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फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती। रायबरेली जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां फूड पॉइजनिंग की वजह से आधा दर्जन बच्चे अचानक बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं।जानकारी के अनुसार, बच्चों ने दूध से बनी कोई खाद्य वस्तु खाई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तत्काल सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एंबुलेंस के माध्यम से सभी बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार
Balvant singh Press
फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती। रायबरेली जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां फूड पॉइजनिंग की वजह से आधा दर्जन बच्चे अचानक बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं।जानकारी के अनुसार, बच्चों ने दूध से बनी कोई खाद्य वस्तु खाई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तत्काल सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एंबुलेंस के माध्यम से सभी बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार
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- रायबरेली : रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र में स्थित शिफा नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर कथित अतिरिक्त वसूली का मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हो गया। पथरी के ऑपरेशन कराने आए एक मरीज से तय रकम से काफी अधिक पैसे मांगने के आरोप में परिजनों ने नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ भारी बवाल काट दिया। मामले की जानकारी के अनुसार, मरीज को पथरी की समस्या थी और ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि शुरू में ऑपरेशन का एक निश्चित शुल्क तय किया गया, लेकिन बाद में प्रबंधन ने अतिरिक्त रुपये की मांग की। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के नाम पर जानबूझकर अतिरिक्त वसूली की जा रही है और मरीज की जान को खतरे में डाला जा रहा है। परिजनों ने तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंप दी। शिकायत में उन्होंने पथरी के ऑपरेशन के नाम पर की गई अतिरिक्त वसूली, तय रकम से अधिक पैसे मांगने और मरीज की स्थिति बिगड़ने का पूरा विवरण दिया। शिकायत दर्ज होने और स्वास्थ्य विभाग के दबाव बढ़ने के बाद नर्सिंग होम प्रबंधन बैकफुट पर आ गया और अतिरिक्त वसूले गए रुपये मरीज के परिजनों को वापस कर दिए।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद अंतर्गत सलोन कोतवाली में अवैध मिट्टी खनन की गतिविधियां जोरों पर हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक उदासीनता का फायदा उठाते हुए अवैध खनन करने वाले खुलेआम अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से अवैध मिट्टी खनन का कारोबार चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही भूमि क्षरण की समस्या भी बढ़ रही है। देखे अवैध मिट्टी खनन की वीडियो1
- ऊंचाहार, रायबरेली उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में बीती रात प्रकृति का कहर देखने को मिला। बुधवार की रात अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है, जो वर्तमान में पूरी तरह से चरमरा गई है। सैकड़ों पोल धराशायी, अंधेरे में डूबे कई गांव आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि तहसील के विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली के खंभे उखड़कर जमीन पर गिर गए। कई स्थानों पर भारी पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई हैं, जिससे क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहाँ रात से ही अंधेरा छाया हुआ है। एसडीओ ने दी जानकारी: लाइनमैन मौके पर तैनात विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर जानकारी देते हुए एसडीओ आशीष कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण बिजली नेटवर्क को क्षति पहुँची है। उन्होंने कहा: "क्षेत्र में कुछ जगहों पर खंभे और लाइनें प्रभावित होने से छुटपुट समस्याएं आई हैं। विभाग पूरी तरह सतर्क है और लाइनमैनों को तुरंत मौके पर भेजकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। सभी तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द सही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।" युद्ध स्तर पर बहाली के प्रयास विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में खंभों को खड़ा करने और टूटे हुए तारों को जोड़ने के काम में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मुख्य लाइनों को चालू किया जाए ताकि भीषण गर्मी और उमस के बीच जनता को राहत मिल सके। प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।1
