*लम्भुआ ब्लॉक में किसानों का धरना, अधिकारियों की उदासीनता से बढ़ा आक्रोश* *जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने दी चेतावनी—मांगें नहीं मानी गईं तो डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च* लम्भुआ ब्लॉक परिसर में भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव के नेतृत्व में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सुबह से ही धरने पर बैठे हैं, लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। धरने के दौरान जिला अध्यक्ष ने जब खण्ड विकास अधिकारी अजीत सिंह से वार्ता की, तो उन्होंने धरने की जानकारी न होने की बात कही। इस जवाब से किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं, तहसील के एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि अधिकारी ने कहा—“जो करना है करो, जब खण्ड विकास अधिकारी आएंगे तो उनसे मिलना, मैं आपका ज्ञापन क्यों लूं।” इस बयान के बाद धरना स्थल पर माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सुबह से धरने पर बैठे किसानों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर वार्ता नहीं करते हैं, तो सभी किसान धरना स्थल से पैदल मार्च करते हुए सुलतानपुर स्थित डीएम कार्यालय की ओर कूच करेंगे। धरना स्थल पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक किसानों की मांगों पर संज्ञान लेता है और स्थिति को शांत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
*लम्भुआ ब्लॉक में किसानों का धरना, अधिकारियों की उदासीनता से बढ़ा आक्रोश* *जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने दी चेतावनी—मांगें नहीं मानी गईं तो डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च* लम्भुआ ब्लॉक परिसर में भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव के नेतृत्व में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सुबह से ही धरने पर बैठे हैं, लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। धरने के दौरान जिला अध्यक्ष ने जब खण्ड विकास अधिकारी अजीत सिंह से वार्ता की, तो उन्होंने धरने की जानकारी न होने की बात कही। इस जवाब से किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं, तहसील के एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि अधिकारी ने कहा—“जो करना है करो, जब खण्ड विकास अधिकारी आएंगे तो उनसे मिलना, मैं आपका ज्ञापन क्यों लूं।” इस बयान के बाद धरना स्थल पर माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सुबह से धरने पर बैठे किसानों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर वार्ता नहीं करते हैं, तो सभी किसान धरना स्थल से पैदल मार्च करते हुए सुलतानपुर स्थित डीएम कार्यालय की ओर कूच करेंगे। धरना स्थल पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक किसानों की मांगों पर संज्ञान लेता है और स्थिति को शांत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
- *लम्भुआ ब्लॉक में किसानों का धरना, अधिकारियों की उदासीनता से बढ़ा आक्रोश* *जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने दी चेतावनी—मांगें नहीं मानी गईं तो डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च* लम्भुआ ब्लॉक परिसर में भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव के नेतृत्व में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सुबह से ही धरने पर बैठे हैं, लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। धरने के दौरान जिला अध्यक्ष ने जब खण्ड विकास अधिकारी अजीत सिंह से वार्ता की, तो उन्होंने धरने की जानकारी न होने की बात कही। इस जवाब से किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं, तहसील के एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि अधिकारी ने कहा—“जो करना है करो, जब खण्ड विकास अधिकारी आएंगे तो उनसे मिलना, मैं आपका ज्ञापन क्यों लूं।” इस बयान के बाद धरना स्थल पर माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सुबह से धरने पर बैठे किसानों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। जिला अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर वार्ता नहीं करते हैं, तो सभी किसान धरना स्थल से पैदल मार्च करते हुए सुलतानपुर स्थित डीएम कार्यालय की ओर कूच करेंगे। धरना स्थल पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक किसानों की मांगों पर संज्ञान लेता है और स्थिति को शांत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- प्रयागराज में आंधी तूफान से पैंटून पुल बह गया.." प्रयागराज की मेजा तहसील क्षेत्र में गंगा फेरी घाट पर बना ये पैंटून पुल काफी पुराना था.. मंगलवार रात आए तेज आंधी-तूफान में पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया.. पुल टूटने से घाट के दोनों ओर आवागमन ठप हो गया और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने को मजबूर होना पड़ा.. इससे पहले मिर्जापुर में उद्घाटन के 15 दिन के भीतर ही दो पैंटून पुल बह चुके हैं.... !!1
