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चित्तौड़गढ़ ज़िले के करणपुरा में महात्मा गांधी नरेगा कार्यस्थल पर गई महिलाओं को बिना फोटो खिंचवाए वापस लौटना पड़ा। महिलाओं का कहना है कि वे निर्धारित समय पर पहुंची थीं, इसके बावजूद उनकी फोटो नहीं खींची गई, जिससे उन्हें वापस घर आना पड़ा।

6 hrs ago
user_Prahlad bheel
Prahlad bheel
रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
6 hrs ago

चित्तौड़गढ़ ज़िले के करणपुरा में महात्मा गांधी नरेगा कार्यस्थल पर गई महिलाओं को बिना फोटो खिंचवाए वापस लौटना पड़ा। महिलाओं का कहना है कि वे निर्धारित समय पर पहुंची थीं, इसके बावजूद उनकी फोटो नहीं खींची गई, जिससे उन्हें वापस घर आना पड़ा।

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  • सांगोद में 'वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम पीपली घाट स्थित गणेश कुंज पर आयोजित किया गया, जिसका आगाज ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गणेशपाल मंदिर में गणपति का विधिवत पूजन कर किया। इस दौरान पूरा परिसर 'गंगा माता की जय' के जयकारों से गूंज उठा और अभियान के प्रति जन-जागरूकता के लिए महिलाओं द्वारा कलश यात्रा भी निकाली गई। यह राज्यव्यापी अभियान 25 मई से शुरू होकर 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। अभियान के शुभारंभ पर मंत्री नागर ने खुद स्वच्छता की कमान संभालते हुए सांगोद के पीपली घाट पर आमजन और अधिकारियों के साथ मिलकर भारी मात्रा में श्रमदान किया। उन्होंने नदी किनारे फैले प्लास्टिक, अनुपयोगी अपशिष्ट और गंदगी को अपने हाथों से बटोरकर साफ किया, जिससे वहाँ मौजूद नागरिकों और युवाओं में भारी उत्साह भर गया और वे भी इस सफाई यज्ञ में जुट गए। आमजन को संबोधित करते हुए मंत्री नागर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में देश और प्रदेश बदल रहा है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने से हर घर में शौचालय बन गए हैं और खुले में शौच से मुक्ति मिली है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस अभियान के तहत सभी सरकारी विभागों के भवनों और कार्यालयों की सफाई व रंग-रोगन का कार्य भी किया जाएगा, साथ ही जल स्रोतों को स्वच्छ रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बताई। मीडिया से बातचीत में मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी को रोकना, जलाशयों की सफाई करना, जल स्रोतों का पुनर्भरण करना और गांवों से कचरा हटाकर उन्हें पूर्णतः स्वच्छ बनाना है। उन्होंने आमजन से इस महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए, मंत्री हीरालाल नागर ने नदी में कचरा फेंक रहे एक युवक को मौके पर ही टोका। उन्होंने युवक को समझाइश देते हुए कहा कि नदी-नालों में किसी भी प्रकार का प्लास्टिक, घरेलू अपशिष्ट या पूजन सामग्री न डालें। इसके साथ ही, उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और नदी को दूषित करने वालों व अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों पर सख्त रोक लगाई जाए। मंत्री नागर ने नदी किनारे स्थित सरकारी स्कूल के पीछे गणेश कुंज पर नीम और पीपल के पौधों का रोपण भी किया। उन्होंने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मनोज मालव को सख्त निर्देश दिए कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ड्रिप सिंचाई पद्धति से पानी की व्यवस्था की जाए, परिसर से अनुपयोगी बबूल के पेड़ों को तुरंत हटाया जाए, और मिट्टी का लैंडस्केपिंग कार्य कर इस पूरे क्षेत्र को एक सुंदर पार्क के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें पॉम खजूर जैसे आकर्षक पौधे लगाए जाएं। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी सौगात के तौर पर सांगोद विधानसभा के लगभग 50 हजार परिवारों को विधायक कोष से दो-दो डस्टबिन (कुल 1 लाख डस्टबिन) मुफ्त दिए जाएंगे, ताकि लोग घर पर ही सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग निस्तारण कर सकें।
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    सांगोद में 'वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक विशेष स्वच्छता कार्यक्रम पीपली घाट स्थित गणेश कुंज पर आयोजित किया गया, जिसका आगाज ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गणेशपाल मंदिर में गणपति का विधिवत पूजन कर किया। इस दौरान पूरा परिसर 'गंगा माता की जय' के जयकारों से गूंज उठा और अभियान के प्रति जन-जागरूकता के लिए महिलाओं द्वारा कलश यात्रा भी निकाली गई। यह राज्यव्यापी अभियान 25 मई से शुरू होकर 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा।

