उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ तहसील में बुधवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम और राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर मनमानी, भ्रष्ट कार्यशैली, मामलों के निस्तारण में देरी और अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राम अचल मिश्रा ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की गई, तथा उनके रुपये भी छीन लिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को उनके खिलाफ उकसाया। दूसरी ओर, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार बार एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कोई प्रतिनिधि चर्चा के लिए नहीं आया। एसडीएम का आरोप है कि न्यायालय से बाहर निकलते समय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उनका घेराव कर नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं ने उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम को हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब इस पूरे विवाद पर जिला प्रशासन की निगाहें टिकी हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ तहसील में बुधवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम और राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर मनमानी, भ्रष्ट कार्यशैली, मामलों के निस्तारण में देरी और अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राम अचल मिश्रा ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट
की गई, तथा उनके रुपये भी छीन लिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को उनके खिलाफ उकसाया। दूसरी ओर, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार बार एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कोई प्रतिनिधि चर्चा के लिए नहीं आया। एसडीएम का आरोप है कि न्यायालय से बाहर निकलते समय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उनका
घेराव कर नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं ने उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम को हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब इस पूरे विवाद पर जिला प्रशासन की निगाहें टिकी हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की हैदरगढ़ तहसील में बुधवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अचल मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम और राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर मनमानी, भ्रष्ट कार्यशैली, मामलों के निस्तारण में देरी और अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राम अचल मिश्रा ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की गई, तथा उनके रुपये भी छीन लिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को उनके खिलाफ उकसाया। दूसरी ओर, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार बार एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कोई प्रतिनिधि चर्चा के लिए नहीं आया। एसडीएम का आरोप है कि न्यायालय से बाहर निकलते समय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उनका घेराव कर नारेबाजी की गई। अधिवक्ताओं ने उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर एसडीएम को हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब इस पूरे विवाद पर जिला प्रशासन की निगाहें टिकी हैं कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।3
- बाराबंकी जनपद में भारतीय किसान यूनियन भदौरिया संगठन के किसान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को एक सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन उनकी विभिन्न मांगों को लेकर दिया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे तहसील का घेराव करेंगे।1
- राष्ट्र असम वायु सेना दुर्घटना में देश की सेवा में अपना जीवन बलिदान करने वाले एक बहादुर सैनिक के लिए शोक मना रहा है। उनके निधन की खबर से उनके परिवार, दोस्तों और पूरे समुदाय के दिलों में गहरा दुख और दर्द छा गया है। आज, लोग शहीद (शुभम) को अंतिम सम्मान देने के लिए एकत्र हुए हैं, जिनकी घर वापसी वैसी नहीं है जैसी उम्मीद की गई थी, फिर भी उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उनके ताबूत के हर कदम के साथ, लोग नुकसान का दर्द महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनके साहस और समर्पण पर गर्व भी है। उनके ताबूत को ढँकने वाला झंडा उस स्वतंत्रता और सुरक्षा का प्रतीक है जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी, और आसमान में गूँजने वाली सलामी गोलियां एक नायक को अंतिम श्रद्धांजलि हैं। बहने वाले आँसू उनके प्रति प्यार और सम्मान का प्रमाण हैं। (शुभम) सिर्फ एक सैनिक से बढ़कर थे; वह एक बेटा, एक भाई और एक दोस्त भी थे। उनकी स्मृति उन कहानियों में जीवित रहेगी जो उनके बारे में बताई जाती हैं, उन मूल्यों में जो उन्होंने अपने जीवन में धारण किए थे, और उस विरासत में जो उन्होंने छोड़ी है। राष्ट्र उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है और उन्हें हमेशा अपने दिलों में रखेगा।1
- एक व्यक्ति ने अपने परिवार की स्थिति पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि वे जितने में हैं, उतने में ही खुश और संतुष्ट हैं।1
- जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री लोधेश्वर महादेव धाम में मंगलवार शाम प्रशासन ने कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर उन मकानों को ध्वस्त किया गया, जिन्हें पूर्व में अधिग्रहित किया जा चुका था, लेकिन उन पर कार्रवाई शेष थी। यह कार्रवाई पुरुषोत्तम मास मेले के समापन के बाद रात करीब 7 बजे की गई। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने दो जेसीबी मशीनों की सहायता से गिल्लावती पांडे के मकान और एक संस्कृत पाठशाला भवन को गिराया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी की एक बटालियन तैनात की गई थी। राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे, और लेखपाल संतोष की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई गई। सुरक्षा व्यवस्था में सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, जंग शेर सिंह चौहान, अभिषेक कुमार सहित महादेव पुलिस चौकी के कई पुलिसकर्मी शामिल थे। वहीं, मकान स्वामिनी गिल्लावती पांडे ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है और उनका मामला बजरंगबली मंदिर के पुजारी रमेश से विवादित है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि श्री लोधेश्वर महादेव धाम को विकसित करने की कॉरिडोर निर्माण योजना के तहत कई भवनों का अधिग्रहण किया गया है। प्रशासन द्वारा अधिग्रहित भूमि और भवनों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराकर विकास कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। मंगलवार को हुई यह कार्रवाई इसी क्रम का एक हिस्सा बताई जा रही है।1
- बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर स्थित संगरीला फैमिली रेस्टोरेंट की पार्किंग में देर रात एक बड़ी चोरी की वारदात हुई है। चोरों ने एक खड़ी कार का शीशा तोड़कर उसमें रखे करीब एक करोड़ रुपये के सोने के जेवरात और 30 हजार रुपये की नकदी चोरी कर ली, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, बाराबंकी के बदोसराय थाना क्षेत्र निवासी इकराम खान, जो वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं, अपने परिवार के साथ बहराइच में आयोजित एक शादी समारोह से लौट रहे थे। रात करीब नौ बजे उन्होंने लखनऊ-अयोध्या हाईवे स्थित शंग्रीला फैमिली रेस्टोरेंट पर भोजन करने के लिए अपनी कार पार्किंग में खड़ी की थी। लगभग एक घंटे बाद जब परिवार वापस लौटा तो कार की खिड़की का शीशा टूटा हुआ मिला और कार के अंदर रखा वह बैग गायब था, जिसमें कीमती जेवरात और नकदी रखी हुई थी। चोरी का पता चलते ही परिवार के होश उड़ गए। पीड़ित इकराम खान ने पुलिस को बताया कि उस समय लखनऊ स्थित उनके घर पर कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते परिवार ने सुरक्षा की दृष्टि से सभी कीमती जेवरात अपने साथ रखे हुए थे। उन्होंने आशंका जताई कि चोरों को कार में महिलाओं की उपस्थिति और उनके पास सामान होने के कारण कीमती वस्तुओं की जानकारी हो गई होगी। घटना की सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस रेस्टोरेंट परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिसके आधार पर अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।1
- बाराबंकी जनपद के सफदरगंज थाना क्षेत्र में उधौली गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) के किनारे डंपरों के माध्यम से कथित रूप से अवैध मिट्टी डाले जाने का मामला सामने आया है। सड़क किनारे बड़ी मात्रा में डाली गई यह मिट्टी राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, डंपरों द्वारा मिट्टी डंप किए जाने से राजमार्ग के किनारे मिट्टी के ढेर लग गए हैं। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह स्थिति कभी भी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है। सड़क किनारे डाली जा रही इस मिट्टी से राहगीर काफी परेशान हैं, और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के दरियाबाद क्षेत्र के पूरे ब्लॉक पुरेदलाई की कई ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने खेवाराजपुर, अतरसुइया, उमराहरा और ककराहा समेत कई गांवों में सैकड़ों मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पंचायत चुनाव से पहले यह एक सुनियोजित "वोटर लिस्ट खेल" है, जिसमें प्रधान और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की भूमिका संदिग्ध है। दर्जनों ग्रामीणों ने नाम कटने का आरोप लगाया है, जिनमें राम सिंह, सरोज कुमारी, रितू सिंह, रजनी सिंह, मिथिलेश कुमारी, विद्यावती, गंगा प्रसाद, शिवकुमारी, रामानंद और राजकुमार सिंह जैसे नाम शामिल हैं। उमराहरा गांव में अंकित, रानी, अर्जुन, दयाराम, सुशीला, सुनीता कुमारी, अरविंद, प्रेमवती, अवधराम, संगीता, लवकुश, मीना, अनीता, मनीषा और सोनी के नाम भी मतदाता सूची से हटाने का आरोप है। पूर्व प्रधान कुम सिंह ने भी अपने परिवार के 6 सदस्यों सहित नाम कटने का दावा किया है, जिससे गांव में आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधान और बीएलओ कल्पना सिंह ने मनमानी करते हुए नाम काटे हैं ताकि पंचायत चुनाव को प्रभावित किया जा सके। वहीं, ग्रामीणों का यह भी दावा है कि प्रधान की भांजी-भांजे वैशाली सिंह, अंकिता सिंह और हर्षिता सिंह के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधान प्रतिनिधि विभकार सिंह के रिश्तेदार प्रवीण कुमार और शैलेंद्र कुमार के नाम सूची में शामिल होने पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में बीएलओ कल्पना सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यह कार्रवाई नियमानुसार और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुई है। ग्रामीणों ने निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन और एसडीएम रामसनेहीघाट से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब सबकी निगाहें डीएम ईशान प्रताप सिंह और एसडीएम अनुराग सिंह पर टिकी हैं कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच हो पाएगी।4