छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस एवं सशस्त्र बल के पदक प्राप्तकर्ता को देय सम्मान राशि के विषय पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने विधानसभा बजट सत्र में उठाया सवाल,, आज सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस एवं सशस्त्र बल के के जवानों और अधिकारियों एवं छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत देश के विभिन्न राज्य बलों व सेना में कार्यरत जवानों व अधिकारियों को वीरता कार्य पर मिलने वाले पुलिस वीरता पदक सहित वीरता के सभी पदकों के प्राप्तकर्ता को छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार से छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई सम्मान राशि दी जाती है उसके विषय पर गृह मंत्री जी से सवाल किया है साथ ही वर्ष वर्ष 2024 से 26 जनवरी 2026 तक कितने और कौन कौन से वीरता पदक के प्रकरण पर अधिकारियों एवं जवानों को वीरता पदक प्राप्त हुआ है इसके बारे में जानकारी मांगी है, साथ ही उन्होंने सदन में पूछा है कि राष्ट्रपति वीरता पदक एवं वीरता पदक प्राप्त होने पर भारत सरकार ,गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित मौद्रिक भत्ता प्रदान किया जाता है, आगे विधायक जी ने पूछा है कि राज्य पुलिस बल कार्मिकों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक प्राप्त होने पर राज्य सरकार द्वारा मौद्रिक भत्ता प्रदान किया जाता है,, इन सभी विषयों पर प्रश्न पूछ कर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने जवानों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया है, ताकि इस विषय पर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार विशेष रूप से ध्यान दें, ताकि देश एवं देश की जनता के रक्षक को उनके कार्यों का पारितोषिक सम्मान पूर्वक उनको मिल सके,,
छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस एवं सशस्त्र बल के पदक प्राप्तकर्ता को देय सम्मान राशि के विषय पर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने विधानसभा बजट सत्र में उठाया सवाल,, आज सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस एवं सशस्त्र बल के के जवानों और अधिकारियों एवं छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत देश के विभिन्न राज्य बलों व सेना में कार्यरत जवानों व अधिकारियों को वीरता कार्य पर मिलने वाले पुलिस वीरता पदक सहित वीरता के सभी पदकों के प्राप्तकर्ता को छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार से छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई सम्मान राशि दी जाती है उसके विषय पर गृह मंत्री जी से सवाल किया है साथ ही वर्ष वर्ष 2024 से 26 जनवरी 2026 तक कितने और कौन कौन से वीरता पदक के प्रकरण पर अधिकारियों एवं जवानों को वीरता पदक प्राप्त हुआ है इसके बारे में जानकारी मांगी है, साथ ही उन्होंने सदन में पूछा है कि राष्ट्रपति वीरता पदक एवं वीरता पदक प्राप्त होने पर भारत सरकार ,गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित मौद्रिक भत्ता प्रदान किया जाता है, आगे विधायक जी ने पूछा है कि राज्य पुलिस बल कार्मिकों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक प्राप्त होने पर राज्य सरकार द्वारा मौद्रिक भत्ता प्रदान किया जाता है,, इन सभी विषयों पर प्रश्न पूछ कर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने जवानों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया है, ताकि इस विषय पर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार विशेष रूप से ध्यान दें, ताकि देश एवं देश की जनता के रक्षक को उनके कार्यों का पारितोषिक सम्मान पूर्वक उनको मिल सके,,
- (शिकायत/वीडियो स्क्रिप्ट) बयान (वीडियो/पोस्ट के लिए): भाथूपारा वार्ड 45 अंबिकापुर के निवासी ने बताया हमारे वार्ड में लंबे समय से कई गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं। सबसे बड़ी समस्या मरघट (श्मशान घाट) की है, जहाँ चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। वहां साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को अंतिम संस्कार के समय बहुत परेशानी होती है। इसके अलावा तालाब की स्थिति भी बेहद खराब है। तालाब में कचरा भरा हुआ है, पानी गंदा हो चुका है और बदबू आती है। इससे आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। वार्ड की नालियों की हालत भी बहुत खराब है। नालियां जाम हैं, गंदगी भरी हुई है और नियमित सफाई नहीं होती, जिससे मच्छर और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। हम कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि वार्ड के लोगों को राहत मिल सके।”1