अभियान के शुभारंभ पर मंत्री नागर ने खुद स्वच्छता की कमान संभालते हुए सांगोद के पीपली घाट पर आमजन और अधिकारियों के साथ मिलकर भारी मात्रा में श्रमदान किया। उन्होंने नदी किनारे फैले प्लास्टिक, अनुपयोगी अपशिष्ट और गंदगी को अपने हाथों से बटोरकर साफ किया, जिससे वहाँ मौजूद नागरिकों और युवाओं में भारी उत्साह भर गया और वे भी इस सफाई यज्ञ में जुट गए। आमजन को संबोधित करते हुए मंत्री नागर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में देश और प्रदेश बदल रहा है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने से हर घर में शौचालय बन गए हैं और खुले में शौच से मुक्ति मिली है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस अभियान के तहत सभी सरकारी विभागों के भवनों और कार्यालयों की सफाई व रंग-रोगन का कार्य भी किया जाएगा, साथ ही जल स्रोतों को स्वच्छ रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बताई।

मीडिया से बातचीत में मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य पानी की बर्बादी को रोकना, जलाशयों की सफाई करना, जल स्रोतों का पुनर्भरण करना और गांवों से कचरा हटाकर उन्हें पूर्णतः स्वच्छ बनाना है। उन्होंने आमजन से इस महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए, मंत्री हीरालाल नागर ने नदी में कचरा फेंक रहे एक युवक को मौके पर ही टोका। उन्होंने युवक को समझाइश देते हुए कहा कि नदी-नालों में किसी भी प्रकार का प्लास्टिक, घरेलू अपशिष्ट या पूजन सामग्री न डालें। इसके साथ ही, उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और नदी को दूषित करने वालों व अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों पर सख्त रोक लगाई जाए।

मंत्री नागर ने नदी किनारे स्थित सरकारी स्कूल के पीछे गणेश कुंज पर नीम और पीपल के पौधों का रोपण भी किया। उन्होंने नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मनोज मालव को सख्त निर्देश दिए कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ड्रिप सिंचाई पद्धति से पानी की व्यवस्था की जाए, परिसर से अनुपयोगी बबूल के पेड़ों को तुरंत हटाया जाए, और मिट्टी का लैंडस्केपिंग कार्य कर इस पूरे क्षेत्र को एक सुंदर पार्क के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें पॉम खजूर जैसे आकर्षक पौधे लगाए जाएं। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी सौगात के तौर पर सांगोद विधानसभा के लगभग 50 हजार परिवारों को विधायक कोष से दो-दो डस्टबिन (कुल 1 लाख डस्टबिन) मुफ्त दिए जाएंगे, ताकि लोग घर पर ही सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग निस्तारण कर सकें।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • इंदौर में वार्ड पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन किया है। यह विरोध प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जहां एक ओर आम जनता पानी की किल्लत से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने आंदोलनकारियों को हटाने के लिए मौके पर कई पानी के टैंकर बुला लिए हैं। इन टैंकरों का उपयोग वाटर कैनन के जरिए प्रदर्शन को खत्म करने के लिए किया जाना है। इंदौर में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस का यह धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है।
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    इंदौर में वार्ड पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन किया है। यह विरोध प्रदर्शन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जहां एक ओर आम जनता पानी की किल्लत से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने आंदोलनकारियों को हटाने के लिए मौके पर कई पानी के टैंकर बुला लिए हैं। इन टैंकरों का उपयोग वाटर कैनन के जरिए प्रदर्शन को खत्म करने के लिए किया जाना है। इंदौर में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस का यह धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • गंगा दशमी के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर, 24 मई को भारतीय किसान संघ ने किसानों की खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ एक विशेष धार्मिक आयोजन किया। यह कार्यक्रम कोटा जिले के सुल्तानपुर स्थित मंडावरा गांव में चंबल नदी पुलिया पर संपन्न हुआ, जहाँ माँ चर्मण्यवती की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई और उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई। इस भव्य आयोजन का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के कोटा जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा ने किया। पूजा-अर्चना के बाद महाआरती और दीपदान का कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें कोटा जिले के सुल्तानपुर, दीगोद, इटावा और बूंदी जिले के रोटेदा क्षेत्र से आए बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत इस आयोजन में, सभी उपस्थित किसानों ने माँ चर्मण्यवती से क्षेत्र में अच्छी फसल, समग्र समृद्धि और चौतरफा खुशहाली के लिए भावपूर्ण प्रार्थना की।
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    गंगा दशमी के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर, 24 मई को भारतीय किसान संघ ने किसानों की खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ एक विशेष धार्मिक आयोजन किया। यह कार्यक्रम कोटा जिले के सुल्तानपुर स्थित मंडावरा गांव में चंबल नदी पुलिया पर संपन्न हुआ, जहाँ माँ चर्मण्यवती की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई और उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई।

