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जनजातीय क्षेत्र पांगी में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। भाजपा मंडल पांगी के महामंत्री शक्ति ठाकुरवान ने प्रदेश सरकार पर पांगी घाटी की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र की जनता बिजली, शिक्षा, सड़क, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही। इसी संदर्भ में, भाजपा मंडल पांगी के नेतृत्व में विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें घाटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की गई है। ज्ञापन में, जनप्रतिनिधियों ने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़े हालिया फैसलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला बताया है। उनका कहना है कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय पुराने प्रतिनिधियों को अतिरिक्त शक्तियां देना जनादेश का अपमान है, और पांगी जैसे बर्फीले क्षेत्र में विकास कार्यों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, घाटी में व्याप्त गंभीर बिजली संकट का भी उल्लेख किया गया है, जहाँ पिछले दो महीनों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है और कई इलाकों में डेढ़ महीने से लोग अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भी चिंता व्यक्त करते हुए घाटी के एकमात्र महाविद्यालय में विज्ञान और वाणिज्य संकाय को बंद किए जाने के निर्णय का विरोध किया गया है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका है। अन्य प्रमुख मुद्दों में ट्राइबल सब प्लान के बजट में कटौती, विभिन्न विभागों में कार्यरत दिहाड़ीदार कर्मचारियों के लंबित वेतन, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पद, राशन गोदामों की बदहाल स्थिति, लोक निर्माण विभाग में पारदर्शिता की कमी, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क की खराब सेवाएं भी शामिल हैं। भाजपा मंडल पांगी महामंत्री शक्ति ठाकुरवान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनजातीय क्षेत्र के लोगों के धैर्य की परीक्षा अब अधिक समय तक नहीं ली जा सकती। उन्होंने कहा है कि यदि आगामी पांच दिनों के भीतर सरकार द्वारा इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सभी जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मिलकर क्रमिक अनशन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। ठाकुरवान ने जोर देकर कहा कि पांगी के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम चाहिए, क्योंकि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।

12 hrs ago
user_हिम संदेश
हिम संदेश
Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
12 hrs ago
8e457720-0396-4056-ba77-25119f6158f5

जनजातीय क्षेत्र पांगी में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याओं को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। भाजपा मंडल पांगी के महामंत्री शक्ति ठाकुरवान ने प्रदेश सरकार पर पांगी घाटी की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र की जनता बिजली, शिक्षा, सड़क, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही। इसी संदर्भ में, भाजपा मंडल पांगी के नेतृत्व में विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें घाटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की गई है। ज्ञापन में, जनप्रतिनिधियों ने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़े हालिया फैसलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला बताया है। उनका कहना है कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय पुराने प्रतिनिधियों को अतिरिक्त शक्तियां देना जनादेश का अपमान है, और पांगी जैसे बर्फीले क्षेत्र में विकास कार्यों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, घाटी में व्याप्त गंभीर बिजली संकट का भी उल्लेख किया गया है, जहाँ पिछले दो महीनों से बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है और कई इलाकों में डेढ़ महीने से लोग अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भी चिंता व्यक्त करते हुए घाटी के एकमात्र महाविद्यालय में विज्ञान और वाणिज्य संकाय को बंद किए जाने के निर्णय का विरोध किया गया है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका है। अन्य प्रमुख मुद्दों में ट्राइबल सब प्लान के बजट में कटौती, विभिन्न विभागों में कार्यरत दिहाड़ीदार कर्मचारियों के लंबित वेतन, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पद, राशन गोदामों की बदहाल स्थिति, लोक निर्माण विभाग में पारदर्शिता की कमी, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क की खराब सेवाएं भी शामिल हैं। भाजपा मंडल पांगी महामंत्री शक्ति ठाकुरवान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनजातीय क्षेत्र के लोगों के धैर्य की परीक्षा अब अधिक समय तक नहीं ली जा सकती। उन्होंने कहा है कि यदि आगामी पांच दिनों के भीतर सरकार द्वारा इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सभी जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मिलकर क्रमिक अनशन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। ठाकुरवान ने जोर देकर कहा कि पांगी के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम चाहिए, क्योंकि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।

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  • हिमाचल प्रदेश के सलोनी में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जहाँ लोगों का गुस्सा हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ साफ झलका। शिक्षकों की कमी के विरोध में SMC के प्रधान और उप प्रधान अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का तीसरा दिन है, बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या हिमाचल सरकार सोई हुई है और क्या प्रशासन भी उदासीन हो गया है।
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    हिमाचल प्रदेश के सलोनी में शिक्षकों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जहाँ लोगों का गुस्सा हिमाचल सरकार और प्रशासन के खिलाफ साफ झलका।

