तालाब में डूबकर तीन सगे भाई बहनों की मौत,परिवार में मचा कोहराम तालाब में डूबकर तीन सगे भाई बहनों की मौत,परिवार में मचा कोहराम प्रयागराज।कंधई थाना क्षेत्र के शाल्हीपुर कंजास गांव में नहाते समय डूबकर तीन भाई बहनों की मौत हो गई। घटना के बाद जहां परिवार में कोहराम मच गया है वहीं पूरे गांव में मातम छा गया है। गांव निवासी विजय बहादुर यादव के तीन लड़के सबसे बड़ी बेटी 12 वर्ष, बड़ा बेटा 8 वर्ष और छोटा बेटा 5 वर्ष तीनों घर के सामने तालाब में नहाने गए थे। सोमवार को जब तीनों तालाब में घुसे तो बाहर ही नहीं निकले। कंजास गांव निवासी विजय बहादुर यादव के चार बच्चे थे, जिसमें से सबसे बड़ी बेटी रानी (12), बेटा मोहित (8) और रोहित (5) वर्ष और सबसे छोटा बेटा आठ माह का है, जो की मां की गोंद में है। रानी, मोहित और रोहित यह तीनों घर के बाहर बने तालाब में स्नान करने गए थे। तीनों की एक साथ तालाब में डूबने से मौत हो गई। गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे बच्चे पिता विजय बहादुर लकवाग्रस्त हैं, जो गांव में ही भिक्षा मांग कर बच्चों का वह अपना भरण पोषण करते हैं। मां मजदूरी करती है। घटना के समय मां घर के अंदर बच्चों के लिए भोजन बना रही थी। आर्थिक कमजोरी के कारण विजय बहादुर तीनों बच्चों का नाम कंजास प्राथमिक विद्यालय में लिखवाया था, लेकिन बच्चे स्कूल नहीं जाते थे। अधिकारियों ने पहुंचकर लिया जायजा सीओ पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने कंजासा गांव पहुंचकर घटनस्थल का जायजा लिया। परिजनों से बातचीत की। तीन बच्चों की मौत के बाद बिलखती रही मां कंजासा गांव में तालाब में डूबकर तीन सगे भाई बहनों की मौत के बाद मां सबसे छोटे बेटे को गोद में लेकर बिलखती रही। उसने अधिकारियों से रो-रोकर बात बताई। परिवार की स्थित है काफी दयनीय कंजासा गांव में तीन बच्चों को खोने वाले दंपती की माली हालत काफी दयनीय है। ग्रामीणों के अनुसार घरों में काम करने के बाद और भिक्षा मांगकर बच्चों का भरण पोषण किया जाता था।
तालाब में डूबकर तीन सगे भाई बहनों की मौत,परिवार में मचा कोहराम तालाब में डूबकर तीन सगे भाई बहनों की मौत,परिवार में मचा कोहराम प्रयागराज।कंधई थाना क्षेत्र के शाल्हीपुर कंजास गांव में नहाते समय डूबकर तीन भाई बहनों की मौत हो गई। घटना के बाद जहां परिवार में कोहराम मच गया है वहीं पूरे गांव में मातम छा गया है। गांव निवासी विजय बहादुर यादव के तीन लड़के सबसे बड़ी बेटी 12 वर्ष, बड़ा बेटा 8 वर्ष और छोटा बेटा 5 वर्ष तीनों घर के सामने तालाब में नहाने गए थे। सोमवार को जब तीनों तालाब में घुसे तो बाहर ही नहीं निकले। कंजास गांव निवासी विजय बहादुर यादव के चार बच्चे थे, जिसमें से सबसे बड़ी बेटी रानी (12), बेटा मोहित (8) और रोहित (5) वर्ष और सबसे छोटा बेटा आठ माह का है, जो की मां की गोंद में है। रानी, मोहित और रोहित यह तीनों घर के बाहर बने तालाब में स्नान करने गए थे। तीनों की एक साथ तालाब में डूबने से मौत हो
गई। गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे बच्चे पिता विजय बहादुर लकवाग्रस्त हैं, जो गांव में ही भिक्षा मांग कर बच्चों का वह अपना भरण पोषण करते हैं। मां मजदूरी करती है। घटना के समय मां घर के अंदर बच्चों के लिए भोजन बना रही थी। आर्थिक कमजोरी के कारण विजय बहादुर तीनों बच्चों का नाम कंजास प्राथमिक विद्यालय में लिखवाया था, लेकिन बच्चे स्कूल नहीं जाते थे। अधिकारियों ने पहुंचकर लिया जायजा सीओ पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने कंजासा गांव पहुंचकर घटनस्थल का जायजा लिया। परिजनों से बातचीत की। तीन बच्चों की मौत के बाद बिलखती रही मां कंजासा गांव में तालाब में डूबकर तीन सगे भाई बहनों की मौत के बाद मां सबसे छोटे बेटे को गोद में लेकर बिलखती रही। उसने अधिकारियों से रो-रोकर बात बताई। परिवार की स्थित है काफी दयनीय कंजासा गांव में तीन बच्चों को खोने वाले दंपती की माली हालत काफी दयनीय है। ग्रामीणों के अनुसार घरों में काम करने के बाद और भिक्षा मांगकर बच्चों का भरण पोषण किया जाता था।
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के इरादतगंज बाजार में रविवार–सोमवार की दरम्यानी रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर एक मकान में घुस गया। हादसे में मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और लाखों रुपये के सामान का नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, अशोक पटेल का मकान सड़क किनारे स्थित है, जहां उनके भट्टे का ऑफिस और स्टोर रूम भी बना हुआ है। रविवार रात करीब 3 बजे एक ट्रक अचानक स्टोर रूम से टकराते हुए मकान के अंदर घुस गया। तेज धमाके से पूरा घर हिल गया, जिससे परिवार के लोग घबराकर बाहर की ओर भागे। परिवार के बाहर आने पर देखा कि ट्रक का अगला हिस्सा मकान के अंदर घुसा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक चालक मौके पर अपना मोबाइल ढूंढ रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह मोबाइल लेकर वहां से फरार हो गया। एक अन्य ट्रक चालक ने बताया कि उसकी गाड़ी आगे चल रही थी, तभी पीछे से आ रहे सीमेंट लदे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसकी गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई, जबकि सीमेंट वाला ट्रक अनियंत्रित होकर बाईं ओर मकान में जा घुसा। मकान मालिक अशोक पटेल ने लगभग 5 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। घटना की लिखित शिकायत पुलिस को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक ट्रक घटनास्थल पर ही फंसा हुआ था और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- मेजा क्षेत्र में एक गरीब महिला की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है। आज सोमवार दोपहर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उसे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। भयभीत महिला ने प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- प्रयागराज के SRN हॉस्पिटल मे पीजी सेंटर में लगी आग, फायर ब्रिगेड की टीम के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू।1