भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के कार्यकारी परिषद (कार्य परिषद) के प्रस्ताव को कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने इस प्रस्ताव को अनुचित करार देते हुए भारत के महान स्वाधीनता सेनानी का अपमान बताया और मध्य प्रदेश सरकार से इसे तत्काल अस्वीकार करने की मांग की है। भाकपा मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने एक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि बरकतउल्ला भोपाली एक महान शिक्षाविद्, जुझारू स्वाधीनता सेनानी और भोपाल के महान सपूत थे। उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए दुनियाभर में काम किया और आज़ादी के आंदोलन के दौरान गठित प्रथम निर्वासित सरकार के प्रधान मंत्री भी थे। भोपाल का नाम सर्वप्रथम बरकतउल्ला भोपाली के नाम से ही विश्वभर में जाना गया। इसलिए, विश्वविद्यालय की कार्य परिषद द्वारा नाम बदलने का यह प्रस्ताव भोपाल के इस महान सपूत का अपमान है, जिसकी भाकपा कड़ी भर्त्सना करती है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मध्य प्रदेश सरकार से इस अनुचित प्रस्ताव को अस्वीकार करने की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने पर पार्टी द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा। भाकपा ने सभी विपक्षी राजनीतिक दलों, शैक्षणिक संस्थाओं और जन संगठनों से अपील की है कि वे बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम बदलने के इस प्रस्ताव के खिलाफ एकजुट होकर लामबंद हों। पार्टी ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि महान स्वतंत्रता सेनानी बरकतउल्ला भोपाली के नाम पर रखी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव क्या एक स्वतंत्रता सेनानी का अपमान नहीं है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के कार्यकारी परिषद (कार्य परिषद) के प्रस्ताव को कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने इस प्रस्ताव को अनुचित करार देते हुए भारत के महान स्वाधीनता सेनानी का अपमान बताया और मध्य प्रदेश सरकार से इसे तत्काल अस्वीकार करने की मांग की है। भाकपा मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने एक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि बरकतउल्ला भोपाली एक महान शिक्षाविद्, जुझारू स्वाधीनता सेनानी और भोपाल के महान सपूत थे। उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए दुनियाभर में काम किया और आज़ादी के आंदोलन के दौरान गठित प्रथम निर्वासित सरकार के प्रधान मंत्री भी थे। भोपाल का नाम सर्वप्रथम बरकतउल्ला भोपाली के नाम से ही विश्वभर में जाना गया। इसलिए, विश्वविद्यालय
की कार्य परिषद द्वारा नाम बदलने का यह प्रस्ताव भोपाल के इस महान सपूत का अपमान है, जिसकी भाकपा कड़ी भर्त्सना करती है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मध्य प्रदेश सरकार से इस अनुचित प्रस्ताव को अस्वीकार करने की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने पर पार्टी द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा। भाकपा ने सभी विपक्षी राजनीतिक दलों, शैक्षणिक संस्थाओं और जन संगठनों से अपील की है कि वे बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम बदलने के इस प्रस्ताव के खिलाफ एकजुट होकर लामबंद हों। पार्टी ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि महान स्वतंत्रता सेनानी बरकतउल्ला भोपाली के नाम पर रखी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव क्या एक स्वतंत्रता सेनानी का अपमान नहीं है।
- रायसेन जिले के बाड़ी में वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन की कथित बिक्री का मामला अब गरमा गया है। इस मुद्दे पर, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भोपाल की ताजुल मस्जिद के बाहर जुम्मे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, कमेटी ने कांग्रेस नेता इरफान दुर्रानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आरोप लगाया कि वक्फ की संपत्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और इस पूरे प्रकरण में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने विशेष रूप से इरफान दुर्रानी पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ की जमीनों को बेचने का यह मामला केवल बाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें भोपाल तक फैली हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद ज़रूरी है। शमशुल हसन ने ज़ोर देकर कहा कि वक्फ की जमीनें मुस्लिम समाज की अमानत हैं और इन संपत्तियों की सुरक्षा तथा संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं और प्रशासन की है। कमेटी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए, ताकि सभी दोषी सामने आ सकें। उनका मानना है कि एक स्वतंत्र एजेंसी की जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि वक्फ की जमीनों के लेन-देन में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ। प्रदर्शन के दौरान कमेटी के पदाधिकारियों ने वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने और समाज की संपत्तियों को बचाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल, वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन को लेकर उठे इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। सबकी नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजधानी भोपाल में एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। पटवारी के अनुसार, यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों की ईमानदारी से रायशुमारी की जाए, तो बहुमत से अधिक विधायक वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को उनके पद से हटाने के लिए बेचैन बैठे हैं। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम पर उन्होंने 'सब न्यूज़ तक' से नजर बनाए रखने का भी आह्वान किया है।1
- भोपाल में नाबार्ड द्वारा आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 4 जून से शुरू होकर 8 जून 2026 तक चलेगा।4
- भोपाल के टीटी नगर पुलिस ने नकबजनी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए लगभग ₹7 लाख का चोरी का माल बरामद किया है। इस चोरी में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि वारदात को पीड़ित की ही दादी के घर में उनके पोते और उसके एक साथी ने अंजाम दिया था। भोपाल की झुग्गी न. 573 बाणगंगा नॉर्थ, टीटी नगर निवासी 65 वर्षीय श्रीमती मनसा बाई उर्फ मथरा ने 02.06.26 को थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह 08.05.26 को अपने निजी काम से भोपाल से जबलपुर गई थीं और 13.05.26 को वापस लौटीं। घर आने पर जब उन्होंने अपनी अलमारी खोली, तो उसमें रखे सोने-चाँदी के आभूषण गायब मिले, जिनमें एक सोने का हार, दो सोने की चूड़ियाँ, दो जोड़े सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ मोतियों वाला एक सोने का मंगलसूत्र और चाँदी की एक जोड़ी मोटी पाजेब शामिल थी। उन्होंने अपनी नातिन खुशी से पूछताछ की, लेकिन उसने किसी जानकारी से इनकार कर दिया। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उनके जबलपुर जाने के दौरान घर पर केवल उनकी नातिन खुशी और नाती ऋषभ मौजूद थे। इस शिकायत के आधार पर, टीटी नगर थाने में अप.क्र. 335/26 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी टीटी नगर निरीक्षक गौरव सिंह दोहर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की और संदिग्धों ऋषभ उर्फ विशेष श्रीवास (18 वर्ष, निवासी झुग्गी न. 573, बाणगंगा नॉर्थ, टीटी नगर, भोपाल) और आयुष श्रीवास (24 वर्ष, निवासी म.न. 33, लक्ष्मी परिसर, शाहपुरा, भोपाल) से सख्ती से पूछताछ की। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उन्होंने चोरी किया हुआ माल प्लेटिनम प्लाजा के पास एक खंडहर मकान में छिपाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल विधिवत जब्त किया। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय के आदेश पर उन्हें केंद्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा बरामद किए गए कुल ₹7 लाख के माल में एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की चूड़ी, एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक सोने का मंगलसूत्र और चाँदी की एक जोड़ी मोटी पाजेब शामिल है। इस पूरे प्रकरण को सफलतापूर्वक सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह दोहर, उनि राघवेंद्र सिंह सिकरवार, सउनि कन्हैयालाल, प्रआर रविंद्र पाल, प्रआर अनंत सोमवंशी, प्रआर ऋषिकेश राय, प्रआर धर्मेंद्र तोमर, आर अविनाश भारती, आर रितेश तिवारी, आर अरविंद यादव, आर कपिल कौशिक, आर गोविंद प्रजापति, आर जालम सिंह, आर धर्मबीर सिंह, आर पुष्पेंद्र भदोरिया (तकनीकी शाखा जोन 01) और आर. शिवशंकर भदौरिया (तकनीकी शाखा जोन 01) की सराहनीय भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश से आई एक बड़ी खबर के अनुसार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, कृषि किसान कल्याण मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैंसर पीड़ितों से अपील की है। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से, इसे ज्यादा से ज्यादा साझा करने, लाइक करने और अपनी राय कमेंट में देने का आग्रह किया गया है। साथ ही, नए अपडेट प्राप्त करने के लिए फॉलो करने की बात भी कही गई है।1
- भोपाल के टीटी नगर थाने की पुलिस ने नकबजनी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक महिला के घर से हुई ₹7 लाख की चोरी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता के पोते सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने अपनी ही दादी के घर से सामान चोरी किया था। पुलिस ने चोरी किया गया पूरा माल बरामद कर लिया है। फरियादी श्रीमती मनसा बाई उर्फ मथरा (65) निवासी बाणगंगा नार्थ, टीटी नगर, भोपाल ने बताया कि वह 8 मई 2026 को निजी काम से भोपाल से बाहर जबलपुर गई थीं और 13 मई 2026 को वापस लौटीं। 2 जून 2026 को जब उन्होंने अलमारी खोली तो अंदर रखा सोने का हार, दो सोने की चूड़ी, दो जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक मंगलसूत्र और चांदी की एक जोड़ी मोटी पायजेब गायब मिली। फरियादी के अनुसार, उनके जबलपुर प्रवास के दौरान घर में केवल उनकी नातिन खुशी और पोता ऋषभ मौजूद थे। उन्होंने अपनी नातिन खुशी से पूछताछ की, जिसने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद उन्होंने टीटी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर अप.क्र. 335/26 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना टीटी नगर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की और संदेहियों ऋषभ उर्फ विशेष श्रीवास (18) निवासी बाणगंगा नार्थ, टीटी नगर और आयुष श्रीवास (24) निवासी लक्ष्मी परिसर, शाहपुरा, भोपाल से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने चोरी किया हुआ सामान प्लेटिनम प्लाजा के पास एक खंडहर मकान में छिपाया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया ₹7 लाख का माल, जिसमें एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की चूड़ी, एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक सोने की अंगूठी, आठ सोने के मोतियों वाला एक मंगलसूत्र और चांदी की एक जोड़ी मोटी पायजेब शामिल है, विधिवत जब्त कर लिया। इसके बाद, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें केंद्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया। इस सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव सिंह दोहर, उनि राघवेन्द्र सिंह सिकरवार, सउनि कन्हैयालाल, प्रआर रविन्द्र पाल, प्रआर अनंत सोमवंशी, प्रआर ऋषिकेश राय, प्रआर धर्मेन्द्र तोमर, आर अविनाश भारती, आर रितेश तिवारी, आर अरविन्द यादव, आर कपिल कौशिक, आर गोविन्द प्रजापति, आर जालम सिंह, आर धर्मबीर सिंह, आर पुष्पेन्द्र भदोरिया (तकनीकी शाखा जोन 01), और आर शिवशंकर भदौरिया (तकनीकी शाखा जोन 01) की सराहनीय भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने पुष्टि की है कि राज्य के सभी नगरीय निकायों का फायर ऑडिट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी नगरीय निकायों को पहले ही फायर ऑडिट के निर्देश दिए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया प्रदेश में पिछले दो महीने से जारी है। मंत्री विजयवर्गीय आज फिर से एक बैठक कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करना है। इस अभियान के तहत सभी बिल्डिंगों की जांच की जा रही है, और विशेष रूप से कोचिंग संस्थानों तथा होटलों का भी फायर ऑडिट किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश में रायसेन रोड स्थित सेहतगंज के पास एक भीषण सड़क हादसे में शक्ति ट्रेवल्स और कल्पना ट्रेवल्स की बसों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से भी अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे की मुख्य वजह बसों की तेज रफ्तार (ओवरस्पीड) और सड़क पर मौजूद एक मोड़ को बताया गया है।1