- फतेहपुर शहर के थाना राधानगर क्षेत्र के ईसाईपुरवा मोहल्ले में एक पुराना सार्वजनिक कुआं, जो करीब 60-70 साल से स्थानीय लोगों के उपयोग में था, अब विवादों में आ गया है। आरोप है कि मोहल्ले के ही एक व्यक्ति द्वारा इस सार्वजनिक कुएं पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कुआं वर्षों से शादी-विवाह, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल होता रहा है। प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि इससे पहले भी वर्ष 1988 में इसी कुएं को लेकर विवाद हुआ था, जिस पर प्रशासन द्वारा कब्जा रुकवाया गया था। लेकिन अब एक बार फिर से अवैध निर्माण की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज और दबाव बनाया जा रहा है। इससे मोहल्ले में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल मोहल्ले के दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए और सार्वजनिक कुएं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- ओवरलोड मोंरम परिवहन और अवैध खनन के आरोपों से गरमाया बांदा–फतेहपुर क्षेत्र फतेहपुर/बांदा। बांदा जिला की मर्का खदान (खंड संख्या 3) से जुड़े मोंरम खनन और परिवहन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। खदान से निकलने वाले ओवरलोड वाहनों की आवाजाही ने फतेहपुर जिला के कई इलाकों—असोथर, थरियांव, विजयीपुर रोड और गाजीपुर रोड—में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शाम ढलते ही मोंरम से भरे ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आते हैं, जो देर रात से लेकर सुबह तक लगातार चलते रहते हैं। इन वाहनों की तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है, वहीं हाल ही में बनी सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। प्रदूषण और जनजीवन पर असर वाहनों की अत्यधिक आवाजाही से उठने वाली धूल ने असोथर और थरियांव क्षेत्र के निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात उड़ती धूल और शोर से स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन पर उठ रहे सवाल इन गतिविधियों को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप हैं कि ओवरलोड वाहन खुलेआम नियमों की अनदेखी करते हुए थानों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। इससे मिलीभगत या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। नियमों की अनदेखी पर्यावरण और खनन नियमों के तहत, National Green Tribunal (NGT) ने खनन और परिवहन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। इनमें ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध और तय समय व मार्ग का पालन अनिवार्य है। बावजूद इसके, आरोप है कि मर्का खदान क्षेत्र में भारी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर खनन और अनियमित परिवहन जारी है। सुरक्षा और पर्यावरण पर खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पर्यावरण और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। नदी क्षेत्र में अंधाधुंध खनन से पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं3
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- रायबरेली में धार्मिक कथावाचक राजन जी महाराज के गत दिवस हुए राम कथा कार्यक्रम में राजन महाराज द्वारा राजा जी खजनवा दे दा रानी जी गहनवा दे और राम चरित प्राइवेट लिमिटेड फर्म जैसे शब्दों पर सरेनी विधानसभा से पूर्व विधायक सरेनी सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बड़ा सवाल खड़ा किया है।आज प्रेस वार्ता में उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह राम कथा सरकारी कार्यक्रम था, जिसमे जनता का लाखों करोड़ों रुपए बहाया गया।इसमें सरकार का कोई प्रचार प्रसार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राजन जी महाराज की इस कथा में वीवीआईपी व्यवस्था की गई थी. महंगे टिकट लगाए गए. बड़े बड़े मंत्री, नेता, विधायक लोग आए. यह कोई राम कथा नहीं था, बल्कि भजन कीर्तन था, जहां भक्ति नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन के लिये नाच गाना किया गया।मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि रामचरितमानस प्राइवेट लिमिटेड फर्म नहीं है, बल्कि राजन जी महाराज प्राइवेट फर्म हो सकते हैं।वह व्यवसायिक हो सकते हैं।रायबरेली से राम बरेली नाम बदले जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह सस्ती लोकप्रियता बटोरने की साजिश है. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रचार कम हुआ राम कथा आयोजक पुलक त्रिपाठी का प्रचार ज्यादा हुआ।पूर्व विधायक ने कहा कि राजन महाराज प्रेमभूषण के शिष्य हैं. इस समय ज्यादा पॉपुलर हैं. राजा जी खजनवा दे जा... की बात उन्होंने खुद की कमाई के लिये कहा है, वह एक व्यावसायिक व्यक्ति हैं।राम कथा को प्राइवेट कंपनी का दर्जा देना गलत बात है. अब यह प्रयागराज में कथा कर रहे हैं. यह सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है. सरकार ने जिसको जिम्मेदारी दी वह मालामाल हुए।रायबरेली का नाम राम बरेली कहना गलत है. इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या हो गया, नाम जो बदले गए हैं. रायबरेली बैसवारा की जगह है. अंग्रेजों ने साजिश रचकर बैसवारा को उन्नाव व रायबरेली में बंटवारा किया था. रायबरेली श्रीवास्तव की मूल जगह भी रही।1
- रायबरेली के ऊंचाहार में दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह घटना बुधवार को हुई। ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मजीतपुर गांव निवासी धीरेन्द्र कुमार (29) अपनी बाइक से ऊंचाहार सब्जी मंडी से वापस अपने गांव लौट रहे थे। मानीरपुर गांव के पास सलोन-ऊंचाहार मार्ग पर सामने से आ रही दूसरी बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर मारने वाला बाइक सवार मौके से फरार हो गया। हादसे में धीरेन्द्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर मनोज शुक्ल ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है।1
- फतेहपुर जनपद के थाना थरियांव क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सुकुई में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 2 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई।1