श्रीराम चरित प्राइवेट लिमिटेड फर्म जैसे शब्दों पर सरेनी के पूर्व विधायक भड़के,राजन जी को कह दी बड़ी बात रायबरेली में धार्मिक कथावाचक राजन जी महाराज के गत दिवस हुए राम कथा कार्यक्रम में राजन महाराज द्वारा राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे और राम चरित प्राइवेट लिमिटेड फर्म जैसे शब्दों पर सरेनी विधानसभा से पूर्व विधायक सरेनी सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बड़ा सवाल खड़ा किया है।आज प्रेस वार्ता में उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह राम कथा सरकारी कार्यक्रम था, जिसमे जनता का लाखों करोड़ों रुपए बहाया गया।इसमें सरकार का कोई प्रचार प्रसार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राजन जी महाराज की इस कथा में वीवीआईपी व्यवस्था की गई थी. महंगे टिकट लगाए गए. बड़े बड़े मंत्री, नेता, विधायक लोग आए. यह कोई राम कथा नहीं था, बल्कि भजन कीर्तन था, जहां भक्ति नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन के लिये नाच गाना किया गया।मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि रामचरितमानस प्राइवेट लिमिटेड फर्म नहीं है, बल्कि राजन जी महाराज प्राइवेट फर्म हो सकते हैं।वह व्यवसायिक हो सकते हैं।रायबरेली से राम बरेली नाम बदले जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह सस्ती लोकप्रियता बटोरने की साजिश है. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रचार कम हुआ राम कथा आयोजक पुलक त्रिपाठी का प्रचार ज्यादा हुआ।पूर्व विधायक ने कहा कि राजन महाराज प्रेमभूषण के शिष्य हैं. इस समय ज्यादा पॉपुलर हैं. राजा जी खजनवा दे जा... की बात उन्होंने खुद की कमाई के लिये कहा है, वह एक व्यावसायिक व्यक्ति हैं।राम कथा को प्राइवेट कंपनी का दर्जा देना गलत बात है. अब यह प्रयागराज में कथा कर रहे हैं. यह सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है. सरकार ने जिसको जिम्मेदारी दी वह मालामाल हुए।रायबरेली का नाम राम बरेली कहना गलत है. इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या हो गया, नाम जो बदले गए हैं. रायबरेली बैसवारा की जगह है. अंग्रेजों ने साजिश रचकर बैसवारा को उन्नाव व रायबरेली में बंटवारा किया था. रायबरेली श्रीवास्तव की मूल जगह भी रही।
श्रीराम चरित प्राइवेट लिमिटेड फर्म जैसे शब्दों पर सरेनी के पूर्व विधायक भड़के,राजन जी को कह दी बड़ी बात रायबरेली में धार्मिक कथावाचक राजन जी महाराज के गत दिवस हुए राम कथा कार्यक्रम में राजन महाराज द्वारा राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे और राम चरित प्राइवेट लिमिटेड फर्म जैसे शब्दों पर सरेनी विधानसभा से पूर्व विधायक सरेनी सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बड़ा सवाल खड़ा किया है।आज प्रेस वार्ता में उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह राम कथा सरकारी कार्यक्रम था, जिसमे जनता का लाखों करोड़ों रुपए बहाया गया।इसमें सरकार का कोई प्रचार प्रसार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राजन जी महाराज की इस कथा में वीवीआईपी व्यवस्था की गई थी. महंगे टिकट लगाए गए. बड़े बड़े मंत्री, नेता, विधायक लोग आए. यह कोई राम कथा नहीं था, बल्कि भजन कीर्तन था, जहां भक्ति नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन के लिये नाच गाना किया गया।मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि रामचरितमानस प्राइवेट लिमिटेड फर्म नहीं है, बल्कि राजन जी महाराज प्राइवेट फर्म हो सकते हैं।वह व्यवसायिक हो सकते हैं।रायबरेली से राम बरेली नाम बदले जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह सस्ती लोकप्रियता बटोरने की साजिश है. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रचार कम हुआ राम कथा आयोजक पुलक त्रिपाठी का प्रचार ज्यादा हुआ।पूर्व विधायक ने कहा कि राजन महाराज प्रेमभूषण के शिष्य हैं. इस समय ज्यादा पॉपुलर हैं. राजा जी खजनवा दे जा... की बात उन्होंने खुद की कमाई के लिये कहा है, वह एक व्यावसायिक व्यक्ति हैं।राम कथा को प्राइवेट कंपनी का दर्जा देना गलत बात है. अब यह प्रयागराज में कथा कर रहे हैं. यह सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है. सरकार ने जिसको जिम्मेदारी दी वह मालामाल हुए।रायबरेली का नाम राम बरेली कहना गलत है. इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या हो गया, नाम जो बदले गए हैं. रायबरेली बैसवारा की जगह है. अंग्रेजों ने साजिश रचकर बैसवारा को उन्नाव व रायबरेली में बंटवारा किया था. रायबरेली श्रीवास्तव की मूल जगह भी रही।
- रायबरेली, हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आज रायबरेली जिले के ऊँचाहार कोतवाली परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और भंडारे का शुभारंभ किया। उनके साथ कोतवाल ऊँचाहार अजय राय सहित पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत ने इस अवसर पर सभी को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दीं l1
- रायबरेली के दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर जहानाबाद चौकी में हनुमान जन्मोत्सव पर शाम 6:00 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया पंडित भीम शंकर द्विवेदी ने दी जानकारी2