इस भव्य आयोजन का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के कोटा जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा ने किया। पूजा-अर्चना के बाद महाआरती और दीपदान का कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें कोटा जिले के सुल्तानपुर, दीगोद, इटावा और बूंदी जिले के रोटेदा क्षेत्र से आए बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

श्रद्धा और आस्था से ओत-प्रोत इस आयोजन में, सभी उपस्थित किसानों ने माँ चर्मण्यवती से क्षेत्र में अच्छी फसल, समग्र समृद्धि और चौतरफा खुशहाली के लिए भावपूर्ण प्रार्थना की।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • ट्वीशा केस में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ ट्वीशा के वकील ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर केस की सुनवाई कर रहे जज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील ने यह दावा करते हुए अपनी जान का खतरा बताया है कि उन्होंने आरोपी समर्थ सिंह को जज के चैंबर में देखा था, जिसके बाद उन्हें वहाँ से धक्के मार कर भगा दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर वकील ने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने और अपनी जान की हिफाजत सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    ट्वीशा केस में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ ट्वीशा के वकील ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर केस की सुनवाई कर रहे जज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील ने यह दावा करते हुए अपनी जान का खतरा बताया है कि उन्होंने आरोपी समर्थ सिंह को जज के चैंबर में देखा था, जिसके बाद उन्हें वहाँ से धक्के मार कर भगा दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर वकील ने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने और अपनी जान की हिफाजत सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    21 hrs ago
  • ईशवरपुरा और अमझार गाँवों को आपस में जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। इस सड़क के बनने से आने वाले दिनों में इन दोनों गाँवों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी यात्रा में सुगमता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, इन गाँवों के बीच पड़ने वाली अमझार नदी पर एक उच्च स्तरीय सीमेंट पुलिया का निर्माण कार्य भी तेज़ गति से प्रगति पर है। पुलिया का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है और पूरी संभावना है कि यह बारिश से पहले तैयार हो जाएगी। इससे बारिश के मौसम में खेतों पर जाने वाले किसानों और मज़दूरों को भी काफी आसानी होगी।
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    ईशवरपुरा और अमझार गाँवों को आपस में जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। इस सड़क के बनने से आने वाले दिनों में इन दोनों गाँवों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी यात्रा में सुगमता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, इन गाँवों के बीच पड़ने वाली अमझार नदी पर एक उच्च स्तरीय सीमेंट पुलिया का निर्माण कार्य भी तेज़ गति से प्रगति पर है। पुलिया का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है और पूरी संभावना है कि यह बारिश से पहले तैयार हो जाएगी। इससे बारिश के मौसम में खेतों पर जाने वाले किसानों और मज़दूरों को भी काफी आसानी होगी।
    user_सोनू यादव
    सोनू यादव
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • मेवाड़ के प्रसिद्ध जोगणिया माता शक्ति पीठ स्थल के घाट क्षेत्र में रविवार को एक साथ दो लेपर्ड दिखाई दिए। वहां से गुजर रहे यात्रियों ने इन लेपर्डों का वीडियो भी बनाया। जोगणिया माता घाट पर ये दोनों लेपर्ड सड़क पार करते हुए देखे गए।
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    मेवाड़ के प्रसिद्ध जोगणिया माता शक्ति पीठ स्थल के घाट क्षेत्र में रविवार को एक साथ दो लेपर्ड दिखाई दिए। वहां से गुजर रहे यात्रियों ने इन लेपर्डों का वीडियो भी बनाया। जोगणिया माता घाट पर ये दोनों लेपर्ड सड़क पार करते हुए देखे गए।
    user_The fact khabar
    The fact khabar