शिक्षकों की कमी के विरोध में SMC के प्रधान और उप प्रधान अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का तीसरा दिन है, बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या हिमाचल सरकार सोई हुई है और क्या प्रशासन भी उदासीन हो गया है।
    user_Madan Singh
    Madan Singh
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • शनिवार को लाखों रुपये की लागत से बनी एक पेयजल स्कीम के भवन और परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कीम के परिसर की हालत बेहद दयनीय दिखाई दे रही थी। मीडिया द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो गोलवां-बतराहन पंचायत की सीमा पर स्थित दरैड पेयजल स्कीम का निकला। इस संबंध में, विभागीय एसडीओ अमित रंधावां से शनिवार शाम करीब चार बजे फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कीम के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इसे जल्द ही शुरू करके लोगों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
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    शनिवार को लाखों रुपये की लागत से बनी एक पेयजल स्कीम के भवन और परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कीम के परिसर की हालत बेहद दयनीय दिखाई दे रही थी। मीडिया द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो गोलवां-बतराहन पंचायत की सीमा पर स्थित दरैड पेयजल स्कीम का निकला।

इस संबंध में, विभागीय एसडीओ अमित रंधावां से शनिवार शाम करीब चार बजे फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस स्कीम के लिए टेंडर लगा दिया गया है और इसे जल्द ही शुरू करके लोगों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • नूरपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान नूरपुर फोरलेन संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अधिकांश प्रभावितों को फैक्टर-1 के आधार पर दिया गया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए। शर्मा ने आरोप लगाया कि एक "पिक एंड चूज" नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को ही फैक्टर-2 का लाभ मिला है, जबकि अधिकांश प्रभावित अब भी फैक्टर-1 के आधार पर मिले आधे-अधूरे मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि अपर्याप्त मुआवजे के कारण प्रभावित परिवार पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने में असमर्थ हैं। सुदर्शन शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं ताकि सभी पात्र प्रभावितों को फैक्टर-2 के आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों से लंबित इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
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    नूरपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान नूरपुर फोरलेन संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा ने पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना से प्रभावित लोगों के लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अधिकांश प्रभावितों को फैक्टर-1 के आधार पर दिया गया है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें फैक्टर-2 के आधार पर मुआवजा मिलना चाहिए।

शर्मा ने आरोप लगाया कि एक "पिक एंड चूज" नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को ही फैक्टर-2 का लाभ मिला है, जबकि अधिकांश प्रभावित अब भी फैक्टर-1 के आधार पर मिले आधे-अधूरे मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना था कि अपर्याप्त मुआवजे के कारण प्रभावित परिवार पुनर्वास और पुनर्स्थापन करने में असमर्थ हैं।

सुदर्शन शर्मा ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मांग की है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को शीघ्र निर्देश जारी किए जाएं ताकि सभी पात्र प्रभावितों को फैक्टर-2 के आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि पिछले पांच वर्षों से लंबित इस मामले का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कुल्लू के लिए एक बड़ी खबर के तहत, पालमपुर के बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स शहर में सबसे बड़ा ज्वेलरी एग्जीबिशन और सेल लेकर आ रहे हैं। यह खास आयोजन 20, 21, 22 और 23 जून को होटल शोभला रॉयल, कुल्लू में होगा, जहाँ ग्राहकों को शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का आनंद लेने का मौका मिलेगा। इस ज्वेलरी एग्जीबिशन में बढ़ते सोने के दामों के बावजूद ग्राहकों को दोगुना फायदा देने का दावा किया जा रहा है। विशेष ऑफर्स में डायमंड ज्वेलरी पर 20% के साथ 5% अतिरिक्त डिस्काउंट, पुराने सोने के एक्सचेंज पर 100% मूल्य के साथ 2% अतिरिक्त कीमत, और सोने की ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेस पर 40% तक की छूट शामिल है। इसके अलावा, खरीदारी करने पर एक मुफ्त सोने का सिक्का भी दिया जाएगा, नियम व शर्तें लागू होंगी। यह अवसर केवल चार दिनों के लिए है, इसलिए बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स ने परिवार के साथ आकर इस शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का लाभ उठाने और तारीखें अभी सेव करने का आग्रह किया है।
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    कुल्लू के लिए एक बड़ी खबर के तहत, पालमपुर के बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स शहर में सबसे बड़ा ज्वेलरी एग्जीबिशन और सेल लेकर आ रहे हैं। यह खास आयोजन 20, 21, 22 और 23 जून को होटल शोभला रॉयल, कुल्लू में होगा, जहाँ ग्राहकों को शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का आनंद लेने का मौका मिलेगा।

