के अमहट स्थित एक होटल में कार्यकर्ता बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी आगामी रणनीतियों और राजनीतिक लक्ष्यों को साझा किया, जिसमें उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद पर सीधा निशाना साधा। सहनी ने डॉ. संजय निषाद पर यह आरोप लगाया कि निषाद समाज ने ही उन्हें नेता बनाया और आज वे मंत्री पद पर हैं, लेकिन पिछले सात वर्षों से सरकार में रहने के बावजूद वे समाज के आरक्षण के महत्वपूर्ण मुद्दे को भूल चुके हैं। मुकेश सहनी ने उनसे आग्रह किया कि वे सरकार पर दबाव बनाकर निषाद समाज को उनका उचित आरक्षण दिलवाएँ। इसी संदर्भ में, सहनी ने संजय निषाद को 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने का खुला न्योता दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो संजय निषाद को अपना मंत्री पद छोड़कर 'इंडिया' गठबंधन का हिस्सा बन जाना चाहिए। सहनी ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि संजय निषाद उनके साथ आते हैं, तो वे स्वयं राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके उन्हें गठबंधन में सम्मानजनक सीटें दिलाएंगे, ताकि आने वाले समय में निषाद समाज के अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष किया जा सके। अपनी आगामी रणनीतियों के तहत, मुकेश सहनी ने संगठन को मजबूत करने और 'संकल्प यात्रा' शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि जब तक वर्ष 2027 से पहले केंद्र और राज्य सरकार (मोदी और योगी) निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती, तब तक वे आगामी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं देंगे। मुकेश सहनी ने 'इंडिया' गठबंधन और राहुल गांधी के जाति आधारित गणना के विजन का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि देश में जाति आधारित गणना होनी चाहिए ताकि जिसकी जितनी संख्या हो, उसे उसी अनुपात में आरक्षण प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भाजपा पर केवल वादे करने और काला धन वापस लाने, रोजगार देने तथा महंगाई पर लगाम लगाने जैसे बुनियादी मुद्दों पर विफल रहने का गंभीर आरोप भी लगाया।2
- यह पोस्ट पूरी तरह से आध्यात्मिक भावनाओं को समर्पित है, जिसमें 'जय महाकाल' का बार-बार उद्घोष किया गया है। इसके साथ ही, 'ओम नमः शिवाय' का भी जाप किया गया है, जो भगवान शिव और महाकाल के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है।1
- सुलतानपुर पुलिस लाइन्स में पुलिस अधीक्षक श्रीमती चारू निगम के कुशल निर्देशन और सचिवत्व में आयोजित तीन दिवसीय 27वीं अन्तर-जनपदीय लखनऊ जोन वॉलीबॉल (महिला/पुरुष) और सेपक टकरा प्रतियोगिता-2026 का रविवार, 14 जून 2026 को विधिवत समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि माननीय जनपद न्यायाधीश सुलतानपुर, श्री सुनील कुमार चतुर्थ रहे, जिनका स्वागत पुलिस अधीक्षक महोदया ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया और उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। पुलिस उप आयुक्त – मुख्यालय/सचिव-जोनल खेलकूद समिति, लखनऊ जोन, लखनऊ के निर्देशानुसार यह प्रतियोगिता 12 जून 2026 से 14 जून 2026 तक आयोजित की गई थी, जिसमें लखनऊ जोन की कुल 09 टीमों के 115 खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्घाटन 12 जून को हुआ था, जिसमें लीग-कम-नॉकआउट मैच खेले गए। इसके बाद, 13 जून को क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले हुए, और 14 जून को फाइनल मैच आयोजित किए गए। सभी प्रतियोगिताएँ पूर्ण अनुशासन और सच्ची खेल भावना के साथ निर्विघ्न और निर्विरोध सम्पन्न हुईं, जिसमें निर्णायक मंडल का योगदान भी सराहनीय रहा। वॉलीबॉल टीम प्रतियोगिता में कमिश्नरेट लखनऊ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर चल बैजयन्ती शील्ड अपने नाम की, जबकि जनपद खीरी द्वितीय और जनपद अयोध्या तृतीय स्थान पर रहा। सेपक टकरा प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में भी कमिश्नरेट लखनऊ ने पहला स्थान और चल बैजयन्ती शील्ड जीती, वहीं जनपद सीतापुर द्वितीय और जनपद सुलतानपुर तृतीय स्थान पर रहा। इसी तरह, सेपक टकरा महिला वर्ग में भी कमिश्नरेट लखनऊ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि जनपद सुलतानपुर द्वितीय और जनपद बाराबंकी तृतीय स्थान पर रहे। पूरे प्रतियोगिता में वॉलीबॉल में सर्वोत्तम खिलाड़ी आरक्षी शक्ति यादव (कमिश्नरेट लखनऊ) चुने गए। सेपक टकरा पुरुष वर्ग में मुख्य आरक्षी आदित्य नेगी (कमिश्नरेट लखनऊ) और सेपक टकरा महिला वर्ग में महिला मुख्य आरक्षी रिंकी पटेल (कमिश्नरेट लखनऊ) को सर्वोत्तम खिलाड़ी घोषित किया गया।1
- उत्तर प्रदेश में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब लखनऊ-कासगंज पैसेंजर ट्रेन को रेलवे ट्रैक पर अचानक रोकना पड़ा। एक दर्दनाक हादसे में एक मोर उड़ान भरते समय रेलवे की हाईटेंशन (OHE) लाइन की चपेट में आ गया, जिसके कारण रूट की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ट्रेन के पहिए जहां के तहां थम गए। इस अप्रत्याशित घटना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, ट्रेन निर्धारित समय से आगे बढ़ रही थी तभी एक भारी-भरकम मोर उड़कर रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों से टकरा गया। इस जोरदार टक्कर के बाद तारों में तगड़ा शॉर्ट-सर्किट हुआ और एक धमाके के साथ ओएचई (Overhead Equipment) लाइन का संपर्क टूट गया। करंट की चपेट में आने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन के आपातकालीन स्थिति में जंगल और सुनसान इलाके के बीच रुकने से यात्रियों में बेचैनी फैल गई, ऊपर से बिजली गुल होने के कारण उमस और गर्मी से वे और परेशान हो उठे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन के तकनीकी विभाग और ओएचई टीम में खलबली मच गई। इंजीनियरों और मरम्मत दल को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जहां अधिकारियों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन से पक्षी के टकराने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल कर ट्रेन को रवाना करने का प्रयास किया जा रहा है। इस हादसे के कारण लखनऊ-कासगंज रूट पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। इसके अतिरिक्त, मृत मोर के शव को ससम्मान कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को भी सूचित कर दिया गया है।1
- सुलतानपुर के लम्भुआ में नाला निर्माण कार्य में कथित मनमर्जी के कारण एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ खुदाई के दौरान व्यापारी रामदेव गुप्ता की दुकान का एक पिलर टूट गया। व्यापारी रामदेव गुप्ता ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा मिट्टी बेची जा रही थी, और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो जेसीबी चालक ने जानबूझकर उनकी दुकान के पिलर में टक्कर मार दी। इस घटना को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है, जो नाला निर्माण में हो रही मनमानी पर सवाल उठा रहे हैं।1