    Local News Reporter बेगूं, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत (STFI) का 58वां प्रांतीय महासमिति अधिवेशन कोटा में धूमधाम के साथ शुरू हुआ। इस अधिवेशन का शुभारंभ प्रांतीय सभाध्यक्ष याकूब खान, प्रांतीय अध्यक्ष महावीर सिहाग और प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने झंडारोहण के साथ किया। अधिवेशन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने की, जबकि प्रांतीय सभाध्यक्ष याकूब खान और कोटा जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। जनवादी लेखक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज चौधरी ने उद्घाटन करते हुए मौजूदा देश के नेतृत्व पर शिक्षा और स्वास्थ्य को सरकारी दायरे से हटाकर निजीकरण की राह पर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार शिक्षा से वैज्ञानिक सोच को दूर कर रही है और पूंजीपतियों के हित में सार्वजनिक संस्थानों को कमजोर कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की आलोचना करते हुए इसे बिना संबंधित पक्षों से संवाद किए लागू करने को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने के प्रयासों को श्रम कानूनों की भावना के खिलाफ करार दिया। सिहाग ने शिक्षकों से पढ़ाने के अनुकूल वातावरण, स्थानांतरण, डीपीसी, संविदा भर्ती समाप्ति, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति और कार्य घंटे कम करने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। प्रांतीय महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने संगठन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह केवल कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि संघर्षों का इतिहास, वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। शर्मा ने बताया कि पूरे राजस्थान में संघर्ष जत्थों के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि 27 मई 2025 से 1 जून 2025 तक नावा, टोंक और सीकर से निकले पैदल संघर्ष जत्थों ने शिक्षा मंत्री को वार्ता के लिए मजबूर किया, और 2 जून 2025 को जयपुर में निकाली गई 8 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक यात्रा को जनसंगठनों का व्यापक समर्थन मिला, जिसके बाद शिक्षा मंत्री को झुकना पड़ा। सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने अधिवेशन में विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी दी। इन प्रस्तावों में आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी, पेट्रोल-डीजल व गैस की बढ़ती महंगाई का विरोध तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करना प्रमुख रहे। ये प्रस्ताव राधेश्याम यादव, शुभकरण, भंवरलाल काला, हेमंत खराड़ी, पवन छींपा सहित कई नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए और सर्वसम्मति से पारित हुए। कोषाध्यक्ष राधेश्याम यादव ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया, और प्रतिवेदन पर वेदपाल मलिक, रामावतार जांगिड़, फारूख अली, सरस्वती मारू सहित कई प्रतिनिधियों ने विस्तृत बहस में भाग लिया। मंच पर देवेंद्र झाझड़िया, भंवरलाल काला, भंवरलाल कसवां, पवन छींपा, रामस्वरूप चौधरी, अशोक लोदवाल, अंजू दुलड़, सुनीता सिहाग, महावीर मीणा, ईश्वर सिंह और चंद्रशेखर शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। अधिवेशन के समापन पर, प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने, शिक्षक हितों की रक्षा करने और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लेने की बात कही। यह अधिवेशन सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा, वैज्ञानिक सोच के विकास और शिक्षक हितों की लड़ाई के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
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    राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत (STFI) का 58वां प्रांतीय महासमिति अधिवेशन कोटा में धूमधाम के साथ शुरू हुआ। इस अधिवेशन का शुभारंभ प्रांतीय सभाध्यक्ष याकूब खान, प्रांतीय अध्यक्ष महावीर सिहाग और प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने झंडारोहण के साथ किया। अधिवेशन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने की, जबकि प्रांतीय सभाध्यक्ष याकूब खान और कोटा जिलाध्यक्ष महेंद्र चौधरी ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