इस ज्वेलरी एग्जीबिशन में बढ़ते सोने के दामों के बावजूद ग्राहकों को दोगुना फायदा देने का दावा किया जा रहा है। विशेष ऑफर्स में डायमंड ज्वेलरी पर 20% के साथ 5% अतिरिक्त डिस्काउंट, पुराने सोने के एक्सचेंज पर 100% मूल्य के साथ 2% अतिरिक्त कीमत, और सोने की ज्वेलरी के मेकिंग चार्जेस पर 40% तक की छूट शामिल है। इसके अलावा, खरीदारी करने पर एक मुफ्त सोने का सिक्का भी दिया जाएगा, नियम व शर्तें लागू होंगी।

यह अवसर केवल चार दिनों के लिए है, इसलिए बुद्धा मल एंड संस ज्वेलर्स ने परिवार के साथ आकर इस शानदार ज्वेलरी कलेक्शन का लाभ उठाने और तारीखें अभी सेव करने का आग्रह किया है।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • द्रंग क्षेत्र का पराशर मेला धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में देवी-देवता भी मौजूद रहे, जिससे मेले की गरिमा और बढ़ गई।
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    द्रंग क्षेत्र का पराशर मेला धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में देवी-देवता भी मौजूद रहे, जिससे मेले की गरिमा और बढ़ गई।
    user_ललित ठाकुर
    ललित ठाकुर
    पाधर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सुजानपुर शहर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी संबंधी चेतावनी संदेश अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि एक साल पहले लगाए गए इन होर्डिंग्स के बावजूद कहीं भी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति पर सुजानपुर की जनता नगर परिषद प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर ये कैमरे कब लगेंगे। नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले शहर के हर चौक-चौराहे पर ऐसे चेतावनी संदेश लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि 'आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं' और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट फेंकना दंडनीय अपराध है। हालांकि, इन होर्डिंग्स को लगाने के बाद से आज तक किसी भी स्थान पर सीसीटीवी कैमरा फिट नहीं करवाया गया है, जिससे ये केवल चेतावनी बोर्ड बनकर रह गए हैं और चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि चेतावनी तो लिख दी लेकिन कैमरे कब लगेंगे। बीती रात शहर के दो चौक-चौराहों पर शरारती तत्वों द्वारा खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि इन स्थानों पर होर्डिंग्स की जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो शरारती तत्व अब तक पुलिस की गिरफ्त में होते। नगर परिषद प्रशासन पर आरोप है कि उसने 'कैमरे लगे हैं' की चेतावनी तो दे दी, लेकिन वास्तव में कैमरे लगाना भूल गया है, जिसके कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि जिन-जिन स्थानों पर ये चेतावनी होर्डिंग्स लगाए गए हैं, वहाँ तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही, लोगों ने जीते हुए वार्ड पार्षदों से भी यह अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को नगर परिषद की पहली बैठक में प्राथमिकता से उठाएं, ताकि शहर की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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    सुजानपुर शहर में नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की निगरानी संबंधी चेतावनी संदेश अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि एक साल पहले लगाए गए इन होर्डिंग्स के बावजूद कहीं भी कैमरे स्थापित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति पर सुजानपुर की जनता नगर परिषद प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि आखिर ये कैमरे कब लगेंगे।

नगर परिषद ने करीब एक वर्ष पहले शहर के हर चौक-चौराहे पर ऐसे चेतावनी संदेश लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि 'आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं' और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-करकट फेंकना दंडनीय अपराध है। हालांकि, इन होर्डिंग्स को लगाने के बाद से आज तक किसी भी स्थान पर सीसीटीवी कैमरा फिट नहीं करवाया गया है, जिससे ये केवल चेतावनी बोर्ड बनकर रह गए हैं और चर्चा का केंद्र बन गए हैं कि चेतावनी तो लिख दी लेकिन कैमरे कब लगेंगे।

