मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रयास धरातल पर हो रहे साकार- ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की अभिनव पहल - ग्राम उत्थान शिविर, एक ही छत के नीचे मिल रहा विभिन्न योजनाओं का लाभ, 77 लाख से अधिक प्रकरणों का किया गया निस्तारण- आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम— ग्राम उत्थान शिविर के द्वितीय चरण के अंतर्गत 5 से 9 फरवरी तक होगा शिविरों का आयोजन जयपुर, 04 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीणों तक सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम उत्थान शिविरों की अभिनव पहल की गई है। 23 जनवरी (बंसत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शुरू हुए इन शिविरों में आमजन की 77 लाख से अधिक समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इन शिविरों से किसान, पशुपालक, महिला एवं श्रमिक सहित विभिन्न वर्गों को एक ही छत के नीचे योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इससे प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है और आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण राजस्थान को गति मिली है। 13 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, मिल रही 13 विभागों की सेवाएं— ग्राम उत्थान शिविरों के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 1 हजार 512 शिविर लगाकर ग्रामीणों को राहत दी गई है। अब तक इन शिविरों में 13 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। जिसमें 9 लाख 17 हजार पुरूष एवं 4 लाख 12 हजार महिलाएं शामिल हैं। प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित इन शिविरों में करीब 13 विभागों की विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। 98 हजार सॉइल हेल्थ कार्ड और 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड का वितरण— इन शिविरों में किसानों, पशुपालकों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को 98 हजार 299 से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड और 55 हजार 886 स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया है। पशुपालकों के लिए भी इन शिविरों में अनेक कार्य करवाए जा रहे हैं। इन शिविरों में मंगला पशु योजना के तहत 92 हजार पशुपालकों का पंजीकरण किया गया तथा 5 लाख 11 हजार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा और 77 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया है। ग्राम उत्थान शिविरों में सहकारिता, कृषि विपणन एवं उद्यानिकी की विभिन्न योजनाओं के प्रति आमजन को जागरूक भी किया जा रहा है। इन शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को ऋण आवदेन, नये कस्टम हायरिंग सेन्टर्स के आवदेन सहित विभिन्न योजनाओं से लाखों ग्रामीणों को जागरूक किया गया। साथ ही, कृषि विपणन के तहत मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के तहत अब तक 2 हजार 923 आवेदनों का निस्तारण भी किया गया। इन शिविरों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 28 हजार 908 पंजीकरण तथा फार्मर रजिस्ट्री के 14 हजार 430 पंजीकरण किए गए हैं। शिविरों में फार्म पौंड, तारबंदी, पाईपलाइन के आवेदन, प्राथमिक डेयरी सहकारी समिति और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, नहरों एवं खालों की मरम्मत, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जल संरक्षण का प्रचार-प्रसार, कृषि योजनाओं की जानकारी, मिनी किट वितरण का सत्यापन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, युवा स्वरोजगार योजना, ड्रिप, फव्वारा संयत्र, प्लास्टिक मल्च के आवेदन सहित डेयरी, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एवं योजनाओं के कार्य करवाए जा रहे हैं। सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शिविर होंगे आयोजित— 23 जनवरी से शुरू हुए शिविरों में प्रथम चरण के तहत 25 व 31 जनवरी को शिविरों का आयोजन किया गया तथा दूसरे चरण के तहत 1 फरवरी को प्रदेशभर में शिविर आयोजित हुए। अब इन शिविरों के दूसरे चरण के तहत 5 से 9 फरवरी तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेशभर में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक लगने वाले इन शिविरों में आमजन मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के आवेदन, पंजीकरण और समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम उत्थान शिविर राज्य सरकार की ‘जनसेवा ही सर्वोपरि’ की अवधारणा का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। श्री शर्मा ने आह्वान किया है कि किसान एवं पशुपालक इन शिविरों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रयास धरातल पर हो रहे साकार- ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की अभिनव पहल - ग्राम उत्थान शिविर, एक ही छत के नीचे मिल रहा विभिन्न योजनाओं का लाभ, 77 लाख से अधिक प्रकरणों का किया गया निस्तारण- आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम— ग्राम उत्थान शिविर के द्वितीय चरण के अंतर्गत 5 से 9 फरवरी तक होगा शिविरों का आयोजन जयपुर, 04 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीणों तक सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम उत्थान शिविरों की अभिनव पहल की गई है। 23 जनवरी (बंसत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शुरू हुए इन शिविरों में आमजन की 77 लाख से अधिक समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इन शिविरों से किसान, पशुपालक, महिला एवं श्रमिक सहित विभिन्न वर्गों को एक ही छत के नीचे योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इससे प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है और आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण राजस्थान को गति मिली है। 13 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, मिल रही 13 विभागों की सेवाएं— ग्राम उत्थान शिविरों के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 1 हजार 512 शिविर लगाकर ग्रामीणों को राहत दी गई है। अब तक इन शिविरों में 13 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। जिसमें 9 लाख 17 हजार पुरूष एवं 4 लाख 12 हजार महिलाएं शामिल हैं। प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित इन शिविरों में करीब 13 विभागों की विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। 