जनवादी लेखक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज चौधरी ने उद्घाटन करते हुए मौजूदा देश के नेतृत्व पर शिक्षा और स्वास्थ्य को सरकारी दायरे से हटाकर निजीकरण की राह पर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार शिक्षा से वैज्ञानिक सोच को दूर कर रही है और पूंजीपतियों के हित में सार्वजनिक संस्थानों को कमजोर कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की आलोचना करते हुए इसे बिना संबंधित पक्षों से संवाद किए लागू करने को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने के प्रयासों को श्रम कानूनों की भावना के खिलाफ करार दिया। सिहाग ने शिक्षकों से पढ़ाने के अनुकूल वातावरण, स्थानांतरण, डीपीसी, संविदा भर्ती समाप्ति, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति और कार्य घंटे कम करने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।

प्रांतीय महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने संगठन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह केवल कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि संघर्षों का इतिहास, वर्तमान चुनौतियों का विश्लेषण और भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। शर्मा ने बताया कि पूरे राजस्थान में संघर्ष जत्थों के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि 27 मई 2025 से 1 जून 2025 तक नावा, टोंक और सीकर से निकले पैदल संघर्ष जत्थों ने शिक्षा मंत्री को वार्ता के लिए मजबूर किया, और 2 जून 2025 को जयपुर में निकाली गई 8 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक यात्रा को जनसंगठनों का व्यापक समर्थन मिला, जिसके बाद शिक्षा मंत्री को झुकना पड़ा।

सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने अधिवेशन में विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी दी। इन प्रस्तावों में आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी, पेट्रोल-डीजल व गैस की बढ़ती महंगाई का विरोध तथा सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करना प्रमुख रहे। ये प्रस्ताव राधेश्याम यादव, शुभकरण, भंवरलाल काला, हेमंत खराड़ी, पवन छींपा सहित कई नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए और सर्वसम्मति से पारित हुए। कोषाध्यक्ष राधेश्याम यादव ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया, और प्रतिवेदन पर वेदपाल मलिक, रामावतार जांगिड़, फारूख अली, सरस्वती मारू सहित कई प्रतिनिधियों ने विस्तृत बहस में भाग लिया। मंच पर देवेंद्र झाझड़िया, भंवरलाल काला, भंवरलाल कसवां, पवन छींपा, रामस्वरूप चौधरी, अशोक लोदवाल, अंजू दुलड़, सुनीता सिहाग, महावीर मीणा, ईश्वर सिंह और चंद्रशेखर शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे।

अधिवेशन के समापन पर, प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने, शिक्षक हितों की रक्षा करने और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लेने की बात कही। यह अधिवेशन सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा, वैज्ञानिक सोच के विकास और शिक्षक हितों की लड़ाई के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ईंधन बचाने और सरकारी खर्च में कटौती का संदेश देते हुए रोडवेज बस से यात्रा कर कोटा पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो आम जनता भी इससे प्रेरित होगी। कोटा में कई शैक्षणिक और पंचायती राज से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने आए मंत्री दिलावर ने नागरिकों से अपील की कि वे निजी वाहनों के बजाय बस और ट्रेन जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, ऐसा करने से न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा और राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। यह अपील पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से की गई अपील के अनुरूप है।
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    राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ईंधन बचाने और सरकारी खर्च में कटौती का संदेश देते हुए रोडवेज बस से यात्रा कर कोटा पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो आम जनता भी इससे प्रेरित होगी।

कोटा में कई शैक्षणिक और पंचायती राज से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने आए मंत्री दिलावर ने नागरिकों से अपील की कि वे निजी वाहनों के बजाय बस और ट्रेन जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, ऐसा करने से न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा और राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। यह अपील पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से की गई अपील के अनुरूप है।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • रविवार को दरा नाल क्षेत्र में अवैध शराब से लदी एक तेज़ रफ़्तार कार सड़क के बीच रखे सीमेंट के ब्लॉक से टकराकर पलट गई। इस हादसे के बाद कार का चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटनास्थल से कार से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। मोड़क थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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    रविवार को दरा नाल क्षेत्र में अवैध शराब से लदी एक तेज़ रफ़्तार कार सड़क के बीच रखे सीमेंट के ब्लॉक से टकराकर पलट गई। इस हादसे के बाद कार का चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटनास्थल से कार से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। मोड़क थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_सोनू यादव
    सोनू यादव
    रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    16 hrs ago
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