- अंबिकापुर (सरगुजा), 19 मार्च 2026। जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सोने के बिस्किट के जरिए ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 37 लाख रुपये मूल्य का मशरुका बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने डीआईजी एवं एसएसपी के निर्देशन में यह कार्रवाई की। मामले में 2 आरोपियों को गुजरात और 2 को प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। ऐसे दिया ठगी को अंजाम प्रार्थी के घर वर्षों से आने-जाने वाली एक महिला ने भरोसे का फायदा उठाकर नकली सोने का बिस्किट दिखाया और शादी का बहाना बनाकर असली जेवर व नगदी मांगी। झांसे में आकर प्रार्थी ने लगभग 200 ग्राम सोने के जेवर और 15 लाख रुपये नकद दे दिए। बाद में जांच कराने पर सोना नकली निकला, तब ठगी का खुलासा हुआ। बरामदगी का विवरण पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से: 20 लाख 31 हजार रुपये नगद 100 ग्राम सोने के 2 कड़े 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तकनीकी जांच से मिली सफलता सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर पहले गुजरात और फिर प्रयागराज में दबिश देकर सभी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, ठगी के शेष सोने को प्रयागराज में एक सर्राफा व्यापारी को बेच दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर कीमती सामान या नगदी न दें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें।1
- Post by हमर जशपुर1
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- गैस सिलेंडर छापेमारी के दौरान बढ़ा विवाद, पत्रकार से कथित अभद्रता; वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस कनेक्शन के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है। छोटे ठेला-टपरी, चाय-नाश्ते की दुकानों और अन्य छोटे व्यवसायों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इसी कार्रवाई के दौरान अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मामला बुधवार शाम करीब 6 बजे का बताया जा रहा है, जब फूड इंस्पेक्टर पुलिस कर्मचारियों के साथ 12वीं बटालियन के सामने स्थित एक छोटी चाय-नाश्ते की टपरी पर छापेमारी करने पहुंचीं। इस दौरान दुकान में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद स्वतंत्र पत्रकार और पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके युवा राहुल जीत सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। राहुल का कहना था कि प्रशासन छोटे दुकानदारों पर तो लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन जहां बड़े स्तर पर गैस की कालाबाजारी हो रही है, वहां छापेमारी क्यों नहीं की जाती। राहुल जीत सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने फूड इंस्पेक्टर से इस संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस बात को लेकर मौके पर माहौल गर्म हो गया और काफी देर तक बहस होती रही। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कथित तौर पर फूड इंस्पेक्टर को कई बार यह कहते हुए सुना जा सकता है—“हाँ तुम हो, तुम हो इस लायक।” राहुल जीत सिंह का आरोप है कि यह टिप्पणी उनके प्रति अपमानजनक थी और इसी वजह से उन्होंने मौके पर ही माफी की मांग की। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद राहुल जीत सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों ने फूड इंस्पेक्टर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। स्थिति को संभालने के लिए बाद में थाना प्रभारी और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। हालांकि राहुल अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने कहा कि जब तक उनसे अभद्रता के लिए माफी नहीं मांगी जाएगी, तब तक वे इस मामले को उठाते रहेंगे। इस पूरे मामले के दौरान एक और मुद्दा सामने आया है। राहुल जीत सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि छापेमारी के लिए जिन गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया, उन पर बड़े अधिकारियों के नाम की नेम प्लेट लगी हुई थी। उन्होंने आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या किसी बड़े अधिकारी के नाम से दर्ज वाहन का संचालन कोई अन्य अधिकारी कर सकता है, या यह नियमों का उल्लंघन है। राहुल का कहना है कि यदि किसी अधिकारी के नाम की नेम प्लेट लगी गाड़ी का उपयोग नियमों के तहत सीमित है, तो फिर फूड इंस्पेक्टर द्वारा ऐसी गाड़ी का इस्तेमाल करना नियमों के साथ खिलवाड़ माना जा सकता है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा या फिर कार्रवाई केवल सवाल उठाने वाले व्यक्ति तक ही सीमित रहेगी। कई लोगों का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन गैस के दुरुपयोग पर कार्रवाई कर रहा है तो उसे बड़े स्तर पर होने वाली कालाबाजारी पर भी समान रूप से सख्ती दिखानी चाहिए। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या फूड इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों की भी जांच कर कार्रवाई की जाती है या नहीं।1