बीती रात शहर के दो चौक-चौराहों पर शरारती तत्वों द्वारा खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की घटना ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि यदि इन स्थानों पर होर्डिंग्स की जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते, तो शरारती तत्व अब तक पुलिस की गिरफ्त में होते। नगर परिषद प्रशासन पर आरोप है कि उसने 'कैमरे लगे हैं' की चेतावनी तो दे दी, लेकिन वास्तव में कैमरे लगाना भूल गया है, जिसके कारण शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद से आग्रह किया है कि जिन-जिन स्थानों पर ये चेतावनी होर्डिंग्स लगाए गए हैं, वहाँ तुरंत सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही, लोगों ने जीते हुए वार्ड पार्षदों से भी यह अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को नगर परिषद की पहली बैठक में प्राथमिकता से उठाएं, ताकि शहर की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्थित प्रदेश के एकमात्र हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) में स्थायी वाइस चांसलर (कुलपति) का पद पिछले एक वर्ष से खाली होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पद होता है, और एक साल से स्थायी वाइस चांसलर न होने के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढांचा और शैक्षणिक माहौल पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे नीतिगत और बड़े फैसले भी लटके हुए हैं। शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते यह प्रमुख संस्थान वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। इस स्थिति से विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है, क्योंकि स्थायी मुखिया के अभाव में परीक्षा, परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा गया है। नवीन शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले के इतने बड़े तकनीकी संस्थान में एक साल के भीतर एक वाइस चांसलर नियुक्त नहीं कर सकती, वह पूरे प्रदेश में युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही तकनीकी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है।
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    हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के पूर्व वाइस चेयरमैन नवीन शर्मा ने पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्थित प्रदेश के एकमात्र हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) में स्थायी वाइस चांसलर (कुलपति) का पद पिछले एक वर्ष से खाली होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्रशासनिक और शैक्षणिक पद होता है, और एक साल से स्थायी वाइस चांसलर न होने के कारण विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ढांचा और शैक्षणिक माहौल पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे नीतिगत और बड़े फैसले भी लटके हुए हैं।

शर्मा ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके चलते यह प्रमुख संस्थान वर्तमान में गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रहा है। इस स्थिति से विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कॉलेजों के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में है, क्योंकि स्थायी मुखिया के अभाव में परीक्षा, परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे छात्रों के भविष्य पर संकट गहरा गया है।

नवीन शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार मुख्यमंत्री के अपने ही गृह जिले के इतने बड़े तकनीकी संस्थान में एक साल के भीतर एक वाइस चांसलर नियुक्त नहीं कर सकती, वह पूरे प्रदेश में युवाओं को रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही तकनीकी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उपमंडल मुख्यालय फतेहपुर में स्थित उपरोजगार कार्यालय के भवन और उसमें ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी आसपास लगे पेड़ों के कारण लगातार भय में जी रहे हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए वे बार-बार एसडीएम कार्यालय से निवेदन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 और 2022 से लगातार एसडीएम कार्यालय से इन पेड़ों को कटवाने की अपील की जा रही है। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय धर्मशाला ने भी 29-10-2021 को पत्र संख्या 2019/211 के माध्यम से इसी संबंध में अपील की थी। बताया जा रहा है कि पिछले साल एक पेड़ के टूटने से कार्यालय का मुख्य द्वार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। यह भगवान का शुक्र रहा कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। उक्त नुकसान के बारे में भी संबंधित कार्यालय को अवगत करवा दिया गया था, फिर भी कोई राहत नहीं मिली है। अब नए सिरे से फिर अपील की जाएगी। यह देखना होगा कि उक्त भवन और उसमें कार्यरत कर्मचारियों को पेड़ों के इस भय से कितने समय में मुक्ति मिल पाती है।
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    उपमंडल मुख्यालय फतेहपुर में स्थित उपरोजगार कार्यालय के भवन और उसमें ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी आसपास लगे पेड़ों के कारण लगातार भय में जी रहे हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए वे बार-बार एसडीएम कार्यालय से निवेदन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई है।

कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 और 2022 से लगातार एसडीएम कार्यालय से इन पेड़ों को कटवाने की अपील की जा रही है। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय धर्मशाला ने भी 29-10-2021 को पत्र संख्या 2019/211 के माध्यम से इसी संबंध में अपील की थी। बताया जा रहा है कि पिछले साल एक पेड़ के टूटने से कार्यालय का मुख्य द्वार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। यह भगवान का शुक्र रहा कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

उक्त नुकसान के बारे में भी संबंधित कार्यालय को अवगत करवा दिया गया था, फिर भी कोई राहत नहीं मिली है। अब नए सिरे से फिर अपील की जाएगी। यह देखना होगा कि उक्त भवन और उसमें कार्यरत कर्मचारियों को पेड़ों के इस भय से कितने समय में मुक्ति मिल पाती है।
    user_Surinder Minhas
    Surinder Minhas
    फतेहपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
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