सुमेरपुर के तखतगढ़ नगर में लंबे समय बाद कांग्रेस एकजुट नजर आई, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट हुई। इस कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष पद को लेकर नाराज चल रहे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मंच और बैठकों में एक साथ दिखाई दिए, जिससे कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच यह सकारात्मक संदेश गया कि पार्टी संगठन आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुटता की दिशा में प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ समय से नगर कांग्रेस संगठन में नेतृत्व और पदों को लेकर मतभेद सामने आते रहे थे, और कई वरिष्ठ कार्यकर्ता खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके थे। हालांकि, गहलोत के दौरे ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का काम किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा भी लगातार संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने का संदेश देते रहे हैं। पाली जिले में वर्षों से चली आ रही आंतरिक खींचतान कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का प्रमुख कारण रही है, जिसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा, विधानसभा, पंचायत राज और नगरपालिका चुनावों में भुगतना पड़ा है। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सार्वजनिक मंचों से यह कहा है कि "पाली की पंचायती मेरी समझ से बाहर है।" जिले की छह विधानसभा सीटों में से कांग्रेस वर्तमान में केवल पाली सीट पर ही सीमित है, और वह भी अपेक्षाकृत कम मतों के अंतर से जीती है। ऐसे में तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकजुटता कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि क्या यह मेल-मिलाप आगामी निकाय और पंचायत राज चुनावों तक कायम रहेगा, या फिर पुराने गुटीय मतभेद दोबारा उभरेंगे। यदि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को प्राथमिकता देते हैं तो आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। फिलहाल, समय ही बताएगा कि तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकता स्थायी साबित होती है या केवल एक बड़े नेता के दौरे तक सीमित रहती है।
सुमेरपुर के तखतगढ़ नगर में लंबे समय बाद कांग्रेस एकजुट नजर आई, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट हुई। इस कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष पद को लेकर नाराज चल रहे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मंच और बैठकों में एक साथ दिखाई दिए, जिससे कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच यह सकारात्मक संदेश गया कि पार्टी संगठन आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुटता की दिशा में प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ समय से नगर कांग्रेस
संगठन में नेतृत्व और पदों को लेकर मतभेद सामने आते रहे थे, और कई वरिष्ठ कार्यकर्ता खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके थे। हालांकि, गहलोत के दौरे ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का काम किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा भी लगातार संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने का संदेश देते रहे हैं। पाली जिले में वर्षों से चली आ रही आंतरिक खींचतान कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का प्रमुख कारण रही है,
जिसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा, विधानसभा, पंचायत राज और नगरपालिका चुनावों में भुगतना पड़ा है। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सार्वजनिक मंचों से यह कहा है कि "पाली की पंचायती मेरी समझ से बाहर है।" जिले की छह विधानसभा सीटों में से कांग्रेस वर्तमान में केवल पाली सीट पर ही सीमित है, और वह भी अपेक्षाकृत कम मतों के अंतर से जीती है। ऐसे में तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकजुटता कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी
जा रही है। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि क्या यह मेल-मिलाप आगामी निकाय और पंचायत राज चुनावों तक कायम रहेगा, या फिर पुराने गुटीय मतभेद दोबारा उभरेंगे। यदि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को प्राथमिकता देते हैं तो आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। फिलहाल, समय ही बताएगा कि तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकता स्थायी साबित होती है या केवल एक बड़े नेता के दौरे तक सीमित रहती है।
- सुमेरपुर के तखतगढ़ नगर में लंबे समय बाद कांग्रेस एकजुट नजर आई, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट हुई। इस कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष पद को लेकर नाराज चल रहे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मंच और बैठकों में एक साथ दिखाई दिए, जिससे कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच यह सकारात्मक संदेश गया कि पार्टी संगठन आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुटता की दिशा में प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ समय से नगर कांग्रेस संगठन में नेतृत्व और पदों को लेकर मतभेद सामने आते रहे थे, और कई वरिष्ठ कार्यकर्ता खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके थे। हालांकि, गहलोत के दौरे ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का काम किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा भी लगातार संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने का संदेश देते रहे हैं। पाली जिले में वर्षों से चली आ रही आंतरिक खींचतान कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का प्रमुख कारण रही है, जिसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा, विधानसभा, पंचायत राज और नगरपालिका चुनावों में भुगतना पड़ा है। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सार्वजनिक मंचों से यह कहा है कि "पाली की पंचायती मेरी समझ से बाहर है।" जिले की छह विधानसभा सीटों में से कांग्रेस वर्तमान में केवल पाली सीट पर ही सीमित है, और वह भी अपेक्षाकृत कम मतों के अंतर से जीती है। ऐसे में तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकजुटता कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि क्या यह मेल-मिलाप आगामी निकाय और पंचायत राज चुनावों तक कायम रहेगा, या फिर पुराने गुटीय मतभेद दोबारा उभरेंगे। यदि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को प्राथमिकता देते हैं तो आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। फिलहाल, समय ही बताएगा कि तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकता स्थायी साबित होती है या केवल एक बड़े नेता के दौरे तक सीमित रहती है।4
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा में काछोली नदी के पास तारबंदी के नजदीक बजरी भरने को लेकर ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान ट्रैक्टर चालकों ने ग्रामीणों पर पथराव किया। पथराव की इस घटना में शंकरलाल कलबी नामक एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- सोमवार को सरूपगंज के समीप रोहिड़ा थाना क्षेत्र के भीमाना गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में लूना सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी लेन में जा पहुंची। वहाँ उसने सामने से आ रही एक लूना को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में अमीरगढ़ निवासी अली भाई मुसला और सत्तार भाई मुसला नामक लूना सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों को तुरंत हाईवे एंबुलेंस द्वारा सरूपगंज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। रोहिड़ा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। दोनों मृतकों के शवों को सरूपगंज अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- पूर्व सीएम अशोक गहलोत अपने दो दिवसीय जालोर प्रवास के दौरान सोमवार को आहोर हॉस्पिटल चौराहे पर पहुंचे, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र सिंह डोडियाली और विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कई कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम को साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी जन समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की और इस भव्य स्वागत-सत्कार के लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया।1
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जालौर जिले में भव्य स्वागत किया गया। राजीव गांधी भवन में केसरी कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया, जहाँ उन्हें सफा और माला पहनाई गई। इस कार्यक्रम में जिले भर से कई कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमिला मेघवाल, सुखराम बिश्नोई और अल्पसंख्यक अध्यक्ष जाकिर खान जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अशोक गहलोत का यह भव्य स्वागत किया गया।1
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 22 जून को जालौर से जोधपुर जाते समय तखतगढ़ में नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भव्य स्वागत किया गया। निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचने के बावजूद, भीषण गर्मी में भी कांग्रेस कार्यकर्ता और नगरवासी कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे और उनके आगमन पर जोरदार अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी मशीनों पर खड़े होकर गुलाब के फूलों की वर्षा की और उन्हें 21 किलो की विशाल माला पहनाई। इस दौरान नगर अध्यक्ष फुटरमल सुथार और ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह पावा ने साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गहलोत ने तीन बार की पार्षद पुरीबाई का माला पहनाकर सम्मान भी किया। अपने संबोधन में गहलोत ने मुख्यमंत्री कार्यकाल की अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (जिससे लाखों परिवारों को महंगे इलाज का लाभ मिला), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निशुल्क दवा एवं जांच योजना, महंगाई राहत कैंप और महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण जैसी ऐतिहासिक पहलें शामिल थीं, जिनका उद्देश्य आमजन को राहत प्रदान करना था। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया, और कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। तखतगढ़ के अलावा, गहलोत का बलाना, दुजाना, सांडेराव और गुंदोज में भी जोरदार स्वागत हुआ। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा, पूर्व प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा, सांसद प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, PCC महासचिव भूराराम सीरवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगरवासियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।4