98 हजार सॉइल हेल्थ कार्ड और 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड का वितरण— इन शिविरों में किसानों, पशुपालकों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को 98 हजार 299 से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड और 55 हजार 886 स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया है। पशुपालकों के लिए भी इन शिविरों में अनेक कार्य करवाए जा रहे हैं। इन शिविरों में मंगला पशु योजना के तहत 92 हजार पशुपालकों का पंजीकरण किया गया तथा 5 लाख 11 हजार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा और 77 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया है। ग्राम उत्थान शिविरों में सहकारिता, कृषि विपणन एवं उद्यानिकी की विभिन्न योजनाओं के प्रति आमजन को जागरूक भी किया जा रहा है। इन शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को ऋण आवदेन, नये कस्टम हायरिंग सेन्टर्स के आवदेन सहित विभिन्न योजनाओं से लाखों ग्रामीणों को जागरूक किया गया। साथ ही, कृषि विपणन के तहत मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के तहत अब तक 2 हजार 923 आवेदनों का निस्तारण भी किया गया। इन शिविरों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 28 हजार 908 पंजीकरण तथा फार्मर रजिस्ट्री के 14 हजार 430 पंजीकरण किए गए हैं। शिविरों में फार्म पौंड, तारबंदी, पाईपलाइन के आवेदन, प्राथमिक डेयरी सहकारी समिति और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, नहरों एवं खालों की मरम्मत, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जल संरक्षण का प्रचार-प्रसार, कृषि योजनाओं की जानकारी, मिनी किट वितरण का सत्यापन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, युवा स्वरोजगार योजना, ड्रिप, फव्वारा संयत्र, प्लास्टिक मल्च के आवेदन सहित डेयरी, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एवं योजनाओं के कार्य करवाए जा रहे हैं। सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शिविर होंगे आयोजित— 23 जनवरी से शुरू हुए शिविरों में प्रथम चरण के तहत 25 व 31 जनवरी को शिविरों का आयोजन किया गया तथा दूसरे चरण के तहत 1 फरवरी को प्रदेशभर में शिविर आयोजित हुए। अब इन शिविरों के दूसरे चरण के तहत 5 से 9 फरवरी तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेशभर में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक लगने वाले इन शिविरों में आमजन मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के आवेदन, पंजीकरण और समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम उत्थान शिविर राज्य सरकार की ‘जनसेवा ही सर्वोपरि’ की अवधारणा का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। श्री शर्मा ने आह्वान किया है कि किसान एवं पशुपालक इन शिविरों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें।
- Rahul Kaswan, चूरू सांसद ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान देशभर के ट्रक ड्राइवरों के साथ हो रहे शोषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग पौने दो करोड़ ट्रक ड्राइवर देश की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स की रीढ़ हैं, जो 63% से अधिक माल ढुलाई का जिम्मा संभालते हैं, लेकिन उन्हें लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। सांसद कस्वां ने राजमार्गों पर अनावश्यक जांच, मानसिक उत्पीड़न और सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से मांग की कि ट्रकों की जांच केवल निर्धारित स्थानों पर हो और टोल प्लाजा पर सीसीटीवी निगरानी में पारदर्शिता के साथ जांच की व्यवस्था की जाए।1
- डूंगरपुर। स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने नगर परिषद डूंगरपुर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और नगर व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। बैठक में गुप्ता ने कहा कि डूंगरपुर का “स्वच्छता मॉडल” पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदेश के 25 जिलों की 171 नगर निकायों की बैठकों में इस मॉडल को प्रस्तुत किया जा चुका है और अब अन्य निकाय भी इसे अपनाने लगे हैं। उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को प्रदेश के सभी 309 नगर निकायों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला डूंगरपुर में आयोजित होने की संभावना है, जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को प्रत्येक वार्ड में जाकर शिकायतों का समाधान करने को कहा। सीवरेज कार्यों के बाद अधूरी सड़कों की मरम्मत शीघ्र पूर्ण करने तथा आवश्यकतानुसार टैंकर सप्लाई की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए। नगर में गंदगी फैलाने वाले खाली भूखंडों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सफाई नहीं कराने वाले भूखंड मालिकों के खिलाफ सीज और कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को भी सड़क पर गंदगी फैलाने पर जुर्माने की चेतावनी दी गई। बैठक में अघोषित बिजली कटौती रोकने, यातायात व्यवस्था सुधारने, सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यकरण, आधुनिक शौचालयों एवं उद्यानों के रखरखाव सहित विभिन्न विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि डूंगरपुर की स्वच्छ और सुंदर शहर की पहचान हर हाल में कायम रखी जाए।1
- संसद के बजट सत्र में झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र ओला ने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए झुंझुनूं में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के बाद झुंझुनूं खेलों में अग्रणी है, ऐसे में पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान की तर्ज पर बड़ा खेल संस्थान स्थापित किया जाए। सांसद ने बताया कि शेखावाटी के खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुविधाओं की कमी बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संस्थान से न केवल खेलों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।1
- Post by RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर1
- Post by @nilesh Verma-19971
- Post by नेहरु वाल्मिकी2
- श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को जप्त किया गया है। थाना अधिकारी कश्यप सिंह की टीम द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया और परिवहन विभाग व खनन विभाग को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों टीम में मौके पर पहुंची और ओवरलोड वाहनों से जुर्माना राशि वसूल किया गया।1
- हनुमान जयंती पर भक्ति में सराबोर हुआ झुंझुनू शहर, झुंझुनूं।हनुमान जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को झुंझुनू शहर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे शहर में धार्मिक उत्साह व आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों को आकर्षक रोशनी, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। प्रातःकाल मंगला आरती के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। दिनभर सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा शोभायात्राएं भी निकाली गईं। शोभायात्रा में सजे-धजे रथ, झांकियां और धार्मिक ध्वज आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु जयकारों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए भक्ति का संदेश फैलाते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। बच्चों ने धार्मिक वेशभूषा धारण कर कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाई। मंदिर समितियों एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम होते-होते मंदिरों में दीपों की रोशनी और भजन संध्या ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि और देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की। हनुमान जयंती के अवसर पर झुंझुनू शहर में उमड़ी श्रद्धा और उत्साह ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक परंपराएं आज भी लोगों को एकजुट करने का सशक्त माध्यम हैं। पूरे दिन शहर “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से गूंजता रहा।1