- रामानुजगंज एसडीएम रामानुजगंज के निर्देश पर चल रही गैस वितरण व्यवस्था की जांच के दौरान एक ढाबा संचालक की दबंगई सामने आई है। सहायक खाद्य अधिकारी चंपाकली दिवाकर की अगुवाई में टीम जब रिंग रोड स्थित सूरज ढाबा में जांच कर रही थी, उसी दौरान आरोपी राहुल जीत सिंह द्वारा न केवल अनाधिकृत रूप से वीडियो बनाया गया, बल्कि मना करने पर उसने और उसके साथी ने टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया1
- प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में लाखों का गबन, पुलिस ने सचिव और रोजगार सहायक को भेजा जेल छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के थाना शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन में भारी वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। जनपद पंचायत सीईओ वेदप्रकाश पांडे की जांच रिपोर्ट के आधार पर शंकरगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए पंचायत सचिव जान टोप्पो और ग्राम रोजगार सहायक संजय दास के विरुद्ध धोखाधड़ी और गबन की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपियों ने मिलीभगत कर अपूर्ण आवासों की फर्जी जियो टैगिंग की और हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित करवाकर उनके अंगूठे लगवाकर कुल 10,05,881 रुपये की राशि का गबन कर लिया। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के 7 हितग्राहियों की ₹9,05,000 की राशि और मनरेगा मजदूरी की ₹1,00,881 की राशि शामिल है। जांच के दौरान भ्रष्टाचार के कई चौंकाने वाले तरीके सामने आए हैं। आरोपियों ने एक ही हितग्राही ‘विस्टा पैकरा’ और ‘बिस्टा’ को अलग-अलग पात्र बताकर दो बार आवास स्वीकृत कराए और लाखों रुपये का आहरण कर लिया। इसी प्रकार, कई परिवारों में पति-पत्नी के नाम पर अलग-अलग आवास स्वीकृत किए गए जो धरातल पर अभी शुरू भी नहीं हुए थे, फिर भी उनकी राशि निकाल ली गई। गंभीर बात यह भी है कि रोजगार सहायक संजय दास ने एक हितग्राही निशांत कुमार एक्का के खाते में आई राशि में से ₹40,000 ओटीपी के माध्यम से अपने स्वयं के खाते में ट्रांसफर करा लिए। वहीं, हितग्राही पांडुल कुजूर से पांच बार अंगूठा लगवाकर ₹50,000 की ठगी की गई। शंकरगढ़ पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 37/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(2,4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी जान टोप्पो (सचिव) और संजय दास (रोजगार सहायक) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।1
- जहाँ कुनिया पंचायत बिजलहवा से मड़वा सराई जाने वाली मार्ग में भारी भ्रष्टाचार बताया जा रहा है, जानकारी के अनुसार बिजलहवा से मड़वा सराई जाने वाला मार्ग पीएम जन-मन योजना कि ऒर से बनाया जा रहा है,रोड़ बन रहा है वहां तक ठीक है,लेकिन रोड़ का स्थिति बहुत ख़राब बताया जा रहा है,गांव वाले डामरीकरण रोड़ देख के भारी नाराजगी में है,नाराजगी इस लिए है,रोड़ में ना तो गिट्टी लगाया गया है ना ही डस्ट सीधे लीपा पोती करके कार्य पूर्ण किया गया पूरी ख़बर आइये वीडियो में देखते हैं,गांव वाले क्या बोल रहे हैं रोड़ कि स्थिति देख कर ।1
- बलरामपुर | जिले के स्वामी विवेकानंद आदर्श पब्लिक स्कूल, टांगरमहरी घशियादोहर में हिंदू पंचांग के अनुसार नववर्ष का उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को हिंदू नववर्ष के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में बताया कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र मास से होती है, जो हमारी संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं, जबकि वास्तविक रूप से भारतीय परंपरा में नववर्ष की शुरुआत आज के दिन से ही होती है। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सभी ने मिलकर हिंदू नववर्ष का स्वागत किया। इस दौरान सभी जनप्रतिनिधि स्कूल के बच्चों के अभीभावक माता पिता बच्चों को खीर खिलाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दी गईं, जिससे माहौल पूरी तरह से उत्सवमय हो गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शुश्री साधवी रुकमणी दीदी, पूर्व बीडीसी मुन्ना गुप्ता, धर्मवीर सिंह, विजय सिंह सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को हिंदू नववर्ष की बधाई देते हुए समाज में अपनी परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का संदेश दिया। वही इस हिंदू नववर्ष कार्यक्रम के आयोजन करता रहे स्वामी विवेकानंद आदर्श पब्लिक स्कूल के संचालक युगल किशोर सिंह, आशीष सिंह,शूश्री शकुंतला सिंह, शुश्री जितवंती सिंह, इस कार्यक्रम को आयोजित किया,3