- good night1
- भारतीय कानून में सहूलियत दी गई है कि आम आदमी अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है एवं अपने बचाव में सबूत भी इकट्ठा कर सकता है और अपने खिलाफ गवाही देने के लिए बाध्य भी नहीं हो सकता।1
- पट्टी, प्रतापगढ़। नगर पंचायत पट्टी में राज्य सरकार द्वारा नामित सभासदों को बृहस्पतिवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। आयोजित कार्यक्रम में नामित सभासद के एल विश्वकर्मा, रमेश चंद्र सोनी एवं मनोज कुमार खंडेलवाल को एसडीएम पट्टी पूर्णेन्दु मिश्रा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामचरित्र वर्मा ने किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सभासदों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने नगर के विकास में सभी सभासदों से मिलकर कार्य करने की अपील की। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख पट्टी राकेश प्रताप सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक जायसवाल ईओ रोबिन सिंह तथा जिला उपाध्यक्ष पवन सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और नव-नामित सभासदों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में नगर पंचायत के सभासद मुन्ना जायसवाल, बी.के. सिंह, संतोष पुष्पा कर, प्रतिनिधि गौरव श्रीवास्तव, सजीवन सोनी, राजेश सरोज, अतुल सिंह सहित सभी सभासद मौजूद रहे। इसके अलावा नगर के जुग्गी लाल जायसवाल, बुदुल सिंह, बालेंद्र भूषण पांडेय, सुधीर श्रीवास्तव, प्रिंस बरनवाल विपिन सिंह, कन्हैयालाल सोनी, विजेंद्र सोनी, आशीष खंडेलवाल, दारा विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा, संदीप बरनवाल, करुण सिंह, विजय सोनी, पाले जायसवाल सहित बड़ी संख्या में नगर के गण मान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नव-नामित सभासदों को बधाई देते हुए नगर के विकास में सहयोग करने का भरोसा जताया।1
- Post by अपना प्रतापगढ़ न्यूज1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- *ब्रेकिंग न्यूज़------------* *मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण, जी एम आर कंपनी के सुपरवाइजर अवनीश पर अवैध धन की मांग का आरोप 6 महीने से दौड़ रहा उपभोक्ता* *प्रतापगढ़। जनपद में बिजली विभाग* उपभोक्ताओं के साथ हो रहे कथित शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मीटर बदलने के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध धन की मांग की जा रही है। पैसा न देने पर खराब मीटर को नहीं बदला जा रहा और उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।मामला बलीपुर निवासी रवि शंकर मिश्रा का बताया जा रहा है, जिनका बिजली अकाउंट नंबर *2081433000 है*। उपभोक्ता का आरोप है कि जीएमआर कंपनी के माध्यम से मीटर बदलने की प्रक्रिया में देरी की जा रही है और संबंधित कर्मचारी द्वारा अवैध धन की मांग की जा रही है। पैसा न देने पर उनका खराब मीटर पिछले छह महीने से नहीं बदला गया।उपभोक्ता ने बताया कि उन्हें हर महीने कई बार जीएमआर कंपनी के बाबागंज स्थित कार्यालय बुलाया जाता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। इस दौरान उन्हें मोबाइल नंबर देकर बार-बार संपर्क करने को कहा जाता है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। लगातार खराब मीटर के कारण बिजली बिल अधिक आने की आशंका बनी हुई है, जिससे उपभोक्ता मानसिक और आर्थिक परेशानी झेल रहा है।पीड़ित उपभोक्ता ने सवाल उठाया है कि यदि खराब मीटर के कारण बिल अधिक आता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी — बिजली विभाग की या संबंधित कर्मचारी की? उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अन्य उपभोक्ताओं को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया तो उपभोक्ताओं का शोषण जारी रहेगा। उपभोक्ता ने अधीक्षण अभियंता से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द मीटर बदलवाने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।1