ऊंचाहार में आंधी-तूफान का तांडव, बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त; मरम्मत कार्य जारी,,,, रिपोर्ट-सागर तिवारी ऊंचाहार, रायबरेली उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में बीती रात प्रकृति का कहर देखने को मिला। बुधवार की रात अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है, जो वर्तमान में पूरी तरह से चरमरा गई है। सैकड़ों पोल धराशायी, अंधेरे में डूबे कई गांव आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि तहसील के विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली के खंभे उखड़कर जमीन पर गिर गए। कई स्थानों पर भारी पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई हैं, जिससे क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहाँ रात से ही अंधेरा छाया हुआ है। एसडीओ ने दी जानकारी: लाइनमैन मौके पर तैनात विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर जानकारी देते हुए एसडीओ आशीष कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण बिजली नेटवर्क को क्षति पहुँची है। उन्होंने कहा: "क्षेत्र में कुछ जगहों पर खंभे और लाइनें प्रभावित होने से छुटपुट समस्याएं आई हैं। विभाग पूरी तरह सतर्क है और लाइनमैनों को तुरंत मौके पर भेजकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। सभी तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द सही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।" युद्ध स्तर पर बहाली के प्रयास विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में खंभों को खड़ा करने और टूटे हुए तारों को जोड़ने के काम में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मुख्य लाइनों को चालू किया जाए ताकि भीषण गर्मी और उमस के बीच जनता को राहत मिल सके। प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
ऊंचाहार में आंधी-तूफान का तांडव, बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त; मरम्मत कार्य जारी,,,, रिपोर्ट-सागर तिवारी ऊंचाहार, रायबरेली उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में बीती रात प्रकृति का कहर देखने को मिला। बुधवार की रात अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है, जो वर्तमान में पूरी तरह से चरमरा गई है। सैकड़ों पोल धराशायी, अंधेरे में डूबे कई गांव आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि तहसील के विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली के खंभे उखड़कर जमीन पर गिर गए। कई स्थानों पर भारी पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई हैं, जिससे क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहाँ रात से ही अंधेरा छाया हुआ है। एसडीओ ने दी जानकारी: लाइनमैन मौके पर तैनात विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर जानकारी देते हुए एसडीओ आशीष कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण बिजली नेटवर्क को क्षति पहुँची है। उन्होंने कहा: "क्षेत्र में कुछ जगहों पर खंभे और लाइनें प्रभावित होने से छुटपुट समस्याएं आई हैं। विभाग पूरी तरह सतर्क है और लाइनमैनों को तुरंत मौके पर भेजकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। सभी तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द सही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।" युद्ध स्तर पर बहाली के प्रयास विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में खंभों को खड़ा करने और टूटे हुए तारों को जोड़ने के काम में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मुख्य लाइनों को चालू किया जाए ताकि भीषण गर्मी और उमस के बीच जनता को राहत मिल सके। प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
- User7915Unchahar, Rae Bareli😤5 hrs ago
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- ऊँचाहार, रायबरेली। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन पर्व पर आज ऊँचाहार क्षेत्र के प्रसिद्ध गोकना घाट पर श्रद्धा और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही गंगा के तट पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने मां गंगा के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई और सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तिमय रहा माहौल हनुमान जयंती का विशेष योग होने के कारण श्रद्धालुओं में दोगुना उत्साह देखा गया। स्नान के पश्चात भक्तों ने तट पर स्थित मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और दान-पुण्य की रस्म निभाई। पूरा घाट परिसर 'हर-हर गंगे' और 'जय बजरंगबली' के जयघोष से गुंजायमान रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर: भारी पुलिस बल: गोकना घाट और पहुंच मार्गों पर पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। सतर्कता: क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेते दिखे। जल पुलिस: गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और गोताखोरों की टीम तैनात रही। स्थानीय व्यापार मंडल और स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए शिविर लगाए। भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा बलों की सक्रियता से स्नान पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by Devendra Kumar2
- Post by KEN1
- डलमऊ तहसील में एसडीएम पर अनैतिक काम का दबाव बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। एसडीएम ने पुलिस बुलाकर उसे जेल भिजवा दिया। आरोपी खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का पीएसओ बताकर एसडीएम पर रौब झाड़ रहा था। रायबरेली के डलमऊ तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का पीएसओ बताकर एसडीएम पर रौब झाड़ना शुरू कर दिया। एसडीएम सत्येंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी को खुद को वीआईपी बताकर अनैतिक काम के लिए दबाव बना रहा था। इसके बाद जब उससे परिचय पूछा गया तो उसने बताया कि वह गोरखपुर सांसद रवि किशन का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर है।1
- रायबरेली, हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आज रायबरेली जिले के ऊँचाहार कोतवाली परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और भंडारे का शुभारंभ किया। उनके साथ कोतवाल ऊँचाहार अजय राय सहित पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत ने इस अवसर पर सभी को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दीं l1
- ऊंचाहार, रायबरेली उत्तर प्रदेश के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में बीती रात प्रकृति का कहर देखने को मिला। बुधवार की रात अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बुरा असर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है, जो वर्तमान में पूरी तरह से चरमरा गई है। सैकड़ों पोल धराशायी, अंधेरे में डूबे कई गांव आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि तहसील के विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली के खंभे उखड़कर जमीन पर गिर गए। कई स्थानों पर भारी पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें टूट गई हैं, जिससे क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहाँ रात से ही अंधेरा छाया हुआ है। एसडीओ ने दी जानकारी: लाइनमैन मौके पर तैनात विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर जानकारी देते हुए एसडीओ आशीष कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण बिजली नेटवर्क को क्षति पहुँची है। उन्होंने कहा: "क्षेत्र में कुछ जगहों पर खंभे और लाइनें प्रभावित होने से छुटपुट समस्याएं आई हैं। विभाग पूरी तरह सतर्क है और लाइनमैनों को तुरंत मौके पर भेजकर मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है। सभी तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द सही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।" युद्ध स्तर पर बहाली के प्रयास विद्युत विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में खंभों को खड़ा करने और टूटे हुए तारों को जोड़ने के काम में युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मुख्य लाइनों को चालू किया जाए ताकि भीषण गर्मी और उमस के बीच जनता को राहत मिल सके। प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।1