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली अंतर्गत सलोन थाना क्षेत्र में मट्ठा पीने से दो दर्जन बच्चे बीमार हो गए है…इस मामले की सूचना मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है….और सवाल उठ रहे हैं कि मट्ठा पीने से आखिर इतने सारे बच्चे कैसे बीमार पड़ गए है।जानकारी के लिए बता दें कि गांव में कार्यक्रम में बच्चों को मट्ठा पिलाया गया था…इसके बाद बच्चों को उलटी,दस्त की शिकायत पर भर्ती कराया गया।अभी भी 25 बच्चों में 6 की हालत ज्यादा नाजुक है…6 बच्चे जिला अस्पताल रेफर किए गए है।10
- डलमऊ तहसील में एसडीएम पर अनैतिक काम का दबाव बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। एसडीएम ने पुलिस बुलाकर उसे जेल भिजवा दिया। आरोपी खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का पीएसओ बताकर एसडीएम पर रौब झाड़ रहा था। रायबरेली के डलमऊ तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का पीएसओ बताकर एसडीएम पर रौब झाड़ना शुरू कर दिया। एसडीएम सत्येंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी को खुद को वीआईपी बताकर अनैतिक काम के लिए दबाव बना रहा था। इसके बाद जब उससे परिचय पूछा गया तो उसने बताया कि वह गोरखपुर सांसद रवि किशन का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर है।1
- रायबरेली जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां फूड पॉइजनिंग की वजह से आधा दर्जन बच्चे अचानक बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं।जानकारी के अनुसार, बच्चों ने दूध से बनी कोई खाद्य वस्तु खाई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तत्काल सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एंबुलेंस के माध्यम से सभी बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- ऊँचाहार, रायबरेली। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन पर्व पर आज ऊँचाहार क्षेत्र के प्रसिद्ध गोकना घाट पर श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही गंगा के तट पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने मां गंगा के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई और सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तिमय रहा माहौल हनुमान जयंती का विशेष योग होने के कारण श्रद्धालुओं में दोगुना उत्साह देखा गया। स्नान के पश्चात भक्तों ने तट पर स्थित मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और दान-पुण्य की रस्म निभाई। पूरा घाट परिसर 'हर-हर गंगे' और 'जय बजरंगबली' के जयघोष से गुंजायमान रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर: भारी पुलिस बल: गोकना घाट और पहुंच मार्गों पर पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। सतर्कता: क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेते दिखे। जल पुलिस: गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और गोताखोरों की टीम तैनात रही। स्थानीय व्यापार मंडल और स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए शिविर लगाए। भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा बलों की सक्रियता से स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के पक्के तालाब के पास एक युवक ने सूदखोरों से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। आनन फानन परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उसकी जेब से एक सुसाइड नोट निकला। जिसमें दो सूदखोरो द्वारा परेशान करने का आरोप लगाया है और सूदखोरों से परेशान होकर युवक ने सुसाइड करने के लिए खाया जहरीला पदार्थ। युवक की हालत गंभीर जिला अस्पताल में भर्ती है। सदर कोतवाली क्षेत्र के पक्के तालाब के रहने वाले शिवकुमार पुत्र दिनेश कुमार की सराफे की दुकान संचालित करते है। जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण करते है। वही उसकी पत्नी सपना ने बताया कि दो सूदखोर दुकान में आकर आए दिन गाली गलौज करते थे और बच्चों के सामने धमकी देते थे। सूदखोरों का पैसा उनके पति ने वापस कर दिया है लेकिन बढ़ा चढ़ा कर ब्याज की रकम वसूली को लेकर दबाव बना रहे थे। जिससे परेशान होकर दोपहर शिवकुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कर दिया। वही जिला अस्पताल के डॉक्टर अमन सिंह ने बताया की जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई है। युवक का इलाज हॉस्पिटल में चल रहा है।1
- रायबरेली : रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित शिफा नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर कथित अतिरिक्त वसूली का मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हो गया। पथरी के ऑपरेशन कराने आए एक मरीज से तय रकम से काफी अधिक पैसे मांगने के आरोप में परिजनों ने नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ भारी बवाल काट दिया। मामले की जानकारी के अनुसार, मरीज को पथरी की समस्या थी और ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि शुरू में ऑपरेशन का एक निश्चित शुल्क तय किया गया, लेकिन बाद में प्रबंधन ने अतिरिक्त रुपये की मांग की। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर जानबूझकर अतिरिक्त वसूली की जा रही है और मरीज की जान को खतरे में डाला जा रहा है। परिजनों ने तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंप दी। शिकायत में उन्होंने पथरी के ऑपरेशन के नाम पर की गई अतिरिक्त वसूली, तय रकम से अधिक पैसे मांगने और मरीज की स्थिति बिगड़ने का पूरा विवरण दिया। शिकायत दर्ज होने और स्वास्थ्य विभाग के दबाव बढ़ने के बाद नर्सिंग होम प्रबंधन बैकफुट पर आ गया और अतिरिक्त वसूले गए रुपये मरीज के परिजनों को वापस कर दिए।1