बरेली में जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब थाना मीरगंज क्षेत्र के ग्राम खमरिया साहनी निवासी 47 वर्षीय लालसिंह गंगवार ने अपनी 46 वर्षीय पत्नी राजरानी और 8 वर्षीय बेटी नंदनी के साथ खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद इंटेलिजेंस के ओमपाल सिंह, एलआईयू के अमित कुमार और होमगार्ड संदीप मिश्रा ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत दौड़कर पूरे परिवार को काबू में लिया और उन्हें आग लगाने से रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, यदि कुछ ही सेकंड की भी देरी होती तो परिसर में बड़ी अनहोनी हो सकती थी। यह पूरा विवाद मीरगंज तहसील के ग्राम खमरिया सानी में एक सरकारी खड़ंजा मार्ग को लेकर है। पीड़ित लाल सिंह और सुंदर लाल का आरोप है कि मीरगंज एसडीएम के यहां तैनात होमगार्ड रामप्रकाश और चन्द्रपाल ने मंडनपुर रोड से जुड़ने वाले इस सरकारी रास्ते पर अपने वाहन खड़े करके, पशु बांधकर और लकड़ी रखकर रास्ता बंद कर दिया है। राजस्व विभाग की स्थलीय जांच में मौके पर अस्थाई कब्जा होने की बात सामने आई थी, जबकि विपक्षी चंद्रपाल और रामप्रकाश इसे 1959 के बैनामे से खरीदी गई अपनी निजी जमीन बता रहे हैं। जांच के दौरान विपक्षी पक्ष का कोई व्यक्ति मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1959 के बाद 1986 में इस क्षेत्र में चकबंदी हो चुकी है, जिसके कारण पुराने बैनामे की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। रास्ते के इस विवाद को लेकर गांव में लगातार तनाव बना हुआ है और रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस बल की मौजूदगी में ही इसका समाधान निकाला जा सकता है। इससे पहले वर्ष 2023 में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया था और वर्ष 2025 में रास्ते से अतिक्रमण हटाया गया था। वहीं, राजस्व विभाग की एक अन्य जांच रिपोर्ट में इसे आबादी भूमि का विवाद बताया गया है, जिसके अनुसार मानचित्र में यह रास्ता दर्ज ही नहीं है और शिकायतकर्ता के पास वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध है।
बरेली में जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब थाना मीरगंज क्षेत्र के ग्राम खमरिया साहनी निवासी 47 वर्षीय लालसिंह गंगवार ने अपनी 46 वर्षीय पत्नी राजरानी और 8 वर्षीय बेटी नंदनी के साथ खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद इंटेलिजेंस के ओमपाल सिंह, एलआईयू के अमित कुमार और होमगार्ड संदीप मिश्रा ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत दौड़कर पूरे परिवार को काबू में लिया और उन्हें आग लगाने से रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, यदि कुछ ही सेकंड की भी देरी होती तो परिसर में बड़ी अनहोनी हो सकती थी। यह पूरा विवाद मीरगंज तहसील के ग्राम खमरिया सानी में एक सरकारी खड़ंजा मार्ग को लेकर है। पीड़ित लाल सिंह और सुंदर लाल का आरोप है कि मीरगंज एसडीएम के यहां तैनात होमगार्ड रामप्रकाश और चन्द्रपाल ने मंडनपुर रोड से जुड़ने वाले इस सरकारी रास्ते पर अपने वाहन खड़े करके, पशु बांधकर और लकड़ी रखकर रास्ता बंद कर दिया है। राजस्व विभाग की स्थलीय जांच में मौके पर अस्थाई कब्जा होने की बात सामने आई थी, जबकि विपक्षी चंद्रपाल और रामप्रकाश इसे 1959 के बैनामे से खरीदी गई अपनी निजी जमीन बता रहे हैं। जांच के दौरान विपक्षी पक्ष का कोई व्यक्ति मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1959 के बाद 1986 में इस क्षेत्र में चकबंदी हो चुकी है, जिसके कारण पुराने बैनामे की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। रास्ते के इस विवाद को लेकर गांव में लगातार तनाव बना हुआ है और रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस बल की मौजूदगी में ही इसका समाधान निकाला जा सकता है। इससे पहले वर्ष 2023 में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया था और वर्ष 2025 में रास्ते से अतिक्रमण हटाया गया था। वहीं, राजस्व विभाग की एक अन्य जांच रिपोर्ट में इसे आबादी भूमि का विवाद बताया गया है, जिसके अनुसार मानचित्र में यह रास्ता दर्ज ही नहीं है और शिकायतकर्ता के पास वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध है।
- बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई सड़क दुर्घटना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग आर्य ने एक बाइट जारी की है। इस घटना की जानकारी ख़बर जंक्शन बरेली न्यूज़ चैनल द्वारा दी जा रही है।1
- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री और प्रवक्ता मुख्तार अहमद 125 कैंट विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हैं।2
- बरेली के थाना नवाबगंज क्षेत्रांतर्गत एक सड़क दुर्घटना हुई है। इस सड़क हादसे के संबंध में बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग आर्य ने अपना बयान (बाइट) दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके तहत पूरे सावन महीने के दौरान जिले में मांस और मछली की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बार बरेली से लगभग 7 हजार कांवड़ जत्थे अपनी यात्रा पर निकलेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने हर जत्थे के साथ एक नोडल अधिकारी तैनात करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए हेलीकॉप्टर से भव्य पुष्पवर्षा की जाएगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 12 फुट से ज्यादा ऊंचे कांवड़ ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है, ताकि बिजली के ढीले तारों से कोई हादसा न हो। यात्रा मार्गों को सुगम बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) को 30 जुलाई से पहले सभी कांवड़ मार्गों को पूरी तरह दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। वहीं, यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि अफवाह फैलाने वाले अराजक तत्वों पर तुरंत कानूनी शिकंजा कसा जा सके। मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, भव्य और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रही है। प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की जानकारी आज गुरुवार को दोपहर करीब 3:00 बजे दी गई।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान शांति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इस संबंध में बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग आर्य ने सुरक्षा के दृष्टिगत की गई आवश्यक तैयारियों को लेकर अपना बयान जारी किया है। एसएसपी ने आगामी यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों के बारे में जानकारी दी है।1
- बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र के मोहल्ला हजियापुर मोड में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की नाक के नीचे बिना नक्शा पास कराए ही एक शादी हॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। एक तरफ जहां बीडीए अपना बुलडोजर और काफिला लेकर लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाता नजर आता है, वहीं दूसरी तरफ विभाग की नाक के नीचे ही लगभग एक हजार वर्ग गज भूमि पर यह निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह भूमि विवादित है और इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके कारण बरेली विकास प्राधिकरण से इस निर्माण कार्य के लिए मानचित्र स्वीकृत होना संभव ही नहीं है। ऐसे में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए हो रहे इस निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किसकी सांठगांठ से यह अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली-पीलीभीत हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां ऑक्सीजन सिलिंडरों से भरे एक कैंटर और स्कॉर्पियो के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। यह भीषण दुर्घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के इनायतपुर गांव के पास निर्माणाधीन वनवे मार्ग पर गुरुवार को हुई। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के भीतर ही फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में पंजाब के तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान फतेहगढ़ निवासी भूपेंद्र कौर व हरजीत सिंह और लुधियाना निवासी संतोष सिंह के रूप में हुई है। इसके अलावा, स्कॉर्पियो चालक मुकुंद सिंह और लाडी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसे की संभावित वजह तेज रफ्तार और निर्माणाधीन वनवे मार्ग को माना जा रहा है। पुलिस ने कैंटर चालक पंचम लाल को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1